परमार्थ की भावना ही व्यक्ति को महान बनाती है। आचार्य मृदुल कृष्ण शास्त्री
नन्द उत्सव बड़ी धूमधाम से मनाया गया

शिव शक्ति इंटर ग्लोबल एवं लायशा बासमती चावल की ओर से पंचम दिवस की कथा
तरावड़ी/संघोल-टाइम्स/27 जुलाई,2024(राजकुमार खुराना) – जहां स्वार्थ समाप्त होता है मानवता वहीं से प्रारम्भ होती है। मानव योनि में जन्म लेने मात्र से जीव को मानवता प्राप्त नहीं होती। यदि मनुष्य योनि में जन्म लेने के बाद भी उसमें स्वार्थ की भावना भरी हुई है, तो वह मानव होते हुए भी राक्षसी वृत्ति की पायदान पर खड़ा रहता है। यदि व्यक्ति स्वार्थ की भावना को त्याग कर हमेशा परमार्थ भाव से जीवन यापन करे तो निश्चित रूप से वह एक अच्छा इन्सान है, यानी सुदृढ मानवता की श्रेणी में खड़ा होकर पर सेवा कार्य में रत है। क्योंकि परमार्थ की भावना ही व्यक्ति को महान बनाती है। पंचम दिवस की कथा मे परम श्रद्धेय आचार्य गोस्वामी श्री मृदुल कृष्ण जी महाराज ने उपस्थित जनसमूह को कहा। शिव शक्ति इंटर ग्लोबल एवं लायशा बासमती चावल की ओर से चल रही श्री मदभागवत ज्ञानयज्ञ कथा मे यजमान रमेश गुप्ता, संतोष गुप्ता एवं अमन गुप्ता, शिखा गुप्ता परिवार सहित व्यास पीठ पर श्री मदभागवत की पूजा अर्चना की उसके तत्पश्चात व्यास पीठ का पूजन किया। श्रीमद्भागवत् सप्ताह कथा के पंचम दिवस की कथा का विस्तार से व्याख्यान देते हुए परम श्रद्धेय आचार्य गोस्वामी श्री मृदुल कृष्ण जी महाराज ने बताया कि परमात्मा श्री कृष्ण की लीलाओं में पूतना चरित्र पर व्याख्यान देते हुए परम श्रद्धेय आचार्य गोस्वामी श्री मृदुल कृष्ण जी महाराज ने कहा कि कंस स्वयं को सब कुछ समझ लिया। हमसे बड़ा कोई न हो। जो हमसे बड़ा बनना चाहे या हमारा विरोधी हो उसको मार दिया जाय। ऐसा निश्चय कर ब्रज क्षेत्र में जितने बालक पैदा हुए हो उनको मार डालो, और इसके लिये पूतना राक्षसी को भेजा तो प्रभु श्री बालकृष्ण भगवान ने पूतना को मोक्ष प्रदान किया ही इधर कंस प्रतापी राजा उग्रसेन का पुत्र होते भी स्वार्थ लोलुपता अधिकाधिक होने के कारण राक्षसो की श्रेणी में आ गया और भगवान श्री कृष्ण ने उसका संहार किया। माखन चोरी लीला प्रसंग पर विस्तार से प्रकाश डालते हुए आचार्य श्री ने कहा कि दूध, दही, माखन को खा-खाकर कंस के अनुचर बलवान होकर अधर्म को बढावा दे रहे थे, इसलिये प्रभु ने दूध, दही, माखन को मथुरा कंस के अनुचरों के पास जाने से रोका और छोटे-छोटे ग्वाल-बालों को खिलाया जिससे वे ग्वाल-बाल बलवान बनें और अधर्मी कंस के अनुचरों को परास्त कर सकें। भगवान श्री कृष्ण ग्वाल-बालो से इतना प्रेम करते थे कि उनके साथ बैठकर भोजन करते-करते उनका जूठन तक मांग लेते थे। आचार्य श्री ने कहा कि हम जीवन में वस्तुओं से प्रेम करते है और मनुष्यों का उपयोग करते है। ठीक तो यह है कि हम वस्तुओं का उपयोग करें और मनुष्यों से प्रेम करें। इसलिये हमेशा से प्रेम की भाषा बोलिये जिसे बहरे भी सुन सकते हैं और गूंगे भी समझ सकते है। प्रभु की माखन चोरी लीला हमें यही शिक्षा प्रदान करती है। विशेष महोत्सव के रूप मे आज श्री गिरिराज पूजन(छप्पन भोग महोत्सव) विशेष धूम-धाम से मनाया गया। बुधवार की कथा में विशेष महोत्सव के रूप में श्री रुक्मिणी विवाह महोत्सव अति हर्षोल्लास के साथ मनाया जायेगा। श्री कृष्ण जन्मोत्सव के मौके पर सुंदर-सुंदर भजनों पर श्रद्धालु नाचते नजर आए। इस मौके पर भजनों के माध्यम से उपस्थित श्रद्धालुओं श्री कृष्ण भक्ति का रस आनन्द लिया। आज की कथा मे लाला नाथी राम गुप्ता, नरेश गुप्ता, राकेश गुप्ता, अमन गुप्ता, अनुज गुप्ता, राहुल गुप्ता, मोहित गुप्ता, सौरव गुप्ता, गौरव गुप्ता, संजय गुप्ता, पंकज गुप्ता, सतपाल गुप्ता, अनीश गुप्ता, रूशिल गुप्ता, आशित गुप्ता, साधूराम सिंगला, ईश्वर चन्द गोयल, राजकुमार तायल, दविन्द्र सिंगला, नपा अध्यक्ष वीरेन्द्र बंसल, अनाज मंडी अध्यक्ष शीशपाल गुप्ता, विनित बंसल, संजय गुप्ता, विनीत बंसल, पंकज गोयल, बृजमोहन गर्ग, प्रेम सिंघल, रविन्द्र सिंगला, संजय सिगला, प्रमोद सिंगला, नीरज गुप्ता, प्रमोद बंसल, घनश्याम दास गर्ग, राकेश हंस, योगेश मिड्डा, गुलशन गर्ग, गऊशाला के अध्यक्ष राकेश गर्ग, सोनू रहेजा, सुभाष गुप्ता, कमलेश गुप्ता, दीपक गुप्ता, यश सलूजा, बोबी गुप्ता, रामपाल लाठर, रंजीत भारद्वाज, बृज भूषण गर्ग, अमित रहेजा, सतपाल गुप्ता, मधु गर्ग, सचिन गर्ग, राधेश्याम गर्ग, नितिन गर्ग के अलावा सैकड़ों की संख्या में लोग उपस्थित थे।
फोटो न:–6-मंच से कथा व्यास विवेक व्यास महाराज कथा का वर्णन करते हुये।
न:-7-कथा श्रवन करती हुई श्रद्धालु महिलायें व पुरूष
