गमांडा अधिकारीयो की मिलीभुगत से बिल्डर सरकार व आम लोगों को लगा रहे हैं चूना – काउंसिल
गमाडा द्वारा अपने सेक्टरों के विकास में देरी का कारण निजी बिल्डरों को फायदा पहुंचाना
गमांडा को अपने सेक्टर 90 को प्राथमिकता के आधार पर विकसित करना चाहिए – काउंसिल
“””””””””””””””””””””””””””””””””””””””””””
गमाडा निजी बिल्डरों को एक के बाद एक लाइसेंस जारी कर रहा है, जिसका खामियाजा पंजाब सरकार और आम लोगों को भुगतना पड़ रहा है, जिस से ज्यादातर बिल्डर सरकार व आम लोगों को लगा रहे हैं चूना – काउंसिल
“””””””””””””””””””””””””””””””””””””””‘”””
एस.ए.एस नगर/संघोल टाइम्स/ब्यूरो/29 फरवरी, 2024(एस.बी.) – काउंसिल ऑफ रेजीडेंसी वेलफेयर एसोसिएशन एंड सोसाइटीज (एमईजीए) मोहाली राजविंदर सिंह अध्यक्ष पाल सिंह रत्तू ने कहा है कि के कुछ भ्रष्ट अधिकारी निजी बिल्डरों को फायदा पहुंचाने के लिए अपने सेक्टरों में बिना वजह देरी कर रहा है, जिसके कारण लोगों को निजी बिल्डरों से प्लॉट या मकान खरीदने को मजबूर होना पड़ रहा है।
काउंसिल के नेताओं ने कहा कि गमाडा के कुछ भ्रष्ट अधिकारी बिल्डरों की संपत्तियों को बेचने के लिए उनके साथ मिलकर इन क्षेत्रों के विकास में देरी कर रहे हैं। उन्होंने कहा कि गमाडा ने पहले सेक्टर 76 से 80 के विकास में देरी की और लोगों को कोर्ट जाने के लिए मजबूर किया। इसी तरह सेक्टर 88-89 के विकास में देरी करवाई गई और काफी समय बाद लोगों को प्लॉटों पर कब्जा मिला। उन्होंने कहा कि सेक्टर 90 के विकास में देरी इस बात का भी प्रमाण है कि गमाडा के कुछ अधिकारियों की निजी बिल्डरों से मिलीभगत के कारण इन सेक्टरों का विकास रोककर निजी बिल्डरों को फायदा पहुंचाया जा रहा है।
गमाडा निजी बिल्डरों को एक के बाद एक लाइसेंस जारी कर रहा है, जिसका खामियाजा पंजाब सरकार और आम लोगों को भुगतना पड़ रहा है, जिस से यह बिल्डर सरकार व आम लोगों को लगा रहे हैं चूना। इसमें कई बिल्डर तो ऐसे भी हैं जिन्होंने लोगों को दिए प्लाटों को कई दफा बेचा है और लोगों के साथ धोखे हो रहे हैं।
उन्होंने कहा कि इतने बड़े पैमाने पर लाइसेंस जारी करने से मोहाली शहर की योजना पर असर पड़ना तय है, जिससे इस शहर के विकास की निरंतरता खत्म हो रही है। उन्होंने मांग की कि जब तक पुराने सेक्टरों का विकास पूरा नहीं हो जाता, निजी बिल्डरों को नए लाइसेंस देना बंद किया जाए। उन्होंने कहा कि अगर प्राइवेट बिल्डरों को नहीं रोका गया तो स्थिति गमाडा और पुड्डा के नियंत्रण से बाहर हो जाएगी। इस मौके पर कंवर सिंह गिल, दलजीत सिंह सैनी, साधु सिंह, एडवोकेट गौरव गोयल और भूपिंदर सिंह सैनी भी मौजूद थे।
