‘आप’ सरकार के अधीन पंजाब राजस्व विकास में शीर्ष 3 राज्यों में शामिल, अपना कर राजस्व बढ़कर 57,919 करोड़ रुपये हुआ: हरपाल सिंह चीमा
– ’आप’ सरकार के अधीन आबकारी राजस्व में 86.77 प्रतिशत की वृद्धि, पिछली सरकारों की तुलना में वार्षिक औसत लगभग दोगुना हो गया: हरपाल सिंह चीमा
– विरासत में मिले 3,00,000 करोड़ रुपये के कर्ज के बावजूद कर्ज-कुल राज्य घरेलू उत्पाद अनुपात घटकर 44.47 प्रतिशत हुआ: हरपाल सिंह चीमा
– ’आप’ सरकार के चार वर्षों में 37,975 करोड़ रुपये की आबकारी प्राप्ति कांग्रेस और अकाली-भाजपा की पांच-पांच वर्षों की कुल प्राप्ति को पार कर गई: हरपाल सिंह चीमा
– केंद्रीय अनुदान और मुआवजे में 62 प्रतिशत की गिरावट के बावजूद ‘आप’ सरकार के अधीन स्टांप ड्यूटी और जी.एस.टी. राजस्व कांग्रेस और अकाली-भाजपा के कार्यकाल की राजस्व प्राप्ति से अधिक: हरपाल सिंह चीमा
CHANDIGARH/SANGHOL-TIMES/JATINDER-PAL-SINGH/3rd March,2026:
पंजाब के वित्त, आबकारी और कर मंत्री हरपाल सिंह चीमा ने आज यहां कहा कि आम आदमी पार्टी (आप) सरकार के नेतृत्व में, पंजाब राजस्व विकास में शानदार उपलब्धियों के लिए देश के शीर्ष तीन राज्यों में उभरा है। उन्होंने जोर देकर कहा कि पिछले चार वर्षों में राज्य की वित्तीय कार्यप्रदर्शन संरचनात्मक सुधार, वित्तीय अनुशासन और प्रशासनिक पारदर्शिता को दर्शाता है। यहां पंजाब भवन में एक प्रेस कॉन्फ्रेंस को संबोधित करते हुए हरपाल सिंह चीमा ने पंजाब की वित्तीय सेहत में आए इस निर्णायक बदलाव को उजागर करने के लिए विस्तृत आंकड़े पेश किए।
प्रेस कॉन्फ्रेंस को संबोधित करते हुए वित्त मंत्री हरपाल सिंह चीमा ने कहा, ‘पंजाब के अपने कर राजस्व में भारी वृद्धि हुई है, जो कि 2021-22 में कुल राज्य घरेलू उत्पाद (जी.एस.डी.पी.) का 6.39 प्रतिशत यानी 37,327 करोड़ रुपये था, वह बढ़कर 2024-25 में 57,919 करोड़ रुपये हो गया है, जो कि कुल राज्य घरेलू उत्पाद का 7.15 प्रतिशत बनता है।’
आबकारी प्राप्ति के आंकड़े पेश करते हुए आबकारी और कर मंत्री ने बताया कि आबकारी राजस्व में चार वर्षों से भी कम समय में 86.77 प्रतिशत की वृद्धि हुई है। उन्होंने कहा, ‘अकाली-भाजपा सरकार के पांच वर्षों के कार्यकाल के दौरान कुल आबकारी प्राप्ति 20,545 करोड़ रुपये थी, जिसकी वार्षिक औसत 4,109 करोड़ रुपये थी। बाद में कांग्रेस सरकार ने पांच वर्षों में 27,395 करोड़ रुपये इकट्ठे किए, जिसकी वार्षिक औसत 5,479 करोड़ रुपये रही। इसके बिल्कुल विपरीत, ‘आप’ सरकार ने जनवरी 2026 तक ही 37,975 करोड़ रुपये का आबकारी राजस्व प्राप्त कर लिया है, जो कि वार्षिक 9,907 करोड़ रुपये की शानदार औसत दर्शाता है। इसके अलावा, कांग्रेस सरकार के समय 2021-22 में आबकारी राजस्व 6,157 करोड़ रुपये था, जबकि वित्तीय वर्ष 2025-26 में इसके 11,500 करोड़ रुपये तक पहुंचने की उम्मीद है। राज्य के कुल राज्य घरेलू उत्पाद के प्रतिशत के रूप में, आबकारी राजस्व 2021-22 के 1.05 प्रतिशत से बढ़कर 2024-25 में 1.28 प्रतिशत हो गया है।’
जी.एस.टी. प्रणाली के तहत कार्यप्रदर्शन को उजागर करते हुए वित्त मंत्री हरपाल सिंह चीमा ने कहा कि जी.एस.टी. प्राप्ति में भी ऐसी ही सफलता दर्ज की गई है। उन्होंने कहा, ‘पिछली कांग्रेस सरकार जी.एस.टी. मुआवजे पर बहुत अधिक निर्भर थी और टैक्स दायरे को बढ़ाने के लिए ठोस कदम उठाने में असफल रही। उनकी पांच वर्षों की कुल प्राप्ति 61,286 करोड़ रुपये थी, जिसकी वार्षिक औसत 12,257 करोड़ बनती है।’
उन्होंने आगे कहा, “आप सरकार द्वारा जनवरी 2026 तक 83,739 करोड़ रुपये प्राप्त किए गए हैं, जिससे वार्षिक औसत बढ़कर 21,845 करोड़ रुपये हो गई है। राज्य जी.एस.टी. राजस्व, जो कि 2021-22 में 15,542 करोड़ रुपये था, 2025-26 में 26,500 करोड़ को पार करने का अनुमान है। जी.एस.टी. 2.0 के तहत तर्कसंगत होने के बावजूद, राज्य ने अपने जी.एस.टी. राजस्व में 70.50 प्रतिशत की भारी वृद्धि दर्ज की है।’
जमीन और संपत्ति की रजिस्ट्रियों के बारे में बात करते हुए वित्त मंत्री हरपाल सिंह चीमा ने कहा कि स्टांप ड्यूटी से राजस्व में भी ऐतिहासिक वृद्धि हुई है। उन्होंने कहा, ‘कांग्रेस के कार्यकाल 2017-22 के दौरान, पिछली अकाली दल सरकार (2012-17) की तुलना में स्टांप ड्यूटी संग्रह में 1 प्रतिशत से भी कम की वृद्धि देखने को मिली। अकाली-भाजपा सरकार ने कुल 12,387 करोड़ रुपये इकट्ठे किए जिसकी वार्षिक औसत 2,477 करोड़ रुपये थी, जबकि कांग्रेस सिर्फ 12,469 करोड़ रुपये इकट्ठे कर सकी, जिसकी वार्षिक औसत 2,494 करोड़ रुपये रही।’
उन्होंने आगे कहा, “इसके विपरीत, ‘आप’ सरकार ने जनवरी 2026 तक 19,515 करोड़ रुपये प्राप्त किए हैं, जिसकी वार्षिक औसत 5,091 करोड़ रुपये है। यह दर्शाता है कि सिर्फ चार वर्षों में, आप सरकार ने पिछली सरकारों के पांच वर्षों के कार्यकालों से 60 फीसदी अधिक स्टांप ड्यूटी प्राप्त की है। इस तेज गति से, यह राजस्व 2026-27 के वित्तीय वर्ष तक कांग्रेस दौर के कुल राजस्व से दोगुना होने की उम्मीद है।’
विकास के प्रति सरकार की प्रतिबद्धता पर जोर देते हुए वित्त मंत्री चीमा ने कहा कि पंजाब ने पूंजीगत व्यय में ऐतिहासिक वृद्धि दर्ज की है। उन्होंने कहा, ‘पांच वर्षों में, अकाली-भाजपा सरकार ने 14,641 करोड़ रुपये और कांग्रेस सरकार ने पूंजीगत व्यय पर 19,356 करोड़ रुपये खर्च किए। जबकि आप सरकार 31,630 करोड़ खर्च करने जा रही है।’
विरासत में मिले कर्ज के बोझ के बारे में बोलते हुए, वित्त मंत्री ने दावा किया, “आप सरकार को विरासत में लगभग 3,00,000 करोड़ रुपये का कर्ज मिला है। इस भारी ऐतिहासिक बोझ के कारण, लिए गए नए कर्जों का 35 फीसदी हिस्सा सिर्फ पिछली सरकारों द्वारा छोड़ी गई देनदारियों को चुकता करने के लिए इस्तेमाल होता है। कर्ज का और 50 फीसदी हिस्सा पुराने कर्जों पर ब्याज देने में चला जाता है। नतीजे के रूप में, उधार लिए गए फंडों का 15 फीसदी से भी कम हिस्सा वास्तव में ‘आप’ सरकार को राज्य के विकास के लिए इस्तेमाल करने के लिए उपलब्ध होता है।’
उन्होंने कहा कि इन हालातों के बावजूद मौजूदा सरकार ने कर्ज से कुल राज्य घरेलू उत्पाद के अनुपात को 48.25 प्रतिशत से घटाकर 44.47 प्रतिशत कर दिया है। हरपाल सिंह चीमा ने कहा, “आप सरकार ने वेतन आयोग को लागू करने के लिए 7,000 से 8,000 करोड़ रुपये रखे और 2016 से 2021 तक लंबित वेतन आयोग के 14,191 करोड़ रुपये के बकाए क्लियर किए जा रहे हैं। इसके अलावा, पनस्प, लैंड मार्टगेज बैंक, पी.एस.आई.डी.सी. और मंडी बोर्ड जैसी वित्तीय रूप से संकटग्रस्त सरकारी संस्थाओं को बचाने के लिए 2,566 करोड़ रुपये मुहैया करवाए गए।’
उन्होंने आगे कहा कि सरकार ने पिछली कांग्रेस सरकार द्वारा अदा न किए गए केंद्रीय योजनाओं के बकाए क्लियर करने के लिए 1,750 करोड़ रुपये का भुगतान किया है। लंबे समय के वित्तीय सुरक्षा उपायों की रूपरेखा उजागर करते हुए वित्त मंत्री हरपाल सिंह चीमा ने कहा, ‘आप सरकार ने भारतीय रिजर्व बैंक में रखे गए कंसोलिडेटेड सिंकिंग फंड और गारंटी रिडेम्पशन फंड में बड़ा निवेश किया है। 31 मार्च 2022 तक, राज्य के पास कंसोलिडेटेड सिंकिंग फंड में सिर्फ 3,027 करोड़ रुपये थे और गारंटी रिडेम्पशन फंड में कुछ भी नहीं था। दिसंबर 2025 तक, ये रिजर्व फंड बढ़कर कंसोलिडेटेड सिंकिंग फंड में 10,738 करोड़ रुपये और गारंटी रिडेम्पशन फंड में 982 करोड़ रुपये हो गए हैं, जिससे कुल राशि 11,720 करोड़ रुपये हो गई है।’
वित्त मंत्री ने आगे कहा, “यह 8,693 करोड़ के कुल वृद्धि को दर्शाता है, जो कि चार वर्षों से भी कम समय में 287 प्रतिशत की शानदार वृद्धि है। यह अग्रिम निवेश किसी भी अचानक आने वाले वित्तीय संकट के खिलाफ एक बचाव के रूप में काम करता है और राज्य के कर्ज को योजनाबद्ध ढंग से चुकाने में मदद करता है।’
वित्त मंत्री हरपाल सिंह चीमा ने कहा कि ये वित्तीय सुधार केंद्रीय सहायता में भारी गिरावट के बावजूद प्राप्त किए गए हैं। उन्होंने कहा, “2017 से 2022 के दौरान कांग्रेस सरकार को 17,740 करोड़ रुपये राजस्व घाटा अनुदान और 54,600 करोड़ रुपये जी.एस.टी. मुआवजे के रूप में मिले, जो कुल मिलाकर 72,340 करोड़ रुपये बनते हैं। इसके विपरीत, मौजूदा सरकार को जनवरी 2026 तक राजस्व घाटा अनुदान में सिर्फ 15,887 करोड़ रुपये और जी.एस.टी. मुआवजे में 11,945 करोड़ रुपये प्राप्त हुए हैं, जो कुल 27,832 करोड़ रुपये बनते हैं।’
उन्होंने आगे कहा कि मौजूदा सरकार को पिछली सरकार की तुलना में राजस्व घाटा अनुदान और जी.एस.टी. मुआवजे में 62 प्रतिशत कम राशि मिली है, और अब ये अनुदान पूरी तरह बंद कर दिए गए हैं।
प्रेस कॉन्फ्रेंस की समाप्ति करते हुए वित्त मंत्री हरपाल सिंह चीमा ने खजाने के कामकाज में पारदर्शिता और कुशलता बढ़ाने के उद्देश्य से किए गए डिजिटल और प्रशासनिक सुधारों पर भी प्रकाश डाला। उन्होंने कहा कि वित्त विभाग ने पूरी पेंशन वितरण प्रणाली को डिजिटल करने के लिए ‘पेंशन सेवा पोर्टल’ की शुरुआत की है और बैंकिंग धोखाधड़ी से निपटने और पारदर्शिता बढ़ाने के लिए ‘ई-डिपॉजिट मैनेजमेंट सिस्टम’ लागू किया है। उन्होंने कहा, “इसके अलावा, राज्य ने एस.एन.ए.-स्पर्श पहलकदमी के माध्यम से योजनाओं को प्रभावी ढंग से डिजिटाइज करने के लिए प्रोत्साहन के रूप में 800 करोड़ रुपये से अधिक प्राप्त करके एक बड़ा मील पत्थर हासिल किया है।”
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Punjab Under AAP Govt Ranks Among Top-3 States in Revenue Growth as Own Tax Collection Jumps to ₹57,919 Crore: Harpal Singh Cheema*
*Excise Revenue Surges 86.77% Under AAP Govt, Annual Average Nearly Doubles Compared to Previous Regimes: Harpal Singh Cheema*
*Debt-to-GSDP Ratio Reduced to 44.47% Even While Servicing ₹3,00,000 Crore Legacy Debt: Harpal Singh Cheema*
*AAP Govt’s Excise Collection of ₹37,975 Crore in Four Years Surpasses Five-Year Totals of Congress and SAD-BJP: Harpal Singh Cheema*
*Stamp Duty & GST Revenues Under AAP Outpace Congress and SAD-BJP Eras Despite 62% Drop in Central Grants & Compensation: Harpal Singh Cheema*
CHANDIGARH/SANGHOL-TIMES/JATINDER-PAL-SINGH/3rd March,2026:
Punjab Finance, Excise and Taxation Minister Harpal Singh Cheema on Tuesday said that under the leadership of the Aam Aadmi Party (AAP) government, Punjab has emerged among the top three states in the country for remarkable achievements in revenue growth, asserting that the state’s financial performance over the past four years reflects structural reform, fiscal discipline and administrative transparency. Addressing a press conference at Punjab Bhawan, Harpal Singh Cheema presented detailed data to underline what he described as a decisive turnaround in Punjab’s fiscal health.
Addressing a press conference, Finance Minister Harpal Singh Cheema said, “Punjab’s own tax revenue has surged significantly, rising from ₹37,327 crore, which was 6.39% of the Gross State Domestic Product in 2021-22, to an impressive ₹57,919 crore, accounting for 7.15% of the Gross State Domestic Product in 2024-25.”
Presenting figures on excise collections, the Excise and Taxation Minister noted that excise revenue has increased by 86.77% in less than four years. He said, “During the five-year tenure of the SAD-BJP government, total excise collection was ₹20,545 crore with an annual average of ₹4,109 crore. The subsequent Congress government collected ₹27,395 crore over five years, averaging ₹5,479 crore annually. In stark contrast, the AAP government has already amassed ₹37,975 crore up to January 2026, achieving a staggering annual average of ₹9,907 crore. Furthermore, excise revenue in 2021-22 under the Congress regime was ₹6,157 crore, whereas it is expected to reach ₹11,500 crore in the financial year 2025-26. As a percentage of the state’s Gross State Domestic Product, excise revenue has grown from 1.05% in 2021-22 to 1.28% in 2024-25.”
Highlighting performance under the GST (Goods and Services Tax) regime, Minister Harpal Singh Cheema said similar success has been recorded in GST collections. He said, “The previous Congress administration relied heavily on GST compensation and failed to take concrete steps to broaden the tax base. Their five-year total stood at ₹61,286 crore, averaging ₹12,257 crore annually.”
He further stated, “The AAP government, however, has collected ₹83,739 crore up to January 2026, pushing the annual average to ₹21,845 crore. State GST revenue, which was ₹15,542 crore in 2021-22, is projected to surpass ₹26,500 crore in 2025-26. Despite the rationalization under GST 2.0, the state recorded a massive 70.50% growth in its GST revenue.”
Turning to land and property registrations, Minister Harpal Singh Cheema said revenue from stamp duty has also witnessed a historic rise. He said, “During the Congress tenure 2017-22, stamp duty collections saw an increase of less than 1 percent compared to the preceding Akali Dal government 2012-17. The SAD-BJP government collected a total of ₹12,387 crore averaging ₹2,477 crore annually, while the Congress managed only ₹12,469 crore averaging ₹2,494 crore annually.”
He added, “Conversely, the AAP administration has generated ₹19,515 crore by January 2026, with an annual average of ₹5,091 crore. This indicates that in just four years, the AAP government collected 60 percent more stamp duty than the five-year terms of previous governments. At this accelerated pace, the revenue is expected to double the Congress era’s total by the 2026-27 financial year.”
Emphasizing the government’s commitment to development, Harpal Singh Cheema said Punjab has recorded a historic boost in capital expenditure. He said, “Over five years, the SAD-BJP government spent ₹14,641 crore, and the Congress government spent ₹19,356 crore on capital expenditure. The AAP government is going to spend ₹31,630 crore.”
Addressing the inherited debt burden, Minister Harpal Singh Cheema asserted, “The AAP government received a legacy debt of approximately ₹3,00,000 crore. Because of this massive historical burden, 35 percent of all new loans taken are utilized simply to clear the liabilities left by previous governments. Another 50 percent of the debt goes toward paying interest on older loans. Consequently, less than 15 percent of the borrowed funds are actually available for the AAP government to use for the state.”
Despite these constraints, he said the government has reduced the Debt-to-Gross State Domestic Product ratio from 48.25% to 44.47%. Harpal Singh Cheema said, “The AAP government has allocated ₹7,000 to ₹8,000 crore for implementing the Pay Commission and clearing ₹14,191 crore in Pay Commission arrears pending from 2016 to 2021. Furthermore, ₹2,566 crore was spent to bail out financially distressed state entities like PUNSUP, Land Mortgage Bank, PSIDC, and the Mandi Board.”
He further said that the government has paid ₹1,750 crore to clear arrears of central schemes left unpaid by the Congress administration.
Outlining long-term fiscal safeguards, Minister Harpal Singh Cheema said, “The AAP government has made substantial investments in the Consolidated Sinking Fund and Guarantee Redemption Fund maintained with the RBI. As of March 31, 2022, the state had only ₹3,027 crore in the Consolidated Sinking Fund and nothing in the Guarantee Redemption Fund. By December 2025, these reserves have swelled to ₹10,738 crore in the Consolidated Sinking Fund and ₹982 crore in the Guarantee Redemption Fund, bringing the total to ₹11,720 crore.”
He added, “This represents an overall increase of ₹8,693 crore, a staggering 287% growth in less than four years. This proactive investment acts as a buffer against any sudden financial crises and aids in systematically retiring state debt.”
Minister Harpal Singh Cheema stated these improvements were achieved despite a sharp decline in central support. He said, “Between 2017 and 2022, the Congress government received ₹17,740 crore in Revenue Deficit grants and ₹54,600 crore in GST compensation, totaling ₹72,340 crore. In contrast, the current government has received only ₹15,887 crore in Revenue Deficit grants and ₹11,945 crore in GST compensation totaling ₹27,832 crore up to January 2026.”
He added that the present government received 62% less in Revenue Deficit grants and GST compensation compared to the previous government, and these grants have now been completely halted.
Concluding the press conference, Minister Harpal Singh Cheema highlighted digital and administrative reforms aimed at enhancing transparency and efficiency in treasury operations. He said the Finance Department launched the ‘Pension Seva Portal’ to digitize the entire pension distribution system and implemented an ‘e-Deposit Management System’ to tackle banking fraud and enhance transparency. He said, “Additionally, the state achieved a major milestone by receiving over ₹800 crore as an incentive for effectively digitizing schemes through the SNA-SPARSH initiative.”
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‘ਆਪ’ ਸਰਕਾਰ ਅਧੀਨ ਪੰਜਾਬ ਮਾਲੀਆ ਵਿਕਾਸ ਵਿੱਚ ਚੋਟੀ ਦੇ 3 ਸੂਬਿਆਂ ਵਿੱਚ ਸ਼ਾਮਲ,ਆਪਣਾ ਕਰ ਮਾਲੀਆ ਵਧ ਕੇ 57,919 ਕਰੋੜ ਰੁਪਏ ਹੋਇਆ: ਹਰਪਾਲ ਸਿੰਘ ਚੀਮਾ
*’ਆਪ’ ਸਰਕਾਰ ਅਧੀਨ ਆਬਕਾਰੀ ਮਾਲੀਏ ਵਿੱਚ 86.77% ਦਾ ਵਾਧਾ, ਪਿਛਲੀਆਂ ਸਰਕਾਰਾਂ ਦੇ ਮੁਕਾਬਲੇ ਸਾਲਾਨਾ ਔਸਤ ਲਗਭਗ ਦੁੱਗਣੀ ਹੋਈ: ਹਰਪਾਲ ਸਿੰਘ ਚੀਮਾ*
*ਵਿਰਾਸਤ ਵਿੱਚ ਮਿਲੇ 3,00,000 ਕਰੋੜ ਰੁਪਏ ਦੇ ਕਰਜਾ ਮਿਲਣ ਦੇ ਬਾਵਜੂਦ ਕਰਜਾ- ਕੁੱਲ ਰਾਜ ਘਰੇਲੂ ਉਤਪਾਦ ਅਨੁਪਾਤ ਘਟ ਕੇ 44.47% ਹੋਇਆ: ਹਰਪਾਲ ਸਿੰਘ ਚੀਮਾ*
*’ਆਪ’ ਸਰਕਾਰ ਦਾ ਚਾਰ ਸਾਲਾਂ ਵਿੱਚ 37,975 ਕਰੋੜ ਰੁਪਏ ਦੀ ਆਬਕਾਰੀ ਪ੍ਰਾਪਤੀ ਕਾਂਗਰਸ ਅਤੇ ਅਕਾਲੀ-ਭਾਜਪਾ ਦੇ ਪੰਜ-ਪੰਜ ਸਾਲਾਂ ਦੀ ਕੁੱਲ ਪ੍ਰਾਪਤੀ ਨੂੰ ਪਾਰ ਕਰ ਗਿਆ: ਹਰਪਾਲ ਸਿੰਘ ਚੀਮਾ*
*ਕੇਂਦਰੀ ਗ੍ਰਾਂਟਾਂ ਅਤੇ ਮੁਆਵਜ਼ੇ ਵਿੱਚ 62% ਦੀ ਗਿਰਾਵਟ ਦੇ ਬਾਵਜੂਦ ‘ਆਪ’ ਸਰਕਾਰ ਅਧੀਨ ਸਟੈਂਪ ਡਿਊਟੀ ਅਤੇ ਜੀ.ਐਸ.ਟੀ. ਮਾਲੀਆ ਕਾਂਗਰਸ ਅਤੇ ਅਕਾਲੀ-ਭਾਜਪਾ ਦੇ ਕਾਰਜਕਾਲ ਦੀ ਮਾਲੀਆ ਪ੍ਰਾਪਤੀ ਤੋਂ ਵੱਧ: ਹਰਪਾਲ ਸਿੰਘ ਚੀਮਾ*
CHANDIGARH/SANGHOL-TIMES/JATINDER-PAL-SINGH/3rd March,2026:
ਪੰਜਾਬ ਦੇ ਵਿੱਤ, ਆਬਕਾਰੀ ਅਤੇ ਕਰ ਮੰਤਰੀ ਹਰਪਾਲ ਸਿੰਘ ਚੀਮਾ ਨੇ ਅੱਜ ਇਥੇ ਕਿਹਾ ਕਿ ਆਮ ਆਦਮੀ ਪਾਰਟੀ (ਆਪ) ਸਰਕਾਰ ਦੀ ਅਗਵਾਈ ਹੇਠ, ਪੰਜਾਬ ਮਾਲੀਆ ਵਿਕਾਸ ਵਿੱਚ ਸ਼ਾਨਦਾਰ ਪ੍ਰਾਪਤੀਆਂ ਲਈ ਦੇਸ਼ ਦੇ ਚੋਟੀ ਦੇ ਤਿੰਨ ਸੂਬਿਆਂ ਵਿੱਚ ਉੱਭਰਿਆ ਹੈ। ਉਨ੍ਹਾਂ ਜ਼ੋਰ ਦੇ ਕੇ ਕਿਹਾ ਕਿ ਪਿਛਲੇ ਚਾਰ ਸਾਲਾਂ ਵਿੱਚ ਸੂਬੇ ਦੀ ਵਿੱਤੀ ਕਾਰਗੁਜ਼ਾਰੀ ਢਾਂਚਾਗਤ ਸੁਧਾਰ, ਵਿੱਤੀ ਅਨੁਸ਼ਾਸਨ ਅਤੇ ਪ੍ਰਸ਼ਾਸਨਿਕ ਪਾਰਦਰਸ਼ਤਾ ਨੂੰ ਦਰਸਾਉਂਦੀ ਹੈ। ਇਥੇ ਪੰਜਾਬ ਭਵਨ ਵਿਖੇ ਇੱਕ ਪ੍ਰੈਸ ਕਾਨਫਰੰਸ ਨੂੰ ਸੰਬੋਧਨ ਕਰਦਿਆਂ ਹਰਪਾਲ ਸਿੰਘ ਚੀਮਾ ਨੇ ਪੰਜਾਬ ਦੀ ਵਿੱਤੀ ਸਿਹਤ ਵਿੱਚ ਹੋਏ ਇਸ ਫੈਸਲਾਕੁੰਨ ਬਦਲਾਅ ਨੂੰ ਉਜਾਗਰ ਕਰਨ ਲਈ ਵਿਸਤ੍ਰਿਤ ਅੰਕੜੇ ਪੇਸ਼ ਕੀਤੇ।
ਪ੍ਰੈਸ ਕਾਨਫਰੰਸ ਨੂੰ ਸੰਬੋਧਨ ਕਰਦਿਆਂ ਵਿੱਤ ਮੰਤਰੀ ਹਰਪਾਲ ਸਿੰਘ ਚੀਮਾ ਨੇ ਕਿਹਾ, “ਪੰਜਾਬ ਦੇ ਆਪਣੇ ਕਰ ਮਾਲੀਏ ਵਿੱਚ ਭਾਰੀ ਵਾਧਾ ਹੋਇਆ ਹੈ, ਜੋ ਕਿ 2021-22 ਵਿੱਚ ਕੁੱਲ ਰਾਜ ਘਰੇਲੂ ਉਤਪਾਦ (ਜੀ.ਐਸ.ਡੀ.ਪੀ) ਦਾ 6.39% ਭਾਵ 37,327 ਕਰੋੜ ਰੁਪਏ ਸੀ, ਉਹ ਵਧ ਕੇ 2024-25 ਵਿੱਚ 57,919 ਕਰੋੜ ਰੁਪਏ ਹੋ ਗਿਆ ਹੈ, ਜੋ ਕਿ ਕੁੱਲ ਰਾਜ ਘਰੇਲੂ ਉਤਪਾਦ ਦਾ 7.15% ਬਣਦਾ ਹੈ।”
ਆਬਕਾਰੀ ਪ੍ਰਾਪਤੀ ਦੇ ਅੰਕੜੇ ਪੇਸ਼ ਕਰਦਿਆਂ ਆਬਕਾਰੀ ਅਤੇ ਕਰ ਮੰਤਰੀ ਨੇ ਦੱਸਿਆ ਕਿ ਆਬਕਾਰੀ ਮਾਲੀਏ ਵਿੱਚ ਚਾਰ ਸਾਲਾਂ ਤੋਂ ਵੀ ਘੱਟ ਸਮੇਂ ਵਿੱਚ 86.77% ਦਾ ਵਾਧਾ ਹੋਇਆ ਹੈ। ਉਨ੍ਹਾਂ ਕਿਹਾ, “ਅਕਾਲੀ-ਭਾਜਪਾ ਸਰਕਾਰ ਦੇ ਪੰਜ ਸਾਲਾਂ ਦੇ ਕਾਰਜਕਾਲ ਦੌਰਾਨ ਕੁੱਲ ਆਬਕਾਰੀ ਪ੍ਰਾਪਤੀ 20,545 ਕਰੋੜ ਰੁਪਏ ਸੀ, ਜਿਸਦੀ ਸਾਲਾਨਾ ਔਸਤ 4,109 ਕਰੋੜ ਰੁਪਏ ਸੀ। ਬਾਅਦ ਵਿੱਚ ਕਾਂਗਰਸ ਸਰਕਾਰ ਨੇ ਪੰਜ ਸਾਲਾਂ ਵਿੱਚ 27,395 ਕਰੋੜ ਰੁਪਏ ਇਕੱਠੇ ਕੀਤੇ, ਜਿਸਦੀ ਸਾਲਾਨਾ ਔਸਤ 5,479 ਕਰੋੜ ਰੁਪਏ ਰਹੀ। ਇਸ ਦੇ ਬਿਲਕੁਲ ਉਲਟ, ‘ਆਪ’ ਸਰਕਾਰ ਨੇ ਜਨਵਰੀ 2026 ਤੱਕ ਹੀ 37,975 ਕਰੋੜ ਰੁਪਏ ਦਾ ਆਬਕਾਰੀ ਮਾਲੀਆ ਪ੍ਰਾਪਤ ਕਰ ਲਿਆ ਹੈ, ਜੋ ਕਿ ਸਾਲਾਨਾ 9,907 ਕਰੋੜ ਰੁਪਏ ਦੀ ਸ਼ਾਨਦਾਰ ਔਸਤ ਦਰਸ਼ਾਉਂਦਾ ਹੈ। ਇਸ ਤੋਂ ਇਲਾਵਾ, ਕਾਂਗਰਸ ਸਰਕਾਰ ਵੇਲੇ 2021-22 ਵਿੱਚ ਆਬਕਾਰੀ ਮਾਲੀਆ 6,157 ਕਰੋੜ ਰੁਪਏ ਸੀ, ਜਦਕਿ ਵਿੱਤੀ ਸਾਲ 2025-26 ਵਿੱਚ ਇਸਦੇ 11,500 ਕਰੋੜ ਰੁਪਏ ਤੱਕ ਪਹੁੰਚਣ ਦੀ ਉਮੀਦ ਹੈ। ਸੂਬੇ ਦੇ ਕੁੱਲ ਰਾਜ ਘਰੇਲੂ ਉਤਪਾਦ ਦੀ ਪ੍ਰਤੀਸ਼ਤ ਵਜੋਂ, ਆਬਕਾਰੀ ਮਾਲੀਆ 2021-22 ਦੇ 1.05% ਤੋਂ ਵਧ ਕੇ 2024-25 ਵਿੱਚ 1.28% ਹੋ ਗਿਆ ਹੈ।”
ਜੀ.ਐਸ.ਟੀ. ਪ੍ਰਣਾਲੀ ਅਧੀਨ ਕਾਰਗੁਜ਼ਾਰੀ ਨੂੰ ਉਜਾਗਰ ਕਰਦਿਆਂ ਵਿੱਤ ਮੰਤਰੀ ਹਰਪਾਲ ਸਿੰਘ ਚੀਮਾ ਨੇ ਕਿਹਾ ਕਿ ਜੀ.ਐਸ.ਟੀ. ਪ੍ਰਾਪਤੀ ਵਿੱਚ ਵੀ ਅਜਿਹੀ ਹੀ ਸਫਲਤਾ ਦਰਜ ਕੀਤੀ ਗਈ ਹੈ। ਉਨ੍ਹਾਂ ਕਿਹਾ, “ਪਿਛਲੀ ਕਾਂਗਰਸ ਸਰਕਾਰ ਜੀ.ਐਸ.ਟੀ. ਮੁਆਵਜ਼ੇ ‘ਤੇ ਬਹੁਤ ਜ਼ਿਆਦਾ ਨਿਰਭਰ ਸੀ ਅਤੇ ਟੈਕਸ ਦਾਇਰੇ ਨੂੰ ਵਧਾਉਣ ਲਈ ਠੋਸ ਕਦਮ ਚੁੱਕਣ ਵਿੱਚ ਅਸਫਲ ਰਹੀ। ਉਨ੍ਹਾਂ ਦੀ ਪੰਜ ਸਾਲਾਂ ਦੀ ਕੁੱਲ ਪ੍ਰਾਪਤੀ 61,286 ਕਰੋੜ ਰੁਪਏ ਸੀ, ਜਿਸਦੀ ਸਾਲਾਨਾ ਔਸਤ 12,257 ਕਰੋੜ ਬਣਦੀ ਹੈ।”
ਉਨ੍ਹਾਂ ਅੱਗੇ ਕਿਹਾ, “ਆਪ ਸਰਕਾਰ ਵੱਲੋਂ ਜਨਵਰੀ 2026 ਤੱਕ 83,739 ਕਰੋੜ ਰੁਪਏ ਪ੍ਰਾਪਤ ਕੀਤੇ ਗਏ ਹਨ, ਜਿਸ ਨਾਲ ਸਾਲਾਨਾ ਔਸਤ ਵਧ ਕੇ 21,845 ਕਰੋੜ ਰੁਪਏ ਹੋ ਗਈ ਹੈ। ਸਟੇਟ ਜੀ.ਐਸ.ਟੀ. ਮਾਲੀਆ, ਜੋ ਕਿ 2021-22 ਵਿੱਚ 15,542 ਕਰੋੜ ਰੁਪਏ ਸੀ, ਵੱਲੋਂ 2025-26 ਵਿੱਚ 26,500 ਕਰੋੜ ਨੂੰ ਪਾਰ ਕਰਨ ਦਾ ਅਨੁਮਾਨ ਹੈ। ਜੀ.ਐਸ.ਟੀ. 2.0 ਦੇ ਤਹਿਤ ਤਰਕਸੰਗਤ ਹੋਣ ਦੇ ਬਾਵਜੂਦ, ਸੂਬੇ ਨੇ ਆਪਣੇ ਜੀ.ਐਸ.ਟੀ. ਮਾਲੀਏ ਵਿੱਚ 70.50% ਦਾ ਭਾਰੀ ਵਾਧਾ ਦਰਜ ਕੀਤਾ ਹੈ।”
ਜ਼ਮੀਨ ਅਤੇ ਜਾਇਦਾਦ ਦੀਆਂ ਰਜਿਸਟਰੀਆਂ ਬਾਰੇ ਗੱਲ ਕਰਦਿਆਂ ਵਿੱਤ ਮੰਤਰੀ ਹਰਪਾਲ ਸਿੰਘ ਚੀਮਾ ਨੇ ਕਿਹਾ ਕਿ ਸਟੈਂਪ ਡਿਊਟੀ ਤੋਂ ਮਾਲੀਏ ਵਿੱਚ ਵੀ ਇਤਿਹਾਸਕ ਵਾਧਾ ਹੋਇਆ ਹੈ। ਉਨ੍ਹਾਂ ਕਿਹਾ, “ਕਾਂਗਰਸ ਦੇ ਕਾਰਜਕਾਲ 2017-22 ਦੌਰਾਨ, ਪਿਛਲੀ ਅਕਾਲੀ ਦਲ ਸਰਕਾਰ (2012-17) ਦੇ ਮੁਕਾਬਲੇ ਸਟੈਂਪ ਡਿਊਟੀ ਸੰਗ੍ਰਹਿ ਵਿੱਚ 1 ਪ੍ਰਤੀਸ਼ਤ ਤੋਂ ਵੀ ਘੱਟ ਦਾ ਵਾਧਾ ਦੇਖਣ ਨੂੰ ਮਿਲਿਆ। ਅਕਾਲੀ-ਭਾਜਪਾ ਸਰਕਾਰ ਨੇ ਕੁੱਲ 12,387 ਕਰੋੜ ਰੁਪਏ ਇਕੱਠੇ ਕੀਤੇ ਜਿਸਦੀ ਸਾਲਾਨਾ ਔਸਤ 2,477 ਕਰੋੜ ਰੁਪਏ ਸੀ, ਜਦਕਿ ਕਾਂਗਰਸ ਸਿਰਫ 12,469 ਕਰੋੜ ਰੁਪਏ ਇਕੱਠੇ ਕਰ ਸਕੀ, ਜਿਸਦੀ ਸਾਲਾਨਾ ਔਸਤ 2,494 ਕਰੋੜ ਰੁਪਏ ਰਹੀ।”
ਉਨ੍ਹਾਂ ਅੱਗੇ ਕਿਹਾ, “ਇਸ ਦੇ ਉਲਟ, ‘ਆਪ’ ਸਰਕਾਰ ਨੇ ਜਨਵਰੀ 2026 ਤੱਕ 19,515 ਕਰੋੜ ਰੁਪਏ ਪ੍ਰਾਪਤ ਕੀਤੇ ਹਨ, ਜਿਸਦੀ ਸਾਲਾਨਾ ਔਸਤ 5,091 ਕਰੋੜ ਰੁਪਏ ਹੈ। ਇਹ ਦਰਸਾਉਂਦਾ ਹੈ ਕਿ ਸਿਰਫ ਚਾਰ ਸਾਲਾਂ ਵਿੱਚ, ਆਪ ਸਰਕਾਰ ਨੇ ਪਿਛਲੀਆਂ ਸਰਕਾਰਾਂ ਦੇ ਪੰਜ ਸਾਲਾਂ ਦੇ ਕਾਰਜਕਾਲਾਂ ਨਾਲੋਂ 60 ਫੀਸਦੀ ਵੱਧ ਸਟੈਂਪ ਡਿਊਟੀ ਪ੍ਰਾਪਤ ਕੀਤੀ ਹੈ। ਇਸ ਤੇਜ਼ ਗਤੀ ਨਾਲ, ਇਹ ਮਾਲੀਆ 2026-27 ਦੇ ਵਿੱਤੀ ਸਾਲ ਤੱਕ ਕਾਂਗਰਸ ਦੌਰ ਦੇ ਕੁੱਲ ਮਾਲੀਏ ਨਾਲੋਂ ਦੁੱਗਣਾ ਹੋਣ ਦੀ ਉਮੀਦ ਹੈ।”
ਵਿਕਾਸ ਪ੍ਰਤੀ ਸਰਕਾਰ ਦੀ ਵਚਨਬੱਧਤਾ ‘ਤੇ ਜ਼ੋਰ ਦਿੰਦਿਆਂ ਵਿੱਤ ਮੰਤਰੀ ਚੀਮਾ ਨੇ ਕਿਹਾ ਕਿ ਪੰਜਾਬ ਨੇ ਪੂੰਜੀਗਤ ਖਰਚਿਆਂ ਵਿੱਚ ਇਤਿਹਾਸਕ ਵਾਧਾ ਦਰਜ ਕੀਤਾ ਹੈ। ਉਨ੍ਹਾਂ ਕਿਹਾ, “ਪੰਜ ਸਾਲਾਂ ਵਿੱਚ, ਅਕਾਲੀ-ਭਾਜਪਾ ਸਰਕਾਰ ਨੇ 14,641 ਕਰੋੜ ਰੁਪਏ ਅਤੇ ਕਾਂਗਰਸ ਸਰਕਾਰ ਨੇ ਪੂੰਜੀਗਤ ਖਰਚਿਆਂ ‘ਤੇ 19,356 ਕਰੋੜ ਰੁਪਏ ਖਰਚ ਕੀਤੇ। ਜਦਕਿ ਆਪ ਸਰਕਾਰ 31,630 ਕਰੋੜ ਖਰਚ ਕਰਨ ਜਾ ਰਹੀ ਹੈ।”
ਵਿਰਾਸਤ ਵਿੱਚ ਮਿਲੇ ਕਰਜ਼ੇ ਦੇ ਬੋਝ ਬਾਰੇ ਬੋਲਦਿਆਂ, ਵਿੱਤ ਮੰਤਰੀ ਨੇ ਦਾਅਵਾ ਕੀਤਾ, “ਆਪ ਸਰਕਾਰ ਨੂੰ ਵਿਰਾਸਤ ਵਿੱਚ ਲਗਭਗ 3,00,000 ਕਰੋੜ ਰੁਪਏ ਦਾ ਕਰਜ਼ਾ ਮਿਲਿਆ ਹੈ। ਇਸ ਭਾਰੀ ਇਤਿਹਾਸਕ ਬੋਝ ਦੇ ਕਾਰਨ, ਲਏ ਗਏ ਨਵੇਂ ਕਰਜ਼ਿਆਂ ਦਾ 35 ਫੀਸਦੀ ਹਿੱਸਾ ਸਿਰਫ ਪਿਛਲੀਆਂ ਸਰਕਾਰਾਂ ਦੁਆਰਾ ਛੱਡੀਆਂ ਗਈਆਂ ਦੇਣਦਾਰੀਆਂ ਨੂੰ ਚੁਕਤਾ ਕਰਨ ਲਈ ਵਰਤਿਆ ਜਾਂਦਾ ਹੈ। ਕਰਜ਼ੇ ਦਾ ਹੋਰ 50 ਫੀਸਦੀ ਹਿੱਸਾ ਪੁਰਾਣੇ ਕਰਜ਼ਿਆਂ ‘ਤੇ ਵਿਆਜ ਦੇਣ ਵਿੱਚ ਚਲਾ ਜਾਂਦਾ ਹੈ। ਨਤੀਜੇ ਵਜੋਂ, ਉਧਾਰ ਲਏ ਗਏ ਫੰਡਾਂ ਦਾ 15 ਫੀਸਦੀ ਤੋਂ ਵੀ ਘੱਟ ਹਿੱਸਾ ਅਸਲ ਵਿੱਚ ‘ਆਪ’ ਸਰਕਾਰ ਨੂੰ ਸੂਬੇ ਦੇ ਵਿਕਾਸ ਲਈ ਵਰਤਣ ਵਾਸਤੇ ਉਪਲਬਧ ਹੁੰਦਾ ਹੈ।”
ਉਨ੍ਹਾਂ ਕਿਹਾ ਕਿ ਇਨ੍ਹਾਂ ਹਾਲਾਤ ਦੇ ਬਾਵਜੂਦ ਮੌਜੂਦਾ ਸਰਕਾਰ ਨੇ ਕਰਜ਼ਾ ਤੇ ਕੁੱਲ ਰਾਜ ਘਰੇਲੂ ਉਤਪਾਦ ਦੇ ਅਨੁਪਾਤ ਨੂੰ 48.25% ਤੋਂ ਘਟਾ ਕੇ 44.47% ਕਰ ਦਿੱਤਾ ਹੈ। ਹਰਪਾਲ ਸਿੰਘ ਚੀਮਾ ਨੇ ਕਿਹਾ, “ਆਪ ਸਰਕਾਰ ਨੇ ਤਨਖਾਹ ਕਮਿਸ਼ਨ ਨੂੰ ਲਾਗੂ ਕਰਨ ਲਈ 7,000 ਤੋਂ 8,000 ਕਰੋੜ ਰੁਪਏ ਰੱਖੇ ਅਤੇ 2016 ਤੋਂ 2021 ਤੱਕ ਲੰਬਿਤ ਤਨਖਾਹ ਕਮਿਸ਼ਨ ਦੇ 14,191 ਕਰੋੜ ਰੁਪਏ ਦੇ ਬਕਾਏ ਕਲੀਅਰ ਕੀਤੇ ਜਾ ਰਹੇ ਹਨ। ਇਸ ਤੋਂ ਇਲਾਵਾ, ਪਨਸਪ, ਲੈਂਡ ਮਾਰਟਗੇਜ ਬੈਂਕ, ਪੀ.ਐਸ.ਆਈ.ਡੀ.ਸੀ. ਅਤੇ ਮੰਡੀ ਬੋਰਡ ਵਰਗੀਆਂ ਵਿੱਤੀ ਤੌਰ ‘ਤੇ ਸੰਕਟਗ੍ਰਸਤ ਸਰਕਾਰੀ ਸੰਸਥਾਵਾਂ ਨੂੰ ਬਚਾਉਣ ਲਈ 2,566 ਕਰੋੜ ਰੁਪਏ ਮੁਹੱਈਆ ਕਰਵਾਏ ਗਏ ।”
ਉਨ੍ਹਾਂ ਅੱਗੇ ਕਿਹਾ ਕਿ ਸਰਕਾਰ ਨੇ ਪਿਛਲੀ ਕਾਂਗਰਸ ਸਰਕਾਰ ਦੁਆਰਾ ਅਦਾ ਨਾ ਕੀਤੇ ਗਏ ਕੇਂਦਰੀ ਸਕੀਮਾਂ ਦੇ ਬਕਾਏ ਕਲੀਅਰ ਕਰਨ ਲਈ 1,750 ਕਰੋੜ ਰੁਪਏ ਦਾ ਭੁਗਤਾਨ ਕੀਤਾ ਹੈ। ਲੰਬੇ ਸਮੇਂ ਦੇ ਵਿੱਤੀ ਸੁਰੱਖਿਆ ਉਪਾਵਾਂ ਦੀ ਰੂਪਰੇਖਾ ਉਲੀਕਦਿਆਂ ਵਿੱਤ ਮੰਤਰੀ ਹਰਪਾਲ ਸਿੰਘ ਚੀਮਾ ਨੇ ਕਿਹਾ, “ਆਪ ਸਰਕਾਰ ਨੇ ਭਾਰਤੀ ਰਿਜ਼ਰਵ ਬੈਂਕ ਕੋਲ ਰੱਖੇ ਗਏ ਕੰਸੋਲੀਡੇਟਿਡ ਸਿੰਕਿੰਗ ਫੰਡ ਅਤੇ ਗਰੰਟੀ ਰਿਡੈਂਪਸ਼ਨ ਫੰਡ ਵਿੱਚ ਵੱਡਾ ਨਿਵੇਸ਼ ਕੀਤਾ ਹੈ। 31 ਮਾਰਚ 2022 ਤੱਕ, ਸੂਬੇ ਕੋਲ ਕੰਸੋਲੀਡੇਟਿਡ ਸਿੰਕਿੰਗ ਫੰਡ ਵਿੱਚ ਸਿਰਫ਼ 3,027 ਕਰੋੜ ਰੁਪਏ ਸਨ ਅਤੇ ਗਰੰਟੀ ਰਿਡੈਂਪਸ਼ਨ ਫੰਡ ਵਿੱਚ ਕੁਝ ਵੀ ਨਹੀਂ ਸੀ। ਦਸੰਬਰ 2025 ਤੱਕ, ਇਹ ਰਿਜ਼ਰਵ ਫੰਡ ਵਧ ਕੇ ਕੰਸੋਲੀਡੇਟਿਡ ਸਿੰਕਿੰਗ ਫੰਡ ਵਿੱਚ 10,738 ਕਰੋੜ ਰੁਪਏ ਅਤੇ ਗਰੰਟੀ ਰਿਡੈਂਪਸ਼ਨ ਫੰਡ ਵਿੱਚ 982 ਕਰੋੜ ਰੁਪਏ ਹੋ ਗਏ ਹਨ, ਜਿਸ ਨਾਲ ਇਹ ਕੁੱਲ ਰਕਮ 11,720 ਕਰੋੜ ਰੁਪਏ ਹੋ ਗਈ ਹੈ।”
ਵਿੱਤ ਮੰਤਰੀ ਨੇ ਅੱਗੇ ਕਿਹਾ, “ਇਹ 8,693 ਕਰੋੜ ਦੇ ਕੁੱਲ ਵਾਧੇ ਨੂੰ ਦਰਸਾਉਂਦਾ ਹੈ, ਜੋ ਕਿ ਚਾਰ ਸਾਲਾਂ ਤੋਂ ਵੀ ਘੱਟ ਸਮੇਂ ਵਿੱਚ 287% ਦਾ ਸ਼ਾਨਦਾਰ ਵਾਧਾ ਹੈ। ਇਹ ਅਗਾਊਂ ਨਿਵੇਸ਼ ਕਿਸੇ ਵੀ ਅਚਾਨਕ ਆਉਣ ਵਾਲੇ ਵਿੱਤੀ ਸੰਕਟ ਦੇ ਖਿਲਾਫ ਇੱਕ ਬਚਾਅ ਵਜੋਂ ਕੰਮ ਕਰਦਾ ਹੈ ਅਤੇ ਸੂਬੇ ਦੇ ਕਰਜ਼ੇ ਨੂੰ ਯੋਜਨਾਬੱਧ ਢੰਗ ਨਾਲ ਲਾਹੁਣ ਵਿੱਚ ਮਦਦ ਕਰਦਾ ਹੈ।”
ਵਿੱਤ ਮੰਤਰੀ ਹਰਪਾਲ ਸਿੰਘ ਚੀਮਾ ਨੇ ਕਿਹਾ ਕਿ ਇਹ ਵਿੱਤੀ ਸੁਧਾਰ ਕੇਂਦਰੀ ਸਹਾਇਤਾ ਵਿੱਚ ਭਾਰੀ ਗਿਰਾਵਟ ਦੇ ਬਾਵਜੂਦ ਪ੍ਰਾਪਤ ਕੀਤੇ ਗਏ ਹਨ। ਉਨ੍ਹਾਂ ਕਿਹਾ, “2017 ਤੋਂ 2022 ਦਰਮਿਆਨ ਕਾਂਗਰਸ ਸਰਕਾਰ ਨੂੰ 17,740 ਕਰੋੜ ਰੁਪਏ ਮਾਲੀਆ ਘਾਟਾ ਗ੍ਰਾਂਟ ਅਤੇ 54,600 ਕਰੋੜ ਰੁਪਏ ਜੀ.ਐਸ.ਟੀ. ਮੁਆਵਜ਼ੇ ਵਜੋਂ ਮਿਲੇ, ਜੋ ਕੁੱਲ ਮਿਲਾ ਕੇ 72,340 ਕਰੋੜ ਰੁਪਏ ਬਣਦੇ ਹਨ। ਇਸ ਦੇ ਉਲਟ, ਮੌਜੂਦਾ ਸਰਕਾਰ ਨੂੰ ਜਨਵਰੀ 2026 ਤੱਕ ਮਾਲੀਆ ਘਾਟਾ ਗ੍ਰਾਂਟ ਵਿੱਚ ਸਿਰਫ 15,887 ਕਰੋੜ ਰੁਪਏ ਅਤੇ ਜੀ.ਐਸ.ਟੀ. ਮੁਆਵਜ਼ੇ ਵਿੱਚ 11,945 ਕਰੋੜ ਰੁਪਏ ਪ੍ਰਾਪਤ ਹੋਏ ਹਨ, ਜੋ ਕੁੱਲ 27,832 ਕਰੋੜ ਰੁਪਏ ਬਣਦੇ ਹਨ।”
ਉਨ੍ਹਾਂ ਅੱਗੇ ਕਿਹਾ ਕਿ ਮੌਜੂਦਾ ਸਰਕਾਰ ਨੂੰ ਪਿਛਲੀ ਸਰਕਾਰ ਦੇ ਮੁਕਾਬਲੇ ਮਾਲੀਆ ਘਾਟਾ ਗ੍ਰਾਂਟਾਂ ਅਤੇ ਜੀ.ਐਸ.ਟੀ. ਮੁਆਵਜ਼ੇ ਵਿੱਚ 62% ਘੱਟ ਰਕਮ ਮਿਲੀ ਹੈ, ਅਤੇ ਹੁਣ ਇਹ ਗ੍ਰਾਂਟਾਂ ਪੂਰੀ ਤਰ੍ਹਾਂ ਬੰਦ ਕਰ ਦਿੱਤੀਆਂ ਗਈਆਂ ਹਨ।
ਪ੍ਰੈਸ ਕਾਨਫਰੰਸ ਦੀ ਸਮਾਪਤੀ ਕਰਦਿਆਂ ਵਿੱਤ ਮੰਤਰੀ ਹਰਪਾਲ ਸਿੰਘ ਚੀਮਾ ਨੇ ਖਜ਼ਾਨੇ ਦੇ ਕੰਮਕਾਜ ਵਿੱਚ ਪਾਰਦਰਸ਼ਤਾ ਅਤੇ ਕੁਸ਼ਲਤਾ ਵਧਾਉਣ ਦੇ ਉਦੇਸ਼ ਨਾਲ ਕੀਤੇ ਗਏ ਡਿਜੀਟਲ ਅਤੇ ਪ੍ਰਸ਼ਾਸਨਿਕ ਸੁਧਾਰਾਂ ‘ਤੇ ਵੀ ਚਾਨਣਾ ਪਾਇਆ। ਉਨ੍ਹਾਂ ਕਿਹਾ ਕਿ ਵਿੱਤ ਵਿਭਾਗ ਨੇ ਪੂਰੀ ਪੈਨਸ਼ਨ ਵੰਡ ਪ੍ਰਣਾਲੀ ਨੂੰ ਡਿਜੀਟਲ ਕਰਨ ਲਈ ‘ਪੈਨਸ਼ਨ ਸੇਵਾ ਪੋਰਟਲ’ ਦੀ ਸ਼ੁਰੂਆਤ ਕੀਤੀ ਹੈ ਅਤੇ ਬੈਂਕਿੰਗ ਧੋਖਾਧੜੀ ਨਾਲ ਨਜਿੱਠਣ ਅਤੇ ਪਾਰਦਰਸ਼ਤਾ ਵਧਾਉਣ ਲਈ ‘ਈ-ਡਿਪਾਜ਼ਿਟ ਮੈਨੇਜਮੈਂਟ ਸਿਸਟਮ’ ਲਾਗੂ ਕੀਤਾ ਹੈ। ਉਨ੍ਹਾਂ ਕਿਹਾ, “ਇਸ ਤੋਂ ਇਲਾਵਾ, ਸੂਬੇ ਨੇ ਐਸ.ਐਨ.ਏ.-ਸਪਰਸ਼ ਪਹਿਲਕਦਮੀ ਰਾਹੀਂ ਸਕੀਮਾਂ ਨੂੰ ਪ੍ਰਭਾਵਸ਼ਾਲੀ ਢੰਗ ਨਾਲ ਡਿਜੀਟਾਈਜ਼ ਕਰਨ ਲਈ ਪ੍ਰੋਤਸਾਹਨ ਵਜੋਂ 800 ਕਰੋੜ ਰੁਪਏ ਤੋਂ ਵੱਧ ਪ੍ਰਾਪਤ ਕਰਕੇ ਇੱਕ ਵੱਡਾ ਮੀਲ ਪੱਥਰ ਹਾਸਲ ਕੀਤਾ ਹੈ।”
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सूचना एवं लोक संपर्क विभाग, पंजाब
‘आप’ सरकार के अधीन पंजाब राजस्व विकास में शीर्ष 3 राज्यों में शामिल, अपना कर राजस्व बढ़कर 57,919 करोड़ रुपये हुआ: हरपाल सिंह चीमा
– ’आप’ सरकार के अधीन आबकारी राजस्व में 86.77 प्रतिशत की वृद्धि, पिछली सरकारों की तुलना में वार्षिक औसत लगभग दोगुना हो गया: हरपाल सिंह चीमा
– विरासत में मिले 3,00,000 करोड़ रुपये के कर्ज के बावजूद कर्ज-कुल राज्य घरेलू उत्पाद अनुपात घटकर 44.47 प्रतिशत हुआ: हरपाल सिंह चीमा
– ’आप’ सरकार के चार वर्षों में 37,975 करोड़ रुपये की आबकारी प्राप्ति कांग्रेस और अकाली-भाजपा की पांच-पांच वर्षों की कुल प्राप्ति को पार कर गई: हरपाल सिंह चीमा
– केंद्रीय अनुदान और मुआवजे में 62 प्रतिशत की गिरावट के बावजूद ‘आप’ सरकार के अधीन स्टांप ड्यूटी और जी.एस.टी. राजस्व कांग्रेस और अकाली-भाजपा के कार्यकाल की राजस्व प्राप्ति से अधिक: हरपाल सिंह चीमा
चंडीगढ़, 3 मार्च 2026ः
पंजाब के वित्त, आबकारी और कर मंत्री हरपाल सिंह चीमा ने आज यहां कहा कि आम आदमी पार्टी (आप) सरकार के नेतृत्व में, पंजाब राजस्व विकास में शानदार उपलब्धियों के लिए देश के शीर्ष तीन राज्यों में उभरा है। उन्होंने जोर देकर कहा कि पिछले चार वर्षों में राज्य की वित्तीय कार्यप्रदर्शन संरचनात्मक सुधार, वित्तीय अनुशासन और प्रशासनिक पारदर्शिता को दर्शाता है। यहां पंजाब भवन में एक प्रेस कॉन्फ्रेंस को संबोधित करते हुए हरपाल सिंह चीमा ने पंजाब की वित्तीय सेहत में आए इस निर्णायक बदलाव को उजागर करने के लिए विस्तृत आंकड़े पेश किए।
प्रेस कॉन्फ्रेंस को संबोधित करते हुए वित्त मंत्री हरपाल सिंह चीमा ने कहा, ‘पंजाब के अपने कर राजस्व में भारी वृद्धि हुई है, जो कि 2021-22 में कुल राज्य घरेलू उत्पाद (जी.एस.डी.पी.) का 6.39 प्रतिशत यानी 37,327 करोड़ रुपये था, वह बढ़कर 2024-25 में 57,919 करोड़ रुपये हो गया है, जो कि कुल राज्य घरेलू उत्पाद का 7.15 प्रतिशत बनता है।’
आबकारी प्राप्ति के आंकड़े पेश करते हुए आबकारी और कर मंत्री ने बताया कि आबकारी राजस्व में चार वर्षों से भी कम समय में 86.77 प्रतिशत की वृद्धि हुई है। उन्होंने कहा, ‘अकाली-भाजपा सरकार के पांच वर्षों के कार्यकाल के दौरान कुल आबकारी प्राप्ति 20,545 करोड़ रुपये थी, जिसकी वार्षिक औसत 4,109 करोड़ रुपये थी। बाद में कांग्रेस सरकार ने पांच वर्षों में 27,395 करोड़ रुपये इकट्ठे किए, जिसकी वार्षिक औसत 5,479 करोड़ रुपये रही। इसके बिल्कुल विपरीत, ‘आप’ सरकार ने जनवरी 2026 तक ही 37,975 करोड़ रुपये का आबकारी राजस्व प्राप्त कर लिया है, जो कि वार्षिक 9,907 करोड़ रुपये की शानदार औसत दर्शाता है। इसके अलावा, कांग्रेस सरकार के समय 2021-22 में आबकारी राजस्व 6,157 करोड़ रुपये था, जबकि वित्तीय वर्ष 2025-26 में इसके 11,500 करोड़ रुपये तक पहुंचने की उम्मीद है। राज्य के कुल राज्य घरेलू उत्पाद के प्रतिशत के रूप में, आबकारी राजस्व 2021-22 के 1.05 प्रतिशत से बढ़कर 2024-25 में 1.28 प्रतिशत हो गया है।’
जी.एस.टी. प्रणाली के तहत कार्यप्रदर्शन को उजागर करते हुए वित्त मंत्री हरपाल सिंह चीमा ने कहा कि जी.एस.टी. प्राप्ति में भी ऐसी ही सफलता दर्ज की गई है। उन्होंने कहा, ‘पिछली कांग्रेस सरकार जी.एस.टी. मुआवजे पर बहुत अधिक निर्भर थी और टैक्स दायरे को बढ़ाने के लिए ठोस कदम उठाने में असफल रही। उनकी पांच वर्षों की कुल प्राप्ति 61,286 करोड़ रुपये थी, जिसकी वार्षिक औसत 12,257 करोड़ बनती है।’
उन्होंने आगे कहा, “आप सरकार द्वारा जनवरी 2026 तक 83,739 करोड़ रुपये प्राप्त किए गए हैं, जिससे वार्षिक औसत बढ़कर 21,845 करोड़ रुपये हो गई है। राज्य जी.एस.टी. राजस्व, जो कि 2021-22 में 15,542 करोड़ रुपये था, 2025-26 में 26,500 करोड़ को पार करने का अनुमान है। जी.एस.टी. 2.0 के तहत तर्कसंगत होने के बावजूद, राज्य ने अपने जी.एस.टी. राजस्व में 70.50 प्रतिशत की भारी वृद्धि दर्ज की है।’
जमीन और संपत्ति की रजिस्ट्रियों के बारे में बात करते हुए वित्त मंत्री हरपाल सिंह चीमा ने कहा कि स्टांप ड्यूटी से राजस्व में भी ऐतिहासिक वृद्धि हुई है। उन्होंने कहा, ‘कांग्रेस के कार्यकाल 2017-22 के दौरान, पिछली अकाली दल सरकार (2012-17) की तुलना में स्टांप ड्यूटी संग्रह में 1 प्रतिशत से भी कम की वृद्धि देखने को मिली। अकाली-भाजपा सरकार ने कुल 12,387 करोड़ रुपये इकट्ठे किए जिसकी वार्षिक औसत 2,477 करोड़ रुपये थी, जबकि कांग्रेस सिर्फ 12,469 करोड़ रुपये इकट्ठे कर सकी, जिसकी वार्षिक औसत 2,494 करोड़ रुपये रही।’
उन्होंने आगे कहा, “इसके विपरीत, ‘आप’ सरकार ने जनवरी 2026 तक 19,515 करोड़ रुपये प्राप्त किए हैं, जिसकी वार्षिक औसत 5,091 करोड़ रुपये है। यह दर्शाता है कि सिर्फ चार वर्षों में, आप सरकार ने पिछली सरकारों के पांच वर्षों के कार्यकालों से 60 फीसदी अधिक स्टांप ड्यूटी प्राप्त की है। इस तेज गति से, यह राजस्व 2026-27 के वित्तीय वर्ष तक कांग्रेस दौर के कुल राजस्व से दोगुना होने की उम्मीद है।’
विकास के प्रति सरकार की प्रतिबद्धता पर जोर देते हुए वित्त मंत्री चीमा ने कहा कि पंजाब ने पूंजीगत व्यय में ऐतिहासिक वृद्धि दर्ज की है। उन्होंने कहा, ‘पांच वर्षों में, अकाली-भाजपा सरकार ने 14,641 करोड़ रुपये और कांग्रेस सरकार ने पूंजीगत व्यय पर 19,356 करोड़ रुपये खर्च किए। जबकि आप सरकार 31,630 करोड़ खर्च करने जा रही है।’
विरासत में मिले कर्ज के बोझ के बारे में बोलते हुए, वित्त मंत्री ने दावा किया, “आप सरकार को विरासत में लगभग 3,00,000 करोड़ रुपये का कर्ज मिला है। इस भारी ऐतिहासिक बोझ के कारण, लिए गए नए कर्जों का 35 फीसदी हिस्सा सिर्फ पिछली सरकारों द्वारा छोड़ी गई देनदारियों को चुकता करने के लिए इस्तेमाल होता है। कर्ज का और 50 फीसदी हिस्सा पुराने कर्जों पर ब्याज देने में चला जाता है। नतीजे के रूप में, उधार लिए गए फंडों का 15 फीसदी से भी कम हिस्सा वास्तव में ‘आप’ सरकार को राज्य के विकास के लिए इस्तेमाल करने के लिए उपलब्ध होता है।’
उन्होंने कहा कि इन हालातों के बावजूद मौजूदा सरकार ने कर्ज से कुल राज्य घरेलू उत्पाद के अनुपात को 48.25 प्रतिशत से घटाकर 44.47 प्रतिशत कर दिया है। हरपाल सिंह चीमा ने कहा, “आप सरकार ने वेतन आयोग को लागू करने के लिए 7,000 से 8,000 करोड़ रुपये रखे और 2016 से 2021 तक लंबित वेतन आयोग के 14,191 करोड़ रुपये के बकाए क्लियर किए जा रहे हैं। इसके अलावा, पनस्प, लैंड मार्टगेज बैंक, पी.एस.आई.डी.सी. और मंडी बोर्ड जैसी वित्तीय रूप से संकटग्रस्त सरकारी संस्थाओं को बचाने के लिए 2,566 करोड़ रुपये मुहैया करवाए गए।’
उन्होंने आगे कहा कि सरकार ने पिछली कांग्रेस सरकार द्वारा अदा न किए गए केंद्रीय योजनाओं के बकाए क्लियर करने के लिए 1,750 करोड़ रुपये का भुगतान किया है। लंबे समय के वित्तीय सुरक्षा उपायों की रूपरेखा उजागर करते हुए वित्त मंत्री हरपाल सिंह चीमा ने कहा, ‘आप सरकार ने भारतीय रिजर्व बैंक में रखे गए कंसोलिडेटेड सिंकिंग फंड और गारंटी रिडेम्पशन फंड में बड़ा निवेश किया है। 31 मार्च 2022 तक, राज्य के पास कंसोलिडेटेड सिंकिंग फंड में सिर्फ 3,027 करोड़ रुपये थे और गारंटी रिडेम्पशन फंड में कुछ भी नहीं था। दिसंबर 2025 तक, ये रिजर्व फंड बढ़कर कंसोलिडेटेड सिंकिंग फंड में 10,738 करोड़ रुपये और गारंटी रिडेम्पशन फंड में 982 करोड़ रुपये हो गए हैं, जिससे कुल राशि 11,720 करोड़ रुपये हो गई है।’
वित्त मंत्री ने आगे कहा, “यह 8,693 करोड़ के कुल वृद्धि को दर्शाता है, जो कि चार वर्षों से भी कम समय में 287 प्रतिशत की शानदार वृद्धि है। यह अग्रिम निवेश किसी भी अचानक आने वाले वित्तीय संकट के खिलाफ एक बचाव के रूप में काम करता है और राज्य के कर्ज को योजनाबद्ध ढंग से चुकाने में मदद करता है।’
वित्त मंत्री हरपाल सिंह चीमा ने कहा कि ये वित्तीय सुधार केंद्रीय सहायता में भारी गिरावट के बावजूद प्राप्त किए गए हैं। उन्होंने कहा, “2017 से 2022 के दौरान कांग्रेस सरकार को 17,740 करोड़ रुपये राजस्व घाटा अनुदान और 54,600 करोड़ रुपये जी.एस.टी. मुआवजे के रूप में मिले, जो कुल मिलाकर 72,340 करोड़ रुपये बनते हैं। इसके विपरीत, मौजूदा सरकार को जनवरी 2026 तक राजस्व घाटा अनुदान में सिर्फ 15,887 करोड़ रुपये और जी.एस.टी. मुआवजे में 11,945 करोड़ रुपये प्राप्त हुए हैं, जो कुल 27,832 करोड़ रुपये बनते हैं।’
उन्होंने आगे कहा कि मौजूदा सरकार को पिछली सरकार की तुलना में राजस्व घाटा अनुदान और जी.एस.टी. मुआवजे में 62 प्रतिशत कम राशि मिली है, और अब ये अनुदान पूरी तरह बंद कर दिए गए हैं।
प्रेस कॉन्फ्रेंस की समाप्ति करते हुए वित्त मंत्री हरपाल सिंह चीमा ने खजाने के कामकाज में पारदर्शिता और कुशलता बढ़ाने के उद्देश्य से किए गए डिजिटल और प्रशासनिक सुधारों पर भी प्रकाश डाला। उन्होंने कहा कि वित्त विभाग ने पूरी पेंशन वितरण प्रणाली को डिजिटल करने के लिए ‘पेंशन सेवा पोर्टल’ की शुरुआत की है और बैंकिंग धोखाधड़ी से निपटने और पारदर्शिता बढ़ाने के लिए ‘ई-डिपॉजिट मैनेजमेंट सिस्टम’ लागू किया है। उन्होंने कहा, “इसके अलावा, राज्य ने एस.एन.ए.-स्पर्श पहलकदमी के माध्यम से योजनाओं को प्रभावी ढंग से डिजिटाइज करने के लिए प्रोत्साहन के रूप में 800 करोड़ रुपये से अधिक प्राप्त करके एक बड़ा मील पत्थर हासिल किया है।”
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