पंजाब राज्यपाल एवं मुख्य्मंत्री से नया गांव नगर पंचयात कार्यालय और पुलिस स्टेशन का नाम बदल कर “लैंड माफिया सपोर्टर केंद्र” रखने की मांग : एडवोकेट विवेक हंस गरचा
नया गांव में पुलिस और प्रशासनिक अधिकारी खुद लॉ एन्ड आर्डर की धज्जियां उड़वाते हैं पंजाब लैंड माफिया से पंजाब एन्ड हरियाणा हाई कोर्ट के आदेशों की कोई नहीं करता पालना : NCP
नया गांव क्षेत्र में हाई कोर्ट के आदेशों को सख़्ती से लागू करने की जरूरत : न्यू कांग्रेस पार्टी
पिछले 2 साल से रजिस्ट्री, एन.ओ.सी, सी.एल.यू तथा नये बिजली पानी के कनेक्शन पूर्ण रूप से बंद हैं। फिर ऐसी परिस्थिति में नव निर्माण जोरों शोरों से किसकी शह पर हो रहें हैं ?
नया गांव में ईमानदार पुलिस ऑफिसर और ईमानदार प्रशासनिक अधिकारी की नियुक्ति की जाये ताकि स्थानीय लोगों की सुनवाई हो : एडवोकेट विवेक हंस गरचा
नया-गांव/मोहाली/संघोल-टाइम्स/ब्यूरो/01जुलाई,2024 –
न्यू कांग्रेस पार्टी (NCP) केंद्रीय अध्यक्ष एवम अर्बन इंफ्रास्ट्रक्चर म्युनिसिपल अमेनिटीज विभाग पंजाब सरकार के पूर्व सलाहकार सदस्य एडवोकेट विवेक हंस गरचा ने माननीय पंजाब प्रदेश राज्यपाल श्री बनवारी लाल पुरोहित जी और पंजाब मुख़्यमंत्री सरदार भगवंत सिंह मान और डी.जी.पी पंजाब से आज मीडिया के माध्यम से मांग की कि नया गांव नगर पंचयात कार्यालय और पुलिस स्टेशन का नाम बदल कर “लैंड माफिया सपोर्टर केंद्र” रखा जाए
। उन्होंने कहा कि नया गांव जो कि मुख्य्मंत्री निवास स्थान से मात्र 100 मीटर की दूरी पर है लेकिन यहाँ लॉ एन्ड आर्डर नाम की कोई चीज नहीं है। हाई कोर्ट के निर्देशों के बावजूद नया गांव, नाड़ा, कांसल इलाके में कोई नव – निर्माण कार्य नहीं हो सकता । लेकिन नगर पंचायत ऑफिस के अधिकारी एवं पुलिस विभाग के कर्मचारी पंजाब लैंड माफिया के डर से आँखे बंद करके बैठा है।
एडवोकेट गरचा ने कहा कि सबकी मिली भकत से कोर्ट के और विभाग के आदेशों के विरुद्ध जाकर नव – निर्माण कार्य जोरों शोरों से हो रहें हैं।
यदि कोई आम नागरिक ने नव – निर्माण करना हो तो उसे नगर निगम कार्यालय से (एन.ओ.सी) भी लेनी पड़ती है नक्शा भी पास करवाना पड़ता है। प्रॉपर्टी टैक्स भी जमा करवाना पड़ता है और नई सोसाइटी के निर्माण के लिए (सी.एल.यू ) होना भी जरूरी है इसके इलावा और ना – ना प्रकार की अनुमति लेनी पड़ती है। लेकिन अगर नव – निर्माण किसी भूमि पर अवैध कब्ज़े का हो या नव – निर्माण करने का तो पंजाब लैंड माफिया पुलिस को और प्रशासनिक अधिकारीयों को अपने विश्वास में लेकर कुछ भी कर सकता है। जिसे किसी की भी शिकायत करलो, फिर भी कोई नहीं रोकता।
जबकि चंडीगढ़ पंजाब एन्ड हरियाणा हाई कोर्ट द्वारा नया गांव में नव निर्माण कार्य पर पिछले लम्बे समय से रोक लगाई गई है। रोक लगी होने के बावजूद नगर पंचायत अधिकारी उन्हें रोकने के बजाये, नव निर्माण को हटाने की बजाये खुद छुटी पर चले जाते हैं। ताकि नव निर्माण कार्य में उनकी जवाब देहि ना हो। ऐसे अधिकारीयों को नौकरी से निष्काषित कर नये पद अधिकारी नियुक्त कर नया गांव में हाई कोर्ट के आदेशों को सख़्ती से लागू करने की जरूरत है। ताकि नव निर्माण पर रोक लगाई जा सके क्योंकि लगभग पिछले 2 साल से रजिस्ट्री, एन.ओ.सी, सी.एल.यू तथा नये बिजली, पानी के कनेक्शन पूर्ण रूप से बंद हैं। फिर ऐसी परिस्थिति में नव निर्माण कार्य और नई कॉलोनीयों का निर्माण जोरों शोरों से किसकी शह पर हो रहा हैं ?
जिन्हें रोकने से प्रशासनिक अधिकारी एवं पुलिस दोनों डरे हुए से लग रहें हैं एवं वे दोषियों के खिलाफ़ करवाई नहीं करते।
एडवोकेट विवेक हंस गरचा ने कहा कि इलाका विधायक अनमोल गगन मान, सांसद मलविंदर सिंह कंग एवं मुख्यमंत्री पंजाब सरदार भगवंत सिंह जी मान को तुरंत प्रभाव से अपने निजी हस्ताक्षेप द्वारा नया गांव की ओर विशेष ध्यान देने की आवश्यकता है। अन्यथा वो दिन दूर नहीं जब मुख्यमंत्री पंजाब कार्यालय से 100 मीटर की दूरी पर पंजाब लैंड माफिया अपना साम्राज्य स्थापित कर चुका होगा।
एडवोकेट गरचा ने कहा कि अगर पंजाब सरकार और पुलिस विभाग को लैंड माफिया के खिलाफ़ कारवाई करने के लिए एडवोकेट विवेक हंस गरचा की मदद की जरूरत है तो वो एडवोकेट विवेक हंस गरचा से संपर्क कर सकते हैं। एडवोकेट गरचा सरकार और पुलिस विभाग दोनों की मदद के लिए तैयार है।
