40 पार के हैं तो प्रोस्टेट के लिए इस मौसम में छत के ऊपर गमले में तुलसी, गिलोय उगा ले – डॉ अर्चिता महाजन
अश्वेत पुरुष अधिक वजन और अनवांशिकी तीनों हाई रिस्क पर होते हैं
फैमिली हिस्ट्री वालों को मांस प्रोडक्ट्स पनीर, मक्खन, जंक फूड,दही आदि जैसे डेयरी उत्पाद से बचना चाहिए
बटाला/संघोल टाइम्स/ब्यूरो/18अगस्त 2024 –
डॉ अर्चिता महाजन न्यूट्रिशन डाइटिशियन और चाइल्ड केयर होम्योपैथिक फार्मासिस्ट और ट्रेंड योगा टीचर नॉमिनेटेड फॉर पद्म भूषण राष्ट्रीय पुरस्कार और पंजाब सरकार द्वारा सम्मानित ने बताया किप्रोस्टेट एक ग्रंथि है जो स्खलन के दौरान शुक्राणु को ले जाने वाले कुछ तरल पदार्थ का उत्पादन करती है। प्रोस्टेट ग्रंथि मूत्रमार्ग को घेरती है, वह नली जिसके माध्यम से मूत्र शरीर से बाहर निकलता है।प्रोस्टेट ग्रंथि के बढ़ने का मतलब है कि ग्रंथि बड़ी हो गई है। उम्र बढ़ने के साथ लगभग सभी पुरुषों में प्रोस्टेट ग्रंथि का बढ़ना होता है। प्रोस्टेट स्वास्थ्य के लिए तुलसी और गिलोय के पत्तों का इस्तेमाल करने की सलाह दी जाती है. तुलसी के पत्तों को ¼ चम्मच काली मिर्च के साथ लेने की सलाह दी जाती है। तुलसी के पत्तों, गिलोय के पत्ते और लौकी के जूस को भी प्रोस्टेट के लिए फ़ायदेमंद माना जाता है। लौकी को छीलकर छोटे-छोटे टुकड़ों में काट लें। तुलसी और गिलोय की कुछ पत्तियां भी इसमें मिलाएं। मिक्सर से अच्छी तरह से ग्राइंड करें। महीन होने पर छलनी से छान लें। जूस को गिलास में भरकर पिएं, बाकी के हिस्से को सब्ज़ी या दाल में मिलाया जा सकता है। इन लक्षणों को ध्यान में रखें जैसे पेशाब शुरू करने और बनाए रखने में कठिनाई, बार-बार पेशाब करने की इच्छा होना, विशेष रूप से रात में मूत्र की कमज़ोर धारा, पेशाब करने की लगातार और तत्काल आवश्यकता महसूस होना, रात में बार-बार पेशाब आना,पेशाब की धारा कमजोर होना या गति का सामान्य से धीमी होना। गिलोय, तुलसी, नीम, आंवला, एलोवेरा, व्हीटग्रास और गोखरू के जूस का नियमित सेवन प्रोस्टेट की परेशानी से मुक्ति दिलाने का काम करता है।
