पंजाब उद्योग और वाणिज्य को प्रोत्साहन देने के लिए लुधियाना,न्यू चंडीगढ़ और अमृतसर में तीन विश्व स्तरीय प्रदर्शनी केंद्र स्थापित करेगा: मुख्यमंत्री भगवंत सिंह मान**
– प्रगतिशील पंजाब निवेशक सम्मेलन निवेशकों के लिए विचार साझा करने और अवसरों की खोज के लिए उपयुक्त मंच बन गया है: मुख्यमंत्री भगवंत सिंह मान
– पंजाब पारंपरिक कृषि से मूल्यवर्धित निर्यात की ओर बढ़ रहा है, फूड प्रोसेसिंग किसानों की समृद्धि की कुंजी है: मुख्यमंत्री भगवंत सिंह मान
– राज्य सरकार उद्योग, निर्यात और नवीकरणीय ऊर्जा पर विशेष ध्यान देकर अगले 50 वर्षों के लिए पंजाब की अर्थव्यवस्था को तैयार कर रही है: मुख्यमंत्री भगवंत सिंह मान
SAS-NAGAR/SANGHOL-TIMES/JATINDER-PAL-SINGH/14मार्च,2026-
पंजाब के मुख्यमंत्री भगवंत सिंह मान ने आज घोषणा की कि पंजाब सरकार राज्य में उद्योग और वाणिज्य को बड़ा प्रोत्साहन देने के लिए लुधियाना, न्यू चंडीगढ़ (मोहाली) और अमृतसर में तीन विश्व स्तरीय प्रदर्शनी केंद्र स्थापित करेगी।
मोहाली में चल रहे प्रगतिशील पंजाब निवेश सम्मेलन में विभिन्न सत्रों के दौरान उद्योगपतियों से बातचीत करते हुए मुख्यमंत्री भगवंत सिंह मान ने प्रतिभागियों की सराहना की कि उन्होंने पंजाब को प्रभावित करने वाले प्रमुख आर्थिक और औद्योगिक मुद्दों पर सक्रिय रूप से विचार-विमर्श किया। उन्होंने कहा कि पंजाब में बड़े प्रदर्शनी केंद्र नहीं हैं, जिसके कारण उद्योग को अपने उत्पादों को प्रदर्शित करने के लिए उचित स्थान नहीं मिलते। मुख्यमंत्री भगवंत सिंह मान ने कहा कि इस कमी को दूर करने के लिए पंजाब सरकार नई दिल्ली के प्रगति मैदान की तर्ज पर लुधियाना, न्यू चंडीगढ़ और अमृतसर में तीन विश्व स्तरीय प्रदर्शनी केंद्र स्थापित करने जा रही है, ताकि उद्योग को अपने उत्पाद प्रदर्शित करने और आर्थिक गतिविधियों को बढ़ावा देने के लिए मजबूत मंच मिल सके।
प्रगतिशील पंजाब निवेश सम्मेलन के महत्व को रेखांकित करते हुए मुख्यमंत्री ने कहा कि यह सम्मेलन एक सुव्यवस्थित मंच बन गया है, जहां निवेशक विचार साझा करने के साथ-साथ बड़े पैमाने पर अवसरों की खोज कर रहे हैं। मुख्यमंत्री भगवंत सिंह मान ने कहा कि इससे पंजाब और निवेशकों दोनों को लाभ होगा क्योंकि हम मिलकर राज्य की अर्थव्यवस्था को मजबूत करने के लिए काम करते हैं।
उन्होंने जोर देकर कहा कि पंजाब सरकार राज्य की निर्यात-आधारित अर्थव्यवस्था को मजबूत करने और पंजाब को पारंपरिक कृषि उत्पादन से मूल्यवर्धित निर्यात की ओर ले जाने के लिए प्रतिबद्ध है। पंजाब क्रांति की धरती है और पंजाबी नए विचारों को तेजी से अपनाते हैं। इसी कारण पंजाबियों ने दुनिया भर में हर क्षेत्र में बड़ी सफलताएं हासिल की हैं और बड़ा नाम कमाया है। मुख्यमंत्री भगवंत सिंह मान ने आगे कहा कि हमारा उद्देश्य पंजाब की निर्यात-आधारित अर्थव्यवस्था को और मजबूत करना है क्योंकि राज्य में पारंपरिक कृषि से मूल्यवर्धित उत्पादों की ओर जाने की विशाल संभावना है।
मुख्यमंत्री ने जोर देकर कहा कि पंजाब सरकार अगले 50 वर्षों के आर्थिक विकास के लिए राज्य को तैयार कर रही है, जिसका स्पष्ट दृष्टिकोण पंजाब को वैश्विक निर्यात केंद्र में बदलना है। उन्होंने कहा कि हमारा लक्ष्य अगले पचास वर्षों की जरूरतों के लिए पंजाब को तैयार करना है। हम पंजाब को प्रमुख निर्यात केंद्र के रूप में विकसित करना चाहते हैं। मैं निवेशकों से अपील करता हूं कि वे पंजाब की तुलना देश के किसी अन्य राज्य से करें और वे देखेंगे कि पंजाब निवेश के लिए सबसे अनुकूल माहौल प्रदान करता है। मुख्यमंत्री भगवंत सिंह मान ने कहा कि हालांकि हमारी आबादी देश की कुल आबादी का केवल 2 प्रतिशत है, लेकिन देश के लिए पंजाबियों की कुर्बानियां 90 प्रतिशत से अधिक हैं।
देश की खाद्य सुरक्षा में पंजाब के योगदान को रेखांकित करते हुए मुख्यमंत्री ने कहा कि पंजाब हमेशा से देश का अन्न भंडार रहा है, जो लगभग 185 लाख मीट्रिक टन चावल और 125 लाख मीट्रिक टन गेहूं उत्पादित करता है। मुख्यमंत्री भगवंत सिंह मान ने कहा कि पंजाब के इस योगदान के कारण ही राज्य को गर्व से देश का अन्नदाता कहा जाता है।
प्रगतिशील पंजाब निवेश सम्मेलन को शानदार सफलता बताते हुए मुख्यमंत्री ने कहा कि इस सम्मेलन के दौरान योजनाबद्ध सभी तीस सत्रों में बड़ी भागीदारी देखी गई, जो पंजाब की विकास कहानी में व्यापारिक समुदाय की गहरी रुचि को दर्शाता है। मुख्यमंत्री भगवंत सिंह मान ने कहा कि इसके साथ ही हमें इस चुनौती को समझते हुए कि मूल्यवर्धन के बिना बंपर कृषि उत्पादन अक्सर आपूर्ति और मांग के बीच असंतुलन पैदा करता है, इसके समाधान के लिए उचित प्रयास करने चाहिए।
उन्होंने फूड प्रोसेसिंग में पंजाब की अथाह संभावनाओं को उजागर किया और विभिन्न क्षेत्रों की विशेष कृषि उपज के उदाहरण दिए। पंजाब में फूड प्रोसेसिंग के लिए अथाह संभावना है। मुख्यमंत्री भगवंत सिंह मान ने कहा कि पठानकोट की लीची, होशियारपुर के आम और जालंधर के आलू उन फसलों के उदाहरण हैं जहां फूड प्रोसेसिंग के माध्यम से मूल्यवृद्धि किसानों की आय में काफी वृद्धि कर सकती है।
मुख्यमंत्री ने जोर देकर कहा कि गेहूं-धान के फसल चक्र से निकलने के लिए कृषि विविधीकरण बहुत जरूरी है। उन्होंने कहा कि पंजाब के किसान गेहूं-धान के चक्र से निकलकर आगे बढ़ना चाहते हैं, लेकिन चुनौती व्यावहारिक विकल्पों की कमी है। फूड प्रोसेसिंग एक व्यावहारिक समाधान पेश करती है। मुख्यमंत्री भगवंत सिंह मान ने आगे कहा कि यदि किसान धान के बराबर आय प्राप्त करते हैं तो वे मक्का जैसी फसलों की खेती को स्वतः अपनाएंगे। इसलिए हमें यह सुनिश्चित करना चाहिए कि फसल विविधीकरण किसानों के लिए आर्थिक रूप से लाभदायक और व्यावहारिक हो।
कृषि विविधीकरण के प्रोत्साहन देने वाले उदाहरणों का हवाला देते हुए मुख्यमंत्री ने बताया कि कुछ क्षेत्रों में सब्जियों की खेती ने भूजल स्तर में सुधार किया है। मुख्यमंत्री भगवंत सिंह मान ने कहा कि कुछ क्षेत्रों में सब्जियों की खेती से 0-4 मीटर की रेंज में भूजल स्तर में 57 प्रतिशत तक सुधार हुआ है। यह दर्शाता है कि व्यावहारिक फसल विविधीकरण किसानों और पर्यावरण दोनों को लाभ पहुंचा सकता है।
उन्होंने निवेशकों और प्रतिनिधियों को पंजाब सरकार की निर्णय लेने वाली टीमों से सीधे अपने विचार साझा करने का निमंत्रण दिया और नाभा में किसान कैचप प्लांट की सफलता पर भी प्रकाश डाला। मुख्यमंत्री भगवंत सिंह मान ने कहा कि जब नाभा में किसान कैचप प्लांट पहली बार स्थापित किया गया था तो उस समय टमाटर महाराष्ट्र से मंगवाया जा रहा था और किसानों द्वारा उपयुक्त किस्में अपनाने के बाद आज लगभग साठ प्रतिशत टमाटर स्थानीय रूप से पंजाब से ही आ रहा है, जो यह ठोस उदाहरण है कि कृषि और उद्योग कैसे साथ मिलकर काम कर सकते हैं।
मुख्यमंत्री ने नई औद्योगिक नीति के तहत बढ़ाई गई सब्सिडी की भी घोषणा की। नई औद्योगिक नीतियों के तहत फूड प्रोसेसिंग उद्योगों के लिए सब्सिडी अब 125 प्रतिशत तक बढ़ा दी जाएंगी। उन्होंने आगे कहा कि हम फूलों की खेती को भी प्रोत्साहित कर रहे हैं और हमारा लक्ष्य इसे 16 प्रतिशत तक बढ़ाना है। मुख्यमंत्री भगवंत सिंह मान ने कहा कि पंजाब सरकार ने बासमती चावल उत्पादकों के लिए कीटनाशकों के अवशेष की जांच के लिए मोहाली में एक लैबोरेटरी भी स्थापित की है और यदि बाजार की कीमतें न्यूनतम स्तर से नीचे आती हैं तो हम एमएसपी सहायता देने और इससे संबंधित उचित कदम उठाने को सुनिश्चित करेंगे।
मुख्यमंत्री ने कहा कि पंजाब में पहले से ही काम कर रही बड़ी अंतरराष्ट्रीय कंपनियों की मौजूदगी राज्य के औद्योगिक माहौल में विश्व उद्योग के विश्वास को दर्शाती है। मुख्यमंत्री भगवंत सिंह मान ने कहा कि पंजाब कच्चे माल की उपलब्धता, स्थापित औद्योगिक क्लस्टर और प्रमुख बाजारों से निकटता जैसे मजबूत लाभ प्रदान कर रहा है। राज्य में टेक्सटाइल, ऑटो कंपोनेंट, एफएमसीजी उत्पाद और निर्माण सामग्री जैसे मजबूत क्षेत्र पहले से ही मौजूद हैं।
उन्होंने आगे बताया कि पंजाब कृषि रसायनों और उर्वरकों के लिए एक महत्वपूर्ण हब के रूप में भी उभर रहा है। मुख्यमंत्री भगवंत सिंह मान ने कहा कि पंजाब की बड़ी कृषि अर्थव्यवस्था कृषि रसायनों और उर्वरकों की बड़ी मांग पैदा करती है और राज्य पहले से ही इस क्षेत्र में प्रमुख उद्योगपतियों का समर्थन कर रहा है।
मुख्यमंत्री ने कहा कि पंजाब सरकार ने हाल ही में उद्योग और व्यापार विकास नीति 2026 शुरू की है, जिसे उन्होंने भारत में सबसे प्रगतिशील नीति ढांचों में से एक बताया। मुख्यमंत्री भगवंत सिंह मान ने कहा कि उद्योग और व्यापार विकास नीति 2026 निवेशकों के लिए मजबूत सहायता प्रदान करती है और इन्वेस्ट पंजाब अनुमतियों से लेकर प्रोजेक्ट क्रियान्वयन तक हर चरण पर उद्योगों की सहायता के लिए समर्पित सुविधा के रूप में काम करता है।
राष्ट्रीय खाद्य सुरक्षा सुनिश्चित करने में पंजाब की ऐतिहासिक भूमिका को दोहराते हुए मुख्यमंत्री ने कहा कि कृषि और सहायक क्षेत्र राज्य के कार्यबल का समर्थन करते आए हैं। मुख्यमंत्री भगवंत सिंह मान ने कहा कि पंजाब हमेशा से भारत का अन्नदाता रहा है और हमारे किसानों ने देश के लिए खाद्य सुरक्षा सुनिश्चित करने में ऐतिहासिक भूमिका निभाई है। कृषि और सहायक क्षेत्र हमारी अर्थव्यवस्था का मुख्य स्तंभ हैं।
उन्होंने जोर देकर कहा कि कृषि विकास का अगला चरण मूल्यवृद्धि पर केंद्रित होना चाहिए। मुख्यमंत्री भगवंत सिंह मान ने कहा कि पंजाब की कृषि का भविष्य केवल फसलों के उत्पादन में ही नहीं है, बल्कि उन्हें घरेलू और अंतरराष्ट्रीय बाजारों के लिए प्रोसेस्ड और ब्रांडेड खाद्य उत्पादों में तैयार करने में है।
उन्होंने कहा कि रेडी-टू-ईट फूड, पैकेज्ड उत्पाद, हेल्थ फूड्स और प्रोसेस्ड कृषि उत्पादों की बढ़ती मांग के साथ वैश्विक खाद्य उपभोग के रुझान तेजी से बदल रहे हैं। मुख्यमंत्री भगवंत सिंह मान ने कहा कि वैश्विक उपभोग पैटर्न में यह बदलाव पंजाब के लिए कृषि उत्पादों से खाद्य उत्पादों की ओर संक्रमण का बड़ा अवसर पेश करता है।
मुख्यमंत्री ने इस बात पर जोर दिया कि इस बदलाव का समर्थन करने के लिए पंजाब के पास पहले से ही मजबूत बुनियादी ढांचा है। मुख्यमंत्री भगवंत सिंह मान ने आगे कहा कि पंजाब के पास मेगा फूड पार्क, कोल्ड स्टोरेज, फूड स्टोरेज डिपो और मजबूत लॉजिस्टिक्स कनेक्टिविटी है, जो आधुनिक फूड प्रोसेसिंग और सप्लाई चेन का समर्थन करती है।
उन्होंने कहा कि पंजाब सरकार का विजन किसानों और उद्योगों के बीच मजबूत साझेदारी बनाना है। मुख्यमंत्री भगवंत सिंह मान ने कहा कि जब किसान, फूड प्रोसेसर, निर्यातक और लॉजिस्टिक्स प्रदाता साथ मिलकर काम करते हैं, तो यह किसानों की आय बढ़ाता है, युवाओं के लिए रोजगार पैदा करता है और पंजाब के लिए निर्यात के अवसरों का विस्तार करता है।
मुख्यमंत्री ने दोहराया कि पंजाब लंबे समय से उद्यम, निर्माण क्षमता और मजबूत वैश्विक व्यापार संबंधों के लिए जाना जाता है। मुख्यमंत्री भगवंत सिंह मान ने कहा कि आज पंजाब सरकार एक निर्यात-आधारित औद्योगिक अर्थव्यवस्था के रूप में पंजाब की स्थिति को और मजबूत करने की दिशा में काम कर रही है।
उन्होंने कहा कि पंजाब वर्तमान में 7 बिलियन डॉलर से अधिक मूल्य की वस्तुओं का निर्यात करता है और कृषि, इंजीनियरिंग सामान, टेक्सटाइल, ऑटो कंपोनेंट और फार्मास्यूटिकल जैसे क्षेत्रों में मजबूत उपस्थिति दर्शाता है। मुख्यमंत्री भगवंत सिंह मान ने कहा कि चौदह लाख से अधिक एमएसएमई के साथ पंजाब के पास उद्यमों का मजबूत आधार है जो निर्यात, रोजगार और औद्योगिक विकास में महत्वपूर्ण योगदान देते हैं।
मुख्यमंत्री ने कहा कि पंजाब सरकार का उद्देश्य निर्माण क्षमता को लॉजिस्टिक्स प्रणालियों से जोड़कर पंजाब को उत्तरी भारत के प्रमुख निर्यात केंद्र में बदलना है। मुख्यमंत्री भगवंत सिंह मान ने आगे कहा कि हम उद्योगपतियों, निर्यातकों और लॉजिस्टिक कंपनियों को विश्व स्तरीय पैर पसारने में पंजाब के साथ साझेदारी करने के लिए आमंत्रित करते हैं।
टिकाऊ विकास के महत्व को उजागर करते हुए मुख्यमंत्री ने पंजाब के स्वच्छ और विश्वसनीय ऊर्जा की ओर संक्रमण के बारे में भी बात की। मुख्यमंत्री भगवंत सिंह मान ने कहा कि पंजाब हमारी लंबी अवधि की विकास रणनीति के हिस्से के रूप में स्वच्छ और विश्वसनीय ऊर्जा की ओर लगातार बढ़ रहा है। नवीकरणीय ऊर्जा बढ़ती औद्योगिक मांग, कृषि जरूरतों और बिजली की गतिशीलता जैसे उभरते क्षेत्रों को पूरा करने में मुख्य भूमिका निभाएगी।
उन्होंने आगे कहा कि पंजाब को अपनी मजबूत कृषि आधार के कारण बायोएनर्जी में प्राकृतिक लाभ है। मुख्यमंत्री भगवंत सिंह मान ने कहा कि पंजाब में हर साल लगभग बीस मिलियन टन धान की पराली उत्पन्न होती है। जिसे कभी चुनौती के रूप में देखा जाता था लेकिन अब बायोमास पावर, कम्प्रेस्ड बायोगैस और अवशेषों से ऊर्जा परियोजनाओं के माध्यम से संभावना के रूप में बदला जा रहा है।
मुख्यमंत्री भगवंत सिंह मान ने आगे कहा कि बायोएनर्जी पराली प्रबंधन का समाधान, ग्रामीण आय में वृद्धि, उद्योगों के लिए स्वच्छ ईंधन तैयार करने और एक चक्रीय अर्थव्यवस्था बनाने में मदद करेगी जहां कृषि अवशेष एक ऊर्जा स्रोत बन जाएगा।
इस अवसर पर कैबिनेट मंत्री संजीव अरोड़ा और गुरमीत सिंह खुड्डियां सहित अन्य गणमान्य व्यक्ति भी मौजूद थे।
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*Punjab to set up 3 world-class exhibition centres at Ludhiana, New Chandigarh & Amritsar to boost industry and commerce: CM Bhagwant Singh Mann*
*Progressive Punjab Investors Summit has become powerful platform for investors to share ideas & explore opportunities: CM Bhagwant Singh Mann*
*Punjab moving from traditional agriculture to value-added exports, food processing key to farmers’ prosperity: CM Bhagwant Singh Mann*
*State preparing Punjab’s economy for next 50 years with strong focus on industry, exports and renewable energy: CM Bhagwant Singh Mann*
SAS-NAGAR/SANGHOL-TIMES/JATINDER-PAL-SINGH/14मार्च,2026-
Punjab Chief Minister Bhagwant Singh Mann on Saturday announced that the Punjab Government will establish three world-class exhibition centres at Ludhiana, New Chandigarh (Mohali) and Amritsar to give a major boost to industry and commerce in the state.
Interacting with industrialists during various sessions at the ongoing Progressive Punjab Investment Summit, Punjab Chief Minister Bhagwant Singh Mann congratulated participants for actively brainstorming on key economic and industrial issues affecting Punjab. “Punjab does not have big exhibition centres due to which the industry does not have proper places to showcase their products. To address this gap, the Punjab Government is in the process of setting up three world-class exhibition centres at Ludhiana, New Chandigarh and Amritsar on the lines of Pragati Maidan in New Delhi so that industry gets a strong platform to display their goods and boost economic activity,” said CM Bhagwant Singh Mann.
Highlighting the significance of the Progressive Punjab Investment Summit, the Chief Minister said, “This summit has transformed into a well-managed platform where investors are sharing ideas and exploring opportunities in a big way. This will benefit both Punjab and the investors as we collectively work towards strengthening the state’s economy,” stated CM Bhagwant Singh Mann.
He emphasized that the Punjab Government is committed to strengthening the state’s export-driven economy and helping Punjab transition from traditional agricultural output to value-added exports. “Punjab is the land of revolution and Punjabis adopt new ideas quickly. That is why Punjabis have excelled in every sphere across the world. Our aim is to further strengthen the export-driven economy of Punjab as the state has enormous potential to move from traditional agricultural exports to value-added products,” added CM Bhagwant Singh Mann.
The Chief Minister asserted that the Punjab Government is preparing the state for the next 50 years of economic growth with a clear vision of transforming Punjab into a global export hub. “Our goal is to prepare Punjab for the needs of the next fifty years. We want to develop Punjab as a major export hub. I urge investors to compare Punjab with any other state in the country and they will find that Punjab offers one of the best environments for investment. Though our population is only about 2 percent of the country, the sacrifices of Punjabis for the nation exceed 90 percent,” affirmed CM Bhagwant Singh Mann.
Highlighting Punjab’s contribution to the country’s food security, the Chief Minister noted that the state continues to be the food bowl of India. “Punjab produces around 185 lakh metric tonnes of rice and 125 lakh metric tonnes of wheat. Because of this contribution, Punjab is proudly known as the food bowl of the country,” noted CM Bhagwant Singh Mann.
Describing the Progressive Punjab Investment Summit as a resounding success, the Chief Minister said, “All thirty sessions planned during the summit were fully attended, which shows the strong interest of the business community in Punjab’s growth story. At the same time, we must address the challenge that bumper agricultural production without value addition often creates imbalance between supply and demand,” observed CM Bhagwant Singh Mann.
He highlighted Punjab’s immense potential in food processing and cited examples of several regions known for specialized agricultural produce. “Punjab has tremendous potential in food processing. Pathankot’s litchis, Hoshiarpur’s mangoes and Jalandhar’s potatoes are examples of crops where value addition through food processing can significantly increase farmers’ income,” stated CM Bhagwant Singh Mann.
The Chief Minister emphasized that diversification of agriculture is essential to break the wheat-paddy cycle. “Farmers in Punjab want to move beyond the wheat-paddy cycle, but the challenge is the lack of viable alternatives. Food processing offers a practical solution. Farmers will adopt crops like maize if they receive income comparable to paddy. Therefore, we must ensure that diversification becomes economically viable for farmers,” added CM Bhagwant Singh Mann.
Citing encouraging examples of agricultural diversification, the Chief Minister pointed out that vegetable cultivation has helped improve groundwater levels in some areas. “In certain areas, vegetable cultivation has led to a 57 percent improvement in groundwater levels in the 0–4 meter range. This shows that diversification can benefit both farmers and the environment,” said CM Bhagwant Singh Mann.
He invited investors and delegates to share their ideas directly with the decision-making teams of the Punjab Government and also highlighted the success of the Kisan Ketchup plant at Nabha. “When the Kisan Ketchup plant was first set up in Nabha, tomatoes were imported from Maharashtra. Today, nearly sixty percent of the tomatoes are sourced locally from Punjab after farmers adopted the required varieties. This is a strong example of how agriculture and industry can work together,” stated CM Bhagwant Singh Mann.
Describing Punjab as a blessed land, the Chief Minister also announced enhanced subsidies under the new industrial policy. “Under the new industrial policies, subsidies for food processing industries will now go up to 125 percent. We are also promoting floriculture, which we aim to increase to sixteen percent. The Punjab Government has established a laboratory in Mohali to test pesticide residues for basmati rice growers, and we will ensure MSP support and state intervention if market prices fall below minimum levels,” affirmed CM Bhagwant Singh Mann.
The Chief Minister said that the presence of major international companies already operating in Punjab reflects the confidence of global industry in the state’s industrial ecosystem. “Punjab offers strong advantages such as availability of raw material, established industrial clusters and proximity to key markets. The state already has strong sectors including textiles, auto components, FMCG products and construction materials,” noted CM Bhagwant Singh Mann.
He further pointed out that Punjab is also emerging as an important hub for agrochemicals and fertilizers. “Punjab’s large agricultural economy creates strong demand for agrochemicals and fertilizers, and the state already hosts major players in this sector,” added CM Bhagwant Singh Mann.
The Chief Minister said that the Punjab Government recently launched the Industrial & Business Development Policy 2026, which he described as one of the most progressive policy frameworks in India for industrial growth. “The Industrial & Business Development Policy 2026 provides strong support for investors, and Invest Punjab functions as a dedicated one-stop facilitation office to assist industries at every stage from approvals to project implementation,” said CM Bhagwant Singh Mann.
Reiterating Punjab’s historic role in ensuring national food security, the Chief Minister said that agriculture and allied sectors continue to support a large share of the state’s workforce. “Punjab has always been the food bowl of India and our farmers have played a historic role in ensuring food security for the nation. Agriculture and allied sectors remain a key pillar of our economy,” stated CM Bhagwant Singh Mann.
However, he emphasized that the next phase of agricultural growth must focus on value addition. “The future of Punjab’s agriculture lies not only in producing crops but in converting them into processed and branded food products for domestic and international markets,” asserted CM Bhagwant Singh Mann.
He noted that global food consumption patterns are rapidly changing with increasing demand for ready-to-eat foods, packaged products, health foods and processed agricultural products. “This change in global consumption patterns presents a major opportunity for Punjab to move from farm produce to food products,” said CM Bhagwant Singh Mann.
The Chief Minister highlighted that Punjab already possesses strong infrastructure to support this transformation. “Punjab already has Mega Food Parks, cold storages, food storage depots and strong logistics connectivity that support modern food processing and efficient supply chains,” added CM Bhagwant Singh Mann.
He said that the Punjab Government’s vision is to build strong partnerships between farmers and industry. “When farmers, food processors, exporters and logistics providers work together, it increases farmers’ income, generates employment for youth and expands export opportunities for Punjab,” affirmed CM Bhagwant Singh Mann.
The Chief Minister reiterated that Punjab has long been known for enterprise, manufacturing strength and strong global trade connections. “Today the Punjab Government is working to further strengthen Punjab’s position as an export-driven industrial economy,” noted CM Bhagwant Singh Mann.
He highlighted that Punjab currently exports goods worth over USD 7 billion and has a strong presence in sectors such as agriculture, engineering goods, textiles, auto components and pharmaceuticals. “With more than fourteen lakh MSMEs, Punjab has a strong base of enterprises that contribute to exports, employment and industrial growth,” stated CM Bhagwant Singh Mann.
The Chief Minister said that the Punjab Government aims to transform Punjab into a major export hub of North India by combining manufacturing strength with efficient logistics systems. “We invite industry leaders, exporters and logistics companies to partner with Punjab in expanding our global footprint,” added CM Bhagwant Singh Mann.
Highlighting the importance of sustainable development, the Chief Minister also spoke about Punjab’s transition towards clean and reliable energy. “Punjab is steadily moving towards clean and reliable energy as part of our long-term development strategy. Renewable energy will play a key role in meeting growing industrial demand, agricultural needs and emerging sectors such as electric mobility,” said CM Bhagwant Singh Mann.
He added that Punjab has a natural advantage in bioenergy because of its strong agricultural base. “Punjab produces nearly twenty million tonnes of paddy straw every year. What was once seen as a challenge is now being converted into an opportunity through biomass power, compressed biogas and waste-to-energy projects,” stated CM Bhagwant Singh Mann.
“Bioenergy will help address stubble management, generate additional rural income, support clean fuel transition for industry and build a circular economy where agricultural residue becomes an energy resource,” added CM Bhagwant Singh Mann.
On the occasion, Cabinet Ministers Sanjeev Arora and Gurmeet Singh Khudian along with other dignitaries were also present.
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ਪੰਜਾਬ ਉਦਯੋਗ ਅਤੇ ਵਣਜ ਨੂੰ ਹੁਲਾਰਾ ਦੇਣ ਲਈ ਲੁਧਿਆਣਾ, ਨਿਊ ਚੰਡੀਗੜ੍ਹ ਅਤੇ ਅੰਮ੍ਰਿਤਸਰ ਵਿਖੇ ਤਿੰਨ ਵਿਸ਼ਵ ਪੱਧਰੀ ਪ੍ਰਦਰਸ਼ਨੀ ਕੇਂਦਰ ਸਥਾਪਤ ਕਰੇਗਾ: ਮੁੱਖ ਮੰਤਰੀ ਭਗਵੰਤ ਸਿੰਘ ਮਾਨ
* ਪ੍ਰਗਤੀਸ਼ੀਲ ਪੰਜਾਬ ਨਿਵੇਸ਼ਕ ਸੰਮੇਲਨ ਨਿਵੇਸ਼ਕਾਂ ਲਈ ਵਿਚਾਰ ਸਾਂਝੇ ਕਰਨ ਅਤੇ ਮੌਕਿਆਂ ਦੀ ਪੜਚੋਲ ਲਈ ਢੁਕਵਾਂ ਮੰਚ ਬਣਿਆ: ਮੁੱਖ ਮੰਤਰੀ ਭਗਵੰਤ ਸਿੰਘ ਮਾਨ
* ਪੰਜਾਬ ਰਵਾਇਤੀ ਖੇਤੀਬਾੜੀ ਤੋਂ ਵੈਲਯੂ ਐਡਿਡ ਵਾਲੀ ਬਰਾਮਦ ਵੱਲ ਵਧ ਰਿਹੈ, ਫੂਡ ਪ੍ਰੋਸੈਸਿੰਗ ਕਿਸਾਨਾਂ ਦੀ ਖੁਸ਼ਹਾਲੀ ਦੀ ਕੁੰਜੀ: ਮੁੱਖ ਮੰਤਰੀ ਭਗਵੰਤ ਸਿੰਘ ਮਾਨ
* ਸੂਬਾ ਸਰਕਾਰ ਉਦਯੋਗ, ਨਿਰਯਾਤ ਅਤੇ ਨਵਿਆਉਣਯੋਗ ਊਰਜਾ ‘ਤੇ ਵਿਸ਼ੇਸ਼ ਧਿਆਨ ਦੇ ਨਾਲ ਅਗਲੇ 50 ਸਾਲਾਂ ਵਾਸਤੇ ਪੰਜਾਬ ਦੀ ਆਰਥਿਕਤਾ ਨੂੰ ਤਿਆਰ ਕਰ ਰਹੀ ਹੈ: ਮੁੱਖ ਮੰਤਰੀ ਭਗਵੰਤ ਸਿੰਘ ਮਾਨ
SAS-NAGAR/SANGHOL-TIMES/JATINDER-PAL-SINGH/14मार्च,2026-
ਪੰਜਾਬ ਦੇ ਮੁੱਖ ਮੰਤਰੀ ਭਗਵੰਤ ਸਿੰਘ ਮਾਨ ਨੇ ਅੱਜ ਐਲਾਨ ਕੀਤਾ ਕਿ ਪੰਜਾਬ ਸਰਕਾਰ ਸੂਬੇ ਵਿੱਚ ਉਦਯੋਗ ਅਤੇ ਵਣਜ ਨੂੰ ਵੱਡਾ ਹੁਲਾਰਾ ਦੇਣ ਲਈ ਲੁਧਿਆਣਾ, ਨਿਊ ਚੰਡੀਗੜ੍ਹ (ਮੋਹਾਲੀ) ਅਤੇ ਅੰਮ੍ਰਿਤਸਰ ਵਿਖੇ ਤਿੰਨ ਵਿਸ਼ਵ ਪੱਧਰੀ ਪ੍ਰਦਰਸ਼ਨੀ ਕੇਂਦਰ ਸਥਾਪਤ ਕਰੇਗੀ।
ਮੋਹਾਲੀ ਵਿਖੇ ਚੱਲ ਰਹੇ ਪ੍ਰਗਤੀਸ਼ੀਲ ਪੰਜਾਬ ਨਿਵੇਸ਼ ਸੰਮੇਲਨ ਵਿੱਚ ਵੱਖ-ਵੱਖ ਸੈਸ਼ਨਾਂ ਦੌਰਾਨ ਉਦਯੋਗਪਤੀਆਂ ਨਾਲ ਗੱਲਬਾਤ ਕਰਦਿਆਂ ਪੰਜਾਬ ਦੇ ਮੁੱਖ ਮੰਤਰੀ ਭਗਵੰਤ ਸਿੰਘ ਮਾਨ ਨੇ ਭਾਗੀਦਾਰਾਂ ਨੂੰ ਪੰਜਾਬ ਨੂੰ ਪ੍ਰਭਾਵਿਤ ਕਰਨ ਵਾਲੇ ਮੁੱਖ ਆਰਥਿਕ ਅਤੇ ਉਦਯੋਗਿਕ ਮੁੱਦਿਆਂ ‘ਤੇ ਸਰਗਰਮੀ ਨਾਲ ਵਿਚਾਰ-ਵਟਾਂਦਰਾ ਕਰਨ ਦੇ ਕਦਮ ਦੀ ਸ਼ਲਾਘਾ ਕੀਤੀ। ਉਨ੍ਹਾਂ ਕਿਹਰਾ ਕਿ ਪੰਜਾਬ ਵਿੱਚ ਵੱਡੇ ਪ੍ਰਦਰਸ਼ਨੀ ਕੇਂਦਰ ਨਹੀਂ ਹਨ, ਜਿਸ ਕਾਰਨ ਉਦਯੋਗ ਕੋਲ ਆਪਣੇ ਉਤਪਾਦਾਂ ਨੂੰ ਪ੍ਰਦਰਸ਼ਿਤ ਕਰਨ ਲਈ ਢੁਕਵੀਆਂ ਥਾਵਾਂ ਨਹੀਂ ਹਨ। ਮੁੱਖ ਮੰਤਰੀ ਭਗਵੰਤ ਸਿੰਘ ਮਾਨ ਨੇ ਕਿਹਾ ਕਿ ਇਸ ਪਾੜੇ ਨੂੰ ਪੂਰਨ ਲਈ ਪੰਜਾਬ ਸਰਕਾਰ ਨਵੀਂ ਦਿੱਲੀ ਦੇ ਪ੍ਰਗਤੀ ਮੈਦਾਨ ਦੀ ਤਰਜ਼ ‘ਤੇ ਲੁਧਿਆਣਾ, ਨਿਊ ਚੰਡੀਗੜ੍ਹ ਅਤੇ ਅੰਮ੍ਰਿਤਸਰ ਵਿਖੇ ਤਿੰਨ ਵਿਸ਼ਵ ਪੱਧਰੀ ਪ੍ਰਦਰਸ਼ਨੀ ਕੇਂਦਰ ਸਥਾਪਤ ਕਰਨ ਜਾ ਰਹੀ ਹੈ ਤਾਂ ਜੋ ਉਦਯੋਗ ਨੂੰ ਆਪਣੇ ਉਤਪਾਦ ਪ੍ਰਦਰਸ਼ਿਤ ਕਰਨ ਅਤੇ ਆਰਥਿਕ ਗਤੀਵਿਧੀਆਂ ਨੂੰ ਹੁਲਾਰਾ ਦੇਣ ਲਈ ਮਜ਼ਬੂਤ ਪਲੇਟਫਾਰਮ ਮਿਲ ਸਕੇ।
ਪ੍ਰਗਤੀਸ਼ੀਲ ਪੰਜਾਬ ਨਿਵੇਸ਼ ਸੰਮੇਲਨ ਦੀ ਮਹੱਤਤਾ ਨੂੰ ਉਜਾਗਰ ਕਰਦਿਆਂ ਮੁੱਖ ਮੰਤਰੀ ਨੇ ਕਿਹਾ ਕਿ ਇਹ ਸੰਮੇਲਨ ਇੱਕ ਸੁਚੱਜੇ ਢੰਗ ਨਾਲ ਪ੍ਰਬੰਧਿਤ ਪਲੇਟਫਾਰਮ ਬਣ ਗਿਆ ਹੈ, ਜਿੱਥੇ ਨਿਵੇਸ਼ਕ ਵਿਚਾਰ ਸਾਂਝੇ ਕਰਨ ਦੇ ਨਾਲ-ਨਾਲ ਵੱਡੇ ਪੱਧਰ ‘ਤੇ ਮੌਕਿਆਂ ਦੀ ਪੜਚੋਲ ਕਰ ਰਹੇ ਹਨ। ਮੁੱਖ ਮੰਤਰੀ ਭਗਵੰਤ ਸਿੰਘ ਮਾਨ ਨੇ ਕਿਹਾ ਕਿ ਇਸ ਨਾਲ ਪੰਜਾਬ ਅਤੇ ਨਿਵੇਸ਼ਕ ਦੋਵਾਂ ਨੂੰ ਲਾਭ ਹੋਵੇਗਾ ਕਿਉਂਕਿ ਅਸੀਂ ਸਾਂਝੇ ਤੌਰ ‘ਤੇ ਸੂਬੇ ਦੀ ਆਰਥਿਕਤਾ ਨੂੰ ਮਜ਼ਬੂਤ ਕਰਨ ਲਈ ਕੰਮ ਕਰਦੇ ਹਾਂ।
ਉਨ੍ਹਾਂ ਜ਼ੋਰ ਦੇ ਕੇ ਕਿਹਾ ਕਿ ਪੰਜਾਬ ਸਰਕਾਰ ਰਾਜ ਦੀ ਬਰਾਮਦ-ਅਧਾਰਤ ਅਰਥਵਿਵਸਥਾ ਨੂੰ ਮਜ਼ਬੂਤ ਕਰਨ ਅਤੇ ਪੰਜਾਬ ਨੂੰ ਰਵਾਇਤੀ ਖੇਤੀਬਾੜੀ ਉਤਪਾਦਨ ਤੋਂ ਵੈਲਯੂ ਐਡਿਡ ਵਾਲੇ ਨਿਰਯਾਤ ਵੱਲ ਜਾਣ ਵਿੱਚ ਮਦਦ ਕਰਨ ਲਈ ਵਚਨਬੱਧ ਹੈ। ਪੰਜਾਬ ਇਨਕਲਾਬ ਦੀ ਧਰਤੀ ਹੈ ਅਤੇ ਪੰਜਾਬੀ ਨਵੇਂ ਵਿਚਾਰਾਂ ਨੂੰ ਤੇਜ਼ੀ ਨਾਲ ਅਪਣਾਉਂਦੇ ਹਨ। ਇਸੇ ਕਰਕੇ ਪੰਜਾਬੀਆਂ ਨੇ ਦੁਨੀਆ ਭਰ ਵਿੱਚ ਹਰ ਖੇਤਰ ਵਿੱਚ ਵੱਡੀਆਂ ਮੱਲਾਂ ਮਾਰੀਆਂ ਨਾਲ ਅਤੇ ਵੱਡਾ ਨਾਮ ਕਮਾਇਆ ਹੈ। ਮੁੱਖ ਮੰਤਰੀ ਭਗਵੰਤ ਸਿੰਘ ਮਾਨ ਨੇ ਅੱਗੇ ਕਿਹਾ ਕਿ ਸਾਡਾ ਉਦੇਸ਼ ਪੰਜਾਬ ਦੀ ਬਰਾਮਦ-ਅਧਾਰਤ ਅਰਥਵਿਵਸਥਾ ਨੂੰ ਹੋਰ ਮਜ਼ਬੂਤ ਕਰਨਾ ਹੈ ਕਿਉਂਕਿ ਰਾਜ ਵਿੱਚ ਰਵਾਇਤੀ ਖੇਤੀਬਾੜੀ ਨਿਰਯਾਤ ਤੋਂ ਵੈਲਯੂ ਐਡਿਡ ਵਾਲੇ ਉਤਪਾਦਾਂ ਵੱਲ ਜਾਣ ਦੀ ਵਿਸ਼ਾਲ ਸੰਭਾਵਨਾ ਹੈ।
ਮੁੱਖ ਮੰਤਰੀ ਨੇ ਜ਼ੋਰ ਦੇ ਕੇ ਕਿਹਾ ਕਿ ਪੰਜਾਬ ਸਰਕਾਰ ਅਗਲੇ 50 ਸਾਲਾਂ ਦੇ ਆਰਥਿਕ ਵਿਕਾਸ ਵਾਸਤੇ ਸੂਬੇ ਨੂੰ ਤਿਆਰ ਕਰ ਰਹੀ ਹੈ, ਜਿਸਦਾ ਸਪੱਸ਼ਟ ਦ੍ਰਿਸ਼ਟੀਕੋਣ ਪੰਜਾਬ ਨੂੰ ਵਿਸ਼ਵਵਿਆਪੀ ਬਰਾਮਦ ਕੇਂਦਰ ਵਿੱਚ ਬਦਲਣਾ ਹੈ। ਉਨ੍ਹਾਂ ਕਿਹਾ ਕਿ ਸਾਡਾ ਟੀਚਾ ਅਗਲੇ ਪੰਜਾਹ ਸਾਲਾਂ ਦੀਆਂ ਲੋੜਾਂ ਲਈ ਪੰਜਾਬ ਨੂੰ ਤਿਆਰ ਕਰਨਾ ਹੈ। ਅਸੀਂ ਪੰਜਾਬ ਨੂੰ ਪ੍ਰਮੁੱਖ ਨਿਰਯਾਤ ਕੇਂਦਰ ਵਜੋਂ ਵਿਕਸਤ ਕਰਨਾ ਚਾਹੁੰਦੇ ਹਾਂ। ਮੈਂ ਨਿਵੇਸ਼ਕਾਂ ਨੂੰ ਅਪੀਲ ਕਰਦਾ ਹਾਂ ਕਿ ਉਹ ਪੰਜਾਬ ਦੀ ਤੁਲਨਾ ਦੇਸ਼ ਦੇ ਕਿਸੇ ਵੀ ਹੋਰ ਸੂਬੇ ਨਾਲ ਕਰਨ ਅਤੇ ਉਹ ਦੇਖਣਗੇ ਕਿ ਪੰਜਾਬ ਨਿਵੇਸ਼ ਲਈ ਸਭ ਤੋਂ ਅਨੁਕੂਲ ਮਾਹੌਲ ਦੀ ਪੇਸ਼ਕਸ਼ ਕਰਦਾ ਹੈ। ਮੁੱਖ ਮੰਤਰੀ ਭਗਵੰਤ ਸਿੰਘ ਮਾਨ ਨੇ ਕਿਹਾ ਕਿ ਭਾਵੇਂ ਸਾਡੀ ਆਬਾਦੀ ਦੇਸ਼ ਦੀ ਕੁੱਲ ਆਬਾਦੀ ਦਾ ਸਿਰਫ 2 ਫੀਸਦ ਹੈ, ਪਰ ਦੇਸ਼ ਲਈ ਪੰਜਾਬੀਆਂ ਦੀਆਂ ਕੁਰਬਾਨੀਆਂ 90 ਫੀਸਦ ਤੋਂ ਵੱਧ ਹਨ।
ਦੇਸ਼ ਦੀ ਖੁਰਾਕ ਸੁਰੱਖਿਆ ਵਿੱਚ ਪੰਜਾਬ ਦੇ ਯੋਗਦਾਨ ਨੂੰ ਉਜਾਗਰ ਕਰਦਿਆਂ ਮੁੱਖ ਮੰਤਰੀ ਨੇ ਕਿਹਾ ਕਿ ਪੰਜਾਬ ਹਮੇਸ਼ਾ ਤੋਂ ਦੇਸ਼ ਦਾ ਅੰਨ ਭੰਡਾਰ ਰਿਹਾ ਹੈ, ਜੋ ਲਗਪਗ 185 ਲੱਖ ਮੀਟ੍ਰਿਕ ਟਨ ਚੌਲ ਅਤੇ 125 ਲੱਖ ਮੀਟ੍ਰਿਕ ਟਨ ਕਣਕ ਪੈਦਾ ਕਰਦਾ ਹੈ। ਮੁੱਖ ਮੰਤਰੀ ਭਗਵੰਤ ਸਿੰਘ ਮਾਨ ਨੇ ਕਿਹਾ ਕਿ ਪੰਜਾਬ ਦੇ ਇਸ ਯੋਗਦਾਨ ਕਾਰਨ ਹੀ ਸੂਬੇ ਨੂੰ ਮਾਣ ਨਾਲ ਦੇਸ਼ ਦਾ ਅੰਨਦਾਤਾ ਕਿਹਾ ਜਾਂਦਾ ਹੈ।
ਪ੍ਰਗਤੀਸ਼ੀਲ ਪੰਜਾਬ ਨਿਵੇਸ਼ ਸੰਮੇਲਨ ਨੂੰ ਸ਼ਾਨਦਾਰ ਸਫਲਤਾ ਦੱਸਦਿਆਂ ਮੁੱਖ ਮੰਤਰੀ ਨੇ ਕਿਹਾ ਕਿ ਇਸ ਸੰਮੇਲਨ ਦੌਰਾਨ ਯੋਜਨਾਬੱਧ ਸਾਰੇ ਤੀਹ ਸੈਸ਼ਨਾਂ ਵਿੱਚ ਵੱਡੀ ਸ਼ਮੂਲੀਅਤ ਦੇਖਣ ਨੂੰ ਮਿਲੀ, ਜੋ ਕਿ ਪੰਜਾਬ ਦੀ ਵਿਕਾਸ ਕਹਾਣੀ ਵਿੱਚ ਵਪਾਰਕ ਭਾਈਚਾਰੇ ਦੀ ਡੂੰਘੀ ਦਿਲਚਸਪੀ ਨੂੰ ਦਰਸਾਉਂਦਾ ਹੈ। ਮੁੱਖ ਮੰਤਰੀ ਭਗਵੰਤ ਸਿੰਘ ਮਾਨ ਨੇ ਕਿਹਾ ਕਿ ਇਸ ਦੇ ਨਾਲ ਹੀ ਸਾਨੂੰ ਇਸ ਚੁਣੌਤੀ ਨੂੰ ਸਮਝਦਿਆਂ ਕਿ ਵੈਲਯੂ ਐਡਿਡ ਤੋਂ ਬਿਨਾਂ ਬੰਪਰ ਖੇਤੀਬਾੜੀ ਉਤਪਾਦਨ ਅਕਸਰ ਸਪਲਾਈ ਅਤੇ ਮੰਗ ਵਿਚਕਾਰ ਅਸੰਤੁਲਨ ਪੈਦਾ ਕਰਦਾ ਹੈ, ਇਸਦੇ ਹੱਲ ਲਈ ਢੁਕਵੇਂ ਯਤਨ ਕਰਨੇ ਚਾਹੀਦੇ ਹਨ।
ਉਨ੍ਹਾਂ ਨੇ ਫੂਡ ਪ੍ਰੋਸੈਸਿੰਗ ਵਿੱਚ ਪੰਜਾਬ ਦੀ ਅਥਾਹ ਸੰਭਾਵਨਾ ਨੂੰ ਉਜਾਗਰ ਕੀਤਾ ਅਤੇ ਵਿਸ਼ੇਸ਼ ਖੇਤੀਬਾੜੀ ਉਪਜਾਂ ਲਈ ਜਾਣੇ ਜਾਂਦੇ ਕਈ ਵੱਖ-ਵੱਖ ਖੇਤਰਾਂ ਦੀ ਮਿਸਾਲ ਦਿੱਤੀ। ਪੰਜਾਬ ਵਿੱਚ ਫੂਡ ਪ੍ਰੋਸੈਸਿੰਗ ਲਈ ਅਥਾਹ ਸੰਭਾਵਨਾ ਹੈ। ਮੁੱਖ ਮੰਤਰੀ ਭਗਵੰਤ ਸਿੰਘ ਮਾਨ ਨੇ ਕਿਹਾ ਕਿ ਪਠਾਨਕੋਟ ਦੀ ਲੀਚੀ, ਹੁਸ਼ਿਆਰਪੁਰ ਦੇ ਅੰਬ ਅਤੇ ਜਲੰਧਰ ਦੇ ਆਲੂ ਉਨ੍ਹਾਂ ਫਸਲਾਂ ਦੀਆਂ ਉਦਾਹਰਣਾਂ ਹਨ ਜਿੱਥੇ ਫੂਡ ਪ੍ਰੋਸੈਸਿੰਗ ਰਾਹੀਂ ਮੁੱਲ ਵਾਧਾ ਕਿਸਾਨਾਂ ਦੀ ਆਮਦਨ ਵਿੱਚ ਕਾਫ਼ੀ ਵਾਧਾ ਕਰ ਸਕਦਾ ਹੈ।
ਮੁੱਖ ਮੰਤਰੀ ਨੇ ਜ਼ੋਰ ਦੇ ਕੇ ਕਿਹਾ ਕਿ ਕਣਕ-ਝੋਨੇ ਦੇ ਫ਼ਸਲੀ ਚੱਕਰ ‘ਚੋਂ ਨਿਕਲਣ ਲਈ ਖੇਤੀਬਾੜੀ ਵਿਭਿੰਨਤਾ ਬਹੁਤ ਜ਼ਰੂਰੀ ਹੈ। ਉਨ੍ਹਾਂ ਕਿਹਾ ਕਿ ਪੰਜਾਬ ਦੇ ਕਿਸਾਨ ਕਣਕ-ਝੋਨੇ ਦੇ ਚੱਕਰ ‘ਚੋਂ ਨਿਕਲ ਕੇ ਅੱਗੇ ਵਧਣਾ ਚਾਹੁੰਦੇ ਹਨ, ਪਰ ਚੁਣੌਤੀ ਵਿਵਹਾਰਕ ਬਦਲਾਂ ਦੀ ਘਾਟ ਹੈ। ਫੂਡ ਪ੍ਰੋਸੈਸਿੰਗ ਇੱਕ ਵਿਹਾਰਕ ਹੱਲ ਪੇਸ਼ ਕਰਦੀ ਹੈ। ਮੁੱਖ ਮੰਤਰੀ ਭਗਵੰਤ ਸਿੰਘ ਮਾਨ ਨੇ ਅੱਗੇ ਕਿਹਾ ਕਿ ਜੇਕਰ ਕਿਸਾਨ ਝੋਨੇ ਦੇ ਬਰਾਬਰ ਆਮਦਨ ਪ੍ਰਾਪਤ ਕਰਦੇ ਹਨ ਤਾਂ ਉਹ ਮੱਕੀ ਵਰਗੀਆਂ ਫਸਲਾਂ ਦੀ ਕਾਸ਼ਤ ਨੂੰ ਖੁਦ-ਬ-ਖੁਦ ਅਪਣਾਉਣਗੇ। ਇਸ ਲਈ ਸਾਨੂੰ ਇਹ ਯਕੀਨੀ ਬਣਾਉਣਾ ਚਾਹੀਦਾ ਹੈ ਕਿ ਫਸਲੀ ਵਿਭਿੰਨਤਾ ਕਿਸਾਨਾਂ ਲਈ ਆਰਥਿਕ ਤੌਰ ‘ਤੇ ਲਾਹੇਵੰਦ ਅਤੇ ਵਿਹਾਰਕ ਹੋਵੇ।
ਖੇਤੀਬਾੜੀ ਵਿਭਿੰਨਤਾ ਦੀਆਂ ਹੌਸਲਾ ਵਧਾਊ ਉਦਾਹਰਣਾਂ ਦਾ ਹਵਾਲਾ ਦਿੰਦਿਆਂ ਮੁੱਖ ਮੰਤਰੀ ਨੇ ਦੱਸਿਆ ਕਿ ਸਬਜ਼ੀਆਂ ਦੀ ਕਾਸ਼ਤ ਨੇ ਕੁਝ ਖੇਤਰਾਂ ਵਿੱਚ ਧਰਤੀ ਹੇਠਲੇ ਪਾਣੀ ਦੇ ਪੱਧਰ ਨੂੰ ਸੁਧਾਰਨ ਵਿੱਚ ਮਦਦ ਕੀਤੀ ਹੈ। ਮੁੱਖ ਮੰਤਰੀ ਭਗਵੰਤ ਸਿੰਘ ਮਾਨ ਨੇ ਕਿਹਾ ਕਿ ਕੁਝ ਖੇਤਰਾਂ ਵਿੱਚ ਸਬਜ਼ੀਆਂ ਦੀ ਕਾਸ਼ਤ ਨਾਲ 0-4 ਮੀਟਰ ਦੀ ਰੇਂਜ ਵਿੱਚ ਧਰਤੀ ਹੇਠਲੇ ਪਾਣੀ ਦੇ ਪੱਧਰ ਵਿੱਚ 57 ਫੀਸਦ ਤੱਕ ਸੁਧਾਰ ਹੋਇਆ ਹੈ। ਇਹ ਦਰਸਾਉਂਦਾ ਹੈ ਕਿ ਵਿਹਾਰਕ ਫਸਲੀ ਵਿਭਿੰਨਤਾ ਕਿਸਾਨਾਂ ਅਤੇ ਵਾਤਾਵਰਣ ਦੋਵਾਂ ਨੂੰ ਲਾਭ ਪਹੁੰਚਾ ਸਕਦੀ ਹੈ।
ਉਨ੍ਹਾਂ ਨੇ ਨਿਵੇਸ਼ਕਾਂ ਅਤੇ ਡੈਲੀਗੇਟਾਂ ਨੂੰ ਪੰਜਾਬ ਸਰਕਾਰ ਦੀਆਂ ਫੈਸਲਾ ਲੈਣ ਵਾਲੀਆਂ ਟੀਮਾਂ ਨਾਲ ਸਿੱਧੇ ਤੌਰ ‘ਤੇ ਆਪਣੇ ਵਿਚਾਰ ਸਾਂਝੇ ਕਰਨ ਦਾ ਸੱਦਾ ਦਿੱਤਾ ਅਤੇ ਨਾਭਾ ਵਿਖੇ ਕਿਸਾਨ ਕੈਚੱਪ ਪਲਾਂਟ ਦੀ ਸਫਲਤਾ ‘ਤੇ ਵੀ ਚਾਨਣਾ ਪਾਇਆ। ਮੁੱਖ ਮੰਤਰੀ ਭਗਵੰਤ ਸਿੰਘ ਮਾਨ ਨੇ ਕਿਹਾ ਕਿ ਜਦੋਂ ਕਿਸਾਨ ਕੈਚੱਪ ਪਲਾਂਟ ਪਹਿਲੀ ਵਾਰ ਨਾਭਾ ਵਿੱਚ ਸਥਾਪਤ ਕੀਤਾ ਗਿਆ ਸੀ ਤਾਂ ਉਸ ਵੇਲੇ ਟਮਾਟਰ ਮਹਾਰਾਸ਼ਟਰ ਤੋਂ ਮੰਗਵਾਇਆ ਜਾ ਰਿਹਾ ਸੀ ਅਤੇ ਕਿਸਾਨਾਂ ਦੁਆਰਾ ਢੁਕਵੀਆਂ ਕਿਸਮਾਂ ਅਪਣਾਉਣ ਤੋਂ ਬਾਅਦ ਅੱਜ ਲਗਪਗ ਸੱਠ ਫੀਸਦ ਟਮਾਟਰ ਸਥਾਨਕ ਤੌਰ ‘ਤੇ ਪੰਜਾਬ ਤੋਂ ਹੀ ਆ ਰਿਹਾ ਹੈ, ਜੋ ਇਸ ਗੱਲ ਦੀ ਠੋਸ ਮਿਸਾਲ ਹੈ ਕਿ ਖੇਤੀਬਾੜੀ ਅਤੇ ਉਦਯੋਗ ਕਿਵੇਂ ਇਕੱਠੇ ਕੰਮ ਕਰ ਸਕਦੇ ਹਨ।
ਮੁੱਖ ਮੰਤਰੀ ਨੇ ਨਵੀਂ ਉਦਯੋਗਿਕ ਨੀਤੀ ਤਹਿਤ ਵਧਾਈਆ ਗਈਆਂ ਸਬਸਿਡੀਆਂ ਦਾ ਵੀ ਐਲਾਨ ਕੀਤਾ। ਨਵੀਆਂ ਉਦਯੋਗਿਕ ਨੀਤੀਆਂ ਤਹਿਤ ਫੂਡ ਪ੍ਰੋਸੈਸਿੰਗ ਉਦਯੋਗਾਂ ਲਈ ਸਬਸਿਡੀਆਂ ਹੁਣ 125 ਪ੍ਰਤੀਸ਼ਤ ਤੱਕ ਵਧਾ ਦਿੱਤੀਆਂ ਜਾਣਗੀਆਂ। ਉਨ੍ਹਾਂ ਅੱਗੇ ਕਿਹਾ ਕਿ ਅਸੀਂ ਫੁੱਲਾਂ ਦੀ ਖੇਤੀ ਨੂੰ ਵੀ ਉਤਸ਼ਾਹਿਤ ਕਰ ਰਹੇ ਹਾਂ ਅਤੇ ਸਾਡਾ ਟੀਚਾ ਇਸ ਨੂੰ 16 ਪ੍ਰਤੀਸ਼ਤ ਤੱਕ ਵਧਾਉਣਾ ਹੈ। ਮੁੱਖ ਮੰਤਰੀ ਭਗਵੰਤ ਸਿੰਘ ਮਾਨ ਨੇ ਕਿਹਾ ਕਿ ਪੰਜਾਬ ਸਰਕਾਰ ਨੇ ਬਾਸਮਤੀ ਚੌਲ ਉਤਪਾਦਕਾਂ ਲਈ ਕੀਟਨਾਸ਼ਕਾਂ ਦੀ ਰਹਿੰਦ-ਖੂੰਹਦ ਦੀ ਜਾਂਚ ਕਰਨ ਲਈ ਮੋਹਾਲੀ ਵਿੱਚ ਇੱਕ ਲੈਬਾਟਰੀ ਵੀ ਸਥਾਪਤ ਕੀਤੀ ਹੈ ਅਤੇ ਜੇਕਰ ਬਾਜ਼ਾਰ ਦੀਆਂ ਕੀਮਤਾਂ ਘੱਟੋ-ਘੱਟ ਪੱਧਰ ਤੋਂ ਹੇਠਾਂ ਆਉਂਦੀਆਂ ਹਨ ਤਾਂ ਅਸੀਂ ਐਮਐਸਪੀ ਸਹਾਇਤਾ ਦੇਣਾ ਅਤੇ ਇਸ ਸਬੰਧੀ ਢੁਕਵੇਂ ਕਦਮ ਚੁੱਕਣਾ ਯਕੀਨੀ ਬਣਾਵਾਂਗੇ।
ਮੁੱਖ ਮੰਤਰੀ ਨੇ ਕਿਹਾ ਕਿ ਪੰਜਾਬ ਵਿੱਚ ਪਹਿਲਾਂ ਤੋਂ ਹੀ ਕੰਮ ਕਰ ਰਹੀਆਂ ਵੱਡੀਆਂ ਅੰਤਰਰਾਸ਼ਟਰੀ ਕੰਪਨੀਆਂ ਦੀ ਮੌਜੂਦਗੀ ਸੂਬੇ ਦੇ ਉਦਯੋਗਿਕ ਮਾਹੌਲ ਵਿੱਚ ਵਿਸ਼ਵ ਉਦਯੋਗ ਦੇ ਵਿਸ਼ਵਾਸ ਨੂੰ ਦਰਸਾਉਂਦੀ ਹੈ। ਮੁੱਖ ਮੰਤਰੀ ਭਗਵੰਤ ਸਿੰਘ ਮਾਨ ਨੇ ਕਿਹਾ ਕਿ ਪੰਜਾਬ ਕੱਚੇ ਮਾਲ ਦੀ ਉਪਲਬਧਤਾ, ਸਥਾਪਿਤ ਉਦਯੋਗਿਕ ਕਲੱਸਟਰ ਅਤੇ ਮੁੱਖ ਬਾਜ਼ਾਰਾਂ ਨਾਲ ਨੇੜਤਾ ਵਰਗੇ ਮਜ਼ਬੂਤ ਫਾਇਦੇ ਪਹੁੰਚਾ ਰਿਹਾ ਹੈ। ਸੂਬੇ ਵਿੱਚ ਟੈਕਸਟਾਈਲ, ਆਟੋ ਕੰਪੋਨੈਂਟ, ਐਫਐਮਸੀਜੀ ਉਤਪਾਦ ਅਤੇ ਨਿਰਮਾਣ ਸਮੱਗਰੀ ਵਰਗੇ ਮਜ਼ਬੂਤ ਖੇਤਰ ਪਹਿਲਾਂ ਹੀ ਹਨ।
ਉਨ੍ਹਾਂ ਅੱਗੇ ਦੱਸਿਆ ਕਿ ਪੰਜਾਬ ਖੇਤੀ ਰਸਾਇਣਾਂ ਅਤੇ ਖਾਦਾਂ ਲਈ ਇੱਕ ਮਹੱਤਵਪੂਰਨ ਹੱਬ ਵਜੋਂ ਵੀ ਉੱਭਰ ਰਿਹਾ ਹੈ। ਮੁੱਖ ਮੰਤਰੀ ਭਗਵੰਤ ਸਿੰਘ ਮਾਨ ਨੇ ਅੱਗੇ ਕਿਹਾ ਕਿ ਪੰਜਾਬ ਦੀ ਵੱਡੀ ਖੇਤੀਬਾੜੀ ਅਰਥਵਿਵਸਥਾ ਖੇਤੀ ਰਸਾਇਣਾਂ ਅਤੇ ਖਾਦਾਂ ਦੀ ਵੱਡੀ ਮੰਗ ਪੈਦਾ ਕਰਦੀ ਹੈ ਅਤੇ ਸੂਬਾ ਪਹਿਲਾਂ ਹੀ ਇਸ ਖੇਤਰ ਵਿੱਚ ਪ੍ਰਮੁੱਖ ਉਦਯੋਗਪਤੀਆਂ ਦੀ ਸਹਾਇਤਾ ਕਰ ਰਿਹਾ ਹੈ।
ਮੁੱਖ ਮੰਤਰੀ ਨੇ ਕਿਹਾ ਕਿ ਪੰਜਾਬ ਸਰਕਾਰ ਨੇ ਹਾਲ ਹੀ ਵਿੱਚ ਉਦਯੋਗਿਕ ਅਤੇ ਵਪਾਰ ਵਿਕਾਸ ਨੀਤੀ 2026 ਸ਼ੁਰੂ ਕੀਤੀ ਹੈ, ਜਿਸ ਨੂੰ ਉਨ੍ਹਾਂ ਨੇ ਉਦਯੋਗਿਕ ਵਿਕਾਸ ਲਈ ਭਾਰਤ ਵਿੱਚ ਸਭ ਤੋਂ ਪ੍ਰਗਤੀਸ਼ੀਲ ਨੀਤੀ ਢਾਂਚੇ ਵਿੱਚੋਂ ਇੱਕ ਦੱਸਿਆ। ਮੁੱਖ ਮੰਤਰੀ ਭਗਵੰਤ ਸਿੰਘ ਮਾਨ ਨੇ ਕਿਹਾ ਕਿ ਉਦਯੋਗਿਕ ਅਤੇ ਵਪਾਰ ਵਿਕਾਸ ਨੀਤੀ 2026 ਨਿਵੇਸ਼ਕਾਂ ਲਈ ਮਜ਼ਬੂਤ ਸਹਾਇਤਾ ਪ੍ਰਦਾਨ ਕਰਦੀ ਹੈ ਅਤੇ ਇਨਵੈਸਟ ਪੰਜਾਬ ਪ੍ਰਵਾਨਗੀਆਂ ਤੋਂ ਲੈ ਕੇ ਪ੍ਰੋਜੈਕਟ ਲਾਗੂਕਰਨ ਤੱਕ ਹਰ ਪੜਾਅ ‘ਤੇ ਉਦਯੋਗਾਂ ਦੀ ਸਹਾਇਤਾ ਲਈ ਸਮਰਪਿਤ ਸਹੂਲਤ ਵਜੋਂ ਕੰਮ ਕਰਦਾ ਹੈ।
ਰਾਸ਼ਟਰੀ ਖੁਰਾਕ ਸੁਰੱਖਿਆ ਯਕੀਨੀ ਬਣਾਉਣ ਵਿੱਚ ਪੰਜਾਬ ਦੀ ਇਤਿਹਾਸਕ ਭੂਮਿਕਾ ਨੂੰ ਦੁਹਰਾਉਂਦਿਆਂ ਮੁੱਖ ਮੰਤਰੀ ਨੇ ਕਿਹਾ ਕਿ ਖੇਤੀਬਾੜੀ ਅਤੇ ਸਹਾਇਕ ਖੇਤਰ ਸੂਬੇ ਦੇ ਕਾਰਜਬਲ ਦਾ ਸਮਰਥਨ ਕਰਦੇ ਆ ਰਹੇ ਹਨ। ਮੁੱਖ ਮੰਤਰੀ ਭਗਵੰਤ ਸਿੰਘ ਮਾਨ ਨੇ ਕਿਹਾ ਕਿ ਪੰਜਾਬ ਹਮੇਸ਼ਾ ਤੋਂ ਭਾਰਤ ਦਾ ਅੰਨਦਾਤਾ ਰਿਹਾ ਹੈ ਅਤੇ ਸਾਡੇ ਕਿਸਾਨਾਂ ਨੇ ਦੇਸ਼ ਲਈ ਭੋਜਨ ਸੁਰੱਖਿਆ ਯਕੀਨੀ ਬਣਾਉਣ ਵਿੱਚ ਇਤਿਹਾਸਕ ਭੂਮਿਕਾ ਨਿਭਾਈ ਹੈ। ਖੇਤੀਬਾੜੀ ਅਤੇ ਸਹਾਇਕ ਖੇਤਰ ਸਾਡੀ ਆਰਥਿਕਤਾ ਦਾ ਮੁੱਖ ਥੰਮ੍ਹ ਹਨ।
ਉਨ੍ਹਾਂ ਨੇ ਜ਼ੋਰ ਦੇ ਕੇ ਕਿਹਾ ਕਿ ਖੇਤੀਬਾੜੀ ਵਿਕਾਸ ਦੇ ਅਗਲੇ ਪੜਾਅ ਨੂੰ ਮੁੱਲ ਵਾਧੇ ‘ਤੇ ਕੇਂਦ੍ਰਿਤ ਹੋਣਾ ਚਾਹੀਦਾ ਹੈ। ਮੁੱਖ ਮੰਤਰੀ ਭਗਵੰਤ ਸਿੰਘ ਮਾਨ ਨੇ ਕਿਹਾ ਕਿ ਪੰਜਾਬ ਦੀ ਖੇਤੀਬਾੜੀ ਦਾ ਭਵਿੱਖ ਸਿਰਫ਼ ਫਸਲਾਂ ਦੇ ਉਤਪਾਦਨ ਵਿੱਚ ਹੀ ਨਹੀਂ ਹੈ, ਸਗੋਂ ਉਨ੍ਹਾਂ ਨੂੰ ਘਰੇਲੂ ਅਤੇ ਅੰਤਰਰਾਸ਼ਟਰੀ ਬਾਜ਼ਾਰਾਂ ਲਈ ਪ੍ਰੋਸੈਸਡ ਅਤੇ ਬ੍ਰਾਂਡ ਵਾਲੇ ਭੋਜਨ ਉਤਪਾਦਾਂ ਵਿੱਚ ਤਿਆਰ ਕਰਨ ਵਿੱਚ ਹੈ।
ਉਨ੍ਹਾਂ ਕਿਹਾ ਕਿ ਖਾਣ ਲਈ ਤਿਆਰ ਭੋਜਨ, ਪੈਕ ਕੀਤੇ ਉਤਪਾਦਾਂ, ਹੈਲਥ ਫੂਡਸ ਅਤੇ ਪ੍ਰੋਸੈਸਡ ਖੇਤੀਬਾੜੀ ਉਤਪਾਦਾਂ ਦੀ ਵਧਦੀ ਮੰਗ ਦੇ ਨਾਲ ਵਿਸ਼ਵਵਿਆਪੀ ਭੋਜਨ ਖਪਤ ਦੇ ਰੁਝਾਨ ਤੇਜ਼ੀ ਨਾਲ ਬਦਲ ਰਹੇ ਹਨ। ਮੁੱਖ ਮੰਤਰੀ ਭਗਵੰਤ ਸਿੰਘ ਮਾਨ ਨੇ ਕਿਹਾ ਕਿ ਵਿਸ਼ਵਵਿਆਪੀ ਖਪਤ ਦੇ ਪੈਟਰਨਾਂ ਵਿੱਚ ਇਹ ਬਦਲਾਅ ਪੰਜਾਬ ਲਈ ਖੇਤੀ ਉਤਪਾਦਾਂ ਤੋਂ ਖੁਰਾਕ ਉਤਪਾਦਾਂ ਵੱਲ ਤਬਦੀਲ ਹੋਣ ਦਾ ਵੱਡਾ ਮੌਕਾ ਪੇਸ਼ ਕਰਦਾ ਹੈ।
ਮੁੱਖ ਮੰਤਰੀ ਨੇ ਇਸ ਗੱਲ ‘ਤੇ ਜ਼ੋਰ ਦਿੱਤਾ ਕਿ ਇਸ ਤਬਦੀਲੀ ਦਾ ਸਮਰਥਨ ਕਰਨ ਲਈ ਪੰਜਾਬ ਕੋਲ ਪਹਿਲਾਂ ਹੀ ਮਜ਼ਬੂਤ ਬੁਨਿਆਦੀ ਢਾਂਚਾ ਹੈ। ਮੁੱਖ ਮੰਤਰੀ ਭਗਵੰਤ ਸਿੰਘ ਮਾਨ ਨੇ ਅੱਗੇ ਕਿਹਾ ਕਿ ਪੰਜਾਬ ਕੋਲ ਪਹਿਲਾਂ ਹੀ ਮੈਗਾ ਫੂਡ ਪਾਰਕ, ਕੋਲਡ ਸਟੋਰੇਜ, ਫੂਡ ਸਟੋਰੇਜ ਡਿਪੂ ਅਤੇ ਮਜ਼ਬੂਤ ਲੌਜਿਸਟਿਕ ਕਨੈਕਟੀਵਿਟੀ ਹੈ, ਜੋ ਆਧੁਨਿਕ ਫੂਡ ਪ੍ਰੋਸੈਸਿੰਗ ਅਤੇ ਸਪਲਾਈ ਚੇਨਾਂ ਦਾ ਸਮਰਥਨ ਕਰਦੀ ਹੈ।
ਉਨ੍ਹਾਂ ਕਿਹਾ ਕਿ ਪੰਜਾਬ ਸਰਕਾਰ ਦਾ ਵਿਜ਼ਨ ਕਿਸਾਨਾਂ ਅਤੇ ਉਦਯੋਗਾਂ ਵਿਚਕਾਰ ਮਜ਼ਬੂਤ ਭਾਈਵਾਲੀ ਬਣਾਉਣਾ ਹੈ। ਮੁੱਖ ਮੰਤਰੀ ਭਗਵੰਤ ਸਿੰਘ ਮਾਨ ਨੇ ਕਿਹਾ ਕਿ ਜਦੋਂ ਕਿਸਾਨ, ਫੂਡ ਪ੍ਰੋਸੈਸਰ, ਨਿਰਯਾਤਕ ਅਤੇ ਲੌਜਿਸਟਿਕਸ ਪ੍ਰਦਾਨ ਕਰਨ ਵਾਲੇ ਇਕੱਠੇ ਕੰਮ ਕਰਦੇ ਹਨ, ਤਾਂ ਇਹ ਕਿਸਾਨਾਂ ਦੀ ਆਮਦਨ ਵਧਾਉਂਦਾ ਹੈ, ਨੌਜਵਾਨਾਂ ਲਈ ਰੁਜ਼ਗਾਰ ਪੈਦਾ ਕਰਦਾ ਹੈ ਅਤੇ ਪੰਜਾਬ ਲਈ ਨਿਰਯਾਤ ਦੇ ਮੌਕਿਆਂ ਦਾ ਵਿਸਥਾਰ ਕਰਦਾ ਹੈ।
ਮੁੱਖ ਮੰਤਰੀ ਨੇ ਦੁਹਰਾਇਆ ਕਿ ਪੰਜਾਬ ਲੰਬੇ ਸਮੇਂ ਤੋਂ ਉੱਦਮ, ਨਿਰਮਾਣ ਸ਼ਕਤੀ ਅਤੇ ਮਜ਼ਬੂਤ ਵਿਸ਼ਵ ਵਪਾਰਕ ਸਬੰਧਾਂ ਲਈ ਜਾਣਿਆ ਜਾਂਦਾ ਹੈ। ਮੁੱਖ ਮੰਤਰੀ ਭਗਵੰਤ ਸਿੰਘ ਮਾਨ ਨੇ ਕਿਹਾ ਕਿ ਅੱਜ ਪੰਜਾਬ ਸਰਕਾਰ ਇੱਕ ਨਿਰਯਾਤ-ਅਧਾਰਤ ਉਦਯੋਗਿਕ ਅਰਥਵਿਵਸਥਾ ਵਜੋਂ ਪੰਜਾਬ ਦੀ ਸਥਿਤੀ ਨੂੰ ਹੋਰ ਮਜ਼ਬੂਤ ਕਰਨ ਦੀ ਦਿਸ਼ਾ ਵਿੱਚ ਕੰਮ ਕਰ ਰਹੀ ਹੈ।
ਉਨ੍ਹਾਂ ਕਿਹਾ ਕਿ ਪੰਜਾਬ ਇਸ ਵੇਲੇ 7 ਬਿਲੀਅਨ ਡਾਲਰ ਤੋਂ ਵੱਧ ਮੁੱਲ ਦੀਆਂ ਵਸਤਾਂ ਦਾ ਨਿਰਯਾਤ ਕਰਦਾ ਹੈ ਅਤੇ ਖੇਤੀਬਾੜੀ, ਇੰਜੀਨੀਅਰਿੰਗ ਸਾਮਾਨ, ਟੈਕਸਟਾਈਲ, ਆਟੋ ਕੰਪੋਨੈਂਟ ਅਤੇ ਫਾਰਮਾਸਿਊਟੀਕਲ ਵਰਗੇ ਖੇਤਰਾਂ ਵਿੱਚ ਮਜ਼ਬੂਤ ਮੌਜੂਦਗੀ ਨੂੰ ਦਰਸਾਉਂਦਾ ਹੈ। ਮੁੱਖ ਮੰਤਰੀ ਭਗਵੰਤ ਸਿੰਘ ਮਾਨ ਨੇ ਕਿਹਾ ਕਿ ਚੌਦਾਂ ਲੱਖ ਤੋਂ ਵੱਧ ਐਮਐਸਐਮਈਜ਼ ਨਾਲ ਪੰਜਾਬ ਕੋਲ ਉੱਦਮਾਂ ਦਾ ਇੱਕ ਮਜ਼ਬੂਤ ਅਧਾਰ ਹੈ ਜੋ ਨਿਰਯਾਤ, ਰੁਜ਼ਗਾਰ ਅਤੇ ਉਦਯੋਗਿਕ ਵਿਕਾਸ ਵਿੱਚ ਅਹਿਮ ਯੋਗਦਾਨ ਪਾਉਂਦੇ ਹਨ।
ਮੁੱਖ ਮੰਤਰੀ ਨੇ ਕਿਹਾ ਕਿ ਪੰਜਾਬ ਸਰਕਾਰ ਦਾ ਉਦੇਸ਼ ਨਿਰਮਾਣ ਸ਼ਕਤੀ ਨੂੰ ਲੌਜਿਸਟਿਕਸ ਪ੍ਰਣਾਲੀਆਂ ਨਾਲ ਜੋੜ ਕੇ ਪੰਜਾਬ ਨੂੰ ਉੱਤਰੀ ਭਾਰਤ ਦੇ ਇੱਕ ਪ੍ਰਮੁੱਖ ਨਿਰਯਾਤ ਕੇਂਦਰ ਵਿੱਚ ਤਬਦੀਲ ਕਰਨਾ ਹੈ। ਮੁੱਖ ਮੰਤਰੀ ਭਗਵੰਤ ਸਿੰਘ ਮਾਨ ਨੇ ਅੱਗੇ ਕਿਹਾ ਕਿ ਅਸੀਂ ਉਦਯੋਗਪਤੀਆਂ, ਨਿਰਯਾਤਕਾਂ ਅਤੇ ਲੌਜਿਸਟਿਕ ਕੰਪਨੀਆਂ ਨੂੰ ਵਿਸ਼ਵ ਪੱਧਰੀ ਪੈਰ ਪਸਾਰਨ ਵਿੱਚ ਪੰਜਾਬ ਨਾਲ ਭਾਈਵਾਲੀ ਕਰਨ ਲਈ ਸੱਦਾ ਦਿੰਦੇ ਹਾਂ।
ਟਿਕਾਊ ਵਿਕਾਸ ਦੀ ਮਹੱਤਤਾ ਨੂੰ ਉਜਾਗਰ ਕਰਦਿਆਂ ਮੁੱਖ ਮੰਤਰੀ ਨੇ ਪੰਜਾਬ ਦੇ ਸਾਫ਼ ਅਤੇ ਭਰੋਸੇਯੋਗ ਊਰਜਾ ਵੱਲ ਤਬਦੀਲੀ ਬਾਰੇ ਵੀ ਗੱਲ ਕੀਤੀ। ਮੁੱਖ ਮੰਤਰੀ ਭਗਵੰਤ ਸਿੰਘ ਮਾਨ ਨੇ ਕਿਹਾ ਕਿ ਪੰਜਾਬ ਸਾਡੀ ਲੰਬੇ ਸਮੇਂ ਦੀ ਵਿਕਾਸ ਰਣਨੀਤੀ ਦੇ ਹਿੱਸੇ ਵਜੋਂ ਸਾਫ਼ ਅਤੇ ਭਰੋਸੇਯੋਗ ਊਰਜਾ ਵੱਲ ਲਗਾਤਾਰ ਵਧ ਰਿਹਾ ਹੈ। ਨਵਿਆਉਣਯੋਗ ਊਰਜਾ ਵਧ ਰਹੀ ਉਦਯੋਗਿਕ ਮੰਗ, ਖੇਤੀਬਾੜੀ ਲੋੜਾਂ ਅਤੇ ਬਿਜਲੀ ਦੀ ਗਤੀਸ਼ੀਲਤਾ ਵਰਗੇ ਉੱਭਰ ਰਹੇ ਖੇਤਰਾਂ ਨੂੰ ਪੂਰਾ ਕਰਨ ਵਿੱਚ ਮੁੱਖ ਭੂਮਿਕਾ ਨਿਭਾਏਗੀ ।
ਉਨ੍ਹਾਂ ਅੱਗੇ ਕਿਹਾ ਕਿ ਪੰਜਾਬ ਨੂੰ ਆਪਣੇ ਮਜ਼ਬੂਤ ਖੇਤੀਬਾੜੀ ਅਧਾਰ ਦੇ ਕਾਰਨ ਬਾਇਓਐਨਰਜੀ ਵਿੱਚ ਕੁਦਰਤੀ ਫਾਇਦਾ ਹੈ। ਮੁੱਖ ਮੰਤਰੀ ਭਗਵੰਤ ਸਿੰਘ ਮਾਨ ਨੇ ਕਿਹਾ ਕਿ ਪੰਜਾਬ ਵਿੱਚ ਹਰ ਸਾਲ ਲਗਪਗ ਵੀਹ ਮਿਲੀਅਨ ਟਨ ਝੋਨੇ ਦੀ ਪਰਾਲੀ ਉਤਪੰਨ ਹੁੰਦੀ ਹੈ। ਜਿਸਨੂੰ ਕਦੇ ਇੱਕ ਚੁਣੌਤੀ ਵਜੋਂ ਦੇਖਿਆ ਜਾਂਦਾ ਸੀ ਪਰ ਹੁਣ ਬਾਇਓਮਾਸ ਪਾਵਰ, ਕੰਪਰੈੱਸਡ ਬਾਇਓਗੈਸ ਅਤੇ ਰਹਿੰਦ-ਖੂੰਹਦ ਤੋਂ ਊਰਜਾ ਪ੍ਰੋਜੈਕਟਾਂ ਰਾਹੀਂ ਸੰਭਾਵਨਾ ਵਜੋਂ ਬਦਲਿਆ ਜਾ ਰਿਹਾ ਹੈ।
ਮੁੱਖ ਮੰਤਰੀ ਭਗਵੰਤ ਸਿੰਘ ਮਾਨ ਨੇ ਅੱਗੇ ਕਿਹਾ ਕਿ ਬਾਇਓਐਨਰਜੀ ਪਰਾਲੀ ਪ੍ਰਬੰਧਨ ਦੇ ਹੱਲ, ਪੇਂਡੂ ਆਮਦਨ ਵਿੱਚ ਵਾਧਾ ਕਰਨ, ਉਦਯੋਗਾਂ ਲਈ ਸਾਫ਼ ਬਾਲਣ ਤਿਆਰ ਕਰਨ ਅਤੇ ਇੱਕ ਚੱਕਰੀ ਅਰਥਵਿਵਸਥਾ ਬਣਾਉਣ ਵਿੱਚ ਮਦਦ ਕਰੇਗੀ ਜਿੱਥੇ ਖੇਤੀਬਾੜੀ ਰਹਿੰਦ-ਖੂੰਹਦ ਇੱਕ ਊਰਜਾ ਸਰੋਤ ਬਣ ਜਾਵੇਗਾ।
ਇਸ ਮੌਕੇ ਕੈਬਨਿਟ ਮੰਤਰੀ ਸੰਜੀਵ ਅਰੋੜਾ ਅਤੇ ਗੁਰਮੀਤ ਸਿੰਘ ਖੁੱਡੀਆਂ ਸਮੇਤ ਹੋਰ ਪਤਵੰਤੇ ਵੀ ਮੌਜੂਦ ਸਨ।
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