हरियाणा राज्य के हजारों ईपीएस पेंशन धारकों को अधिसूचना जारी कर तुरंत पेंशन दी जाए : एडवोकेट विजय बंसल
कालका/पिंजौर/संघोल-टाइम्स(सुभाष कोहली)06जुलाई, 2024 – गत लगभग 10 वर्ष पूर्व सरकार द्वारा पब्लिक सेक्टर, एचएमटी फैक्ट्री सहित बीसीडब्लू सूरजपुर सीमेंट फैक्ट्री सहित विभिन्न कॉरपोरेशन, निगमों, बोर्ड आदि से रिटायर्ड हुए हजारों कर्मियों की बंद की गई वृद्धावस्था सम्मान भत्ते की बहाली के लिए संघर्ष कर रहे शिवालिक विकास मंच प्रदेश अध्यक्ष एवं पूर्व चेयरमैन हरियाणा सरकार एडवोकेट विजय बंसल का संघर्ष अब रंग लाया है। हरियाणा सरकार ने वर्ष 2024 – 2025 के बजट में उक्त रिटायर्ड कर्मियों को भी बुढ़ापा पेंशन देने का निर्णय लिया गया था। परन्तु घोषणा के तुरन्त बाद लोक सभा चुनाव घोषित हो गए, चुनाव आचार संहिता लागू हो गई थी। परन्तु अब चुनाव हो चुके हैं आचार संहिता हट चुकी है। 27 जून को हरियाणा मंत्रीमंडल की बैठक में पब्लिक सेक्टर, एच एम टी, बी सी डवलू सूरजपुर सीमेंट फैक्ट्री सहित कार्पोरेशन निगमों बोर्ड आदि से रिटायर्ड हुए कर्मियों को पेंशन देने की मंजूरी दी गई। परन्तु अभी तक अधिसूचना जारी नही की गई।
विजय बंसल ने बताया कि सरकार ने पेंशनभोगियों को लाभ प्रदान करने के लिए वृद्धावस्था सम्मान भत्ता योजना में संशोधन करने का प्रस्ताव रखा है ताकि उन बुजुर्गों को इसका लाभ मिल सके जिन्हें सरकार और ईपीएफ पेंशन द्वारा भत्ते का कुल योग 3000 प्रति माह या समय-समय पर संशोधित की जाने वाली वृद्धावस्था सम्मान भत्ते के बराबर की पेंशन मिलता हो। अब कालका क्षेत्र के सभी रिटायर्ड एचएमटी कर्मचारी, बीसीडब्ल्यू सूरजपुर सीमेंट फैक्ट्री के कर्मचारी, निगम और बोर्ड के पूर्व कर्मचारी अब वृद्धावस्था पेंशन के लिए आवेदन कर सकेंगे। विजय बंसल ने बताया कि एचएमटी कर्मचारी का कर्मचारी भविष्य निधि फंड्स कटता था और उसकी एवेज में उन्हें नामात्र डेढ़ से 2000 रुपए तक ही ब्याज पेंशन के रूप में मिलता था। इसके अलावा ऐसे भी कई एचएमटी कर्मचारी हैं जिनका भविष्य निधि में कोई फंड्स नहीं था उन्हें ना तो ईपीएफ का ब्याज मिल पा रहा था नहीं सरकारी वृद्धावस्था पेंशन मिल पा रही थी वह बड़े आर्थिक तंगी से गुजर रहे थे। कई एचएमटी कर्मचारी पेंशन की इंतजार करते हुए इस दुनिया को अलविदा भी कह चुके हैं जो बुजुर्ग बच्चे हैं उनके लिए भी यहां रोजगार का कोई साधन उपलब्ध नहीं है। विजय बंसल ने बताया कि उक्त कर्मचारियो की पेंशन बहाली के लिए उन्होंने मुख्यमंत्री संबंधित विभाग के मंत्री अधिकारियों को कई बार ज्ञापन भी दिए और वर्ष 2022 में कोर्ट में एक जनहित याचिका भी दायर की थी। लेकिन देर से ही सही काम से कम बुजुर्गों को उनका अधिकार अब जाकर मिला है।
