बजट में किसानों की मुख्य मांगों को हल करने का कोई प्रयास नहीं किया गया
संयुक्त किसान मोर्चा (गैर-राजनीतिक) 18 व 19 अगस्त को तमिलनाडु के तिरछी में करेगा किसान महापंचायत
जैतो/SANGHOL-TIMES/23जुलाई,2024(रघुनंदन पराशर ): संयुक्त किसान मोर्चा (गैर-राजनीतिक) एवम किसान मजदूर मोर्चा ने साझा बयान जारी करते हुए कहा कि इस बजट से किसानों को बहुत निराशा हुई है। बजट में MSP गारंटी कानून, किसानों व मजदूरों की कर्ज़मुक्ति एवम स्वामीनाथन आयोग के C2+50% फॉर्मूले के अनुसार MSP देने सम्बन्धी मुद्दों पर कोई भी कदम नहीं उठाया गया। इस वर्ष कृषि बजट कुल बजट का 3.15% रहा, किसान नेताओं ने कहा कि हम देश की आबादी का 50 फीसदी हिस्सा हैं और हमारे लिए बजट मात्र 3.15 %, यह किसानों व मजदूरों के साथ घोर अन्याय है। किसान नेताओं ने कहा कि सरकार ने बजट में खाद्यान तेल व दालों के मामले में आत्मनिर्भर बनने के लिए अभियान चलाने की बात कही लेकिन जब तक MSP गारंटी कानून नहीं बनेगा तब तक खाद्यान तेलों, दलों के मामलों में आत्मनिर्भरता व फसलों का विविधिकरण सम्भव नहीं है। किसान नेताओं ने कहा कि सरकार ने खेती में 108 नई वैरायटी के बीजों को लाने की बात कही है लेकिन सरकार को पहले इस बात का जवाब देना चाहिए कि हमारे देशी बीजों को संरक्षित करने के लिए सरकार क्या कर रही है? केंद्र सरकार की नीतियां किसानों को आत्मनिर्भरता से बाजार पर निर्भरता की तरफ लेकर जाने का प्रयास कर रही हैं। किसानों ने ये भी कहा कि पिछले 5 सालों में वित्त मंत्रालय ने जितना बजट कृषि मंत्रालय को दिया उसमें से भी कृषि मंत्रालय ने 1 लाख करोड़ वापस लौटा दिया जिस से यह साबित होता है कि वर्तमान सरकार खेती-किसानी के मुद्दों पर गंभीर नहीं है। आज संयुक्त किसान मोर्चा (गैर-राजनीतिक) की बैठक नई दिल्ली में हुई जिसमें तय किया गया कि 18 और 19 अगस्त को तमिलनाडु के तिरछी में होने वाली किसानों की बड़ी रैली में सभी नेता भाग लेंगे। दोनों मोर्चा द्वारा दिए गए आगामी कार्यक्रमों को लागू करने के लिए व दक्षिण भारत में संयुक्त किसान मोर्चा (गैर-राजनीतिक) के विस्तार करने के लिए दिल्ली में मीटिंग हुई जिसमें मुख्य तौर से जगजीत सिंह डलेवाल, कर्नाटक से क़ुर्बुरु शांताकुमार, तमिलनाडु से पी आर पांड्यन, तेलंगाना से वेंकटेश्वर राव, लखविंदर सिंह औलख, सुखजीत सिंह हरदोझंडे, अभिमन्यु कोहाड़ आदि किसान नेता शामिल रहे। दक्षिण भारत के किसान नेताओं ने कहा कि संयुक्त किसान मोर्चा (गैर-राजनीतिक) व किसान मजदूर मोर्चा द्वारा दिए गए सभी कार्यक्रमों को पूरे जोर-शोर से लागू करेंगे जिसमें 1 अगस्त को MSP गारंटी कानून के पक्ष में एवम किसानों के हत्यारे अधिकारियों को राष्ट्रपति मैडल दिए जाने के खिलाफ देशभर में जिला मुख्यालयों तक मार्च कर के भाजपा के पुतले जलाए जलाएंगे। 15 अगस्त को किसान आंदोलन के समर्थन में देशभर में जिला स्तर पर ट्रैक्टर मार्च निकाले जाएंगे एवम 3 नए कानूनों बी.एन.एस. की कॉपियां जलाई जाएंगी। 31 अगस्त को किसान आंदोलन – 2 के 200 दिन पूरे होने पर किसानी मोर्चों पर होने वाली बड़ी महापंचायत में भी पूरे भारत के किसान नेता पहुंचेंगे। इसके बाद 15 सितम्बर को हरियाणा के जींद जिले में और 22 सितम्बर को कुरुक्षेत्र जिले में महापंचायत होंगी।
