देश भर में साइबर हैल्पलाइन के माध्यम से शिकायतों का निवारण करने में पहले पायदान पर पहुंचा हरियाणा
फरवरी माह में फ्रॉड की गई कुल राशि का 27.60 प्रतिशत पैसा किया गया होल्ड
हरियाणा पुलिस सोशल मीडिया प्लैटफॉर्म के माध्यम से भी लोगों को साइबर फ्रॉड से बचाव के बारे में कर रही है जागरूक
Sanghol Times/Bureau/चंडीगढ़/28 मार्च,2024 – साईबर फ्रॉड की गई कुल राशि का 27.60 प्रतिशत पैसा होल्ड करके हरियाणा देश में पहले स्थान पर पहुंच गया है। हरियाणा पुलिस ने फरवरी 2024 में 15 करोड़ 50 लाख रूपये की राशि को ठगी होने से बचाया है जोकि देशभर में सबसे अधिक है। प्राप्त रिपोर्ट के अनुसार सितंबर-2023 में जहां हरियाणा पुलिस 8.62 प्रतिशत पैसा होल्ड करते हुए देश में 23वें स्थान पर थी वहीं अब पहले स्थान पर पहुंच गई है।
इस बारे में जानकारी देते हुए पुलिस महानिदेशक शत्रुजीत कपूर ने बताया कि साईबर अपराधियों के खिलाफ निरंतर किए जा रहे कार्यों के परिणामस्वरूप साइबर अपराध को नियंत्रित करने में काफी मदद मिली है। उन्होंने कहा कि साईबर अपराधियों पर लगाम कसते हुए हरियाणा पुलिस द्वारा नियमित तौर पर साईबर कार्यशालाओं का आयोजन किया जाता है, जिसमें अपराधियों द्वारा रोजाना अपनाए जाने वाले तौर तरीकों को समझते हुए उन्हें रोकने के लिए रणनीति बनाई जाती है। हरियाणा पुलिस वित्तीय संस्थानों जैसे बैंको आदि के प्रतिनिधियों के साथ बैठक करते हुए साईबर अपराध को रोकने की दिशा में सार्थक प्रयास कर रही है ताकि साईबर फ्रॉड की सूचना मिलते ही बैंक खातों को फ्रीज़ किया जा सके। इसके लिए साईबर हैल्पलाइन नंबर पर तैनात पुलिसकर्मियों की संख्या 35 से बढ़ाकर 70 की गई है।
इसके अलावा, इंडियन साइबर क्राइम कोर्डिनेशन सेंटर(आई4सी) तथा हरियाणा पुलिस अब एक प्लैटफॉर्म पर काम कर रही है। यहां पर देश भर के 20 बैंकों के प्रतिनिधियों के साथ मिलकर साइबर फ्रॉड की गई राशि को फ्रीज करने के लिए प्रभावी कार्ययोजना के तहत कार्य किया जा रहा है। इसके साथ ही, हरियाणा पुलिस के साथ तीन बड़े बैंको नामतः एचडीएफसी, पीएनबी तथा एक्सिस के प्रतिनिधि हरियाणा-112 के कार्यालय में स्थापित किए गए केन्द्र में साइबर फ्रॉड रोकने की दिशा में कार्य कर रहे हैं।
सरकारी प्रवक्ता ने बताया कि प्रदेश पुलिस आम जनता की कमाई बचाने के लिए प्रतिबद्ध है। इसी दिशा में कार्य करते हुए प्रदेश के पुलिस महानिदेशक शत्रुजीत कपूर के आदेश पर पंचकूला 112 ईआरएसएस बिल्डिंग में स्थित नेशनल साईबर हेल्पलाइन 1930 मुख्यालय में इंसिडेंट मैनेजर नियुक्त किए है। उन्होंने बताया कि इन इंसीडेंट मैनेजरों की ज़िम्मेदारी होती है कि ठगी की रिपोर्टिंग हेल्पलाइन-1930 पर दर्ज होने पर ठगी की रकम जिस बैंक में गई है, तुरंत उस बैंक के नोडल अधिकारी से संपर्क कर, ठगी की रकम को फ्रीज़ करवाएं।
सोशल मीडिया प्लैटफॉर्म के माध्यम से भी लोगों को किया जा रहा है जागरूक
उन्होंने बताया कि हरियाणा पुलिस द्वारा सोशल मीडिया प्लैटफॉर्म का इस्तेमाल करते हुए लोगों को साइबर अपराधियों द्वारा अपनाए जाने वाले तरीकों के बारे में जानकारी दी जा रही है। उन्होंने बताया कि रोजाना अपराधी नए तरीके अपनाते है और लोगों को झांसे में लेकर उनके साथ ठगी करते है। हरियाणा पुलिस इन सभी तरीकों के बारे में लोगों को सोशल मीडिया के माध्यम से सांझा करती है ताकि लोगों को इनके बारे में जानकारी हो और वे साइबर ठगी का शिकार ना हो। उन्होंने आमजन से अपील करते हुए कहा कि वे किसी भी अनजान व्यक्ति से अपने बैंक खाता संबंधी निजी जानकारी अथवा ओटीपी सांझा ना करें। किसी अनजान व्यक्ति की बातों में आकर कोई एप अपने फोन में डाउनलोड ना करें। गूगल पर सर्च किए गए नंबर पर फोन ना करें बल्कि किसी भी कंपनी अथवा संस्था की आधिकारिक वैबसाईट पर दिए गए नंबर पर ही संपर्क करे। याद रहे कि पैसा एक बैंक खाते से दूसरे बैंक खाते में भेजने के लिए ओटीपी की जरूरत पड़ती है ना कि पैसा मंगवाने के लिए। लोग संदेह की स्थिति में तुरंत हैल्पलाइन नंबर-1930 डायल करके परामर्श ले सकते हैं।
क्रमांक-2024
परीक्षा ड्यूटी में कौताही बरतने पर 4 पर्यवेक्षक रिलीव
चंडीगढ़, 28 मार्च- हरियाणा विद्यालय शिक्षा बोर्ड भिवानी द्वारा संचालित करवाई जा रही सीनियर सैकेण्डरी (शैक्षिक व मुक्त विद्यालय) की समाजशास्त्र व उद्यमशीलता विषयों की परीक्षा में आज प्रदेशभर में नकल के कुल 09 मामले दर्ज किए गए। इसके अलावा , केन्द्र पर कार्यरत पर्यवेक्षक मनीषा व आरती के कक्ष में दो से अधिक अनुचित साधन के केस दर्ज होने व परीक्षा ड्यूटी में लापरवाही बरतने के कारण उन्हें परीक्षा ड्यूटी से कार्यभार मुक्त कर दिया गया। इसी प्रकार , परीक्षा केन्द्र रा०व०मा०वि०, पंैतावास कलां (चरखी-दादरी) पर कार्यरत पर्यवेक्षक रमेश कुमार, डीपीई, रा.क.व.मा.वि.,सांवड़ व श्रीमती सुमन, पीजीटी गणित, रा.व.मा.वि., कलियाना को ड्यूटी में कौताही बरतने के कारण कार्यभार मुक्त कर दिया गया।
बोर्ड के प्रवक्ता ने इस बारे में जानकारी देते हुए बताया कि आज 540 परीक्षा केन्द्रों पर संचालित हुई सीनियर सैकेण्डरी (शैक्षिक/मुक्त विद्यालय) समाजशास्त्र व उद्यमशीलता विषयों की परीक्षा में 14306 परीक्षार्थी प्रविष्ट हुए। उन्होंने बताया कि
बोर्ड अध्यक्ष डॉ. वी.पी.यादव के उडनदस्ते द्वारा जिला भिवानी के विभिन्न परीक्षा केंद्रों का निरीक्षण किया गया, जहां परीक्षा नकल रहित व शान्तिपूर्वक ढग़ से चल रही थी।
उन्होंने बताया कि बोर्ड सचिव के उडऩदस्ते द्वारा जिला-भिवानी व चरखी दादरी के विभिन्न परीक्षा केंद्रों का निरीक्षण किया गया, जहां परीक्षा केन्द्र बी.एस. इन्टरनैशनल स्कूल, सांगा पर अनुचित साधन के 09 मामले दर्ज किए। उन्होंने आगे जानकारी दी कि कल प्रदेशभर में 963 परीक्षा केन्द्रों पर संचालित होने वाली सीनियर सैकेण्डरी की व्यवसाय अध्ययन व संगीत (सभी विकल्प) परीक्षा में 29696 परीक्षार्थी प्रविष्ट होंगे।
क्रमांक -2024
जंगबीर सिंह
उद्यमियों का देश के विकास में अहम योगदान : राज्यपाल बंडारू दत्तात्रेय
फरीदाबाद इंडस्ट्रीज को भारत के साथ साथ विश्व में पहचान बनाने के लिए सभी उद्यमी बनें भागीदार
ऑल इंडिया फोरम ऑफ एमएसएमई द्वारा आयोजित प्रथम राष्ट्रीय एमएसएमई महोत्सव का हुआ भव्य शुभारंभ
चंडीगढ़, 28 मार्च- हरियाणा के राज्यपाल श्री बंडारू दत्तात्रेय ने आज जिला फरीदाबाद में ऑल इंडिया फोरम ऑफ एमएसएमई द्वारा आयोजित प्रथम राष्ट्रीय एमएसएमई महोत्सव में बतौर मुख्य अतिथि शिरकत की। उन्होंने कहा कि उद्यमियों का देश के विकास में अहम योगदान है। फरीदाबाद इंडस्ट्रीज को भारत के साथ साथ विश्व में पहचान बनाने के लिए सभी उद्यमी भागीदार बनें।
राज्यपाल श्री बंडारू दत्तात्रेय और अन्य मेहमानों ने प्रज्वलित कर महोत्सव का शुभारंभ किया। श्री बंडारू दत्तात्रेय ने उपस्थित लघु उद्यमियों को सम्बोधित करते हुए कहा कि एक शिल्पकार से लेकर शहरी क्षेत्र में मौजूद स्टार्ट अप, स्मार्ट सोल्यूशन, सूक्ष्म, लघु एवं मध्यम उद्योग तक आते हैं। आज एमएसएमई के अंतर्गत न केवल मैन्युफैक्चरिंग एवं सर्विस उद्योग आते है, अपितु व्यापार को भी इसमें शामिल किया गया है। यह केवल आप जैसे उद्यमियों का ही प्रयास है, जिसके द्वारा हमारी अर्थव्यवस्था को ईंधन प्राप्त होता है। इसके साथ ही रोजगार सृजन एवं कर दाता के रूप में आपका योगदान महत्त्वपूर्ण है।
उन्होंने कहा कि एक उद्यमी का जीवन चुनौतियों से परिपूर्ण है। इन चुनौतियों के बीच आप द्वारा दिखाए जाने वाले संयम, साहस, जोखिम एवं प्रतिदिन बदलने वाली टेक्नोलॉजी के मध्य खड़े रहना बहुत ही प्रेरणादायक है। आज की वैश्विक अर्थव्यवस्था के दौर में उद्यमियों द्वारा की गई मेहनत की बदौलत एक अच्छा ईको सिस्टम हमारे देश में उपलब्ध है, इसी के परिणामस्वरूप विकास एवं इनोवेशन को गति प्राप्त हुई है।
उन्होंने कहा कि आंकड़ों की बात करें तो भारतवर्ष की कुल जीडीपी में 30 प्रतिशत भागीदारी एवं कुल एक्सपोर्ट में 50 प्रतिशत भागीदारी के साथ साथ 15 करोड़ से अधिक रोजगार देने वाला एमएसएमई सेक्टर आज समय की आवश्यकता बन गया है। इस समय 7 करोड़ से अधिक एमएसएमई इकाइयों ने अपना उद्यम पंजीकरण करवा लिया है, जबकि लगभग इतनी ही इकाइयाँ अभी अपंजीकृत है।
राज्यपाल ने कहा कि हरियाणा राज्य में 1.5 लाख से अधिक एमएसएमई इकाइयां हैं, जिनमे से केवल फरीदाबाद जिला में 25,000 से अधिक एमएसएमई इकाईयां हैं। उन्होंने कहा कि आज के परिपेक्ष्य में ऑल इंडिया फोरम ऑफ एमएसएमई जैसी संस्थाओं का एमएसएमईज के विकास में अत्यंत महत्वपूर्ण रोल है और इसका निर्माण एमएसएमई इकाइयों को सभी प्रकार का सहयोग देने के लिए किया गया है।
राज्यपाल ने एआईएफओएम के संस्थापक एवं राष्ट्रीय अध्यक्ष श्री श्याम सुंदर कपूर एवं राष्ट्रीय महासचिव श्री अनिल कुमार चौधरी को हार्दिक बधाई देते हुए कहा कि उन्होंने इस संस्था का निर्माण करके हजारों उद्यमियों को विकास का एक रास्ता दिखाया है। इसके अतिरिक्त इस राष्ट्रीय महोत्सव के दौरान सम्मान प्राप्त करने वाले सभी अवार्डी को भी उन्होंने बधाई दी।
राष्ट्रीय एमएसएमई महोत्सव में प्रोफेसर जगदीश मुखी, डा. एन.सी. वाधवा, आईएस (सेवानिवृत), श्री श्याम सुंदर कपूर, राष्ट्रीय अध्यक्ष, एआईएफओएम, श्री अनिल कुमार चौधरी, राष्ट्रीय महासचिव, एआईएफओएम सहित अन्य अतिथि उपस्थित रहे।
क्रमांक-2024
कुरुक्षेत्र के आयुष विश्वविद्यालय अस्पताल में दूरबीन द्वारा नाक, कान और गला के मरीजों के लिए निःशुल्क जांच सुविधा उपलब्ध हुई
अस्पताल के वार्ड नं 50 में नई मशीन इंस्टॉल की गई
दूरबीन पद्धति से मरीज़ों के रोगों की तुरंत जांच की जा सकेगी
चंडीगढ़, 28 मार्च- हरियाणा के कुरुक्षेत्र शहर में स्थित श्रीकृष्ण आयुष विश्वविद्यालय के आयुर्वेद अध्ययन एवं अनुसंधान संस्थान के अस्पताल में नाक, कान और गला के मरीजों की जांच के लिए अब नई आधुनिक ई.एन.टी. दूरबीन मशीन की निःशुल्क सुविधा उपलब्ध हो गई है। अत्याधुनिक वर्क स्टेशन मशीन को अस्पताल के वार्ड नं 50 में इंस्टॉल कर दिया गया है। इस मशीन से मरीजों के रोग की जांच तुरंत की जा सकेगी और मरीज को तुरंत रोग एवं समस्या भी बताई जाएगी।
अस्पताल के ई.एन.टी. विशेषज्ञ एवं विभागाध्यक्ष डॉ. आशु विनायक ने बताया कि इस मशीन से नाक, कान और गले से सम्बंधित सभी प्रकार की जांच की जा सकेगी और रिपोर्ट भी तुरंत प्राप्त हो जाएगी। उन्होंने बताया कि पहले जांच करने में परेशानी होती थी, एंडोस्कोपी से लेकर सभी प्रकार की जांचें अलग-अलग करानी पड़ती थीं। लेकिन अब दूरबीन मशीन से ही रोगी की जांच की जा सकेगी। सहायक प्राध्यापक डॉ. मनोज तंवर ने कहा कि ई.एन.टी. वर्क स्टेशन मशीन आने के बाद लगातार मरीजों का ग्राफ बढ़ रहा है। इस मशीन के द्वारा नाक बंद रहना, गले में रुकावट, गले में भारीपन, आवाज बैठ जाना, नाक की हड्डी टेढ़ी होना, नाक में मांस बढ़ना एवं बच्चों के गले में गांठ बनने की भी जांच दूरबीन द्वारा अब मुफ्त की जाएगी। उन्होंने बताया कि ई.एन.टी. विभाग में आंखों की जांच की सुविधा भी उपलब्ध है खासतौर पर काला मोतिया का इलाज भी आयुर्वेदिक पद्धति से किया जा रहा है। डॉ. दीपक सांगवान ने कहा कि निश्चित रूप से इस मशीन का लाभ जनसामान्य को मिलेगा।
कुलपति प्रो. करतार सिंध धीमान ने बताया कि विश्वविद्यालय प्रशासन द्वारा अस्पताल में अत्याधुनिक सुविधाओं को जुटाने का पूरा प्रयास किया जा रहा है। नि:संदेह ई.एन.टी. वर्क स्टेशन मशीन का लाभ मरीजों को मिलेगा और जांच के लिए खर्च भी नहीं करना होगा। उन्होंने कहा कि एडवांस टेक्नोलॉजी से जांच होने के साथ – साथ यह रोगी और डॉक्टर दोनों के हित में रहेगा।
क्रमांक: 2024
आदर्श आचार संहिता के दौरान मीडिया पीसीआई और एनबीएसए द्वारा तय नियमों के अनुसार ही समाचार व विज्ञापन करें प्रकाशित
चुनाव को स्वतंत्र, निष्पक्ष व शांतिपूर्ण ढंग से सम्पन्न करवाने में मीडिया का भी अहम योगदान – अनुराग अग्रवाल
मीडियो को सांप्रदायिक, गैर-कानूनी, जाति और राष्ट्र विरोधी समाचारों के प्रसारण से बचना चाहिए
मतदाताओं का विश्वास बढ़ाने के लिए इस बार भी होगा वीवीपैट का उपयोग
चंडीगढ़, 28 मार्च- हरियाणा के मुख्य निर्वाचन अधिकारी श्री अनुराग अग्रवाल ने कहा कि लोकसभा आम चुनाव को स्वतंत्र, निष्पक्ष व शांतिपूर्ण ढंग से सम्पन्न करवाने में मीडिया का भी अहम योगदान होता है। इसलिए आदर्श आचार संहिता के दौरान प्रिंट मीडिया को भारतीय प्रेस परिषद और इलेक्ट्रॉनिक मीडिया को समाचार प्रसारण मानक प्राधिकरण (एनबीएसए) द्वारा तय नियमों और दिशा-निर्देशों के अनुसार ही समाचार और विज्ञापन को प्रकाशित एवं प्रसारण करना अनिवार्य है।
श्री अग्रवाल आज यहां लोकसभा आम चुनाव 2024 के संबंध में तैयारियों की समीक्षा बैठक की अध्यक्षता कर रहे थे।
मुख्य निर्वाचन अधिकारी ने कहा कि आदर्श आचार संहिता लागू होने के बाद किसी भी उम्मीदवार या राजनीतिक पार्टियों द्वारा विज्ञापन सामग्री प्रिंट या इलेक्ट्रॉनिक मीडिया में छपवाने या प्रसारण के लिए दी जाएगी तो उस प्रिंट या इलेक्ट्रॉनिक मीडिया संस्थान को यह चैक करना अनिवार्य होगा कि उम्मीदवार या राजनीतिक पार्टी द्वारा विज्ञापन को छपवाने का सर्टिफिकेट मीडिया सर्टिफिकेशन एंड मॉनिरिंग कमेटी (एम.सी.एम.सी) द्वारा प्राप्त किया गया हो।
उन्होंने कहा कि यह एम.सी.एम.सी कमेटी केंद्रीय, राज्य और जिला स्तर पर बनी हुई है और उम्मीदवार या राजनीतिक पार्टियों कि लिए यह बिल्कुल भी अनिवार्य नहीं है कि वह केवल हरियाणा की एम.सी.एम.सी कमेटी से ही सर्टिफिकेट प्राप्त करें। उम्मीदवार या राजनीतिक पार्टियां दिल्ली में स्थित एम.सी.एम.सी कमेटी से भी सर्टिफिकेट प्राप्त कर सकते हैं जो हरियाणा में भी मान्य होंगे।
मीडियो को सांप्रदायिक, गैर-कानूनी, जाति और राष्ट्र विरोधी समाचारों के प्रसारण से बचना चाहिए
श्री अनुराग अग्रवाल ने भारतीय प्रेस परिषद और समाचार प्रसारण मानक प्राधिकरण द्वारा तय नियमों और दिशा-निर्देशों की जानकारी देते हुए बताया कि आचार संहिता के दौरान मीडिया को सांप्रदायिक, गैर-कानूनी, जाति और राष्ट्र विरोधी समाचारों के प्रसारण से बचना चाहिए। उन्होंने कहा कि चुनाव प्रचार के लिए उम्मीदवारों तथा राजनीतिक दलों द्वारा विभिन्न प्रकार की प्रचार सामग्री छपवाई जाती है, इसलिए प्रकाशक तथा मुद्रक द्वारा छापी गई सामग्री का ब्यौरा संबंधित जिला मजिस्ट्रेट या मुख्य निर्वाचन अधिकारी के कार्यालय में भेजना आवश्यक होता है।
उन्होंने कहा कि यदि किसी व्यक्ति द्वारा किसी उम्मीदवार या राजनीतिक पार्टी के पक्ष में प्रचार सामग्री छपवाई या प्रसारित की जाती है, तो उस स्थिति में मीडिया संस्थान को यह चैक करना होगा कि उस व्यक्ति ने उम्मीदवार या राजनीतिक पार्टी से सहमति ली है या नहीं। अगर उम्मीदवार या राजनीतिक पार्टी की सहमति से प्रचार सामग्री छपवाई या प्रसारित की जा रही है तो विज्ञापन का खर्च उस उम्मीदवार या राजनीतिक पार्टी के चुनाव खर्च में जोड़ा जाएगा। यदि उम्मीदवार या राजनीतिक पार्टी की सहमति के बिना ऐसा कोई प्रचार किया जा रहा है तो उस व्यक्ति के खिलाफ केस दर्ज किया जाएगा।
मतदाताओं का विश्वास बढ़ाने के लिए इस बार भी होगा वीवीपैट का उपयोग
मुख्य निर्वाचन अधिकारी ने कहा कि मीडिया द्वारा संतुलित और निष्पक्ष रिपोर्टिंग की जानी चाहिए ताकि नागरिकों तक सही और सच्ची खबर पहुंचे, जिससे वे किसी प्रकार के बहकावे में न आएं। उन्होंने कहा कि मतदाताओं का विश्वास बढ़ाने के लिए इस बार भी वीवीपैट का इस्तेमाल किया जा रहा है। जब मतदाता वोट डालता है तो वीवीपैट की स्क्रीन पर 7 सेकंड के लिए मतदाता को अपना वोट दिखाई देता है। जिससे मतदाता को यह विश्वास होता है कि उसने जिसे वोट डाला है उसका वोट उसे ही गया है। इसका प्रचार भी मीडिया अधिक से अधिक करे।
क्रमांक-2024
सत्यव्रत/ गौरव
विद्यार्थियों में आत्म विकास जागृत करना परमावश्यक – प्रो. सोमनाथ सचदेवा
कुरुक्षेत्र विश्वविद्यालय तथा द आर्ट ऑफ लिविंग के बीच हुआ एमओयू
चण्डीगढ़, 28 मार्च- कुरुक्षेत्र विश्वविद्यालय में आज कुरुक्षेत्र विश्वविद्यालय तथा द आर्ट ऑफ लिविंग के बीच एमओयू पर कुरुक्षेत्र विश्वविद्यालय के कुलपति प्रोफेसर सोमनाथ सचदेवा की अध्यक्षता में हस्ताक्षर किए गए। इस अवसर पर कुरुक्षेत्र विश्वविद्यालय की ओर से कुलसचिव तथा द आर्ट ऑफ लिविंग की ओर से संस्थागत कार्यक्रम के कंट्री हेड डॉ. राजीव नांबियार ने राज्य निदेशिका हरियाणा शुचिका बत्रा की उपस्थिति में इस एमओयू पर हस्ताक्षर किए।
कुरुक्षेत्र विश्वविद्यालय के कुलपति ने कहा कि राष्ट्रीय शिक्षा नीति 2020 में विद्यार्थियों में आत्म विकास को जागृत करने, पारस्परिक कौशल विकसित करने व सीखने तथा अनुसंधान पर विशेष जोर दिया गया है जिसके मद्देनजर केयू तथा द आर्ट ऑफ लिविंग के बीच इस समझौते पत्र पर हस्ताक्षर किए गए हैं। उन्होंने कहा कि विद्यार्थी को स्वयं के सर्वांगीण विकास के लिए तनाव मुक्त एवं शांत चित्त रहना आवश्यक है तभी वह जीवन की सफलतम ऊंचाइयों को प्राप्त कर सकता है।
उन्होंने कहा कि केयू आईआईएचएस में एमओयू के माध्यम से द आर्ट ऑफ लिविंग द्वारा विद्यार्थियों के लिए ‘आत्म विकास’को लेकर सर्टिफिकेट कोर्स शुरू किया जाएगा। इस सर्टिफिकेट कोर्स के माध्यम से युवा विद्यार्थी जीवन में आने वाली तनावपूर्ण परिस्थितियों से निपटने में सक्षम होंगे, शिक्षकों व छात्र के बीच संबंध मधुर होंगे तथा युवाओं के लिए अपने पारस्परिक कौशल को विकसित करने में मदद भी मिलेगी।
इस एमओयू के माध्यम से शुरू किए जाने वाले सर्टिफिकेट कोर्स के तहत अनुभवी शिक्षकों द्वारा विद्यार्थियों को आत्म विकास के गुर प्रदान किए जाएंगे तथा इस कोर्स के लिए केयू आईआईएचएस नोडल केन्द्र होगा। इस तरह के कोर्स छात्रों के मानसिक स्वास्थ्य व शारीरिक स्वास्थ्य के बीच संतुलन के लिए अति आवश्यक है।
