ऐतिहासिक नगर बटाला के विकास को बड़ा बढ़ावा, मुख्यमंत्री भगवंत सिंह मान द्वारा 177 करोड़ रुपये की परियोजनाओं की घोषणा*
– नगर निगम बटाला 95.72 करोड़ रुपये और मंडी बोर्ड 16.05 करोड़ रुपये विकास कार्यों पर खर्च करेगा, लोक निर्माण विभाग द्वारा 65.09 करोड़ रुपये सड़कों के निर्माण पर खर्च किए जाएंगे- मुख्यमंत्री भगवंत सिंह मान
– बटाला क्षेत्र में सड़कों के नवीनीकरण के लिए लोक निर्माण विभाग द्वारा 42.56 करोड़ रुपये और मंडी बोर्ड द्वारा 34.97 करोड़ रुपये खर्च किए जाएंगे- मुख्यमंत्री भगवंत सिंह मान
– ग्रेटर कैलाश कॉलोनी के पास हंसाली नाले, सरपंच टोका फैक्ट्री के पास कसूर नाले और कोटला मूसा नाले पर पुल बनेंगे- भगवंत सिंह मान
– शहर की ट्रैफिक समस्या के स्थायी समाधान के लिए बटाला में जल्द नया बस अड्डा बनेगा- भगवंत सिंह मान
– बटाला में नई पुलिस लाइन बनाने के लिए 14.81 करोड़ रुपये की पहली किस्त जारी की गई- भगवंत सिंह मान
– वर्ष 2022 में लोगों ने तीन पीढ़ियों से चल रही अकाली-कांग्रेस की लूट का अंत किया, 2027 में भी लोग पारंपरिक पार्टियों को मौका नहीं देंगे- भगवंत सिंह मान
– कांग्रेसी, अकाली और भाजपाई को आम लोग पसंद नहीं, गलती से हाथ मिला भी लें तो सैनिटाइज़र से साफ करते हैं- भगवंत सिंह मान
– पिछली सरकारों ने जानबूझकर बेअदबी के ख़िलाफ कमजोर कानून बनाया, उन्हें पता था कि वे स्वयं ही फंस जाएंगे- भगवंत सिंह मान
BATALA/MOHALI/SANGHOL-TIMES/JATINDER-PAL -SINGH,2026-
पंजाब के ऐतिहासिक शहरों में शामिल बटाला के कायाकल्प के लिए मुख्यमंत्री भगवंत सिंह मान ने आज 177 करोड़ रुपये की विकास परियोजनाओं की घोषणा की। ऐतिहासिक नगर के बुनियादी ढांचे का बड़े पैमाने पर विस्तार करने के लिए विभिन्न परियोजनाओं की घोषणा करके मुख्यमंत्री ने सत्ता का सुख भोग चुकी पिछली सरकारों को कड़ा राजनीतिक संदेश दिया है। यहां की नगर निगम द्वारा 95.72 करोड़ रुपये के विकास कार्य किये जाएंगे, मंडी बोर्ड द्वारा 16.05 करोड़ रुपये के विकास कार्य किए जाएंगे और लोक निर्माण विभाग द्वारा सड़कों के निर्माण पर 65.09 करोड़ रुपये खर्च किए जाएंगे। इसके अलावा सड़कों के नवीनीकरण पर मंडी बोर्ड 42.56 करोड़ रुपये जबकि लोक निर्माण विभाग 34.97 करोड़ रुपये खर्च करेगा। बटाला हलके में चार नए पुल बनेंगे और नई पुलिस लाइन के लिए 14.81 करोड़ रुपये जारी किए गए हैं।
इस मौके पर मुख्यमंत्री भगवंत सिंह मान ने कहा कि पंजाब के लोगों ने साल 2022 में अकाली-कांग्रेस की तीन पीढ़ियों से चल रही लूट का अंत कर दिया और साल 2027 में भी उन्हें वापसी नहीं करने देंगे, जबकि पिछली सरकारों पर खुद को बचाने के लिए जानबूझकर बेअदबी विरोधी कानूनों को कमजोर करने का आरोप लगाया। उन्होंने पारंपरिक पार्टियों पर निशाना साधते हुए कहा कि ये पार्टियां आम लोगों से दूर हो गई थीं जिसकी वजह से लोगों ने इन्हें खारिज कर दिया जबकि उनकी सरकार शासन प्रदान करने और जवाबदेही के सम्मिलन के साथ आगे बढ़ रही है।
कई प्रमुख विकास परियोजनाओं का शिलान्यास करने के बाद सभा को संबोधित करते हुए मुख्यमंत्री भगवंत सिंह मान ने कहा, ‘अकालियों ने जानबूझकर बेअदबी के खिलाफ कमजोर कानून बनाया था ताकि यह सुनिश्चित किया जा सके कि घिनौने अपराध के दोषियों को उनके पापों की सजा न मिले।’ उन्होंने आगे कहा, ‘ये नेता यह भी डरते थे कि उन्हें भी उनके अपराध की सजा मिलेगी जिस कारण इन्होंने कानून ही कमजोर बना दिया।’
मुख्यमंत्री ने कहा कि पंजाब सरकार ने जगत जोति श्री गुरु ग्रंथ साहिब सतिकार (संशोधन) विधेयक, 2026 पारित किया है, जिसमें बेअदबी के लिए कठोर सजा का प्रावधान किया गया है। उन्होंने कहा, ‘श्री गुरु ग्रंथ साहिब जी की बेअदबी का घिनौना अपराध प्रांत में कठोर मेहनत से कायम की गई शांति, भाईचारे और सांप्रदायिक सद्भावना को भंग करने की गहरी साजिश थी।’
मुख्यमंत्री ने जोर देकर कहा कि यह कानून अपराधियों के खिलाफ सख्त कार्रवाई सुनिश्चित करेगा। उन्होंने कहा, ‘अब इस अक्षम्य अपराध में दोषी पाए जाने वाले किसी भी व्यक्ति को किसी भी कीमत पर माफ नहीं किया जाएगा और बाकियों के लिए अनुकरणीय कार्रवाई की जाएगी।’ उन्होंने जोर देकर कहा, ‘श्री गुरु ग्रंथ साहिब जी हर सिख के पिता हैं और प्रांत सरकार इस पवित्र ग्रंथ की सुरक्षा सुनिश्चित करने के लिए प्रतिबद्ध है।’ उन्होंने आगे कहा, ‘अगर पावन श्री गुरु ग्रंथ साहिब ही प्रांत में सुरक्षित नहीं है तो यह और कहां हो सकता है।’ इस कानून को बेअदबी रोकने के लिए ऐतिहासिक मील का पत्थर बताया।
अकाली दल की तथाकथित ‘बचाओ यात्रा’ पर व्यंग्य करते हुए मुख्यमंत्री भगवंत सिंह मान ने कहा, ‘अकाली दल की इस यात्रा का असली नाम ‘परिवार बचाओ यात्रा’ है क्योंकि यह सारा प्रयास उनके पारिवारिक हितों की रक्षा के लिए है।’ उन्होंने अकाली नेतृत्व को चुनौती देते हुए पूछा, ‘15 साल प्रांत को लूटने के बाद वे किससे प्रांत को बचाने की कोशिश कर रहे हैं।’ उन्होंने कहा कि अकालियों ने प्रांत को बेरहमी से लूटा है, पंजाबियों के मनों को गहरी ठेस पहुंचाई है और विभिन्न माफियाओं को संरक्षण दिया।
मुख्यमंत्री ने आगे कहा, ‘हर कोई जानता है कि यह परिवार अंग्रेजों का पिठ्ठू था और देश के लिए लड़ने वाले देशभक्तों के खिलाफ साजिशें रचने के बदले उन्होंने इस परिवार को सर की उपाधि दी थी।’ उन्होंने आगे कहा, ‘इस परिवार ने 13 अप्रैल, 1919 को जलियांवाला बाग कत्लेआम के दोषी जनरल डायर को इस घिनौनी घटना के बाद रात के खाने की मेजबानी करके सम्मानित किया था,’ उन्होंने कहा कि ऐसे कार्यों ने उनकी देश-विरोधी और पंजाब-विरोधी मानसिकता को बेनकाब किया है।
उन्होंने कहा, ‘केवल इतना ही नहीं, इस परिवार ने जनरल डायर को श्री हरिमंदर साहिब में सिरोपा और माफी दिलवाना भी सुनिश्चित किया।’ इस बात पर जोर देते हुए कि इतिहास को मिटाया नहीं जा सकता, मुख्यमंत्री भगवंत सिंह मान ने कहा, ‘बादल के पूर्वजों का संदिग्ध चरित्र इतिहास के पन्नों में दर्ज है।’उन्होंने कहा, ‘इस परिवार के हाथ देशभक्तों के खून से रंगे हुए हैं और राष्ट्रवादियों की पीठ में छुरा घोंपने में इन गद्दारों की भूमिका को कभी नहीं भुलाया जा सकता।’
मुख्यमंत्री ने कहा कि इन नेताओं ने प्रांत के नौजवानों को बर्बाद करने के लिए गोलियों और फिर नशीले पदार्थों (चिट्टे) का इस्तेमाल किया। उन्होंने कहा कि इन नेताओं को कभी माफ नहीं किया जा सकता। उन्होंने आगे कहा, ‘अकालियों पर पीढ़ियों के नरसंहार का मुकदमा चलाया जाना चाहिए क्योंकि उन्होंने नशों के व्यापार को संरक्षण दिया और इस व्यापार ने उनके लंबे कुशासन के दौरान प्रांत भर में पैर पसारे।’ उन्होंने आगे कहा, ‘इन नेताओं के हाथ उन लाखों नौजवानों के खून से रंगे हुए हैं जो प्रांत में इन नेताओं के सरकारी वाहनों में सप्लाई किए जाने वाले नशे का शिकार हो गए थे।’
मुख्यमंत्री भगवंत सिंह मान ने कहा, ‘इन नेताओं के पाप माफी योग्य नहीं हैं और उन्हें उनके बुरे कामों के लिए लोग कभी माफ नहीं कर सकते, जो लोगों के मनों में आज भी ताजा हैं।’ उन्होंने इन्हें अवसरवादी नेता बताया जो अपनी सुविधा और निजी राजनीतिक हितों के अनुसार गिरगिट की तरह अपने रंग बदलते हैं। उन्होंने कहा कि अत्यधिक गर्मी में भी लोगों की भारी भीड़ प्रांत सरकार के प्रति लोगों के समर्थन को दर्शाती है।
मुख्यमंत्री ने कहा, ‘प्रांत सरकार ने लोगों के लिए पूरी तनदेही से काम किया है, लेकिन इन नेताओं ने बिजली खरीद समझौतों और निजी फर्मों से प्रांत को सप्लाई किए गए कोयले से भी पैसा कमाया।’ उन्होंने आगे कहा कि पछवाड़ा कोयला खान से कोयले की सप्लाई लंबे समय बाद फिर से शुरू हुई है और 2024-25 में इस खान ने 70 लाख मीट्रिक टन कोयले की सप्लाई का लक्ष्य हासिल किया है। उन्होंने कहा, ‘अक्टूबर 2022 में पछवाड़ा से सप्लाई फिर से शुरू होने के बाद ‘आप’ सरकार ने 1,462 करोड़ रुपये की बचत की है।’
मुख्यमंत्री ने कहा कि अकाली नेता सुखबीर बादल ऐसे वादे कर रहे हैं जो कभी पूरे नहीं किए जा सकते और प्रांत में डायनासोरों की वापसी जैसे निराधार और तर्कहीन बयान दे रहे हैं। उन्होंने कहा कि ऐसे बयान सत्ता पुनः हासिल करने के प्रति उनकी बेचौनी को दर्शाते हैं, लेकिन उन्हें कभी प्रांत की सत्ता हासिल नहीं होगी। उन्होंने आगे कहा कि ये नेता सुबह ही उनके खिलाफ जहर उगलना शुरू कर देते हैं क्योंकि उनका असली चेहरा लोगों के सामने आ गया है।
मुख्यमंत्री भगवंत सिंह मान ने कहा, ‘इन पार्टियों ने बारी-बारी से अपने कार्यकाल के दौरान प्रांत की दौलत को लूटा है और दूसरी पार्टी को बचाने के लिए हथकंडे अपनाए।’ उन्होंने आगे कहा कि लोगों ने झाड़ू को वोट दिया जिससे स्कूलों, अस्पतालों और अन्य क्षेत्रों में अहम बदलाव आया। उन्होंने कहा कि पिछले नेताओं ने अपने सरकारी पदों का दुरुपयोग करके भारी दौलत इकट्ठी की और बड़े-बड़े महल बनाए।
उन्होंने आगे कहा, ‘इन शानदार महलों की दीवारें ऊंची और दरवाजे लोगों के लिए हमेशा बंद रहते थे।’ उन्होंने कहा कि ये नेता आम लोगों की पहुंच से बाहर रहते थे और आखिरकार जनता ने इन्हें सत्ता से बाहर का रास्ता दिखा दिया। उन्होंने कहा कि लोग अब जागरूक हो गए हैं और उनके झांसे में आने वाले नहीं हैं।
मुख्यमंत्री ने कहा कि इन अहंकारी राजनेताओं ने कभी प्रांत के लोगों की परवाह नहीं की। उन्होंने आगे कहा कि पंजाब सरकार शिक्षा, स्वास्थ्य, बिजली और कृषि के बारे में चर्चा करती है, लेकिन दूसरी पार्टियां केवल सत्ता हड़पने के हथकंडे अपना रही हैं। उन्होंने कहा कि ये नेता अब हैरान-परेशान हैं क्योंकि लोगों द्वारा उन्हें कोई समर्थन नहीं मिल रहा और केवल अपने परिवारों के बारे में चिंतित हैं।
राज्य सरकार की प्रमुख पहलों का जिक्र करते हुए मुख्यमंत्री भगवंत सिंह मान ने कहा, ‘पहली बार किसानों को दिन के समय बिजली मिल रही है।’ उन्होंने कहा कि ‘सभी घरेलू उपभोक्ताओं को प्रति माह 300 यूनिट मुफ्त बिजली प्रदान की जा रही है और प्रांत के लगभग 90 प्रतिशत घरेलू उपभोक्ताओं का बिजली बिल जीरो आ रहा है।’उन्होंने आगे कहा, ‘65,000 से अधिक नौजवानों को सरकारी नौकरियां दी गई हैं।’
मुख्यमंत्री ने लोगों से मुख्यमंत्री सेहत योजना के तहत पंजीकरण कराने की अपील की। उन्होंने कहा कि इस योजना के तहत प्रति परिवार ‘10 लाख रुपये का कैशलेस इलाज’प्रदान किया जा रहा है। उन्होंने आगे कहा कि इस योजना के तहत 30 लाख से अधिक लाभार्थियों को पहले ही स्वास्थ्य कार्ड मिल चुके हैं और 1.65 लाख लोग मुफ्त इलाज प्राप्त कर चुके हैं।
मावां-धियां सतिकार योजना के बारे में बात करते हुए उन्होंने कहा कि इस योजना के तहत 18 साल से अधिक उम्र की अनुसूचित जाति वर्ग की महिलाओं के लिए 1500 रुपये और बाकी वर्गों की महिलाओं के लिए 1000 रुपये प्रति माह की वित्तीय सहायता सुनिश्चित की गई है।
मुख्यमंत्री भगवंत सिंह मान ने कहा कि सरकार द्वारा करदाताओं के पैसे का उपयोग सुचारू ढंग से जनता की भलाई के लिए किया जा रहा है, जबकि पिछली सरकारों ने इसके विपरीत काम किया। उन्होंने कहा कि पिछली सरकारों ने लोगों की दौलत को बुरी तरह लूटा और पंजाब की तरक्की को पटरी से उतार दिया।
उन्होंने कहा कि लोगों ने समझदारी से लोक-पक्षीय सरकार को सत्ता में लाने के लिए वोट दिया। उन्होंने कहा कि वे अकालियों को उनके कामों के लिए कभी माफ नहीं करेंगे। उन्होंने कहा, ‘लोगों ने बार-बार अकालियों को चुना था, लेकिन वे गद्दार साबित हुए और उन्होंने हमेशा प्रांत और उसके लोगों की पीठ में छुरा घोंपा।’
मुख्यमंत्री ने कहा कि अकालियों ने अपने निजी राजनीतिक हितों के लिए धर्म का दुरुपयोग किया है। उन्होंने आगे कहा कि लोगों ने पारंपरिक पार्टियों के लोक-विरोधी और पंजाब-विरोधी रुख के कारण उनसे मुंह मोड़ लिया है। उन्होंने कहा कि पिछली सरकारें पंजाब और पंजाबियों से अधिक अपने परिवारों की चिंता करती थीं, जिस कारण जनता ने उन्हें सत्ता से बाहर का रास्ता दिखा दिया।
अपने संबोधन में वरिष्ठ ‘आप’ नेता मनीष सिसोदिया ने कहा, ‘यह अत्यधिक गर्व और संतुष्टि की बात है कि भगवंत सिंह मान प्रांत के सबसे चहेते मुख्यमंत्री साबित हुए हैं।’ उन्होंने आगे कहा, ‘भगवंत सिंह मान देश के इकलौते मुख्यमंत्री हैं जो लोगों की भलाई के लिए काम कर रहे हैं, जबकि बाकी सभी प्रांतों में ऐसे मुख्यमंत्री हैं जो लालच या अपनी पार्टी के हितों की पूर्ति के लिए काम कर रहे हैं।’
मनीष सिसोदिया ने कहा, ‘प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी देश में लोकतंत्र के लिए सबसे बड़ा खतरा हैं।’ उन्होंने लोगों से अपने वोटों के सुचारू उपयोग करने की अपील की।
इस मौके पर कैबिनेट मंत्री लाल चंद कटारूचक्क, वरिष्ठ ‘आप’ नेता और पंजाब प्रभारी मनीष सिसोदिया, विधायक अमनशेर सिंह शेरी कलसी और अन्य गणमान्य व्यक्ति भी उपस्थित थे।
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*Historic city of Batala gets development boost, CM Bhagwant Singh Mann announces projects worth ₹177 crore*
*Municipal Corporation Batala to execute works worth ₹95.72 crore, Mandi Board ₹16.05 crore, PWD to build roads worth ₹65.09 crore: CM Bhagwant Singh Mann*
*PWD to repair roads worth ₹42.56 crore & Mandi Board ₹34.97 crore in Batala constituency: CM Bhagwant Singh Mann*
*Bridges to be constructed over Hansli drain near Greater Kailash Colony, Kasur drain near Sarpanch Toka factory, and Kotla Moosa drain: CM Bhagwant Singh Mann*
*Batala to soon get new bus stand to permanently resolve traffic congestion: CM Bhagwant Singh Mann*
*₹14.81 crore first instalment released for construction of new police lines in Batala: CM Bhagwant Singh Mann*
*People of Punjab ended 3 generations of Akali & Congress loot in 2022, will not give them another chance in 2027: CM Bhagwant Singh Mann*
*Congress, Akalis, and BJP leaders dislike common people, wash hands with sanitiser if they accidentally touch them: CM Bhagwant Singh Mann*
*Previous govts deliberately framed weak anti-beadbi laws knowing they themselves would be trapped: CM Bhagwant Singh Mann*
BATALA/MOHALI/SANGHOL-TIMES/JATINDER-PAL -SINGH/16APRAIL,2026-
Batala, one of Punjab’s most historic cities, is set for a major transformation as Punjab Chief Minister Bhagwant Singh Mann rolled out development projects worth ₹177 crore, combining large-scale infrastructure expansion with a sharp political message against previous regimes. With over ₹95.72 crore worth of works by the Municipal Corporation (MC), ₹16.05 crore by the Mandi Board, and ₹65.09 crore in road construction by the PWD, alongside fresh repair works worth ₹42.56 crore and ₹34.97 crore, the push includes new bridges, a modern bus stand to ease traffic congestion, and a ₹14.81 crore allocation for new police lines.
Declaring the development drive as a decisive break from the past, CM Bhagwant Singh Mann said the people of Punjab had ended “three generations of Akali-Congress loot” in 2022 and would not allow their return in 2027, while accusing previous governments of deliberately weakening anti-beadbi laws to protect themselves. He also targeted traditional parties, saying their disconnect from ordinary citizens reflects why people have rejected them, as his government moves to combine governance delivery with accountability.
Addressing the gathering after laying the foundation stone of several key development projects, CM Bhagwant Singh Mann stated, “Akalis had deliberately framed weak law against beadbi just to ensure that the perpetrators of the heinous crime were not punished for their sins.” He added, “These leaders were also afraid that they would also get punishment for their crime due to which they ensured that the laws were weak.”
The Chief Minister stated that the Punjab Government has passed the Jaagat Jot Sri Guru Granth Sahib Satkar (Amendment) Bill, 2026, stipulating harsher punishment for beadbi. “The dastardly act of beadbi of Sri Guru Granth Sahib Ji was a deep rooted conspiracy to disturb hard earned peace, amity, brotherhood and communal harmony in the state,” he said.
The Chief Minister asserted that the Act will ensure strict action against offenders, saying, “Now anyone found guilty in this unpardonable offence will not be spared at any cost and exemplary action would be taken against them as a deterrent for others.” He emphasised, “Sri Guru Granth Sahib Ji is the father of every Sikh and the state government is duty bound to ensure the safety of this holy granth.” He added, “If Sri Guru Granth Sahib is not safe in the state then where else can it be,” calling the legislation a historic milestone to check beadbi.
Taking a jibe at the Akali Dal’s so-called ‘Punjab Bachao Yatra’, CM Bhagwant Singh Mann said, “The real name of this gimmick of Akali Dal is ‘parivar bachao yatra’ as the entire effort is aimed at safeguarding their family interests.” He challenged the Akali leadership, asking, “After looting the state for 15 years, from whom they are trying to save the state from.” He said that the Akalis had plundered the state mercilessly, bruised the psyche of Punjabis emotionally, and patronised several mafias.
The Chief Minister further said, “Everyone knows that this family was a stooge of Britishers and was conferred the title of Sir by them for hobnobbing against the patriots who fought for the country.” He added, “The family had felicitated General Dyer, the perpetrator of Jallianwala Bagh massacre on April 13, 1919, by hosting a dinner for him after this heinous incident,” stating that such acts exposed their anti-national and anti-Punjab mindset.
He said, “Not only this the family also ensured that General Dyer was also bestowed siropa and forgiveness at Golden Temple.” Emphasising that history cannot be erased, CM Bhagwant Singh Mann said, “The dubious characters of Badal’s ancestors are etched on the pages of history,” adding that “the hands of this family are drenched with the blood of the patriots and the role of these traitors in backstabbing the nationalists can never be forgotten.”
The Chief Minister said that these leaders had “used the bullets and then the drug (Chitta) to ruin the youth of the state,” asserting that they can never be forgiven. He added, “Akalis should be booked for the genocide of generations as the drug trade was patronized by them and it flourished during their long misrule.” He further said, “The hands of these leaders are drenched with the blood of millions of youth who fell prey to the drug that was supplied in the state in their official vehicles.”
CM Bhagwant Singh Mann said, “The sins of these leaders are unpardonable and they can never be forgiven by the people for their long saga of misdeeds, which are fresh in the minds of people.” He termed them “opportunist leaders who change their colors like a chameleon as per their convenience and vested political interests,” adding that the large turnout of people even in scorching heat reflects the public’s support for the state government.
Highlighting governance, he said, “While the state government has worked wholeheartedly for people these leaders minted money from the Power Purchase Agreements and even from the coal that was supplied to the state from the private firms.” He added that coal supply from Pachwara Coal Mine has resumed after a long gap, and in 2024-25 it achieved the target of supplying 70 lakh metric tons of coal. “Since the resumption of supply from Pachwara in October 2022 the AAP government has saved ₹1,462 crore,” he said.
The Chief Minister said that Akali leader Sukhbir Badal is making unrealistic promises and “baseless and irrational statements like returning of Dinosaurs in the state,” adding that such statements reflect desperation to regain power, which he said will not happen. He added that these leaders “start spitting venom against him at the early dawn of the day” because their “ugly face” has been exposed before the people.
CM Bhagwant Singh Mann said, “These parties played a game of musical chairs and plundered the wealth of the state during their tenure in the government besides shielding the other party.” He added that people voted for the broom, leading to transformation in schools, hospitals and other sectors. He said that previous leaders had built “huge palaces by amassing whopping wealth by misusing their official positions.”
He added, “The walls of these palatial palaces were high and the gates usually remained closed for the people,” noting that such leaders remained inaccessible and were eventually rejected by the public. He said that people have now become aware and are not influenced by misleading propaganda.
The Chief Minister said that these “haughty politicians had always taken the people of state for granted,” and added that while the Punjab Government discusses education, health, power, and agriculture, other parties focus only on capturing power. He said that such leaders are “baffled as people are not giving them any sort of response” and are only concerned about their families.
Listing key initiatives, CM Bhagwant Singh Mann said, “For the first time farmers have been provided power during daytime.” He added that “300 units of free electricity per month are being provided to all domestic consumers” and “around 90% of domestic consumers are receiving zero electricity bills.” He further stated that “more than 65,000 youngsters have got government jobs.”
He urged people to enroll under Mukh Mantri Sehat Yojna, stating that it provides “cashless treatment of ₹10 lakh” per family. He added that “over 30 lakh beneficiaries have already received health cards” and “1.65 lakh people have received free treatment under this scheme.”
Talking about Mawan Dheeyan Satkar Yojna, he said that the scheme provides “₹1000 per month for other category women and ₹1500 for SC category women above 18 years.”
CM Bhagwant Singh Mann said that the government is responsibly using taxpayers’ money for public welfare, adding that this approach was missing earlier. He said previous governments had “mercilessly plundered the wealth of the people” and derailed Punjab’s progress.
He stated that people wisely voted to bring a pro-people government to power and reiterated that they will not forgive the Akalis for their actions. “People had elected Akalis time and again but they had proved to be traitors and had always backstabbed the state and its people,” he said.
The Chief Minister said that Akalis had “misused religion for their vested political interests,” and added that people have lost faith in traditional parties due to their anti-people and anti-Punjab stance. He reiterated that previous rulers were more focused on their families than Punjab and Punjabis, which led to their rejection by the public.
In his address, senior AAP leader Manish Sisodia said, “It is a matter of immense pride and satisfaction that Bhagwant Singh Mann has proved to be the most popular Chief Minister of the state.” He added, “Bhagwant Singh Mann is the only Chief Minister in the country who is working for the welfare of people whereas all the other states have Chiefs who are working for greed or their party.”
Manish Sisodia further said, “Prime Minister Narendra Modi is the biggest threat to the democracy in the country,” and urged people to protect their votes.
On the occasion, Cabinet Minister Lal Chand Kataruchak, senior AAP leader and Punjab Prabhari Manish Sisodia, MLA Amansher Singh Sherry Kalsi and others were also present.
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*ਇਤਿਹਾਸਕ ਨਗਰ ਬਟਾਲਾ ਦੇ ਵਿਕਾਸ ਨੂੰ ਵੱਡਾ ਹੁਲਾਰਾ, ਮੁੱਖ ਮੰਤਰੀ ਭਗਵੰਤ ਸਿੰਘ ਮਾਨ ਵੱਲੋਂ 177 ਕਰੋੜ ਰੁਪਏ ਦੇ ਪ੍ਰਾਜੈਕਟਾਂ ਦਾ ਐਲਾਨ*
*ਨਗਰ ਨਿਗਮ ਬਟਾਲਾ 95.72 ਕਰੋੜ ਰੁਪਏ ਅਤੇ ਮੰਡੀ ਬੋਰਡ 16.05 ਕਰੋੜ ਰੁਪਏ ਵਿਕਾਸ ਕਾਰਜਾਂ ’ਤੇ ਖਰਚੇਗਾ, ਲੋਕ ਨਿਰਮਾਣ ਵਿਭਾਗ ਵੱਲੋਂ 65.09 ਕਰੋੜ ਰੁਪਏ ਸੜਕਾਂ ਦੇ ਨਿਰਮਾਣ ’ਤੇ ਖਰਚੇ ਜਾਣਗੇ-ਮੁੱਖ ਮੰਤਰੀ ਭਗਵੰਤ ਸਿੰਘ ਮਾਨ*
*ਬਟਾਲਾ ਹਲਕੇ ਵਿੱਚ ਸੜਕਾਂ ਦੇ ਨਵੀਨੀਕਰਨ ਲਈ ਲੋਕ ਨਿਰਮਾਣ ਵਿਭਾਗ ਵੱਲੋਂ 42.56 ਕਰੋੜ ਰੁਪਏ ਅਤੇ ਮੰਡੀ ਬੋਰਡ ਵੱਲੋਂ 34.97 ਕਰੋੜ ਖਰਚੇ ਜਾਣਗੇ-ਮੁੱਖ ਮੰਤਰੀ ਭਗਵੰਤ ਸਿੰਘ ਮਾਨ*
*ਗ੍ਰੇਟਰ ਕੈਲਾਸ਼ ਕਲੋਨੀ ਦੇ ਨੇੜੇ ਹੰਸਾਲੀ ਨਾਲੇ, ਸਰਪੰਚ ਟੋਕਾ ਫੈਕਟਰੀ ਦੇ ਨੇੜੇ ਕਸੂਰ ਨਾਲੇ ਅਤੇ ਕੋਟਲਾ ਮੂਸਾ ਨਾਲੇ ’ਤੇ ਪੁਲ ਬਣਨਗੇ-ਭਗਵੰਤ ਸਿੰਘ ਮਾਨ*
*ਸ਼ਹਿਰ ਦੀ ਟ੍ਰੈਫਿਕ ਸਮੱਸਿਆ ਦੇ ਪੱਕੇ ਹੱਲ ਲਈ ਬਟਾਲਾ ਵਿੱਚ ਛੇਤੀ ਨਵਾਂ ਬੱਸ ਅੱਡਾ ਬਣੇਗਾ-ਭਗਵੰਤ ਸਿੰਘ ਮਾਨ*
*ਬਟਾਲਾ ਵਿੱਚ ਨਵੀਂ ਪੁਲਿਸ ਲਾਈਨ ਬਣਾਉਣ ਲਈ 14.81 ਕਰੋੜ ਰੁਪਏ ਦੀ ਪਹਿਲੀ ਕਿਸ਼ਤ ਜਾਰੀ ਕੀਤੀ-ਭਗਵੰਤ ਸਿੰਘ ਮਾਨ*
*ਸਾਲ 2022 ਵਿੱਚ ਲੋਕਾਂ ਨੇ ਤਿੰਨ ਪੀੜ੍ਹੀਆਂ ਤੋਂ ਚੱਲ ਰਹੀ ਅਕਾਲੀ-ਕਾਂਗਰਸ ਦੀ ਲੁੱਟ ਦਾ ਅੰਤ ਕੀਤਾ, 2027 ਵਿੱਚ ਵੀ ਲੋਕ ਰਵਾਇਤੀ ਪਾਰਟੀਆਂ ਨੂੰ ਮੌਕਾ ਨਹੀਂ ਦੇਣਗੇ-ਭਗਵੰਤ ਸਿੰਘ ਮਾਨ*
*ਕਾਂਗਰਸੀ, ਅਕਾਲੀ ਅਤੇ ਭਾਜਪਾਈਆਂ ਨੂੰ ਆਮ ਲੋਕ ਪਸੰਦ ਨਹੀਂ, ਗਲਤੀ ਨਾਲ ਹੱਥ ਮਿਲਾ ਵੀ ਲੈਣ ਤਾਂ ਸੈਨੀਟਾਈਜ਼ਰ ਨਾਲ ਸਾਫ ਕਰਦੇ ਹਨ-ਭਗਵੰਤ ਸਿੰਘ ਮਾਨ*
*ਪਿਛਲੀਆਂ ਸਰਕਾਰਾਂ ਨੇ ਜਾਣਬੁੱਝ ਕੇ ਬੇਅਦਬੀ ਖਿਲਾਫ਼ ਕਮਜ਼ੋਰ ਕਾਨੂੰਨ ਬਣਾਇਆ, ਉਨ੍ਹਾਂ ਨੂੰ ਪਤਾ ਸੀ ਕਿ ਉਹ ਖੁਦ ਹੀ ਫਸਣਗੇ-ਭਗਵੰਤ ਸਿੰਘ ਮਾਨ*
BATALA/MOHALI/SANGHOL-TIMES/JATINDER-PAL SINGH/16APRAIL,2026-
ਪੰਜਾਬ ਦੇ ਇਤਿਹਾਸਕ ਸ਼ਹਿਰਾਂ ਵਿੱਚ ਸ਼ਾਮਲ ਬਟਾਲਾ ਦੀ ਕਾਇਆਕਲਪ ਕਰਨ ਲਈ ਮੁੱਖ ਮੰਤਰੀ ਭਗਵੰਤ ਸਿੰਘ ਮਾਨ ਨੇ ਅੱਜ 177 ਕਰੋੜ ਰੁਪਏ ਵਿਕਾਸ ਪ੍ਰਾਜੈਕਟਾਂ ਦਾ ਐਲਾਨ ਕੀਤਾ। ਇਤਿਹਾਸਕ ਨਗਰ ਦੇ ਬੁਨਿਆਦੀ ਢਾਂਚੇ ਦਾ ਵੱਡਾ ਪੱਧਰ ’ਤੇ ਵਿਸਥਾਰ ਕਰਨ ਲਈ ਵੱਖ-ਵੱਖ ਪ੍ਰਾਜੈਕਟ ਦਾ ਐਲਾਨ ਕਰਕੇ ਮੁੱਖ ਮੰਤਰੀ ਨੇ ਸੱਤਾ ਦਾ ਸੁਖ ਭੋਗ ਚੁੱਕੀਆਂ ਪਿਛਲੀਆਂ ਸਰਕਾਰਾਂ ਨੂੰ ਸਖ਼ਤ ਸਿਆਸੀ ਸੰਦੇਸ਼ ਦਿੱਤਾ ਹੈ। ਇੱਥੋਂ ਦੀ ਨਗਰ ਨਿਗਮ ਵੱਲੋਂ 95.72 ਕਰੋੜ ਰੁਪਏ ਦਾ ਵਿਕਾਸ ਕਾਰਜ ਕੀਤੇ ਜਾਣਗੇ, ਮੰਡੀ ਬੋਰਡ ਵੱਲੋਂ 16.05 ਕਰੋੜ ਰੁਪਏ ਦੇ ਵਿਕਾਸ ਕੰਮ ਕੀਤੇ ਜਾਣਗੇ ਅਤੇ ਲੋਕ ਨਿਰਮਾਣ ਵਿਭਾਗ ਵੱਲੋਂ ਸੜਕਾਂ ਦੇ ਨਿਰਮਾਣ ‘ਤੇ 65.09 ਕਰੋੜ ਰੁਪਏ ਖਰਚੇ ਜਾਣਗੇ। ਇਸ ਤੋਂ ਇਲਾਵਾ ਸੜਕਾਂ ਦੇ ਨਵੀਨੀਕਰਨ ’ਤੇ ਮੰਡੀ ਬੋਰਡ 42.56 ਕਰੋੜ ਰੁਪਏ ਜਦਕਿ ਲੋਕ ਨਿਰਮਾਣ ਵਿਭਾਗ 34.97 ਕਰੋੜ ਰੁਪਏ ਖਰਚੇਗਾ। ਬਟਾਲਾ ਹਲਕੇ ਵਿੱਚ ਚਾਰ ਨਵੇਂ ਪੁਲ ਬਣਨਗੇ ਅਤੇ ਨਵੀਂ ਪੁਲਿਸ ਲਾਈਨ ਲਈ 14.81 ਕਰੋੜ ਜਾਰੀ ਕੀਤੇ ਗਏ ਹਨ।
ਇਸ ਮੌਕੇ ਮੁੱਖ ਮੰਤਰੀ ਭਗਵੰਤ ਸਿੰਘ ਮਾਨ ਨੇ ਕਿਹਾ ਕਿ ਪੰਜਾਬ ਦੇ ਲੋਕਾਂ ਨੇ ਸਾਲ 2022 ਵਿੱਚ ਅਕਾਲੀ-ਕਾਂਗਰਸ ਦੀ ਤਿੰਨ ਪੀੜ੍ਹੀਆਂ ਤੋਂ ਚੱਲ ਰਹੀ ਲੁੱਟ ਦਾ ਅੰਤ ਕਰ ਦਿੱਤਾ ਅਤੇ ਸਾਲ 2027 ਵਿੱਚ ਵੀ ਇਨ੍ਹਾਂ ਨੂੰ ਵਾਪਸੀ ਨਹੀਂ ਕਰਨ ਦੇਣਗੇ, ਜਦੋਂ ਕਿ ਪਿਛਲੀਆਂ ਸਰਕਾਰਾਂ ‘ਤੇ ਆਪਣੇ-ਆਪ ਨੂੰ ਬਚਾਉਣ ਲਈ ਜਾਣਬੁੱਝ ਕੇ ਬੇਅਦਬੀ ਵਿਰੋਧੀ ਕਾਨੂੰਨਾਂ ਨੂੰ ਕਮਜ਼ੋਰ ਕਰਨ ਦਾ ਦੋਸ਼ ਲਾਇਆ। ਉਨ੍ਹਾਂ ਨੇ ਰਵਾਇਤੀ ਪਾਰਟੀਆਂ ‘ਤੇ ਨਿਸ਼ਾਨਾ ਸਾਧਦੇ ਹੋਏ ਕਿਹਾ ਕਿ ਇਹ ਪਾਰਟੀਆਂ ਆਮ ਲੋਕਾਂ ਤੋਂ ਦੂਰ ਹੋ ਗਈਆਂ ਸਨ ਜਿਸ ਕਰਕੇ ਲੋਕਾਂ ਨੇ ਇਨ੍ਹਾਂ ਨੂੰ ਰੱਦ ਕਰ ਦਿੱਤਾ ਜਦਕਿ ਉਨ੍ਹਾਂ ਦੀ ਸਰਕਾਰ ਸ਼ਾਸਨ ਪ੍ਰਦਾਨ ਕਰਨ ਅਤੇ ਜਵਾਬਦੇਹੀ ਦੇ ਸੁਮੇਲ ਨਾਲ ਅੱਗੇ ਵਧ ਰਹੀ ਹੈ।
ਕਈ ਪ੍ਰਮੁੱਖ ਵਿਕਾਸ ਪ੍ਰਾਜੈਕਟਾਂ ਦਾ ਨੀਂਹ ਪੱਥਰ ਰੱਖਣ ਤੋਂ ਬਾਅਦ ਇਕੱਠ ਨੂੰ ਸੰਬੋਧਨ ਕਰਦੇ ਹੋਏ ਮੁੱਖ ਮੰਤਰੀ ਭਗਵੰਤ ਸਿੰਘ ਮਾਨ ਨੇ ਕਿਹਾ, “ਅਕਾਲੀਆਂ ਨੇ ਜਾਣਬੁੱਝ ਕੇ ਬੇਅਦਬੀ ਵਿਰੁੱਧ ਕਮਜ਼ੋਰ ਕਾਨੂੰਨ ਬਣਾਇਆ ਸੀ ਤਾਂ ਜੋ ਇਹ ਯਕੀਨੀ ਬਣਾਇਆ ਜਾ ਸਕੇ ਕਿ ਘਿਨਾਉਣੇ ਅਪਰਾਧ ਦੇ ਦੋਸ਼ੀਆਂ ਨੂੰ ਉਨ੍ਹਾਂ ਦੇ ਪਾਪਾਂ ਦੀ ਸਜ਼ਾ ਨਾ ਮਿਲੇ।” ਉਨ੍ਹਾਂ ਅੱਗੇ ਕਿਹਾ, “ਇਹ ਆਗੂ ਇਹ ਵੀ ਡਰਦੇ ਸਨ ਕਿ ਉਨ੍ਹਾਂ ਨੂੰ ਵੀ ਉਨ੍ਹਾਂ ਦੇ ਅਪਰਾਧ ਦੀ ਸਜ਼ਾ ਮਿਲੇਗੀ ਜਿਸ ਕਾਰਨ ਇਨ੍ਹਾਂ ਨੇ ਕਾਨੂੰਨ ਹੀ ਕਮਜ਼ੋਰ ਬਣਾ ਦਿੱਤਾ।”
ਮੁੱਖ ਮੰਤਰੀ ਨੇ ਕਿਹਾ ਕਿ ਪੰਜਾਬ ਸਰਕਾਰ ਨੇ ਜਾਗਤ ਜੋਤਿ ਸ੍ਰੀ ਗੁਰੂ ਗ੍ਰੰਥ ਸਾਹਿਬ ਸਤਿਕਾਰ (ਸੋਧ) ਬਿੱਲ, 2026 ਪਾਸ ਕੀਤਾ ਹੈ, ਜਿਸ ਵਿੱਚ ਬੇਅਦਬੀ ਲਈ ਸਖ਼ਤ ਸਜ਼ਾ ਦੀ ਵਿਵਸਥਾ ਕੀਤੀ ਗਈ ਹੈ। ਉਨ੍ਹਾਂ ਕਿਹਾ, “ਸ੍ਰੀ ਗੁਰੂ ਗ੍ਰੰਥ ਸਾਹਿਬ ਜੀ ਦੀ ਬੇਅਦਬੀ ਦਾ ਘਿਨਾਉਣਾ ਗੁਨਾਹ ਸੂਬੇ ਵਿੱਚ ਸਖ਼ਤ ਘਾਲਣਾ ਘਾਲ ਕੇ ਕਾਇਮ ਕੀਤੀ ਅਮਨ-ਸ਼ਾਂਤੀ, ਭਾਈਚਾਰਾ ਸਾਂਝ ਅਤੇ ਫਿਰਕੂ ਸਦਭਾਵਨਾ ਨੂੰ ਭੰਗ ਕਰਨ ਦੀ ਡੂੰਘੀ ਸਾਜ਼ਿਸ਼ ਸੀ।
ਮੁੱਖ ਮੰਤਰੀ ਨੇ ਜ਼ੋਰ ਦੇ ਕੇ ਕਿਹਾ ਕਿ ਇਹ ਕਾਨੂੰਨ ਅਪਰਾਧੀਆਂ ਵਿਰੁੱਧ ਸਖ਼ਤ ਕਾਰਵਾਈ ਨੂੰ ਯਕੀਨੀ ਬਣਾਏਗਾ। ਉਨ੍ਹਾਂ ਕਿਹਾ, “ਹੁਣ ਇਸ ਨਾ-ਮੁਆਫ਼ੀਯੋਗ ਅਪਰਾਧ ਵਿੱਚ ਦੋਸ਼ੀ ਪਾਏ ਜਾਣ ਵਾਲੇ ਕਿਸੇ ਵੀ ਵਿਅਕਤੀ ਨੂੰ ਕਿਸੇ ਵੀ ਕੀਮਤ ‘ਤੇ ਬਖਸ਼ਿਆ ਨਹੀਂ ਜਾਵੇਗਾ ਅਤੇ ਬਾਕੀਆਂ ਲਈ ਮਿਸਾਲੀ ਕਾਰਵਾਈ ਕੀਤੀ ਜਾਵੇਗੀ।” ਉਨ੍ਹਾਂ ਜ਼ੋਰ ਦੇ ਕੇ ਕਿਹਾ, “ਸ੍ਰੀ ਗੁਰੂ ਗ੍ਰੰਥ ਸਾਹਿਬ ਜੀ ਹਰ ਸਿੱਖ ਦੇ ਪਿਤਾ ਹਨ ਅਤੇ ਸੂਬਾ ਸਰਕਾਰ ਇਸ ਪਵਿੱਤਰ ਗ੍ਰੰਥ ਦੀ ਸੁਰੱਖਿਆ ਨੂੰ ਯਕੀਨੀ ਬਣਾਉਣ ਲਈ ਵਚਨਬੱਧ ਹੈ।” ਉਨ੍ਹਾਂ ਅੱਗੇ ਕਿਹਾ, “ਜੇਕਰ ਪਾਵਨ ਸ੍ਰੀ ਗੁਰੂ ਗ੍ਰੰਥ ਸਾਹਿਬ ਹੀ ਸੂਬੇ ਵਿੱਚ ਸੁਰੱਖਿਅਤ ਨਹੀਂ ਹੈ ਤਾਂ ਇਹ ਹੋਰ ਕਿੱਥੇ ਹੋ ਸਕਦਾ ਹੈ।” ਇਸ ਕਾਨੂੰਨ ਨੂੰ ਬੇਅਦਬੀ ਰੋਕਣ ਲਈ ਇਤਿਹਾਸਕ ਮੀਲ ਪੱਥਰ ਕਰਾਰ ਦਿੱਤਾ।
ਅਕਾਲੀ ਦਲ ਦੀ ਅਖੌਤੀ ‘ਪੰਜਾਬ ਬਚਾਓ ਯਾਤਰਾ’ ‘ਤੇ ਚੁਟਕੀ ਲੈਂਦੇ ਹੋਏ ਮੁੱਖ ਮੰਤਰੀ ਭਗਵੰਤ ਸਿੰਘ ਮਾਨ ਨੇ ਕਿਹਾ, “ਅਕਾਲੀ ਦਲ ਦੀ ਇਸ ਯਾਤਰਾ ਦਾ ਅਸਲ ਨਾਮ ‘ਪਰਿਵਾਰ ਬਚਾਓ ਯਾਤਰਾ’ ਹੈ ਕਿਉਂਕਿ ਇਹ ਸਾਰਾ ਯਤਨ ਉਨ੍ਹਾਂ ਦੇ ਪਰਿਵਾਰਕ ਹਿੱਤਾਂ ਦੀ ਰਾਖੀ ਲਈ ਹੈ।” ਉਨ੍ਹਾਂ ਨੇ ਅਕਾਲੀ ਲੀਡਰਸ਼ਿਪ ਨੂੰ ਚੁਣੌਤੀ ਦਿੰਦੇ ਹੋਏ ਪੁੱਛਿਆ, “15 ਸਾਲ ਸੂਬੇ ਨੂੰ ਲੁੱਟਣ ਤੋਂ ਬਾਅਦ ਉਹ ਕਿਸ ਤੋਂ ਸੂਬੇ ਨੂੰ ਬਚਾਉਣ ਦੀ ਕੋਸ਼ਿਸ਼ ਕਰ ਰਹੇ ਹਨ।” ਉਨ੍ਹਾਂ ਕਿਹਾ ਕਿ ਅਕਾਲੀਆਂ ਨੇ ਸੂਬੇ ਨੂੰ ਬੇਰਹਿਮੀ ਨਾਲ ਲੁੱਟਿਆ ਹੈ, ਪੰਜਾਬੀਆਂ ਦੇ ਮਨਾਂ ਨੂੰ ਡੂੰਘੀ ਠੇਸ ਪਹੁੰਚਾਈ ਹੈ ਅਤੇ ਵੱਖ-ਵੱਖ ਮਾਫੀਏ ਨੂੰ ਸਰਪ੍ਰਸਤੀ ਦਿੱਤੀ।
ਮੁੱਖ ਮੰਤਰੀ ਨੇ ਅੱਗੇ ਕਿਹਾ, “ਹਰ ਕੋਈ ਜਾਣਦਾ ਹੈ ਕਿ ਇਹ ਪਰਿਵਾਰ ਅੰਗਰੇਜ਼ਾਂ ਦਾ ਪਿੱਠੂ ਸੀ ਅਤੇ ਦੇਸ਼ ਲਈ ਲੜਨ ਵਾਲੇ ਦੇਸ਼ ਭਗਤਾਂ ਵਿਰੁੱਧ ਸਾਜ਼ਿਸ਼ਾਂ ਘੜਨ ਬਦਲੇ ਉਨ੍ਹਾਂ ਨੇ ਇਸ ਪਰਿਵਾਰ ਨੂੰ ਸਰ ਦੀ ਉਪਾਧੀ ਦਿੱਤੀ ਸੀ।” ਉਨ੍ਹਾਂ ਅੱਗੇ ਕਿਹਾ, “ਇਸ ਪਰਿਵਾਰ ਨੇ 13 ਅਪ੍ਰੈਲ, 1919 ਨੂੰ ਜਲ੍ਹਿਆਂਵਾਲਾ ਬਾਗ ਕਤਲੇਆਮ ਦੇ ਦੋਸ਼ੀ ਜਨਰਲ ਡਾਇਰ ਨੂੰ ਇਸ ਘਿਨਾਉਣੀ ਘਟਨਾ ਤੋਂ ਬਾਅਦ ਰਾਤ ਦੇ ਖਾਣੇ ਦੀ ਮੇਜ਼ਬਾਨੀ ਕਰਕੇ ਸਨਮਾਨਿਤ ਕੀਤਾ ਸੀ,” ਉਨ੍ਹਾਂ ਕਿਹਾ ਕਿ ਅਜਿਹੇ ਕੰਮਾਂ ਨੇ ਉਨ੍ਹਾਂ ਦੀ ਦੇਸ਼ ਵਿਰੋਧੀ ਅਤੇ ਪੰਜਾਬ ਵਿਰੋਧੀ ਮਾਨਸਿਕਤਾ ਨੂੰ ਬੇਪਰਦ ਕੀਤਾ ਹੈ।
ਉਨ੍ਹਾਂ ਕਿਹਾ, “ਸਿਰਫ ਇਹ ਹੀ ਨਹੀਂ, ਇਸ ਪਰਿਵਾਰ ਨੇ ਜਨਰਲ ਡਾਇਰ ਨੂੰ ਸ੍ਰੀ ਹਰਿਮੰਦਰ ਸਾਹਿਬ ਵਿਖੇ ਸਿਰੋਪਾ ਅਤੇ ਮੁਆਫ਼ੀ ਦੇਣਾ ਵੀ ਯਕੀਨੀ ਬਣਾਇਆ।” ਇਸ ਗੱਲ ‘ਤੇ ਜ਼ੋਰ ਦਿੰਦਿਆਂ ਕਿ ਇਤਿਹਾਸ ਨੂੰ ਮਿਟਾਇਆ ਨਹੀਂ ਜਾ ਸਕਦਾ, ਮੁੱਖ ਮੰਤਰੀ ਭਗਵੰਤ ਸਿੰਘ ਮਾਨ ਨੇ ਕਿਹਾ, “ਬਾਦਲ ਦੇ ਪੁਰਖਿਆਂ ਦੇ ਸ਼ੱਕੀ ਕਿਰਦਾਰ ਇਤਿਹਾਸ ਦੇ ਪੰਨਿਆਂ ‘ਚ ਦਰਜ ਹਨ।” ਉਨ੍ਹਾਂ ਕਿਹਾ, “ਇਸ ਪਰਿਵਾਰ ਦੇ ਹੱਥ ਦੇਸ਼ ਭਗਤਾਂ ਦੇ ਖੂਨ ਨਾਲ ਰੰਗੇ ਹੋਏ ਹਨ ਅਤੇ ਰਾਸ਼ਟਰਵਾਦੀਆਂ ਦੀ ਪਿੱਠ ਵਿੱਚ ਛੁਰਾ ਮਾਰਨ ਵਿੱਚ ਇਨ੍ਹਾਂ ਗੱਦਾਰਾਂ ਦੀ ਭੂਮਿਕਾ ਨੂੰ ਕਦੇ ਵੀ ਭੁਲਾਇਆ ਨਹੀਂ ਜਾ ਸਕਦਾ।”
ਮੁੱਖ ਮੰਤਰੀ ਨੇ ਕਿਹਾ ਕਿ ਇਨ੍ਹਾਂ ਆਗੂਆਂ ਨੇ ਸੂਬੇ ਦੇ ਨੌਜਵਾਨਾਂ ਨੂੰ ਬਰਬਾਦ ਕਰਨ ਲਈ ਗੋਲੀਆਂ ਅਤੇ ਫਿਰ ਨਸ਼ੀਲੇ ਪਦਾਰਥ (ਚਿੱਟੇ) ਦੀ ਵਰਤੋਂ ਕੀਤੀ। ਉਨ੍ਹਾਂ ਕਿਹਾ ਕਿ ਇਹਨਾਂ ਆਗੂਆਂ ਨੂੰ ਕਦੇ ਵੀ ਮਾਫ਼ ਨਹੀਂ ਕੀਤਾ ਜਾ ਸਕਦਾ। ਉਨ੍ਹਾਂ ਅੱਗੇ ਕਿਹਾ, “ਅਕਾਲੀਆਂ ‘ਤੇ ਪੀੜ੍ਹੀਆਂ ਦੀ ਨਸਲਕੁਸ਼ੀ ਦਾ ਮੁਕੱਦਮਾ ਚਲਾਇਆ ਜਾਣਾ ਚਾਹੀਦਾ ਹੈ ਕਿਉਂਕਿ ਉਨ੍ਹਾਂ ਨੇ ਨਸ਼ਿਆਂ ਦੇ ਵਪਾਰ ਨੂੰ ਸਰਪ੍ਰਸਤੀ ਦਿੱਤੀ ਅਤੇ ਇਸ ਵਪਾਰ ਨੇ ਉਨ੍ਹਾਂ ਦੇ ਲੰਬੇ ਕੁਸ਼ਾਸਨ ਦੌਰਾਨ ਸੂਬੇ ਭਰ ਵਿੱਚ ਪੈਰ ਪਸਾਰੇ।” ਉਨ੍ਹਾਂ ਅੱਗੇ ਕਿਹਾ, “ਇਨ੍ਹਾਂ ਆਗੂਆਂ ਦੇ ਹੱਥ ਉਨ੍ਹਾਂ ਲੱਖਾਂ ਨੌਜਵਾਨਾਂ ਦੇ ਖੂਨ ਨਾਲ ਰੰਗੇ ਹੋਏ ਹਨ ਜੋ ਸੂਬੇ ਵਿੱਚ ਇਹਨਾਂ ਆਗੂਆਂ ਦੇ ਸਰਕਾਰੀ ਵਾਹਨਾਂ ਵਿੱਚ ਸਪਲਾਈ ਕੀਤੇ ਜਾਣ ਵਾਲੇ ਨਸ਼ੇ ਦਾ ਸ਼ਿਕਾਰ ਹੋ ਗਏ ਸਨ।”
ਮੁੱਖ ਮੰਤਰੀ ਭਗਵੰਤ ਸਿੰਘ ਮਾਨ ਨੇ ਕਿਹਾ, “ਇਨ੍ਹਾਂ ਆਗੂਆਂ ਦੇ ਪਾਪ ਮੁਆਫੀ ਯੋਗ ਨਹੀਂ ਹਨ ਅਤੇ ਉਨ੍ਹਾਂ ਨੂੰ ਉਨ੍ਹਾਂ ਦੇ ਮਾੜੇ ਕੰਮਾਂ ਲਈ ਲੋਕ ਕਦੇ ਵੀ ਮੁਆਫ਼ ਨਹੀਂ ਕਰ ਸਕਦੇ ਜੋ ਲੋਕਾਂ ਦੇ ਮਨਾਂ ਵਿੱਚ ਅਜੇ ਵੀ ਤਾਜ਼ਾ ਹਨ।” ਉਨ੍ਹਾਂ ਨੇ ਇਨ੍ਹਾਂ ਨੂੰ ਮੌਕਾਪ੍ਰਸਤ ਆਗੂ ਦੱਸਿਆ ਜੋ ਆਪਣੀ ਸਹੂਲਤ ਅਤੇ ਨਿੱਜੀ ਰਾਜਨੀਤਿਕ ਹਿੱਤਾਂ ਅਨੁਸਾਰ ਗਿਰਗਿਟ ਵਾਂਗ ਆਪਣੇ ਰੰਗ ਬਦਲਦੇ ਹਨ। ਉਨ੍ਹਾਂ ਕਿਹਾ ਕਿ ਅਤਿ ਦੀ ਗਰਮੀ ਵਿੱਚ ਵੀ ਲੋਕਾਂ ਦਾ ਭਾਰੀ ਇਕੱਠ ਸੂਬਾ ਸਰਕਾਰ ਪ੍ਰਤੀ ਲੋਕਾਂ ਦੇ ਸਮਰਥਨ ਨੂੰ ਦਰਸਾਉਂਦਾ ਹੈ।
ਮੁੱਖ ਮੰਤਰੀ ਨੇ ਕਿਹਾ, “ਸੂਬਾ ਸਰਕਾਰ ਨੇ ਲੋਕਾਂ ਲਈ ਪੂਰੀ ਤਨਦੇਹੀ ਨਾਲ ਕੰਮ ਕੀਤਾ ਹੈ ਪਰ ਇਨ੍ਹਾਂ ਆਗੂਆਂ ਨੇ ਬਿਜਲੀ ਖਰੀਦ ਸਮਝੌਤਿਆਂ ਤੋਂ ਅਤੇ ਨਿੱਜੀ ਫਰਮਾਂ ਤੋਂ ਸੂਬੇ ਨੂੰ ਸਪਲਾਈ ਕੀਤੇ ਗਏ ਕੋਲੇ ਤੋਂ ਵੀ ਪੈਸਾ ਕਮਾਇਆ।” ਉਨ੍ਹਾਂ ਅੱਗੇ ਕਿਹਾ ਕਿ ਪਛਵਾੜਾ ਕੋਲਾ ਖਾਣ ਤੋਂ ਕੋਲੇ ਦੀ ਸਪਲਾਈ ਲੰਬੇ ਸਮੇਂ ਬਾਅਦ ਮੁੜ ਸ਼ੁਰੂ ਹੋਈ ਹੈ ਅਤੇ 2024-25 ਵਿੱਚ ਇਸ ਖਾਣ ਨੇ 70 ਲੱਖ ਮੀਟ੍ਰਿਕ ਟਨ ਕੋਲੇ ਦੀ ਸਪਲਾਈ ਦਾ ਟੀਚਾ ਹਾਸਲ ਕੀਤਾ ਹੈ। ਉਨ੍ਹਾਂ ਕਿਹਾ, “ਅਕਤੂਬਰ 2022 ਵਿੱਚ ਪਛਵਾੜਾ ਤੋਂ ਸਪਲਾਈ ਮੁੜ ਸ਼ੁਰੂ ਹੋਣ ਤੋਂ ਬਾਅਦ ‘ਆਪ’ ਸਰਕਾਰ ਨੇ 1,462 ਕਰੋੜ ਰੁਪਏ ਦੀ ਬਚਤ ਕੀਤੀ ਹੈ।”
ਮੁੱਖ ਮੰਤਰੀ ਨੇ ਕਿਹਾ ਕਿ ਅਕਾਲੀ ਆਗੂ ਸੁਖਬੀਰ ਬਾਦਲ ਅਜਿਹੇ ਵਾਅਦੇ ਕਰ ਰਹੇ ਹਨ ਜੋ ਕਦੇ ਪੂਰੇ ਨਹੀਂ ਕੀਤੇ ਜਾ ਸਕਦੇ ਅਤੇ ਸੂਬੇ ਵਿੱਚ ਡਾਇਨਾਸੌਰਾਂ ਦੀ ਵਾਪਸੀ ਵਰਗੇ ਬੇਬੁਨਿਆਦ ਅਤੇ ਤਰਕਹੀਣ ਬਿਆਨ ਦੇ ਰਹੇ ਹਨ। ਉਨ੍ਹਾਂ ਕਿਹਾ ਕਿ ਅਜਿਹੇ ਬਿਆਨ ਸੱਤਾ ਮੁੜ ਹਾਸਲ ਕਰਨ ਪ੍ਰਤੀ ਉਹਨਾਂ ਦੀ ਬੇਚੈਨੀ ਨੂੰ ਦਰਸਾਉਂਦੇ ਹਨ ਪਰ ਉਨ੍ਹਾਂ ਨੂੰ ਕਦੇ ਵੀ ਸੂਬੇ ਦੀ ਸੱਤਾ ਹਾਸਲ ਨਹੀਂ ਹੋਵੇਗੀ। ਉਨ੍ਹਾਂ ਅੱਗੇ ਕਿਹਾ ਕਿ ਇਹ ਆਗੂ ਸਵੇਰੇ ਹੀ ਉਨ੍ਹਾਂ ਵਿਰੁੱਧ ਜ਼ਹਿਰ ਉਗਲਣਾ ਸ਼ੁਰੂ ਕਰ ਦਿੰਦੇ ਹਨ ਕਿਉਂਕਿ ਉਨ੍ਹਾਂ ਦਾ ਅਸਲ ਚਿਹਰਾ ਲੋਕਾਂ ਸਾਹਮਣੇ ਆ ਗਿਆ ਹੈ।
ਮੁੱਖ ਮੰਤਰੀ ਭਗਵੰਤ ਸਿੰਘ ਮਾਨ ਨੇ ਕਿਹਾ, “ਇਨ੍ਹਾਂ ਪਾਰਟੀਆਂ ਨੇ ਵਾਰੋ-ਵਾਰੀ ਆਪਣੇ ਕਾਰਜਕਾਲ ਦੌਰਾਨ ਸੂਬੇ ਦੀ ਦੌਲਤ ਨੂੰ ਲੁੱਟਿਆ ਹੈ ਅਤੇ ਦੂਜੀ ਪਾਰਟੀ ਨੂੰ ਬਚਾਉਣ ਲਈ ਹੱਥਕੰਡੇ ਆਪਣਾਏ।” ਉਨ੍ਹਾਂ ਅੱਗੇ ਕਿਹਾ ਕਿ ਲੋਕਾਂ ਨੇ ਝਾੜੂ ਨੂੰ ਵੋਟ ਦਿੱਤੀ ਜਿਸ ਨਾਲ ਸਕੂਲਾਂ, ਹਸਪਤਾਲਾਂ ਅਤੇ ਹੋਰ ਖੇਤਰਾਂ ਵਿੱਚ ਅਹਿਮ ਬਦਲਾਅ ਆਇਆ। ਉਨ੍ਹਾਂ ਕਿਹਾ ਕਿ ਪਿਛਲੇ ਆਗੂਆਂ ਨੇ ਆਪਣੇ ਸਰਕਾਰੀ ਅਹੁਦਿਆਂ ਦੀ ਦੁਰਵਰਤੋਂ ਕਰਕੇ ਭਾਰੀ ਦੌਲਤ ਇਕੱਠੀ ਕੀਤੇ ਅਤੇ ਵੱਡੇ-ਵੱਡੇ ਮਹਿਲ ਉਸਾਰੇ।
ਉਨ੍ਹਾਂ ਅੱਗੇ ਕਿਹਾ, “ਇਨ੍ਹਾਂ ਆਲੀਸ਼ਾਨ ਮਹਿਲਾਂ ਦੀਆਂ ਕੰਧਾਂ ਉੱਚੀਆਂ ਅਤੇ ਦਰਵਾਜ਼ੇ ਲੋਕਾਂ ਲਈ ਹਮੇਸ਼ਾਂ ਬੰਦ ਰਹਿੰਦੇ ਸਨ।” ਉਨ੍ਹਾਂ ਕਿਹਾ ਕਿ ਇਹ ਆਗੂ ਆਮ ਲੋਕਾਂ ਦੀ ਪਹੁੰਚ ਤੋਂ ਬਾਹਰ ਰਹਿੰਦੇ ਸਨ ਅਤੇ ਆਖਰਕਾਰ ਜਨਤਾ ਨੇ ਇਹਨਾਂ ਨੂੰ ਸੱਤਾ ਤੋਂ ਬਾਹਰ ਦਾ ਰਾਸਤਾ ਦਿਖਾ ਦਿੱਤਾ। ਉਨ੍ਹਾਂ ਕਿਹਾ ਕਿ ਲੋਕ ਹੁਣ ਜਾਗਰੂਕ ਹੋ ਗਏ ਹਨ ਅਤੇ ਉਨ੍ਹਾਂ ਦੇ ਝਾਂਸੇ ਵਿੱਚ ਆਉਣ ਵਾਲੇ ਨਹੀਂ ਹਨ।
ਮੁੱਖ ਮੰਤਰੀ ਨੇ ਕਿਹਾ ਕਿ ਇਨ੍ਹਾਂ ਹੰਕਾਰੀ ਸਿਆਸਤਦਾਨਾਂ ਨੇ ਕਦੇ ਵੀ ਸੂਬੇ ਦੇ ਲੋਕਾਂ ਦੀ ਪਰਵਾਹ ਨਹੀਂ ਕੀਤੀ। ਉਨ੍ਹਾਂ ਅੱਗੇ ਕਿਹਾ ਕਿ ਪੰਜਾਬ ਸਰਕਾਰ ਸਿੱਖਿਆ, ਸਿਹਤ, ਬਿਜਲੀ ਅਤੇ ਖੇਤੀਬਾੜੀ ਬਾਰੇ ਚਰਚਾ ਕਰਦੀ ਹੈ ਪਰ ਦੂਜੀਆਂ ਪਾਰਟੀਆਂ ਸਿਰਫ਼ ਸੱਤਾ ਹੜੱਪਣ ਦੇ ਹੱਥਕੰਡੇ ਅਪਣਾ ਰਹੀਆਂ ਹਨ। ਉਨ੍ਹਾਂ ਕਿਹਾ ਕਿ ਇਹ ਆਗੂ ਹੁਣ ਹੈਰਾਨ–ਪ੍ਰੇਸ਼ਾਨ ਹਨ ਕਿਉਂਕਿ ਲੋਕਾਂ ਵੱਲੋਂ ਉਨ੍ਹਾਂ ਨੂੰ ਕੋਈ ਹੁੰਗਾਰਾ ਨਹੀਂ ਮਿਲ ਰਿਹਾ ਅਤੇ ਸਿਰਫ਼ ਆਪਣੇ ਪਰਿਵਾਰਾਂ ਬਾਰੇ ਚਿੰਤਤ ਹਨ।
ਸੂਬਾ ਸਰਕਾਰ ਦੀਆਂ ਪ੍ਰਮੁੱਖ ਪਹਿਲਕਦਮੀਆਂ ਦਾ ਜ਼ਿਕਰ ਕਰਦਿਆਂ ਮੁੱਖ ਮੰਤਰੀ ਭਗਵੰਤ ਸਿੰਘ ਮਾਨ ਨੇ ਕਿਹਾ, “ਪਹਿਲੀ ਵਾਰ ਕਿਸਾਨਾਂ ਨੂੰ ਦਿਨ ਵੇਲੇ ਬਿਜਲੀ ਮਿਲ ਰਹੀ ਹੈ।” ਉਨ੍ਹਾਂ ਕਿਹਾ ਕਿ “ਸਾਰੇ ਘਰੇਲੂ ਖਪਤਕਾਰਾਂ ਨੂੰ ਪ੍ਰਤੀ ਮਹੀਨਾ 300 ਯੂਨਿਟ ਮੁਫ਼ਤ ਬਿਜਲੀ ਪ੍ਰਦਾਨ ਕੀਤੀ ਜਾ ਰਹੀ ਹੈ ਅਤੇ ਸੂਬੇ ਦੇ ਲਗਭਗ 90 ਫੀਸਦ ਘਰੇਲੂ ਖਪਤਕਾਰਾਂ ਦਾ ਬਿਜਲੀ ਬਿੱਲ ਜ਼ੀਰੋ ਆ ਰਿਹਾ ਹੈ।” ਉਨ੍ਹਾਂ ਅੱਗੇ ਕਿਹਾ, “65,000 ਤੋਂ ਵੱਧ ਨੌਜਵਾਨਾਂ ਨੂੰ ਸਰਕਾਰੀ ਨੌਕਰੀਆਂ ਦਿੱਤੀਆਂ ਗਈਆਂ ਹਨ।”
ਮੁੱਖ ਮੰਤਰੀ ਨੇ ਲੋਕਾਂ ਨੂੰ ਮੁੱਖ ਮੰਤਰੀ ਸਿਹਤ ਯੋਜਨਾ ਅਧੀਨ ਰਜਿਸਟ੍ਰੇਸ਼ਨ ਕਰਵਾਉਣ ਦੀ ਅਪੀਲ ਕੀਤੀ। ਉਨ੍ਹਾਂ ਕਿਹਾ ਕਿ ਇਸ ਸਕੀਮ ਤਹਿਤ ਪ੍ਰਤੀ ਪਰਿਵਾਰ “10 ਲੱਖ ਰੁਪਏ ਦਾ ਨਕਦ ਰਹਿਤ ਇਲਾਜ” ਪ੍ਰਦਾਨ ਕੀਤਾ ਜਾ ਰਿਹਾ ਹੈ। ਉਨ੍ਹਾਂ ਅੱਗੇ ਕਿਹਾ ਕਿ ਇਸ ਯੋਜਨਾ ਤਹਿਤ 30 ਲੱਖ ਤੋਂ ਵੱਧ ਲਾਭਪਾਤਰੀਆਂ ਨੂੰ ਪਹਿਲਾਂ ਹੀ ਸਿਹਤ ਕਾਰਡ ਮਿਲ ਚੁੱਕੇ ਹਨ ਅਤੇ 1.65 ਲੱਖ ਲੋਕ ਮੁਫ਼ਤ ਇਲਾਜ ਪ੍ਰਾਪਤ ਕਰ ਚੁੱਕੇ ਹਨ।
ਮਾਵਾਂ ਧੀਆਂ ਸਤਿਕਾਰ ਯੋਜਨਾ ਬਾਰੇ ਗੱਲ ਕਰਦਿਆਂ ਉਨ੍ਹਾਂ ਕਿਹਾ ਕਿ ਇਸ ਸਕੀਮ ਤਹਿਤ 18 ਸਾਲ ਤੋਂ ਵੱਧ ਉਮਰ ਦੀਆਂ ਅਨੁਸੂਚਿਤ ਜਾਤੀ ਵਰਗ ਦੀਆਂ ਔਰਤਾਂ ਲਈ 1500 ਰੁਪਏ ਅਤੇ ਬਾਕੀ ਵਰਗਾਂ ਦੀਆਂ ਔਰਤਾਂ ਲਈ 1000 ਰੁਪਏ ਪ੍ਰਤੀ ਮਹੀਨਾ ਦੀ ਵਿੱਤੀ ਸਹਾਇਤਾ ਯਕੀਨੀ ਬਣਾਈ ਗਈ ਹੈ।
ਮੁੱਖ ਮੰਤਰੀ ਭਗਵੰਤ ਸਿੰਘ ਮਾਨ ਨੇ ਕਿਹਾ ਕਿ ਸਰਕਾਰ ਵੱਲੋਂ ਕਰਦਾਤਾਵਾਂ ਦੇ ਪੈਸੇ ਦੀ ਵਰਤੋਂ ਸੁਚੱਜੇ ਢੰਗ ਨਾਲ ਜਨਤਕ ਭਲਾਈ ਲਈ ਕੀਤੀ ਜਾ ਰਹੀ ਹੈ ਜਦਕਿ ਪਿਛਲੀਆਂ ਸਰਕਾਰਾਂ ਨੇ ਇਸ ਤੋਂ ਉਲਟ ਕੰਮ ਕੀਤਾ। ਉਨ੍ਹਾਂ ਕਿਹਾ ਕਿ ਪਿਛਲੀਆਂ ਸਰਕਾਰਾਂ ਨੇ ਲੋਕਾਂ ਦੀ ਦੌਲਤ ਨੂੰ ਬੁਰੀ ਤਰ੍ਹਾਂ ਲੁੱਟਿਆ ਅਤੇ ਪੰਜਾਬ ਦੀ ਤਰੱਕੀ ਨੂੰ ਲੀਹੋਂ ਉਤਾਰ ਦਿੱਤਾ।
ਉਨ੍ਹਾਂ ਕਿਹਾ ਕਿ ਲੋਕਾਂ ਨੇ ਸਮਝਦਾਰੀ ਨਾਲ ਲੋਕ-ਪੱਖੀ ਸਰਕਾਰ ਨੂੰ ਸੱਤਾ ਵਿੱਚ ਲਿਆਉਣ ਲਈ ਵੋਟ ਦਿੱਤੀ। ਉਨ੍ਹਾਂ ਕਿਹਾ ਕਿ ਉਹ ਅਕਾਲੀਆਂ ਨੂੰ ਉਨ੍ਹਾਂ ਦੇ ਕੰਮਾਂ ਲਈ ਕਦੇ ਮੁਆਫ਼ ਨਹੀਂ ਕਰਨਗੇ। ਉਨ੍ਹਾਂ ਕਿਹਾ, “ਲੋਕਾਂ ਨੇ ਵਾਰ-ਵਾਰ ਅਕਾਲੀਆਂ ਨੂੰ ਚੁਣਿਆ ਸੀ ਪਰ ਉਹ ਗੱਦਾਰ ਸਾਬਤ ਹੋਏ ਅਤੇ ਉਨ੍ਹਾਂ ਨੇ ਹਮੇਸ਼ਾ ਸੂਬੇ ਅਤੇ ਇਸ ਦੇ ਲੋਕਾਂ ਦੀ ਪਿੱਠ ਵਿੱਚ ਛੁਰਾ ਮਾਰਿਆ।”
ਮੁੱਖ ਮੰਤਰੀ ਨੇ ਕਿਹਾ ਕਿ ਅਕਾਲੀਆਂ ਨੇ ਆਪਣੇ ਨਿੱਜੀ ਸਿਆਸੀ ਹਿੱਤਾਂ ਲਈ ਧਰਮ ਦੀ ਦੁਰਵਰਤੋਂ ਕੀਤੀ ਹੈ। ਉਨ੍ਹਾਂ ਅੱਗੇ ਕਿਹਾ ਕਿ ਲੋਕਾਂ ਨੇ ਰਵਾਇਤੀ ਪਾਰਟੀਆਂ ਦੇ ਲੋਕ-ਵਿਰੋਧੀ ਅਤੇ ਪੰਜਾਬ-ਵਿਰੋਧੀ ਰੁਖ਼ ਕਾਰਨ ਉਨ੍ਹਾਂ ਤੋਂ ਮੂੰਹ ਮੋੜ ਲਿਆ ਹੈ। ਉਨ੍ਹਾਂ ਕਿਹਾ ਕਿ ਪਿਛਲੀਆਂ ਸਰਕਾਰਾਂ ਪੰਜਾਬ ਅਤੇ ਪੰਜਾਬੀਆਂ ਨਾਲੋਂ ਆਪਣੇ ਪਰਿਵਾਰਾਂ ਦੀ ਜ਼ਿਆਦਾ ਚਿੰਤਾ ਕਰਦੇ ਸਨ ਜਿਸ ਕਾਰਨ ਜਨਤਾ ਨੇ ਉਨ੍ਹਾਂ ਨੂੰ ਸੱਤਾ ਤੋਂ ਬਾਹਰ ਦਾ ਰਸਤਾ ਦਿਖਾ ਦਿੱਤਾ।
ਆਪਣੇ ਸੰਬੋਧਨ ਵਿੱਚ ਸੀਨੀਅਰ ‘ਆਪ’ ਆਗੂ ਮਨੀਸ਼ ਸਿਸੋਦੀਆ ਨੇ ਕਿਹਾ, “ਇਹ ਬੇਹੱਦ ਮਾਣ ਅਤੇ ਸੰਤੁਸ਼ਟੀ ਵਾਲੀ ਗੱਲ ਹੈ ਕਿ ਭਗਵੰਤ ਸਿੰਘ ਮਾਨ ਸੂਬੇ ਦੇ ਸਭ ਤੋਂ ਚਹੇਤੇ ਮੁੱਖ ਮੰਤਰੀ ਸਾਬਤ ਹੋਏ ਹਨ।” ਉਨ੍ਹਾਂ ਅੱਗੇ ਕਿਹਾ, “ਭਗਵੰਤ ਸਿੰਘ ਮਾਨ ਦੇਸ਼ ਦੇ ਇਕਲੌਤੇ ਮੁੱਖ ਮੰਤਰੀ ਹਨ ਜੋ ਲੋਕਾਂ ਦੀ ਭਲਾਈ ਲਈ ਕੰਮ ਕਰ ਰਹੇ ਹਨ ਜਦੋਂ ਕਿ ਬਾਕੀ ਸਾਰੇ ਸੂਬਿਆਂ ਵਿੱਚ ਅਜਿਹੇ ਮੁੱਖ ਮੰਤਰੀ ਹਨ ਜੋ ਲਾਲਚ ਜਾਂ ਆਪਣੀ ਪਾਰਟੀ ਦੇ ਹਿੱਤਾਂ ਦੀ ਪੂਰਤੀ ਲਈ ਕੰਮ ਕਰ ਰਹੇ ਹਨ।”
ਮਨੀਸ਼ ਸਿਸੋਦੀਆ ਨੇ ਕਿਹਾ, “ਪ੍ਰਧਾਨ ਮੰਤਰੀ ਨਰਿੰਦਰ ਮੋਦੀ ਦੇਸ਼ ਵਿੱਚ ਲੋਕਤੰਤਰ ਲਈ ਸਭ ਤੋਂ ਵੱਡਾ ਖ਼ਤਰਾ ਹਨ। ਉਨ੍ਹਾਂ ਨੇ ਲੋਕਾਂ ਨੂੰ ਆਪਣੀਆਂ ਵੋਟਾਂ ਦੀ ਸੁਚੱਜੀ ਵਰਤੋਂ ਕਰਨ ਦੀ ਅਪੀਲ ਕੀਤੀ।
ਇਸ ਮੌਕੇ ਕੈਬਨਿਟ ਮੰਤਰੀ ਲਾਲ ਚੰਦ ਕਟਾਰੂਚੱਕ, ਸੀਨੀਅਰ ‘ਆਪ’ ਆਗੂ ਅਤੇ ਪੰਜਾਬ ਪ੍ਰਭਾਰੀ ਮਨੀਸ਼ ਸਿਸੋਦੀਆ, ਵਿਧਾਇਕ ਅਮਨਸ਼ੇਰ ਸਿੰਘ ਸ਼ੈਰੀ ਕਲਸੀ ਅਤੇ ਹੋਰ ਪਤਵੰਤੇ ਵੀ ਮੌਜੂਦ ਸਨ।
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