भारत में तानाशाही राजनीति बदलने में पंजाब साथ, 2027 मे़ं ‘‘आप’’ को देगा 100 सीटों का तोहफा- भगवंत सिंह मान
*- अरविंद केजरीवाल, मनीष सिसोदिया समेत पूरी आम आदमी पार्टी चट्टान की तरह डटकर देश की लड़ाई लड़ रही- भगवंत सिंह मान*
*- भाजपा ने साजिश के तहत ‘‘आप’’ को खत्म करने की कोशिश की, अब वह देश के सामने बेनकाब हो चुकी है- भगवंत सिंह मान*
*- मोदी सरकार पंजाब विरोधी है, आरडीएफ, जीएसटी समेत पंजाबियों के हक का करोड़ों रुपए रोककर बैठी है- भगवंत सिंह मान*
*- हम देश से नफ़रत और झूठ की राजनीति को ख़त्म करने आए हैं और उस तरफ सफलतापूर्वक आगे बढ़ रहे- भगवंत सिंह मान*
*- यह लड़ाई किसी एक व्यक्ति की नहीं है, बल्कि देश के संविधान और लोकतांत्रिक मूल्यों की रक्षा की लड़ाई है- भगवंत सिंह मान*
Delhi/MOHALI/SANGHOL-TIMES/JATINDER-PAL-SINGH/01MARCH,2026-
आम आदमी पार्टी के राष्ट्रीय संयोजक अरविंद केजरीवाल के नेतृत्व में जंतर मंतर पर आयोजित रैली में पंजाब के सीएम भगवंत सिंह मान ने भाजपा और मोदी सरकार को आइना दिखाया। उन्होंने कहा कि भारत में तानाशाही राजनीति को बदलने में पंजाब आम आदमी पार्टी के साथ खड़ा है। 2027 मे़ं पंजाब की जनता ‘‘आप’’ को 100 सीटों का तोहफा देगी। अरविंद केजरीवाल, मनीष सिसोदिया समेत पूरी आम आदमी पार्टी चट्टान की तरह डटकर देश की लड़ाई लड़ रही है। भाजपा ने एक साजिश के तहत ‘‘आप’’ को खत्म करने की कोशिश की, लेकिन अब वह साजिश देश के सामने बेनकाब हो चुकी है। उन्होंने कहा कि मोदी सरकार पंजाब विरोधी है। इसलिए आरडीएफ, जीएसटी समेत पंजाबियों के हक का करोड़ों रुपए रोककर बैठी है। हम देश से नफ़रत और झूठ की राजनीति को ख़त्म करने आए हैं और उस तरफ सफलतापूर्वक आगे बढ़ रहे हैं।
जंतर मंतर पर अरविंद केजरीवाल के नेतृत्व में आयोजित रैली को वर्चुअली संबोधित करते हुए पंजाब के मुख्यमंत्री भगवंत मान ने कहा कि जब भी आम आदमी पार्टी पर कोई मुसीबत आती है, तो वह दोगुनी-चौगुनी ताकत से उभरती है। भगवान हमें हमेशा उसी नीम के पेड़ के नीचे, इसी जंतर-मंतर पर ले आते हैं, जो आम आदमी पार्टी का जन्म स्थान है। यह कार्यक्रम पहले से ही तय था, लेकिन हमें यह नहीं पता था कि जज साहब का यह ऐतिहासिक फैसला इतनी जल्दी आ जाएगा। आज पूरे देश को यह बताने का मौका मिला है कि सच हमेशा सच ही होता है।
भगवंत मान ने कहा कि सच बोलने का सबसे बड़ा फायदा यह होता है कि उसे एक बार बोलकर दोबारा याद नहीं रखना पड़ता, जबकि झूठ बोलने वालों को हमेशा याद रखना पड़ता है कि पिछली बार क्या कहा था। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी पहले जीएसटी का विरोध करते थे, लेकिन बाद में उन्हें ही इसे लागू करना पड़ा। पहले वे तेल की बढ़ती कीमतों पर बोलते थे, लेकिन अब जब कीमतें उससे भी ज्यादा बढ़ गई हैं, तो वे इसे मास्टर स्ट्रोक कहते हैं। आम आदमी पार्टी देश की राजनीति को बदलने और उसमें ईमानदारी भरने आई है। अरविंद केजरीवाल ने दूसरी राजनीतिक पार्टियों को मजबूर कर दिया है कि वे नफरत और धर्म की बातों के बजाय अपने घोषणापत्र में स्कूलों, अस्पतालों, बिजली, रोजगार और इंफ्रास्ट्रक्चर की बात लिखें।
भगवंत मान ने बताया कि कैसे निजी अस्पताल वालों ने प्रधानमंत्री से शिकायत की होगी कि दिल्ली के सरकारी अस्पतालों में मुफ्त और अच्छा इलाज होने के कारण उनका धंधा ठप हो गया है, जिसके बाद प्रधानमंत्री ने सत्येंद्र जैन को जेल में डाल दिया। इसी तरह, निजी स्कूल वालों ने शिकायत की होगी कि बच्चे सरकारी स्कूलों में जा रहे हैं और वे अब पार्टी को चंदा नहीं दे पाएंगे, तो प्रधानमंत्री ने मनीष सिसोदिया को जेल में डाल दिया। जब देखा गया कि मुफ्त बिजली, मुफ्त दवाइयां, बेहतरीन इंफ्रास्ट्रक्चर, बजट 30 करोड़ से बढ़कर 60 हजार करोड़ हो गया और इस कारण चुनाव में जीतना मुश्किल हो जाएगा, तो कोई झूठा मामला ढूंढकर अरविंद केजरीवाल और उनकी पूरी टीम को ही अंदर कर दिया गया। उन्होंने कहा कि हमारे देश में सजा शायद उतनी कड़ी नहीं होती, लेकिन अदालतों के चक्कर काटना ही असल सजा होती है।
भगवंत मान ने उस मुश्किल दौर को याद करते हुए बताया कि जब पार्टी के शीर्ष पांच नेता और पूरा थिंक टैंक जेल में था, तब जालंधर का उपचुनाव आ गया था। फैसला लेने वाली कोई अथॉरिटी बाहर नहीं थी। ऐसे में हमने अपनी बैकअप टीम के साथ मिलकर काम चलाया। जेल में अरविंद केजरीवाल से मुलाकात के दौरान मिले मार्गदर्शन का जिक्र करते हुए उन्होंने बताया कि अरविंद केजरीवाल ने हमें हिम्मत दी थी कि भगवान साथ देगा, लोगों के दरवाजे खटखटाओ। इसके बाद हमने जालंधर उपचुनाव और दूसरी सांसद सीट भी बड़े अंतर से जीती, जिससे हमारा हौसला और बढ़ा।
भगवंत मान ने बताया कि जब मैं जेल में अरविंद केजरीवाल से मुलाकात के लिए जाता था, तब भी अरविंद केजरीवाल केवल पंजाब और वहां के लोगों का हाल पूछते थे। वे पूछते थे कि लोगों को मुफ्त बिजली मिल रही है या नहीं, खेतों के लिए पानी का काम चल रहा है या नहीं और क्या कोई दिक्कत तो नहीं है? वे हमेशा यही निर्देश देते थे कि जो भी भ्रष्टाचार करे, जिसकी भी रिपोर्ट आए, उसे अंदर कर दो, क्योंकि हमें देश को सुधारना है।
भगवंत मान ने आगे कहा कि क्रांतिकारियों के लिए जेल घी की तरह काम करती है। उन्होंने शहीद भगत सिंह का उदाहरण देते हुए बताया कि जब असेंबली में बम फेंकने की योजना बनी थी, तब सूची में उनका नाम नहीं था। भगत सिंह ने अपना नाम खुद सूची में जोड़ा था। इस पर चंद्रशेखर आजाद (नौजवान भारत सभा के प्रमुख) ने उन्हें चेतावनी दी थी कि सांडर्स की हत्या के मामले में उन्हें लाहौर ले जाकर फांसी दे दी जाएगी। लेकिन भगत सिंह ने तर्क दिया कि पार्टी की लहर थोड़ी धीमी पड़ गई है और उसे उभारने की जरूरत है। भगत सिंह ने कहा था कि बम फेंकने वालों में केवल वे ही अंग्रेजी बोल सकते हैं, इसलिए वे अपना मुकदमा खुद लड़ेंगे और अदालत में मीडिया को बुलाएंगे, जिससे उनकी बात पूरे देश में जाएगी और पार्टी को ताकत मिलेगी। भगवंत मान ने कहा कि ठीक वैसा ही हुआ और पूरे देश में भगत सिंह, राजगुरु और सुखदेव के नाम की धूम मच गई।
भगवंत मान ने इस ऐतिहासिक प्रसंग को वर्तमान से जोड़ते हुए कहा कि आज इतिहास खुद को दोहरा रहा है। अरविंद केजरीवाल ने भी जेल से यही संदेश दिया था कि झुकना नहीं है। आम आदमी पार्टी अब और बड़ी होकर निकलेगी। आम आदमी पार्टी एक राष्ट्रीय पार्टी बनकर उभरी है। उन्होंने बताया कि जब अदालत का फैसला आया, तो लोग मुझे बधाई देते हुए कह रहे हैं कि अब आम आदमी पार्टी को कोई नहीं रोक सकता, जैसे दरिया अपना रास्ता खुद बनाता है, उस पर कोई रोक नहीं लगा सकता।
भगवंत मान ने आगे प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और गृह मंत्री अमित शाह को संदेश दिया कि वे देश की गद्दी पर बैठे किरायेदार हैं, यह देश उनका निजी मकान नहीं है। इस देश की मिट्टी में भगत सिंह, राजगुरु, सुखदेव, करतार सिंह सराभा और अशफाक उल्ला खान जैसों का खून शामिल है, यह किसी के बाप का हिंदुस्तान नहीं है।
भगवंत मान ने पंजाब के साथ केंद्र सरकार के सौतेले व्यवहार का मुद्दा उठाते हुए कहा कि देश की आजादी में 90 फीसदी कुर्बानियां पंजाबियों ने दीं, लेकिन आज केंद्र सरकार पंजाब का 8000 करोड़ रुपए का आरडीएफ रोक लेती है और जीएसटी का पैसा नहीं देती। पंजाब में आई ऐतिहासिक बाढ़ के लिए मात्र 1600 करोड़ रुपए की घोषणा की गई, लेकिन उसमें से कुछ भी नहीं दिए गए।
भगवंत मान ने कहा कि भाजपा पंजाब विरोधी और आम आदमी पार्टी विरोधी हो चुकी है। उन्हें मनोवैज्ञानिक रूप से इतना डर लगने लगा है कि सपने में भी आम आदमी पार्टी और झाड़ू नजर आता होगा। उन्होंने कटाक्ष किया कि अगर केंद्र सरकार का बस चले तो वे राष्ट्रगान से भी पंजाब शब्द निकाल कर उसे ‘यूपी सिंध गुजरात मराठा’ कर दें।
सीमाओं की सुरक्षा और देश के लिए पंजाब के योगदान को याद करते हुए भगवंत मान ने कहा कि जब भी दुश्मन की पहली गोली आती है, तो सरहदों पर पंजाबियों के सीने ही तने होते हैं। जब देश में अनाज की कमी हुई, तो पंजाबियों ने अपनी मिट्टी से सोना (हरित क्रांति) उगाकर देश के भंडार भर दिए। जब देश को आजादी की जरूरत थी, तब भी पंजाबियों ने 90 फीसदी कुर्बानियां दीं। भगवंत मान ने याद दिलाया कि जब आम आदमी पार्टी का पौधा लगा था, तब भी सबसे पहले चार हरे पत्ते (सांसद) पंजाबियों ने ही दिए थे। उन्होंने आश्वस्त किया कि 2027 के विधानसभा चुनाव में भी पंजाब भारी बहुमत (सेंचुरी) के साथ आम आदमी पार्टी की सरकार बनाकर हमें तोहफा देगा।
विरोधी दलों पर कटाक्ष करते हुए भगवंत मान ने एक शेर सुनाया, ष्झूठों ने झूठों से कहा कि सच बोलो, घर के अंदर झूठों की मंडी है, दरवाजे पर लिखा है सच बोलो। गंगा मैया, डूबने वाले सभी अपने थे, यह कश्ती में छेद किसने किया है? सच बोलो।ष् उन्होंने कहा कि सच बोलने की कीमत चुकानी पड़ती है, लेकिन सच का सूरज कभी छुपता नहीं है।
भगवंत मान ने अरविंद केजरीवाल, मनीष सिसोदिया और पूरी टीम को विश्वास दिलाते हुए कहा कि पंजाब हमेशा एक चट्टान की तरह उनके साथ खड़ा है। उन्होंने कहा कि पूरी दुनिया में कहीं भी आफत आए, चाहे तुर्की में भूकंप हो, श्रीलंका में सुनामी या नेपाल में बाढ़, रेड क्रॉस की टीम पहुंचे न पहुंचे, लेकिन पंजाबियों और गुरु नानक देव जी का लंगर सबसे पहले शुरू हो जाता है। पंजाबी सरबत दा भला (सबका भला) मांगने और कुर्बानियां देने वाले लोग हैं। उन्होंने कश्मीरी पंडितों और हिंदू धर्म की रक्षा के लिए गुरु तेग बहादुर जी की शहादत को भी याद किया और सच के साथ खड़े रहने का प्रण लिया।
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*Punjab will deliver 100 seats in 2027, marking beginning of end of BJP’s authoritarian rule at Centre: Bhagwant Singh Mann*
*Where Punjab moves, nation follows; 2027 will mark beginning of change across country: Bhagwant Singh Mann*
*Punjab has never bowed before authoritarianism; We will answer injustice with resounding mandate: Bhagwant Singh Mann*
*GST dues withheld, ₹1,600 crore flood relief announced but not released; Punjab will respond with 100 seats in 2027: Bhagwant Singh Mann*
*Authoritarian politics cannot suppress Punjab; From here begins march toward national victory: Bhagwant Singh Mann*
*Historic victory of truth in Indian politics; AAP emerges stronger as national force: Bhagwant Singh Mann*
Delhi/MOHALI/SANGHOL-TIMES/JATINDER-PAL-SINGH/01MARCH,2026-
At the Aam Aadmi Party (AAP)’s mega public rally led by National Convenor Arvind Kejriwal at Jantar Mantar, Punjab Chief Minister Bhagwant Singh Mann declared that the recent court verdict marked a historic victory of truth in Indian politics and affirmed that AAP has emerged stronger as a national force. Launching a direct political challenge, Bhagwant Singh Mann asserted that Punjab will deliver 100 seats in 2027 to defeat as authoritarian rule, adding that the victory against such politics will begin from Punjab. “Where Punjab moves, the nation follows,” he said, maintaining that 2027 will mark the beginning of change across the country and that Punjab has never bowed before authoritarianism.
Referring to the withholding of GST dues and the non-release of the ₹1,600 crore flood relief announced for Punjab, he said injustice will be answered through a resounding democratic mandate. He underlined that authoritarian politics cannot suppress Punjab and that from here will begin the march toward national victory, reiterating that this is not a fight for any one individual but a larger battle to safeguard the Constitution and democratic values of India.
Addressing party leaders and supporters via video conferencing, Punjab Chief Minister Bhagwant Singh Mann congratulated the entire AAP team on a historic victory of truth in Indian politics following the recent court verdict. He said, “I extend heartfelt congratulations to everyone. The day before yesterday will be remembered as a historic day in Indian politics, a day when truth prevailed. I congratulate the entire AAP team, those who worked behind the scenes and those who worked in the forefront, on this massive victory we have received from the court.”
The Punjab CM reflected on the journey of the party and said, “Whenever any crisis befalls the AAP, the party emerges two or four times stronger. I do not know why, but destiny or God always brings us back to the very tree under which the AAP was born, here at Jantar Mantar. Today’s programme was pre-decided, but we did not know that such a verdict would come from the judge. Today we have an opportunity to tell the entire country that truth remains truth. The biggest advantage of speaking the truth is that you do not have to remember it again. Wherever you speak, you speak the same truth. Those who lie have to remember what they said earlier.”
Taking aim at policy reversals, Bhagwant Singh Mann said, “There have been several instances where GST was opposed and later implemented. Many decisions were opposed earlier and later changed. There were statements about rising oil prices. Now prices are even higher, yet it is called a masterstroke. This is the difference between truth and falsehood.”
Recalling the party’s founding principles, he said, “Under this very neem tree, where our foundation was laid, we renew our pledge to transform the politics of this country and infuse honesty into it. Earlier, party manifestos were filled with talk of hatred and religion. Arvind Kejriwal compelled other parties to write about schools, hospitals, electricity, employment, and infrastructure in their manifestos. Otherwise, they only spoke about religion and caste.”
He added, “Arvind Kejriwal is our leader. He has shown that if 140 crore citizens of this country decide to do something, it happens. God stands with those who stand for truth.”
Calling upon AAP karyakartas to spread the message, he added, “We must go across the country and tell our relatives, friends, and acquaintances that this is the victory of truth. We must explain how conspiracies were hatched. When government hospitals improved, pressure came from private interests. When government schools improved and children shifted from private schools, those who benefited from donations felt threatened. When electricity was made free, medicines were made free, infrastructure expanded, and the budget grew from ₹300 crore to ₹60,000 crore, it became difficult for opponents to face elections. So they decided to find some scam and jail Arvind Kejriwal and his team. They jailed everyone.”
Describing the ordeal of repeated court hearings, Bhagwant Singh Mann said, “In our country, perhaps punishment is not as harsh as the repeated court dates. Date after date after date is the real punishment.”
He recalled the challenging period when senior leaders were in jail during the Jalandhar by-election. “At that time, the entire think tank of the party was inside jail. Decision-making authority was affected. Yet, with our backup team, we continued. In meetings, Arvind Kejriwal always asked about Punjab. He asked whether free electricity was reaching people, whether irrigation work was progressing, and directed that anyone found corrupt should be sent to jail. Despite the circumstances, we won the Jalandhar by-election and another MP seat by a large margin. That strengthened our resolve.”
Drawing a parallel with the freedom movement, he said, “History repeats itself. When Shaheed-e-Azam Bhagat Singh volunteered to court arrest and used the courtroom to present his arguments in English before the media, it gave a boost to the movement. Similarly, even from jail, Arvind Kejriwal sent us messages not to bow down. He said, ‘Bhagwant, do not bow before them. Take action where needed, but do not bend. The Aam Aadmi Party will emerge stronger.’ And that is what has happened. The party has emerged as a national force.”
Sending a message to the central leadership, Bhagwant Singh Mann said, “Those sitting on the throne must remember they are tenants, not owners. The soil of this country contains the blood of Shaheed-e-Azam Bhagat Singh, Rajguru, Sukhdev, Kartar Singh Sarabha, and Ashfaqullah Khan. This nation does not belong to anyone’s father.”
He raised concerns over financial allocations to Punjab and said, “Punjab’s ₹8,000 crore RDF has been withheld. GST dues have not been given. When Punjab faced historic floods, only ₹1,600 crore was announced, and not even 16 paise of that has been given so far. Yet they want to fight elections in Punjab.”
Highlighting Punjab’s contribution to the nation, he said, “When the country needed food, Punjabis ushered in the Green Revolution and filled the nation’s granaries. When the country needed freedom, Punjabis gave 90 percent of the sacrifices. Whenever the first bullet is fired at the border, it hits the chest of a Punjabi soldier.”
He asserted, “Punjab will always stand with you. We are in government in Punjab, and in 2027 we will present you with the gift of a resounding mandate by scoring a century with an overwhelming majority. Where Punjab moves, the country follows.”
In a poetic remark on truth, he said, “Those who live in falsehood tell each other to speak the truth, while their house is a marketplace of lies. Truth may have to pay a price, but the sun of truth never remains hidden behind clouds forever. It rises.”
Concluding his address, Bhagwant Singh Mann said, “From Punjab, we have come here to give you rock-solid support. Move ahead. We are with you. Punjabis always step forward when the nation faces any crisis. Whether it is an earthquake in Turkey, a tsunami in Sri Lanka, or floods in Nepal, even before aid agencies arrive, the langar of Guru Nanak Dev Ji begins. We stand for the welfare of all. We are people of sacrifice. We salute the manner in which the 350th martyrdom anniversary of Sri Guru Tegh Bahadur Sahib Ji was observed with dedication in Delhi. Sri Guru Tegh Bahadur Ji sacrificed his life to protect Hindu dharma and the honour of Kashmiri Pandits. We will always stand with truth.”
Sharing a few snippets from the rally on X, Punjab CM Bhagwant Singh Mann stated: “Today’s massive gathering at Jantar Mantar is clear proof that not only Delhi, but the entire nation stands firmly with its people’s leader, Arvind Kejriwal. The conspiracy through which the BJP attempted to eliminate the AAP using its agencies has now been exposed before the country. Democracy cannot be crushed through pressure and fear. From the soil of Punjab, I want to state unequivocally that wherever there is injustice, we will stand there with strength and resolve. This is not a fight for any one individual; it is a battle to defend the Constitution of India and the democratic values of this nation. The struggle will continue. Inquilab Zindabad.”
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ਪੰਜਾਬ ਦੇ ਲੋਕ 2027 ਵਿੱਚ ‘ਆਪ’ ਨੂੰ 100 ਸੀਟਾਂ ਦੇ ਕੇ ਕੇਂਦਰ ਵਿੱਚ ਭਾਜਪਾ ਦੇ ਤਾਨਾਸ਼ਾਹੀ ਸ਼ਾਸਨ ਦੇ ਅੰਤ ਦਾ ਮੁੱਢ ਬੰਨ੍ਹਣਗੇ: ਭਗਵੰਤ ਸਿੰਘ ਮਾਨ
ਜਿਸ ਪਾਸੇ ਪੰਜਾਬ ਅੱਗੇ ਵਧਦਾ ਕਰਦਾ ਹੈ, ਦੇਸ਼ ਵੀ ਉਸ ਦਾ ਸਾਥ ਦਿੰਦਾ ਹੈ; ਸਾਲ 2027 ਦੇਸ਼ ਭਰ ਵਿੱਚ ਬਦਲਾਅ ਦੇ ਨਵੇਂ ਯੁੱਗ ਦਾ ਆਗਾਜ਼ ਕਰੇਗਾ: ਭਗਵੰਤ ਸਿੰਘ ਮਾਨ
ਪੰਜਾਬ ਕਦੇ ਵੀ ਤਾਨਾਸ਼ਾਹੀ ਅੱਗੇ ਨਹੀਂ ਝੁਕਿਆ; ਅਸੀਂ ਬੇਇਨਸਾਫ਼ੀ ਦਾ ਜਵਾਬ ਵੱਡੇ ਲੋਕ ਫਤਵੇ ਨਾਲ ਦੇਵਾਂਗੇ: ਭਗਵੰਤ ਸਿੰਘ ਮਾਨ
ਕੇਂਦਰ ਨੇ ਜਾਣਬੁੱਝ ਕੇ ਜੀ.ਐਸ.ਟੀ. ਦਾ ਬਕਾਇਆ ਰੋਕਿਆ, 1,600 ਕਰੋੜ ਰੁਪਏ ਦੀ ਹੜ੍ਹ ਰਾਹਤ ਐਲਾਨ ਕੇ ਇੱਕ ਪੈਸਾ ਵੀ ਜਾਰੀ ਨਹੀਂ ਕੀਤਾ; ਪੰਜਾਬ 2027 ਵਿੱਚ 100 ਸੀਟਾਂ ਨਾਲ ਮਿਸਾਲ ਕਾਇਮ ਕਰੇਗਾ: ਭਗਵੰਤ ਸਿੰਘ ਮਾਨ
ਤਾਨਾਸ਼ਾਹੀ ਰਾਜਨੀਤੀ ਪੰਜਾਬ ਨੂੰ ਦਬਾ ਨਹੀਂ ਸਕਦੀ; ਇੱਥੋਂ ਹੀ ਕੌਮੀ ਜਿੱਤ ਦਾ ਮਾਰਚ ਸ਼ੁਰੂ ਹੁੰਦੈ: ਭਗਵੰਤ ਸਿੰਘ ਮਾਨ
ਭਾਰਤੀ ਰਾਜਨੀਤੀ ਵਿੱਚ ਸੱਚਾਈ ਦੀ ਇਤਿਹਾਸਕ ਜਿੱਤ; ਆਮ ਆਦਮੀ ਪਾਰਟੀ ਵੱਡੀ ਕੌਮੀ ਤਾਕਤ ਵਜੋਂ ਉਭਰੀ ਕੇ ਸਾਹਣਣੇ ਆਈ: ਭਗਵੰਤ ਸਿੰਘ ਮਾਨ
Delhi/MOHALI/SANGHOL-TIMES/JATINDER-PAL-SINGH/01MARCH,2026-
ਆਮ ਆਦਮੀ ਪਾਰਟੀ (ਆਪ) ਦੀ ਜੰਤਰ-ਮੰਤਰ ਵਿਖੇ ਕੌਮੀ ਕਨਵੀਨਰ ਅਰਵਿੰਦ ਕੇਜਰੀਵਾਲ ਦੀ ਅਗਵਾਈ ਹੇਠ ਹੋਈ ਵਿਸ਼ਾਲ ਜਨਤਕ ਰੈਲੀ ਵਿੱਚ ਪੰਜਾਬ ਦੇ ਮੁੱਖ ਮੰਤਰੀ ਭਗਵੰਤ ਸਿੰਘ ਮਾਨ ਨੇ ਐਲਾਨ ਕੀਤਾ ਕਿ ਅਦਾਲਤ ਦਾ ਹਾਲੀਆ ਫੈਸਲਾ ਭਾਰਤੀ ਰਾਜਨੀਤੀ ਵਿੱਚ ਸੱਚਾਈ ਦੀ ਇਤਿਹਾਸਕ ਜਿੱਤ ਹੈ ਅਤੇ ਇਸ ਗੱਲ ਦੀ ਪੁਸ਼ਟੀ ਕਰਦਾ ਹੈ ਕਿ ‘ਆਪ’ ਪਾਰਟੀ ਇੱਕ ਕੌਮੀ ਤਾਕਤ ਵਜੋਂ ਮਜ਼ਬੂਤੀ ਨਾਲ ਉਭਰ ਕੇ ਸਾਹਣਣੇ ਆਈ ਹੈ। ਸਿੱਧੀ ਰਾਜਨੀਤਿਕ ਚੁਣੌਤੀ ਦਿੰਦਿਆਂ ਭਗਵੰਤ ਸਿੰਘ ਮਾਨ ਨੇ ਜ਼ੋਰ ਦੇ ਕੇ ਕਿਹਾ ਕਿ ਪੰਜਾਬ ਇਸ ਤਾਨਾਸ਼ਾਹੀ ਸ਼ਾਸਨ ਨੂੰ ਮਾਤ ਦੇਣ ਲਈ 2027 ਵਿੱਚ ‘ਆਪ’ ਦੀ ਝੋਲੀ ਘੱਟੋ-ਘੱਟ 100 ਸੀਟਾਂ ਪਾਏਗਾ। ਉਨ੍ਹਾਂ ਕਿਹਾ ਕਿ ਇਸ ਤਾਨਾਸ਼ਾਹੀ ਵਿਰੁੱਧ ਜਿੱਤ ਦਾ ਆਗਾਜ਼ ਪੰਜਾਬ ਤੋਂ ਹੋਵਗਾ। ਇਹ ਆਖਦਿਆਂ ਕਿ ਸਾਲ 2027 ਦੇਸ਼ ਭਰ ਵਿੱਚ ਬਦਲਾਅ ਦਾ ਮੁੱਢ ਬੰਨ੍ਹੇਗਾ, ਉਨ੍ਹਾਂ ਕਿਹਾ ਕਿ ਜਿਸ ਦਿਸ਼ਾ ਵੱਲ ਪੰਜਾਬ ਮਾਰਚ ਕਰਦਾ ਹੈ, ਪੂਰਾ ਦੇਸ਼ ਵੀ ਉਸ ਪਾਸੇ ਵੱਲ ਹੋ ਜਾਂਦਾ ਹੈ ਕਿਉਂ ਕਿ ਹਰ ਕੋਈ ਜਾਣਦਾ ਹੈ ਕਿ ਪੰਜਾਬ ਕਿਸੇ ਵੀ ਤਾਨਾਸ਼ਾਹੀ ਨੂੰ ਮੂੰਹ ਤੋੜਵਾਂ ਜਵਾਬ ਦੇਣਾ ਚੰਗੀ ਤਰ੍ਹਾਂ ਜਾਣਦਾ ਹੈ।
ਜੀ.ਐਸ.ਟੀ. ਦਾ ਬਕਾਇਆ ਰੋਕਣ ਅਤੇ ਪੰਜਾਬ ਲਈ ਐਲਾਨੀ ਗਈ 1,600 ਕਰੋੜ ਰੁਪਏ ਦੀ ਹੜ੍ਹ ਰਾਹਤ ਰਾਸ਼ੀ ਜਾਰੀ ਨਾ ਕਰਨ ਦਾ ਹਵਾਲਾ ਦਿੰਦਿਆਂ ਉਨ੍ਹਾਂ ਕਿਹਾ ਕਿ ਇਸ ਬੇਇਨਸਾਫ਼ੀ ਦਾ ਜਵਾਬ ਲੋਕ ਆਪਣੇ ਫਤਵੇ ਨਾਲ ਦੇਣਗੇ। ਉਨ੍ਹਾਂ ਇਸ ਗੱਲ ‘ਤੇ ਜ਼ੋਰ ਦਿੱਤਾ ਕਿ ਕਿਸੇ ਵੀ ਤਰ੍ਹਾਂ ਦੀ ਤਾਨਾਸ਼ਾਹੀ ਵਾਲੀ ਰਾਜਨੀਤੀ ਪੰਜਾਬ ਨੂੰ ਦਬਾ ਨਹੀਂ ਸਕਦੀ ਅਤੇ ਕਿਹਾ ਕਿ ਦੇਸ਼ ਭਰ ਵਿੱਚ ਜਿੱਤ ਦੀ ਸ਼ੁਰੂਆਤ ਪੰਜਾਬ ਤੋਂ ਹੋਵੇਗੀ। ਉਨ੍ਹਾਂ ਕਿਹਾ ਕਿ ਇਹ ਕਿਸੇ ਇੱਕ ਵਿਅਕਤੀ ਦੀ ਲੜਾਈ ਨਹੀਂ, ਸਗੋਂ ਭਾਰਤ ਦੇ ਸੰਵਿਧਾਨ ਅਤੇ ਲੋਕਤੰਤਰੀ ਕਦਰਾਂ-ਕੀਮਤਾਂ ਦੀ ਰਾਖੀ ਲਈ ਇੱਕ ਵੱਡੀ ਲੋਕ ਲਹਿਰ ਹੈ।
ਵੀਡੀਓ ਕਾਨਫਰੰਸਿੰਗ ਰਾਹੀਂ ਪਾਰਟੀ ਆਗੂਆਂ ਅਤੇ ਸਮਰਥਕਾਂ ਨੂੰ ਸੰਬੋਧਨ ਕਰਦਿਆਂ ਪੰਜਾਬ ਦੇ ਮੁੱਖ ਮੰਤਰੀ ਭਗਵੰਤ ਸਿੰਘ ਮਾਨ ਨੇ ਹਾਲ ਹੀ ਵਿੱਚ ਆਏ ਅਦਾਲਤੀ ਫੈਸਲੇ ਤੋਂ ਬਾਅਦ ਭਾਰਤੀ ਰਾਜਨੀਤੀ ਵਿੱਚ ਸੱਚਾਈ ਦੀ ਇਤਿਹਾਸਕ ਜਿੱਤ ‘ਤੇ ‘ਆਪ’ ਦੀ ਸਮੁੱਚੀ ਟੀਮ ਨੂੰ ਵਧਾਈ ਦਿੱਤੀ। ਉਨ੍ਹਾਂ ਕਿਹਾ ਕਿ ਮੈਂ ਸਾਰਿਆਂ ਨੂੰ ਦਿਲੋਂ ਵਧਾਈ ਦਿੰਦਾ ਹਾਂ ਅਤੇ ਕਿਹਾ ਕਿ ਕੱਲ੍ਹ ਦਾ ਦਿਨ ਭਾਰਤੀ ਰਾਜਨੀਤੀ ਵਿੱਚ ਇੱਕ ਇਤਿਹਾਸਕ ਪਲ ਵਜੋਂ ਯਾਦ ਰੱਖਿਆ ਜਾਵੇਗਾ, ਇੱਕ ਅਜਿਹਾ ਦਿਨ ਜਦੋਂ ਸੱਚਾਈ ਦੀ ਜਿੱਤ ਹੋਈ। ਮੈਂ ਪੂਰੀ ‘ਆਪ’ ਟੀਮ, ਗੁਪਤ ਰੂਪ ਵਿੱਚ ਸਮਰਥਨ ਦੇਣ ਵਾਲਿਆਂ ਅਤੇ ਮੋਹਰਲੀ ਕਤਾਰ ‘ਚ ਰਹਿ ਕੇ ਕੰਮ ਕਰਨ ਵਾਲੇ ਹਰ ਇੱਕ ਸਾਥੀ ਨੂੰ ਅਦਾਲਤ ਤੋਂ ਮਿਲੀ ਇਸ ਵੱਡੀ ਜਿੱਤ ‘ਤੇ ਵਧਾਈ ਦਿੰਦਾ ਹਾਂ।
ਪੰਜਾਬ ਦੇ ਮੁੱਖ ਮੰਤਰੀ ਨੇ ਪਾਰਟੀ ਦੇ ਹੁਣ ਤੱਕ ਦੇ ਸਫ਼ਰ ਬਾਰੇ ਗੱਲ ਕਰਦਿਆਂ ਕਿਹਾ ਕਿ ਜਦੋਂ ਵੀ ‘ਆਪ’ ‘ਤੇ ਕੋਈ ਸੰਕਟ ਆਉਂਦਾ ਹੈ ਤਾਂ ਪਾਰਟੀ ਦੋ ਜਾਂ ਚਾਰ ਗੁਣਾ ਹੋਰ ਮਜ਼ਬੂਤ ਹੋ ਕੇ ਉੱਭਰਦੀ ਹੈ। ਮੈਨੂੰ ਨਹੀਂ ਪਤਾ ਕਿਉਂ, ਪਰ ਕਿਸਮਤ ਜਾਂ ਪਰਮਾਤਮਾ ਸਾਨੂੰ ਹਮੇਸ਼ਾ ਉਸੇ ਮੰਚ (ਜੰਤਰ-ਮੰਤਰ) ‘ਤੇ ਲਿਆ ਖੜ੍ਹਾ ਕਰਦਾ ਹੈ, ਜਿੱਥੋਂ ਸਾਡੀ ‘ਆਪ’ ਪਾਰਟੀ ਜਨਮੀ ਸੀ । ਅੱਜ ਦਾ ਪ੍ਰੋਗਰਾਮ ਪਹਿਲਾਂ ਤੋਂ ਤੈਅ ਸੀ, ਪਰ ਸਾਨੂੰ ਨਹੀਂ ਪਤਾ ਸੀ ਕਿ ਜੱਜ ਵੱਲੋਂ ਅਜਿਹਾ ਫੈਸਲਾ ਆਵੇਗਾ। ਅੱਜ ਸਾਡੇ ਕੋਲ ਪੂਰੇ ਦੇਸ਼ ਨੂੰ ਇਹ ਦੱਸਣ ਦਾ ਮੌਕਾ ਹੈ ਕਿ ਸੱਚ ਹਮੇਸ਼ਾ ਸੱਚ ਹੀ ਰਹਿੰਦਾ ਹੈ। ਸੱਚ ਬੋਲਣ ਦਾ ਸਭ ਤੋਂ ਵੱਡਾ ਫਾਇਦਾ ਇਹ ਹੈ ਕਿ ਤੁਹਾਨੂੰ ਇਸਨੂੰ ਦੁਬਾਰਾ ਯਾਦ ਨਹੀਂ ਰੱਖਣਾ ਪੈਂਦਾ। ਤੁਸੀਂ ਜਿੱਥੇ ਵੀ ਬੋਲਦੇ ਹੋ, ਉਹੀ ਸੱਚ ਬੋਲਦੇ ਹੋ। ਝੂਠ ਬੋਲਣ ਵਾਲਿਆਂ ਨੂੰ ਯਾਦ ਰੱਖਣਾ ਪੈਂਦਾ ਹੈ ਕਿ ਉਨ੍ਹਾਂ ਨੇ ਪਹਿਲਾਂ ਕੀ ਕਿਹਾ ਸੀ।
ਨੀਤੀਗਤ ਤਬਦੀਲੀਆਂ ‘ਤੇ ਨਿਸ਼ਾਨਾ ਸਾਧਦਿਆਂ ਭਗਵੰਤ ਸਿੰਘ ਮਾਨ ਨੇ ਕਿਹਾ ਅਜਿਹੇ ਕਈ ਮੌਕੇ ਆਏ ਜਿੱਥੇ ਜੀਐਸਟੀ ਦਾ ਵਿਰੋਧ ਕੀਤਾ ਗਿਆ ਅਤੇ ਬਾਅਦ ਵਿੱਚ ਇਸ ਨੂੰ ਲਾਗੂ ਕਰ ਦਿੱਤਾ ਗਿਆ। ਪਹਿਲਾਂ ਕਈ ਫੈਸਲਿਆਂ ਦਾ ਵਿਰੋਧ ਹੋਇਆ ਅਤੇ ਬਾਅਦ ਵਿੱਚ ਇਸ ਦਾ ਉਲਟ ਹੋਇਆ। ਪਹਿਲਾਂ ਤੇਲ ਦੀਆਂ ਵਧਦੀਆਂ ਕੀਮਤਾਂ ਬਾਰੇ ਬਿਆਨ ਦਿੱਤੇ ਗਏ, ਜਦਕਿ ਹੁਣ ਕੀਮਤਾਂ ਹੋਰ ਕਿਤੇ ਜ਼ਿਆਦਾ ਵੱਧ ਹਨ। ਇਸ ਸਭ ਦੇ ਬਾਵਜੂਦ ਵੀ ਇਸਨੂੰ ਮਾਸਟਰਸਟ੍ਰੋਕ ਕਿਹਾ ਜਾ ਰਿਹਾ ਹੈ। ਸੱਚ ਅਤੇ ਝੂਠ ਵਿੱਚ ਇਹੀ ਫ਼ਰਕ ਹੈ।
ਪਾਰਟੀ ਦੇ ਸਥਾਪਨਾ ਦੇ ਸਿਧਾਂਤਾਂ ਨੂੰ ਚੇਤੇ ਕਰਦਿਆਂ ਉਨ੍ਹਾਂ ਕਿਹਾ ਕਿ ਇਸੇ ਨਿੰਮ ਦੇ ਰੁੱਖ ਹੇਠ, ਜਿੱਥੇ ਸਾਡੀ ਪਾਰਟੀ ਦੀ ਨੀਂਹ ਰੱਖੀ ਗਈ ਸੀ, ਅਸੀਂ ਇਸ ਦੇਸ਼ ਦੀ ਰਾਜਨੀਤੀ ‘ਚ ਬਦਲਾਅ ਲਿਆਉਣ ਅਤੇ ਇਸ ਵਿੱਚ ਇਮਾਨਦਾਰੀ ਭਰਨ ਦੇ ਆਪਣੇ ਵਾਅਦੇ ਨੂੰ ਨਵਿਆਉਂਦੇ ਹਾਂ। ਪਹਿਲਾਂ ਪਾਰਟੀਆਂ ਦੇ ਮੈਨੀਫੈਸਟੋ ਸਿਰਫ਼ ਨਫ਼ਰਤ ਅਤੇ ਧਰਮ ਸਬੰਧੀ ਬਿਆਨਾਂ ਨਾਲ ਭਰੇ ਹੁੰਦੇ ਸਨ। ਅਰਵਿੰਦ ਕੇਜਰੀਵਾਲ ਨੇ ਦੂਜੀਆਂ ਪਾਰਟੀਆਂ ਨੂੰ ਆਪਣੇ ਮੈਨੀਫੈਸਟੋ ਵਿੱਚ ਸਕੂਲ, ਹਸਪਤਾਲ, ਬਿਜਲੀ, ਰੋਜ਼ਗਾਰ ਅਤੇ ਬੁਨਿਆਦੀ ਢਾਂਚੇ ਬਾਰੇ ਲਿਖਣ ਲਈ ਮਜਬੂਰ ਕੀਤਾ, ਕਿਉਂ ਕਿ ਇਸ ਤੋਂ ਪਹਿਲਾਂ ਤਾਂ ਉਹ ਸਿਰਫ਼ ਧਰਮ ਅਤੇ ਜਾਤ ਬਾਰੇ ਹੀ ਬਿਆਨ ਦਿੰਦੇ ਰਹਿੰਦੇ ਸਨ।
ਉਨ੍ਹਾਂ ਅੱਗੇ ਕਿਹਾ ਕਿ ਅਰਵਿੰਦ ਕੇਜਰੀਵਾਲ ਸਾਡੇ ਨੇਤਾ ਹਨ। ਉਨ੍ਹਾਂ ਨੇ ਦਿਖਾਇਆ ਹੈ ਕਿ ਜੇਕਰ ਇਸ ਦੇਸ਼ ਦੇ 140 ਕਰੋੜ ਨਾਗਰਿਕ ਕੁਝ ਕਰਨ ਦਾ ਫੈਸਲਾ ਕਰਦੇ ਹਨ ਤਾਂ ਇਹ ਜ਼ਮੀਨੀ ਪੱਧਰ ‘ਤੇ ਸਪੱਸ਼ਟ ਦਿਸਦਾ ਹੈ। ਜੋ ਸੱਚ ਲਈ ਖੜ੍ਹੇ ਹਨ, ਪਰਮਾਤਮਾ ਵੀ ਉਨ੍ਹਾਂ ਦੇ ਨਾਲ ਖੜ੍ਹਾ ਹੈ ।
ਆਪ ਵਰਕਰਾਂ ਨੂੰ ਇਹ ਸੰਦੇਸ਼ ਫੈਲਾਉਣ ਦਾ ਸੱਦਾ ਦਿੰਦਿਆਂ ਉਨ੍ਹਾਂ ਅੱਗੇ ਕਿਹਾ ਕਿ ਸਾਨੂੰ ਦੇਸ਼ ਭਰ ਵਿੱਚ ਜਾ ਕੇ ਆਪਣੇ ਰਿਸ਼ਤੇਦਾਰਾਂ, ਦੋਸਤਾਂ ਅਤੇ ਜਾਣਕਾਰਾਂ ਨੂੰ ਦੱਸਣਾ ਚਾਹੀਦਾ ਹੈ ਕਿ ਇਹ ਸੱਚ ਦੀ ਜਿੱਤ ਹੈ। ਸਾਨੂੰ ਇਹ ਦੱਸਣਾ ਚਾਹੀਦਾ ਹੈ ਕਿ ਕਿਵੇਂ ਸਾਜ਼ਿਸ਼ਾਂ ਰਚੀਆਂ ਗਈਆਂ ਸਨ। ਜਦੋਂ ਸਰਕਾਰੀ ਹਸਪਤਾਲਾਂ ਵਿੱਚ ਸੁਧਾਰ ਹੋਇਆ ਤਾਂ ਨਿੱਜੀ ਸੈਕਟਰਾਂ ਤੋਂ ਦਬਾਅ ਆਇਆ। ਜਦੋਂ ਸਰਕਾਰੀ ਸਕੂਲਾਂ ਵਿੱਚ ਸੁਧਾਰ ਹੋਇਆ ਅਤੇ ਬੱਚੇ ਨਿੱਜੀ ਸਕੂਲਾਂ ਤੋਂ ਸਰਕਾਰੀ ਸਕੂਲਾਂ ਵੱਲ ਜਾਣ ਲੱਗੇ ਤਾਂ ਡੋਨੇਸ਼ਨਾਂ ਲੈਣ ਵਾਲਿਆਂ ਨੂੰ ਖ਼ਤਰਾ ਮਹਿਸੂਸ ਹੋਣ ਲੱਗਾ। ਜਦੋਂ ਬਿਜਲੀ ਮੁਫ਼ਤ ਕੀਤੀ ਗਈ, ਦਵਾਈਆਂ ਮੁਫ਼ਤ ਕੀਤੀਆਂ ਗਈਆਂ, ਬੁਨਿਆਦੀ ਢਾਂਚੇ ਦਾ ਵਿਸਥਾਰ ਕੀਤਾ ਗਿ ਅਤੇ ਬਜਟ 300 ਕਰੋੜ ਤੋਂ ਵਧ ਕੇ 60,000 ਕਰੋੜ ਰੁਪਏ ਹੋ ਗਿਆ ਤਾਂ ਵਿਰੋਧੀਆਂ ਲਈ ਚੋਣਾਂ ‘ਚ ਸਾਹ ਲੈਣਾ ਕਰਨਾ ਮੁਸ਼ਕਲ ਹੋ ਗਿਆ। ਇਸ ਲਈ ਉਨ੍ਹਾਂ ਨੇ ਜਾਣਬੁੱਝ ਕੇ ਕੋਈ ਘੁਟਾਲਾ ਦਿਖਾਉਣ ਅਤੇ ਅਰਵਿੰਦ ਕੇਜਰੀਵਾਲ ਅਤੇ ਉਨ੍ਹਾਂ ਦੀ ਟੀਮ ਨੂੰ ਜੇਲ੍ਹ ਭੇਜਣ ਦਾ ਫੈਸਲਾ ਕੀਤਾ, ਜਿਸ ਦੇ ਚਲਦਿਆਂ ਉਨ੍ਹਾਂ ਨੇ ਸਮੁੱਚੀ ਉੱਚ-ਪੱਧਰ ਲੀਡਰਸ਼ਿਪ ਨੂੰ ਜੇਲ੍ਹ ਵਿੱਚ ਡੱਕ ਦਿੱਤਾ।
ਵਾਰ-ਵਾਰ ਅਦਾਲਤੀ ਸੁਣਵਾਈਆਂ ਨਾਲ ਹੁੰਦੀ ਪਰੇਸ਼ਾਨੀ ਬਾਰੇ ਗੱਲ ਕਰਦਿਆਂ ਭਗਵੰਤ ਸਿੰਘ ਮਾਨ ਨੇ ਕਿਹਾ ਕਿ ਸਾਡੇ ਦੇਸ਼ ਵਿੱਚ, ਸ਼ਾਇਦ ਸਜ਼ਾ ਓਨੀ ਸਖ਼ਤ ਨਹੀਂ ਹੁੰਦੀ ਜਿੰਨੀਆਂ ਮੁਸ਼ਕਲਾਂ ਅਤੇ ਪਰੇਸ਼ਾਨੀਆਂ ਵਾਰ-ਵਾਰ ਅਦਾਲਤ ਦੀਆਂ ਤਾਰੀਖਾਂ ਨਾਲ ਹੁੰਦੀਆਂ ਹਨ। ਤਾਰੀਖ ਤੋਂ ਬਾਅਦ ਇੱਕ ਹੋਰ ਤਾਰੀਖ ਮਿਲਣਾ ਹੀ ਆਪਣੇ ਆਪ ਵਿੱਚ ਇੱਕ ਸਜ਼ਾ ਹੈ।
ਉਨ੍ਹਾਂ ਨੇ ਉਸ ਚੁਣੌਤੀਪੂਰਨ ਦੌਰ ਨੂੰ ਯਾਦ ਕੀਤਾ ਜਦੋਂ ਸੀਨੀਅਰ ਆਗੂ ਜਲੰਧਰ ਜ਼ਿਮਨੀ ਚੋਣ ਸਮੇਂ ਜੇਲ੍ਹ ਵਿੱਚ ਸਨ। ਉਸ ਸਮੇਂ, ਪਾਰਟੀ ਦੀ ਸਮੁੱਚੀ ਉੱਚ-ਪੱਧਰੀ ਅਤੇ ਫੈਸਲੇ ਲੈਣ ਵਾਲੀ ਲੀਡਰਸ਼ਿਪ ਜੇਲ੍ਹ ਦੇ ਅੰਦਰ ਸੀ ਅਤੇ ਫਿਰ ਵੀ, ਸਾਡੀ ਬੈਕਅੱਪ ਟੀਮ ਦੇ ਨਾਲ, ਅਸੀਂ ਆਪਣੀ ਮਿਹਨਤ ਜਾਰੀ ਰੱਖੀ। ਮੁਲਾਕਾਤਾਂ ਦੌਰਾਨ ਅਰਵਿੰਦ ਕੇਜਰੀਵਾਲ ਹਮੇਸ਼ਾ ਪੰਜਾਬ ਬਾਰੇ ਪੁੱਛਦੇ ਸਨ। ਉਹ ਪੁੱਛਦੇ ਸਨ ਕਿ ਕੀ ਮੁਫ਼ਤ ਬਿਜਲੀ ਲੋਕਾਂ ਤੱਕ ਪਹੁੰਚ ਰਹੀ ਹੈ, ਕੀ ਸਿੰਚਾਈ ਦਾ ਕੰਮ ਅੱਗੇ ਵਧ ਰਿਹਾ ਹੈ ਅਤੇ ਨਿਰਦੇਸ਼ ਦਿੰਦੇ ਸਨ ਕਿ ਜੇ ਕੋਈ ਵੀ ਭ੍ਰਿਸ਼ਟ ਪਾਇਆ ਜਾਂਦਾ ਹੈ ਤਾਂ ਉਸਨੂੰ ਜੇਲ੍ਹ ਵਿੱਚ ਡੱਕਿਆ ਜਾਵੇ। ਅਜਿਹੇ ਹਾਲਾਤਾਂ ਦੇ ਬਾਵਜੂਦ ਅਸੀਂ ਜਲੰਧਰ ਜ਼ਿਮਨੀ ਚੋਣ ਅਤੇ ਇੱਕ ਹੋਰ ਐਮ.ਪੀ. ਸੀਟ ਵੱਡੇ ਫਰਕ ਨਾਲ ਜਿੱਤੀ, ਜਿਸ ਨਾਲ ਸਾਨੂੰ ਹੋਰ ਵੀ ਮਜ਼ਬੂਤੀ ਮਿਲੀ।
ਆਜ਼ਾਦੀ ਸੰਘਰਸ਼ ਨਾਲ ਸੰਤੁਲਨ ਬਿਠਾਉਂਦਿਆਂ ਉਨ੍ਹਾਂ ਕਿਹਾ ਕਿ ਇਤਿਹਾਸ ਆਪਣੇ ਆਪ ਨੂੰ ਦੁਹਰਾਉਂਦਾ ਹੈ। ਜਦੋਂ ਸ਼ਹੀਦ-ਏ-ਆਜ਼ਮ ਭਗਤ ਸਿੰਘ ਨੇ ਸਵੈ-ਇੱਛਾ ਨਾਲ ਗ੍ਰਿਫ਼ਤਾਰੀ ਦਿੱਤੀ ਅਤੇ ਕੋਰਟ ਰੂਮ ਵਿੱਚ ਮੀਡੀਆ ਦੇ ਸਾਹਮਣੇ ਅੰਗਰੇਜ਼ੀ ਵਿੱਚ ਆਪਣੀਆਂ ਦਲੀਲਾਂ ਰੱਖੀਆਂ ਤਾਂ ਲਹਿਰ ਨੂੰ ਹੋਰ ਬਲ ਮਿਲਿਆ। ਇਸੇ ਤਰ੍ਹਾਂ ਅਰਵਿੰਦ ਕੇਜਰੀਵਾਲ ਨੇ ਵੀ ਸਾਨੂੰ ਜੇਲ੍ਹ ਤੋਂ ਕਦੇ ਨਾ ਝੁਕਣ ਦੇ ਸੁਨੇਹੇ ਭੇਜੇ। ਉਨ੍ਹਾਂ ਕਿਹਾ ਕਿ ਭਗਵੰਤ, ਕਿਸੇ ਵੀ ਹਾਲਤ ਵਿੱਚ ਨਹੀਂ ਝੁਕਣਾ। ਜਿੱਥੇ ਲੋੜ ਹੋਵੇ ਕਾਰਵਾਈ ਕਰੋ, ਪਰ ਕਿਸੇ ਵੀ ਕੀਮਤ ‘ਤੇ ਝੁਕਣਾ ਨਹੀਂ। ਆਮ ਆਦਮੀ ਪਾਰਟੀ ਹੋਰ ਮਜ਼ਬੂਤ ਹੋ ਕੇ ਉਭਰੇਗੀ ਅਤੇ ਉਸੇ ਤਰ੍ਹਾਂ ਹੋਇਆ ਪਾਰਟੀ ਇੱਕ ਕੌਮੀ ਤਾਕਤ ਵਜੋਂ ਉਭਰ ਕੇ ਸਾਹਮਣੇ ਆਈ ਹੈ।
ਕੇਂਦਰੀ ਲੀਡਰਸ਼ਿਪ ਨੂੰ ਸਪੱਸ਼ਟ ਸੁਨੇਹਾ ਦਿੰਦਿਆਂ ਭਗਵੰਤ ਸਿੰਘ ਮਾਨ ਨੇ ਕਿਹਾ ਕਿ ਸਿੰਘਾਸਨ ‘ਤੇ ਬੈਠੇ ਲੋਕਾਂ ਨੂੰ ਯਾਦ ਰੱਖਣਾ ਚਾਹੀਦਾ ਹੈ ਕਿ ਉਹ ਕਿਰਾਏਦਾਰ ਹਨ, ਮਾਲਕ ਨਹੀਂ। ਇਸ ਦੇਸ਼ ਦੀ ਮਿੱਟੀ ਵਿੱਚ ਸ਼ਹੀਦ-ਏ-ਆਜ਼ਮ ਭਗਤ ਸਿੰਘ, ਰਾਜਗੁਰੂ, ਸੁਖਦੇਵ, ਕਰਤਾਰ ਸਿੰਘ ਸਰਾਭਾ ਅਤੇ ਅਸ਼ਫਾਕਉੱਲਾ ਖਾਨ ਦਾ ਖੂਨ ਹੈ। ਇਹ ਦੇਸ਼ ਕਿਸੇ ਦੇ ਬਾਪ ਦੀ ਨਿੱਜੀ ਜਾਗੀਰ ਨਹੀਂ।
ਉਨ੍ਹਾਂ ਨੇ ਪੰਜਾਬ ਦੇ ਰਾਹ ਵਿੱਚ ਵਿੱਤੀ ਮੁਸ਼ਕਲਾਂ ਖ਼ੜ੍ਹੀਆਂ ਕਰਨ ਦੇ ਹੱਥਕੰਡਿਆਂ ਬਾਰੇ ਗੱਲ ਕਰਦਿਆਂ ਕਿਹਾ ਕਿ ਪੰਜਾਬ ਦੇ 8,000 ਕਰੋੜ ਰੁਪਏ ਦੇ ਆਰਡੀਐਫ ਫੰਡ ਕੇਂਦਰ ਨੇ ਰੋਕ ਰੱਖੇ ਹਨ। ਜੀਐਸਟੀ ਦਾ ਬਕਾਇਆ ਜਾਰੀ ਨਹੀਂ ਕੀਤਾ ਗਿਆ। ਜਦੋਂ ਪੰਜਾਬ ਨੂੰ ਇਤਿਹਾਸ ਦੇ ਸਭ ਤੋਂ ਭਿਆਨਕ ਹੜ੍ਹਾਂ ਵਿੱਚੋਂ ਇੱਕ ਦਾ ਸਾਹਮਣਾ ਕਰਨਾ ਪਿਆ ਤਾਂ ਸਿਰਫ਼ 1,600 ਕਰੋੜ ਰੁਪਏ ਦੀ ਟੋਕਨ ਰਾਸ਼ੀ ਐਲਾਨੀ ਗਈ ਅਤੇ ਹੁਣ ਤੱਕ ਉਸ ਵਿੱਚੋਂ 16 ਪੈਸੇ ਵੀ ਨਹੀਂ ਦਿੱਤੇ ਗਏ। ਇਸ ਸਭ ਦੇ ਬਾਵਜੂਦ ਵੀ ਉਹ ਪੰਜਾਬ ਵਿੱਚ ਚੋਣਾਂ ਲੜਨਾ ਚਾਹੁੰਦੇ ਹਨ।
ਦੇਸ਼ ਲਈ ਪੰਜਾਬ ਦੇ ਯੋਗਦਾਨ ਬਾਰੇ ਗੱਲ ਕਰਦਿਆਂ ਉਨ੍ਹਾਂ ਕਿਹਾ ਕਿ ਜਦੋਂ ਦੇਸ਼ ਨੂੰ ਅਨਾਜ ਦੀ ਲੋੜ ਸੀ ਤਾਂ ਪੰਜਾਬੀਆਂ ਨੇ ਦਿਨ-ਰਾਤ ਮਿਹਨਤ ਕਰਕੇ ਹਰੀ ਕ੍ਰਾਂਤੀ ਲਿਆਂਦੀ ਅਤੇ ਦੇਸ਼ ਦੇ ਅੰਨ ਭੰਡਾਰ ਭਰ ਦਿੱਤੇ। ਜਦੋਂ ਦੇਸ਼ ਨੂੰ ਆਜ਼ਾਦੀ ਦੀ ਲੋੜ ਸੀ ਤਾਂ 90 ਫੀਸਦ ਕੁਰਬਾਨੀਆਂ ਪੰਜਾਬੀਆਂ ਨੇ ਦਿੱਤੀਆਂ। ਜਦੋਂ ਵੀ ਸਰਹੱਦ ‘ਤੇ ਪਹਿਲੀ ਗੋਲੀ ਚਲਦੀ ਹੈ ਤਾਂ ਪੰਜਾਬੀ ਨੌਜਵਾਨ ਸੈਨਿਕ ਹਿੱਕ ਤਾਣ ਕੇ ਸਭ ਤੋਂ ਅੱਗੇ ਖੜ੍ਹਦੇ ਹਨ।
ਉਨ੍ਹਾਂ ਜ਼ੋਰ ਦੇ ਕੇ ਕਿਹਾ ਕਿ ਪੰਜਾਬ ਹਮੇਸ਼ਾ ਤੁਹਾਡੇ ਨਾਲ ਖੜ੍ਹਾ ਰਹੇਗਾ। ਅਸੀਂ ਪੰਜਾਬ ‘ਚ ਸਰਕਾਰ ਚਲਾ ਰਹੇ ਹਾਂ ਅਤੇ 2027 ਵਿੱਚ ਵੀ ਅਸੀਂ ਤੁਹਾਨੂੰ ਭਾਰੀ ਬਹੁਮਤ ਨਾਲ ਜਿੱਤ ਦੀਆਂ ਸੀਟਾਂ ਦਾ ਸੈਂਕੜਾ ਲਗਾ ਕੇ ਵੱਡਾ ਤੋਹਫ਼ਾ ਦੇਵੇਗਾਂ। ਜਿਸ ਪਾਸੇ ਪੰਜਾਬ ਮਾਰਚ ਕਰਦਾ ਹੈ, ਦੇਸ਼ ਵੀ ਉਸੇ ਰਾਹ ‘ਤੇ ਚਲਦਾ ਹੈ।
ਸੱਚ ‘ਤੇ ਇੱਕ ਕਾਵਿਕ ਟਿੱਪਣੀ ਕਰਦਿਆਂ ਉਨ੍ਹਾਂ ਕਿਹਾ ਕਿ ਝੂਠ ਦੇ ਆਲਮ ਵਿੱਚ ਰਹਿਣ ਵਾਲੇ ਦੂਜਿਆਂ ਨੂੰ ਸੱਚ ਬੋਲਣ ਲਈ ਕਹਿੰਦੇ ਹਨ, ਜਦੋਂ ਕਿ ਉਨ੍ਹਾਂ ਦੇ ਘਰ ਝੂਠ ਦੇ ਮਕਾਨ ਬਣ ਚੁੱਕੇ ਹਨ। ਸੱਚ ਨੂੰ ਕੀਮਤ ਚੁਕਾਉਣੀ ਪੈ ਸਕਦੀ ਹੈ, ਪਰ ਸੱਚ ਦਾ ਸੂਰਜ ਹਮੇਸ਼ਾ ਬੱਦਲਾਂ ਪਿੱਛੇ ਨਹੀਂ ਰਹਿੰਦਾ, ਇਹ ਚੜ੍ਹਦਾ ਹੈ ਅਤੇ ਚਮਕਦਾ ਹੈ ਅਤੇ ਫਿਰ ਕਿਤੇ ਵੀ ਹਨੇਰਾ ਨਹੀਂ ਰਹਿੰਦਾ।
ਆਪਣੇ ਭਾਸ਼ਣ ਦੀ ਸਮਾਪਤੀ ਕਰਦਿਆਂ ਭਗਵੰਤ ਸਿੰਘ ਮਾਨ ਨੇ ਕਿਹਾ ਕਿ ਪੰਜਾਬ ਤੋਂ ਅਸੀਂ ਤੁਹਾਨੂੰ ਚੱਟਾਨ ਵਰਗਾ ਸਾਥ ਦੇਣ ਲਈ ਇੱਥੇ ਆਏ ਹਾਂ। ਅੱਗੇ ਵਧੋ, ਅਸੀਂ ਤੁਹਾਡੇ ਨਾਲ ਹਾਂ। ਜਦੋਂ ਵੀ ਕੌਮ ਕਿਸੇ ਵੀ ਸੰਕਟ ਦਾ ਸਾਹਮਣਾ ਕਰਦੀ ਹੈ ਤਾਂ ਪੰਜਾਬੀ ਹਮੇਸ਼ਾ ਅੱਗੇ ਵਧਦੇ ਹਨ। ਭਾਵੇਂ ਤੁਰਕੀ ਵਿੱਚ ਭੂਚਾਲ, ਸ੍ਰੀਲੰਕਾ ਵਿੱਚ ਸੁਨਾਮੀ ਜਾਂ ਨੇਪਾਲ ਵਿੱਚ ਹੜ੍ਹ ਦਾ ਮਾਮਲਾ ਹੋਵੇ, ਰਾਹਤ ਏਜੰਸੀਆਂ ਦੇ ਆਉਣ ਤੋਂ ਪਹਿਲਾਂ ਹੀ ਸ੍ਰੀ ਗੁਰੂ ਨਾਨਕ ਦੇਵ ਜੀ ਦਾ ਲੰਗਰ ਸ਼ੁਰੂ ਹੋ ਜਾਂਦਾ ਹੈ। ਅਸੀਂ ਸਾਰਿਆਂ ਦੀ ਭਲਾਈ ਲਈ ਖੜ੍ਹੇ ਹਾਂ। ਅਸੀਂ ਕੁਰਬਾਨੀ ਦੇ ਪੁੰਜ ਹਾਂ। ਦਿੱਲੀ ਵਿੱਚ ਸ੍ਰੀ ਗੁਰੂ ਤੇਗ਼ ਬਹਾਦਰ ਸਾਹਿਬ ਜੀ ਦੇ 350ਵੇਂ ਸ਼ਹੀਦੀ ਪੁਰਬ ਨੂੰ ਸਮਰਪਿਤ ਭਾਵਨਾ ਨਾਲ ਮਨਾਉਣ ਦੇ ਉਪਰਾਲਿਆਂ ਨੂੰ ਅਸੀਂ ਸਲਾਮ ਕਰਦੇ ਹਾਂ। ਸ੍ਰੀ ਗੁਰੂ ਤੇਗ਼ ਬਹਾਦਰ ਜੀ ਨੇ ਹਿੰਦੂ ਧਰਮ ਅਤੇ ਕਸ਼ਮੀਰੀ ਪੰਡਤਾਂ ਦੇ ਸਨਮਾਨ ਦੀ ਰਾਖੀ ਲਈ ਆਪਣਾ ਜੀਵਨ ਕੁਰਬਾਨ ਕਰ ਦਿੱਤਾ। ਅਸੀਂ ਹਮੇਸ਼ਾ ਸੱਚਾਈ ਦੇ ਨਾਲ ਖੜ੍ਹੇ ਹਾਂ।
ਐਕਸ ‘ਤੇ ਰੈਲੀ ਦੀਆਂ ਕੁਝ ਤਸਵੀਰਾਂ ਸਾਂਝੀਆਂ ਕਰਦਿਆਂ ਪੰਜਾਬ ਦੇ ਮੁੱਖ ਮੰਤਰੀ ਭਗਵੰਤ ਸਿੰਘ ਮਾਨ ਨੇ ਕਿਹਾ ਕਿ ਅੱਜ ਜੰਤਰ-ਮੰਤਰ ‘ਤੇ ਹੋਇਆ ਵਿਸ਼ਾਲ ਇਕੱਠ ਇਸ ਗੱਲ ਦਾ ਸਪੱਸ਼ਟ ਸਬੂਤ ਹੈ ਕਿ ਨਾ ਸਿਰਫ਼ ਦਿੱਲੀ, ਸਗੋਂ ਪੂਰਾ ਦੇਸ਼ ਆਪਣੇ ਲੋਕ ਨੇਤਾ ਅਰਵਿੰਦ ਕੇਜਰੀਵਾਲ ਦੇ ਨਾਲ ਮਜ਼ਬੂਤੀ ਨਾਲ ਖੜ੍ਹਾ ਹੈ। ਭਾਜਪਾ ਨੇ ਆਪਣੀਆਂ ਏਜੰਸੀਆਂ ਦੀ ਵਰਤੋਂ ਕਰਕੇ ‘ਆਪ’ ਨੂੰ ਖਤਮ ਕਰਨ ਦੀ ਜਿਸ ਸਾਜ਼ਿਸ਼ ਰਾਹੀਂ ਕੋਸ਼ਿਸ਼ ਕੀਤੀ, ਉਹ ਹੁਣ ਦੇਸ਼ ਦੇ ਸਾਹਮਣੇ ਬੇਨਕਾਬ ਹੋ ਗਈ ਹੈ। ਲੋਕਤੰਤਰ ਨੂੰ ਦਬਾਅ ਅਤੇ ਡਰ ਨਾਲ ਕੁਚਲਿਆ ਨਹੀਂ ਜਾ ਸਕਦਾ। ਪੰਜਾਬ ਦੀ ਧਰਤੀ ਤੋਂ ਮੈਂ ਸਪੱਸ਼ਟ ਸੰਦੇਸ਼ ਦੇਣਾ ਚਾਹੁੰਦਾ ਹਾਂ ਕਿ ਜਿੱਥੇ ਵੀ ਬੇਇਨਸਾਫ਼ੀ ਹੋਵੇਗੀ, ਅਸੀਂ ਉੱਥੇ ਮਜ਼ਬੂਤੀ ਅਤੇ ਦ੍ਰਿੜਤਾ ਨਾਲ ਖੜ੍ਹਾਂਗੇ। ਇਹ ਕਿਸੇ ਇੱਕ ਵਿਅਕਤੀ ਦੀ ਲੜਾਈ ਨਹੀਂ; ਇਹ ਭਾਰਤ ਦੇ ਸੰਵਿਧਾਨ ਅਤੇ ਦੇਸ਼ ਦੀਆਂ ਲੋਕਤੰਤਰੀ ਕਦਰਾਂ-ਕੀਮਤਾਂ ਦੀ ਰਾਖੀ ਦੀ ਲੜਾਈ ਹੈ, ਜਿਸ ਲਈ ਸੰਘਰਸ਼ ਜਾਰੀ ਰਹੇਗਾ। ਇਨਕਲਾਬ ਜ਼ਿੰਦਾਬਾਦ।”
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