फिल्म इंडस्ट्रीज के द्वारा बनाई जा रही फिल्में हिंदू धर्म पर कर रहे हैं घात,इस तरफ सेंसर बोर्ड का कोई ध्यान नहीं – संजीव सूद
मोरिंडा/संघोल-टाइम्स/राधेश्याम-शर्मा/02 September,2024 – हमारे देश की फिल्म इंडस्ट्रीज के द्वारा बनाई जाने वाली ज्यादातर फिल्में भारतीय संस्कृति को खत्म कर रही है। कुछ फिल्मों को छोड़कर ज्यादातर फिल्में ऐसी हैं के मां-बाप बच्चों के साथ वह फिल्म नहीं देख सकते। ज्यादातर फिल्में अश्लीलता परोस रही है। लेकिन इस तरफ सेंसर बोर्ड का कोई ध्यान नहीं है। यह बात भाजपा पार्टी के लोकल बॉडी सेल पंजाब के सचिव संजीव सूद ने कही। उन्होंने कहा कि इन फिल्मों को रोकने वाला कोई दिखाई नहीं देता। पिछले समय से लेकर आज तक जो भी फिल्में बनी है। उन्हें देखकर लगता है कि यह फिल्में सनातन धर्म को बदनाम करने के इरादे से बनाई गई है। ज्यादातर फिल्म में पंडित व, ब्राह्मण को एक मजाक के पत्र के रूप में दिखाया जाता है। जबकि यह लोग हमारी संस्कृति का मेंन हिस्सा है। और वहीं ज्यादातर फिल्मों में राजपूत व, ठाकुर को गुंडा, डाकू, बदमाश के रूप में पेश किया जाता है। इसलिए अगर हम लोगों को अपनी संस्कृति बचानी है तो ऐसी फिल्मों का वाई काट करना होगा। उन्होंने भारत सरकार व सेंसर बोर्ड से मांग की है कि ऐसी फिल्मों को पास ना किया जाए।
