यूटी प्रशासक द्वारा शहरवासियों को मुफ्त पानी देने के प्रस्ताव को खारिज करना बेहद दुर्भाग्यपूर्ण – डॉ. एस एस आहलूवालिया
नगर निगम का बजट पहले ही पारित हो जाना चाहिए था : डॉ. आहलूवालिया
चंडीगढ़/संघोल टाइम्स/नागपाल/13 जून, 2024- लोकसभा चुनाव से पहले चंडीगढ़ नगर निगम में मेयर कुलदीप कुमार और पार्षदों द्वारा शहरवासियों को 20,000 लीटर मुफ्त पानी देने का प्रस्ताव पारित किया गया था। जिसे पंजाब के राज्यपाल और यूटी चंडीगढ़ के प्रशासक श्री बनवारी लाल परोहित ने फाइल पहुंचने से पहले ही सिरे से खारिज कर दिया था। इस संबंध में आज यूटी प्रशासक कार्यालय की ओर से एक प्रेस विज्ञप्ति भी जारी की गई। पंजाब जल आपूर्ति और सीवरेज बोर्ड के चेयरमैन और आम आदमी पार्टी (आप) चंडीगढ़ के सह-प्रभारी डॉ. एसएस आहलूवालिया ने इसे बेहद दुर्भाग्यपूर्ण बताया।
डॉ. आहलूवालिया ने कहा कि चंडीगढ़ के निवासियों को 20,000 लीटर मुफ्त पानी देने का प्रस्ताव नगर निगम में चंडीगढ़ के निवासियों द्वारा चुने गए पार्षदों और मेयर द्वारा पारित किया गया था। उन्होंने कहा कि यूटी प्रशासक द्वारा नगर निगम द्वारा पारित 20,000 लीटर मुफ्त पानी देने वाले प्राइवेट मेंबर बिल को उनके पास जाने से पहले ही खारिज कर दिया गया था। चंडीगढ़ से इंडिया अलायंस के लोकसभा सदस्य श्री मनीष तिवारी ने भी शहरवासियों को मुफ्त पानी देने का वादा किया है।
डॉ. आहलूवालिया ने आगे कहा कि जब चंडीगढ़ नगर निगम और चंडीगढ़ लोकसभा सदस्य शहरवासियों को 20,000 लीटर मुफ्त पानी देने की बात कर रहे हैं, तो यह बहुत आश्चर्यजनक और बहुत दुर्भाग्यपूर्ण है कि यूटी प्रशासक ने जानबूझकर इस प्रस्ताव को ख़ारिज कर दिया। उन्होंने कहा कि भाजपा पार्षद नगर निगम में 40 हजार लीटर मुफ्त पानी देने का नारा लगा रहे थे और प्राइवेट मेंबर बिल भी लाया गया था, लेकिन आज कोई भी भाजपा नेता इस पर बात करने को तैयार नहीं है।
उन्होंने कहा कि यह प्रस्ताव मेयर कुलदीप कुमार ने इसलिए पारित किया था ताकि चंडीगढ़ शहर के आम लोगों को कुछ फायदा मिल सके और उन्हें अपना घर चलाने में कुछ मदद मिल सके, लेकिन यूटी प्रशासक नहीं चाहते कि शहरवासियों को कोई फायदा हो। 24&7 घंटे जलापूर्ति के लिए सैकड़ों करोड़ रुपये अनावश्यक खर्च किए जा रहे हैं। जिससे शहरवासियों को कोई फायदा नहीं होगा, सिर्फ निजी कंपनी को फायदा होगा।
उन्होंने आगे कहा कि मेयर कुलदीप कुमार ने यूटी प्रशासक को प्रस्ताव दिया था कि शहरवासियों को 20,000 लीटर मुफ्त पानी देने के बाद भी अवैध रूप से चल रहे मीटरों को बंद करके 18 करोड़ रुपये का अतिरिक्त लाभ प्राप्त किया जा सकता है, लेकिन यूटी प्रशासक द्वारा इस पर बात न करना बड़ी चिंता का विषय है।
डॉ. आहलूवालिया ने कहा कि चंडीगढ़ नगर निगम ने शहरवासियों को मुफ्त पार्किंग सुविधा देने का प्रस्ताव पारित किया था, जिसे यूटी प्रशासक ने रोक दिया है। उन्होंने आगे कहा कि इन मुद्दों को लेकर इंडिया अलायंस कल चंडीगढ़ में बैठक करेगा और चंडीगढ़ वासियों के हित के लिए हर कदम उठाया जाएगा और चंडीगढ़ में तानाशाही नहीं चलने दी जाएगी, क्योंकि शहर की जनता को बीजेपी के एजेंडे बिल्कुल पसंद नहीं है, इस लिए शहरवासियों ने चंडीगढ़ की सत्ता से बाहर किया है।
डॉ. आहलूवालिया ने कहा कि यूटी प्रशासक द्वारा 2 महीने पहले चंडीगढ़ नगर निगम द्वारा पारित बजट को पारित न करना शहरवासियों के लिए शरेआम धक्का है। अगर उस समय बजट पास हो गया होता तो नगर निगम को इतनी परेशानी नहीं उठानी पड़ती।
