पिछली सरकारों के कार्यकाल के दौरान बैल गाड़ियों की दौड़ों पर रोक लगी थी, हमने कानून में संशोधन करके फिर से शुरू किया: मुख्यमंत्री भगवंत सिंह मान*
*जब बच्चे मैदान में पसीना बहाएंगे और घरों में पदक लाएंगे तो किसी भी नशा विरोधी मुहिम की जरूरत नहीं रहेगी: मुख्यमंत्री भगवंत सिंह मान*
*किला रायपुर में 8 एकड़ में फैले तालाब का सौंदर्यीकरण किया जाएगा और गांव में आधुनिक लाइब्रेरी बनाई जाएगी: मुख्यमंत्री भगवंत सिंह मान*
*हम पिछली सरकारों द्वारा की गई लूट-खसोट की लीकेज को बंद कर रहे हैं, जनता के पैसे की बचत कर रहे हैं और इसे लोगों पर खर्च कर रहे हैं: मुख्यमंत्री भगवंत सिंह मान*
*नशों के खात्मे के लिए खेल सबसे घातक हथियार हैं, खेलों के बजट में वृद्धि की जाएगी: मुख्यमंत्री भगवंत सिंह मान*
*किला रायपुर खेलों का पुनरुत्थान पंजाब की ग्रामीण विरासत और सांस्कृतिक ताकत को दर्शाता है: मुख्यमंत्री भगवंत सिंह मान*
*नई खेल नीति 2023 पंजाब की खेलों की शान को बहाल कर रही है, हर गांव में स्टेडियम बनाए जाएंगे: मुख्यमंत्री भगवंत सिंह मान*

JATINDER-PAL-SINGH/LUDHIANA/SANGHOL TIMES/19FEB,2026-
पंजाब के मुख्यमंत्री भगवंत सिंह मान ने आज ऐतिहासिक किला रायपुर ग्रामीण ओलंपिक्स में शामिल होकर खेलों को नशों के खात्मे के लिए सबसे घातक हथियार घोषित किया। उन्होंने कहा कि आने वाले पंजाब के बजट में खेलों के बजट में वृद्धि की जाएगी, जिससे पंजाब के युवाओं की ऊर्जा को रचनात्मक दिशा में ले जाने के लिए ठोस प्रयास किए जाएंगे। पिछली सरकारों के कार्यकाल के दौरान बंद की गई बैल गाड़ियों की दौड़ों को अब कानून में संशोधन के बाद फिर से शुरू किया गया है, मुख्यमंत्री ने कहा कि जब बच्चे मैदान में पसीना बहाएंगे और घरों को पदक लाएंगे तो किसी भी नशा विरोधी मुहिम की जरूरत नहीं रहेगी।
किला रायपुर खेलों के पुनरुत्थान को पंजाब की ग्रामीण संस्कृति और विरासत की झलक बताते हुए, मुख्यमंत्री ने नई खेल नीति 2023 को राज्य की खेलों की शान को बहाल करने की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम बताया, जिसके तहत हर गांव में स्टेडियम बनाए जाएंगे। उन्होंने यह भी घोषणा की कि किला रायपुर में आठ एकड़ में फैले तालाब का सौंदर्यीकरण किया जाएगा और गांव में एक आधुनिक लाइब्रेरी बनाई जाएगी। उन्होंने कहा कि हम पिछली सरकारों द्वारा की गई लूट-खसोट की लीकेज को बंद कर रहे हैं, जिससे जनता का पैसा बचाया जा रहा है और इसे सीधे लोगों पर खर्च किया जा रहा है।
किला रायपुर ग्रामीण ओलंपिक्स के दौरान सभा को संबोधित करते हुए मुख्यमंत्री भगवंत सिंह मान ने कहा, “खेल नशों के खात्मे का सबसे घातक हथियार हैं और राज्य सरकार राज्य के आने वाले बजट में खेलों के बजट में वृद्धि करेगी।” उन्होंने कहा कि सरकार पहले से ही खेलों को बड़े पैमाने पर प्रोत्साहित कर रही है। उन्होंने आगे कहा, “पिछली सरकारों द्वारा युवाओं के विकास के लिए महत्वपूर्ण क्षेत्र को नजरअंदाज किया गया था, हमारी सरकार ने इस पर पूरा ध्यान केंद्रित किया है।” उन्होंने कहा कि युवाओं की अथाह ऊर्जा को सकारात्मक दिशा में ले जाने के लिए खेलों को प्रोत्साहित किया जा रहा है।
संरचनात्मक सुधारों पर प्रकाश डालते हुए मुख्यमंत्री ने कहा, “नई खेल नीति 2023 पंजाब की खेलों की शान को बहाल करने के लिए शुरू की गई थी और अब खेल बजट को भी और बढ़ाया जाएगा।” उन्होंने आगे कहा कि सरकार ने “खेड्डां वतन पंजाब दियां” के तीन सीजन सफलतापूर्वक करवाए गए जिसमें एक ही परिवार की तीन पीढ़ियां हिस्सा लेती दिखीं। उन्होंने कहा, “राज्य सरकार के ठोस प्रयासों के कारण पंजाब आज खेलों में देश का नेतृत्व कर रहा है और मुख्य भारतीय टीमों के कप्तान पंजाब से हैं।”
पंजाब सरकार की नशों के खिलाफ जंग के बारे में बोलते हुए मुख्यमंत्री भगवंत सिंह मान ने कहा, “पंजाब सरकार ने राज्य में ‘युद्ध नशों के खिलाफ’ मुहिम शुरू की है और खेल इस जंग में सबसे बड़ा हथियार हैं।” उन्होंने आगे कहा कि पंजाब के हर गांव में स्टेडियम बनाए जा रहे हैं। उन्होंने कहा कि यह बहुत गर्व और संतुष्टि की बात है कि राज्य के युवा राष्ट्रीय और अंतरराष्ट्रीय स्तर पर पदक जीतकर पंजाब और देश का नाम रोशन कर रहे हैं।
किला रायपुर खेलों को ग्रामीण संस्कृति और विरासत की झलक बताते हुए मुख्यमंत्री भगवंत सिंह मान ने कहा, “यह खुशी की बात है कि पंजाब सरकार ने इस विरासत को फिर से जीवित किया है।” इसे एक ऐतिहासिक पल बताते हुए उन्होंने कहा कि ये खेल विश्व स्तर पर प्रसिद्ध हैं और लंबे समय से बैल गाड़ियों की दौड़ों को फिर से शुरू करने की मांग की जा रही थी।
उन्होंने कहा, “हम ऐतिहासिक पलों के गवाह बन रहे हैं। लोगों को अपने बैलों से बहुत प्यार है और वे उन्हें अपने पुत्रों की तरह पालते हैं।” मुख्यमंत्री भगवंत सिंह मान ने कहा कि पंजाब सरकार द्वारा लगातार तीसरे साल किला रायपुर के ग्रेवाल स्टेडियम में ग्रामीण ओलंपिक 2026 करवाया जा रहा है। उन्होंने कहा कि इस मेले का मुख्य आकर्षण बैल गाड़ियों की दौड़ें 12 साल के अंतराल के बाद फिर से जीवंत हुई हैं।
बैल गाड़ियों की दौड़ों को फिर से शुरू करने संबंधी कानूनी व्यवस्था के बारे में बताते हुए मुख्यमंत्री भगवंत सिंह मान ने कहा, “11 जुलाई, 2025 को पंजाब विधानसभा में ‘जानवरों पर अत्याचार की रोकथाम (पंजाब संशोधन) एक्ट, 2025’ सर्वसम्मति से पास किया गया था जिससे बैल गाड़ियों की दौड़ों को फिर से शुरू करने का रास्ता साफ हुआ था।” उन्होंने आगे कहा कि कानून पास होने के बाद 29 जुलाई, 2025 को लुधियाना के गांव महिमा सिंह वाला में विरासती खेल प्रेमियों द्वारा एक शानदार समागम करवाया गया था। उन्होंने कहा, “बैल गाड़ियों की दौड़ें हमारी ग्रामीण विरासत को दर्शाती हैं और हमें हमारे संस्कृति और विरासत से जोड़ती हैं। यह परंपरागत खेलों का पुनरुत्थान है।”
मुख्यमंत्री भगवंत सिंह मान ने कहा, “बैल राज्य की सांस्कृतिक विरासत का एक अभिन्न अंग हैं और पहले सिख गुरु साहिब श्री गुरु नानक देव जी ने करतारपुर साहिब में लंबा समय बैलों के साथ खेती की।” उन्होंने आगे कहा कि जब बैल गाड़ियों की दौड़ों पर प्रतिबंध लगाने वाला कानून लागू किया गया तो विरासती खेल प्रेमियों को बड़ा झटका लगा और परंपरागत खेल विरासत को भारी नुकसान हुआ। उन्होंने कहा, “यह खेल मेला पंजाबी संस्कृति की एक जीवंत तस्वीर है, जहां कुश्ती, नाच-गाना जैसी खेलों के माध्यम से पंजाब की महान विरासत को निहारा जा सकता है।”
इस समागम से जुड़ी विरासत को याद करते हुए भगवंत सिंह मान ने कहा कि ध्यान चंद, बलवीर सिंह, ऊधम सिंह, प्रिथीपाल सिंह, अजीतपाल सिंह और सुरजीत सिंह जैसे महान हॉकी खिलाड़ियों ने इस समागम में अपनी प्रतिभा के जोहर दिखाए। उन्होंने आगे कहा कि मिल्खा सिंह, मक्खन सिंह, प्रदुमन सिंह, गुरबचन सिंह रंधावा और परवीन कुमार समेत देश भर के शीर्ष एथलीट भी इस ट्रैक पर दौड़े। इन खेलों की शुरुआत के बारे में बात करते हुए उन्होंने कहा कि सरदार इंदर सिंह की सरपरस्ती के तहत साल 1933 में इस स्टेडियम को बनाने का सपना देखा गया था जब ग्रेवाल एजुकेशन सोसाइटी और ग्रेवाल स्पोर्ट्स एसोसिएशन बनाई गई थी।
उन्होंने कहा कि यहां पहले कुश्ती मुकाबले साल 1933 में हुए और साल 1942 में इस मैदान पर रथ दौड़ें शुरू हुईं, जो 1950 में छतरी हटाने के बाद बैल गाड़ियों की दौड़ों में बदल गईं। उन्होंने कहा, “बैल गाड़ियों की दौड़ों के साथ-साथ, इस स्टेडियम में एथलेटिक्स मुकाबले भी शुरू हुए जिसने कई पीढ़ियों को खेलों में उत्कृष्टता प्राप्त करने के लिए प्रेरित किया।” उन्होंने कहा कि साल 1964 में यहां लड़कियों के एथलेटिक्स मुकाबले शुरू किए गए, जिससे लड़कियों के एथलेटिक्स करवाने वाला यह पहला ग्रामीण स्टेडियम बन गया।
मुख्यमंत्री भगवंत सिंह मान ने कहा कि साल 1933 में शुरू हुई किला रायपुर की खेलें अब “मिनी ओलंपिक” या “ग्रामीण ओलंपिक” के रूप में जानी जाती हैं और भारत के राष्ट्रपति और अन्य प्रमुख व्यक्तित्व भी इनमें शामिल होते रहे हैं।
गांवों में भाईचारा और एकता पर जोर देते हुए उन्होंने किला रायपुर के निवासियों द्वारा खेल विरासत को एकजुट होकर फलने-फूलने के लिए प्रशंसा की और सभी गांवों से राजनीतिक मतभेदों से ऊपर उठकर गांवों के विकास में योगदान देने की अपील की।
किला रायपुर के निवासियों की मांगों का जिक्र करते हुए भगवंत सिंह मान ने कई विकास परियोजनाओं की घोषणा की। उन्होंने कहा कि गांव की फिरनी वाली सड़क को 1.5 करोड़ रुपये की लागत से चौड़ा किया जाएगा, गांव की सहकारी सभा को पुनर्जीवित किया जाएगा, गांव के आठ एकड़ में फैले तालाब को 95 लाख रुपये की लागत से सीवेज मॉडल पर विकसित किया जाएगा, गांव की लाइब्रेरी को 10 लाख रुपये की लागत से अपग्रेड किया जाएगा और सिक्स-ए-साइड हॉकी एस्ट्रोटर्फ के निर्माण पर 2 करोड़ रुपये खर्च किए जाएंगे। स्टेडियम में फ्लड लाइटें लगाई जाएंगी।
उन्होंने आगे कहा कि डेहलों से पखोवाल सड़क का 30 करोड़ रुपये की लागत से नवीनीकरण किया जाएगा और काम जल्द ही शुरू हो जाएगा।
मुख्यमंत्री ने स्वास्थ्य योजना के तहत लोगों को 10 लाख रुपये के स्वास्थ्य बीमा कार्ड के लिए नाम दर्ज करवाने की अपील करते हुए कहा, “यह राज्य का सबसे बड़ा स्वास्थ्य सुधार कार्यक्रम है। हर परिवार अब 10 लाख रुपये तक का नकद रहित इलाज प्राप्त करने का हकदार है।” उन्होंने आगे कहा कि समाज के हर वर्ग की भलाई के लिए बनाई गई इस महत्वपूर्ण योजना से लगभग 65 लाख परिवारों को लाभ पहुंचाया जा रहा है।
मुख्यमंत्री ने आगे कहा कि पंजाब सरकार ने केंद्र सरकार से हलवारा हवाई अड्डे का नाम महान शहीद करतार सिंह सराभा के नाम पर रखने की मांग की है, जो 19 साल की उम्र में शहीद हो गए थे। उन्होंने कहा, “यह उस महान नायक को सच्ची श्रद्धांजलि होगी जिसने देश को विदेशी साम्राज्यवाद से आजाद करवाने के लिए अपनी जान कुर्बान कर दी थी।” उन्होंने कहा कि राज्य सरकार आने वाली पीढ़ियों के लिए इन शहीदों की शानदार विरासत को कायम रखने के लिए प्रतिबद्ध है।
इस मौके पर ‘आप’ के वरिष्ठ नेता और पंजाब के पार्टी इंचार्ज मनीष सिसोदिया, कैबिनेट मंत्री हरदीप सिंह मुंडियां और तरुणप्रीत सिंह सौंद तथा अन्य व्यक्तित्व मौजूद थे।
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*Bullock cart races were halted during tenure of previous govts in Rural Olympics; we amended law & resumed them: CM Bhagwant Singh Mann*
*When children sweat it out on field & bring home medals, there will be no need for any anti-drug campaign: CM Bhagwant Singh Mann*
*8-acre pond in Kila Raipur will be beautified & modern library will be constructed there: CM Bhagwant Singh Mann*
*We are plugging leakages left by previous govts, saving public money & spending it on people: CM Bhagwant Singh Mann*
*Sports Are Most Lethal Weapon Against Drugs, Sports Budget to Be Enhanced: CM Bhagwant Singh Mann*
*Revival of Kila Raipur Games Reflects Punjab’s Rural Pride & Cultural Strength: CM Bhagwant Singh Mann*
*New Sports Policy 2023 Restoring Punjab’s Sporting Glory, Stadiums to Be Built in Every Village: CM Bhagwant Singh Mann*
LUDHIANA/JATINDER-PAL-SINGH/SANGHOL TIMES/19FEB,2026-
At the historic Kila Raipur Rural Olympics, Punjab Chief Minister Bhagwant Singh Mann on Thursday declared sports to be the most lethal weapon against the drug menace and announced that the sports budget will be enhanced in the forthcoming state Budget, underlining a determined push to channelise the energy of Punjab’s youth into constructive avenues. Stating that bullock cart races, halted during the tenure of previous governments, have now resumed after the law was amended, the Chief Minister said that when children sweat it out on the field and bring home medals, there will be no need for any anti-drug campaign.
Calling the revival of the Kila Raipur Games a reflection of Punjab’s rural pride and cultural strength, the Chief Minister highlighted the New Sports Policy 2023 as a step towards restoring the state’s sporting glory, with stadiums to be built in every village. He also announced that the eight-acre pond in Kila Raipur will be beautified and a modern library constructed, and said that the government is plugging leakages left by previous regimes, saving public money and spending it directly on the people.
Addressing a gathering during the Kila Raipur Sports Rural Olympics, CM Bhagwant Singh Mann said, “Sports are the most lethal weapon against the drug menace and the state government will enhance the budget for Sports in the ensuing budget for the state.” He said that the government is already promoting sports in a big way and added, “While the previous governments had neglected this important sector aimed at youth development, our government has duly focussed on it.” He said that sports are being promoted to channelise the unbounded energy of youth in a positive direction.
Highlighting structural reforms, the Chief Minister noted, “The New Sports Policy 2023 was launched to restore Punjab’s sporting glory and now the sports budget too will be enhanced further.” He added that the government has successfully organised three seasons of “Khedan Watan Punjab Diyan” in which three generations of a family are seen participating. “Due to strenuous efforts of the state government, Punjab today leads the country in sports and the captains of key Indian teams are from Punjab,” he said.
Reiterating the Punjab government’s war against drugs, CM Bhagwant Singh Mann said, “The Punjab government has unleashed a ‘Yudh Nashean Virudh’ in Punjab and sports are the biggest weapon in this fight.” He added that stadiums are being constructed in every village across Punjab and said it is a matter of immense pride and satisfaction that children are bringing glory to Punjab and the nation by bagging medals at national and international events.
Describing the Kila Raipur Games as a reflection of rural culture and heritage, CM Bhagwant Singh Mann said, “It is heartening that the Punjab government has revived this heritage.” Calling it a historic occasion, he said the games are popular globally and noted that there had been a long-standing demand for the resumption of bullock cart races.
He said, “We are witnessing historic moments. People have deep affection for their bulls and raise them like their own sons.” CM Bhagwant Singh Mann said that the Punjab Government is organizing the Rural Olympics 2026 for the third consecutive year at Grewal Stadium in Kila Raipur and added that bullock cart races, the main attraction of this fair, have resumed after 13 years.
Referring to legislative measures, CM Bhagwant Singh Mann said, “On July 11, 2025, the ‘Prevention of Cruelty to Animals (Punjab Amendment) Act, 2025’ was unanimously passed in the Punjab Vidhan Sabha, paving the way for the resumption of bullock cart races.” He added that after the law was passed, a grand event was organised by heritage sports enthusiasts on July 29, 2025, at village Mehma Singh Wala in Ludhiana. “Bullock cart races reflect our rural heritage and keep us connected to our culture and traditions. This is the revival of traditional sports,” he said.
Underscoring cultural continuity, CM Bhagwant Singh Mann said, “Bulls are an integral part of the cultural heritage of the state and the first Sikh Guru, Sri Guru Nanak Dev Ji, spent a long time farming with bulls at Kartarpur Sahib.” He added that when the law banning bull races was enforced, it dealt a major blow to heritage sports lovers and damaged the traditional sports legacy. “This sports fair is a living picture of Punjabi culture, where one can witness the vibrant spirit of Punjab through sports like wrestling, dancing, and singing,” he said.
Recalling the legacy associated with the event, Bhagwant Singh Mann said that legendary hockey players like Dhyan Chand, Balbir Singh, Udham Singh, Prithipal Singh, Ajitpal Singh and Surjit Singh have showcased their talent at this event. He added that top athletes from across the country including Milkha Singh, Makhhan Singh, Praduman Singh, Gurbachan Singh Randhawa and Parveen Kumar have also run on this track. Tracing its origins, he said the dream of building this stadium was envisioned in 1933 under the patronage of Sardar Inder Singh, when the Grewal Education Society and Grewal Sports Association were formed.
He said that the first wrestling matches were held here in 1933 and in 1942 chariot races began on this ground, which evolved into bullock cart races in 1950 after removing the canopies from the chariots. “Along with bullock cart races, athletics events also began in this stadium which inspired several generations to excel in sports,” he said, adding that in 1964 girls’ athletics events were started here, making it the first rural stadium to introduce girls’ athletics.
CM Bhagwant Singh Mann said that the games, which began in 1933, are now popularly known as the “Mini Olympics” or “Rural Olympics” and even the President of India has attended them in the past. Emphasising communal harmony and unity in villages, he praised the residents of Kila Raipur for promoting sports heritage with unity and urged all villages to rise above political differences and contribute to rural development.
Addressing the demands of villagers, Bhagwant Singh Mann announced a slew of development works. He said the village circular road will be widened at a cost of ₹1.5 crore, the village cooperative society will be revived, the village pond will be developed on the Seechewal Model at a cost of ₹95 lakh, the village library will be upgraded at a cost of ₹10 lakh and ₹2 crore will be spent on construction of a six-a-side hockey astroturf. He added that the Dehlon to Pakhowal road will be renovated at a cost of ₹30 crore and work will begin soon, and that floodlights will be installed in the stadium.
Urging people to enrol for the ₹10 lakh health insurance card under Mukh Mantri Sehat Yojna, CM Bhagwant Singh Mann said, “It is the state’s largest health reform program. Every family is now entitled to receive up to ₹10 lakh in cashless treatment.” He added that around 65 lakh families are being benefitted from this ambitious scheme aimed at the welfare of every section of society.
The Chief Minister further stated that the Punjab Government has written to the Central Government to name Halwara Airport after Kartar Singh Sarabha, who was martyred at the age of 19. “This will be a real tribute to the legendary hero who had sacrificed his life for emancipating the country from foreign imperialism,” he said, adding that the state government is committed to perpetuating the glorious legacy of these martyrs for coming generations.
On the occasion, senior AAP leader and Punjab Prabhari Manish Sisodia, Cabinet Ministers Hardeep Singh Mundian and Tarunpreet Singh Sond, and other dignitaries were present.
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*ਪਿਛਲੀਆਂ ਸਰਕਾਰਾਂ ਦੇ ਕਾਰਜਕਾਲ ਦੌਰਾਨ ਬੈਲ ਗੱਡੀਆਂ ਦੀਆਂ ਦੌੜਾਂ ‘ਤੇ ਰੋਕ ਲੱਗੀ ਸੀ, ਅਸੀਂ ਕਾਨੂੰਨ ਵਿੱਚ ਸੋਧ ਕਰਕੇ ਮੁੜ ਸ਼ੁਰੂ ਕੀਤਾ: ਮੁੱਖ ਮੰਤਰੀ ਭਗਵੰਤ ਸਿੰਘ ਮਾਨ*
* ਜਦੋਂ ਬੱਚੇ ਮੈਦਾਨ ਵਿੱਚ ਮੁੜ੍ਹਕਾ ਵਹਾਉਣਗੇ ਅਤੇ ਘਰਾਂ ਨੂੰ ਤਗਮੇ ਲਿਆਉਣਗੇ ਤਾਂ ਕਿਸੇ ਵੀ ਨਸ਼ਾ ਵਿਰੋਧੀ ਮੁਹਿੰਮ ਦੀ ਲੋੜ ਨਹੀਂ ਰਹੇਗੀ: ਮੁੱਖ ਮੰਤਰੀ ਭਗਵੰਤ ਸਿੰਘ ਮਾਨ*
*ਕਿਲ੍ਹਾ ਰਾਏਪੁਰ ਵਿੱਚ 8 ਏਕੜ ਵਿੱਚ ਫੈਲੇ ਛੱਪੜ ਦਾ ਸੁੰਦਰੀਕਰਨ ਕੀਤਾ ਜਾਵੇਗਾ ਅਤੇ ਪਿੰਡ ਵਿੱਚ ਆਧੁਨਿਕ ਲਾਇਬ੍ਰੇਰੀ ਬਣਾਈ ਜਾਵੇਗੀ: ਮੁੱਖ ਮੰਤਰੀ ਭਗਵੰਤ ਸਿੰਘ ਮਾਨ*
*ਅਸੀਂ ਪਿਛਲੀਆਂ ਸਰਕਾਰਾਂ ਵੱਲੋਂ ਕੀਤੀ ਲੁੱਟ-ਖਸੁੱਟ ਦੀ ਲੀਕੇਜ ਨੂੰ ਬੰਦ ਕਰ ਰਹੇ ਹਾਂ, ਜਨਤਾ ਦੇ ਪੈਸੇ ਦੀ ਬੱਚਤ ਕਰ ਰਹੇ ਹਾਂ ਅਤੇ ਇਸ ਨੂੰ ਲੋਕਾਂ ‘ਤੇ ਖਰਚ ਕਰ ਰਹੇ ਹਾਂ: ਮੁੱਖ ਮੰਤਰੀ ਭਗਵੰਤ ਸਿੰਘ ਮਾਨ*
*ਨਸ਼ਿਆਂ ਦੇ ਖਾਤਮੇ ਲਈ ਖੇਡਾਂ ਸਭ ਤੋਂ ਘਾਤਕ ਹਥਿਆਰ ਹਨ, ਖੇਡਾਂ ਦੇ ਬਜਟ ਵਿੱਚ ਵਾਧਾ ਕੀਤਾ ਜਾਵੇਗਾ: ਮੁੱਖ ਮੰਤਰੀ ਭਗਵੰਤ ਸਿੰਘ ਮਾਨ*
*ਕਿਲ੍ਹਾ ਰਾਏਪੁਰ ਖੇਡਾਂ ਦੀ ਪੁਨਰ ਸੁਰਜੀਤੀ ਪੰਜਾਬ ਦੀ ਪੇਂਡੂ ਵਿਰਾਸਤ ਅਤੇ ਸੱਭਿਆਚਾਰਕ ਤਾਕਤ ਨੂੰ ਦਰਸਾਉਂਦੀ ਹੈ: ਮੁੱਖ ਮੰਤਰੀ ਭਗਵੰਤ ਸਿੰਘ ਮਾਨ*
*ਨਵੀਂ ਖੇਡ ਨੀਤੀ 2023 ਪੰਜਾਬ ਦੀਆਂ ਖੇਡਾਂ ਦੀ ਸ਼ਾਨ ਨੂੰ ਬਹਾਲ ਕਰ ਰਹੀ ਹੈ, ਹਰ ਪਿੰਡ ਵਿੱਚ ਸਟੇਡੀਅਮ ਬਣਾਏ ਜਾਣਗੇ: ਮੁੱਖ ਮੰਤਰੀ ਭਗਵੰਤ ਸਿੰਘ ਮਾਨ*
LUDHIANA/JATINDER-PAL-SINGH/SANGHOL TIMES/19FEB,2026-
ਪੰਜਾਬ ਦੇ ਮੁੱਖ ਮੰਤਰੀ ਭਗਵੰਤ ਸਿੰਘ ਮਾਨ ਨੇ ਅੱਜ ਇਤਿਹਾਸਕ ਕਿਲ੍ਹਾ ਰਾਏਪੁਰ ਪੇਂਡੂ ਓਲੰਪਿਕਸ ਵਿੱਚ ਸ਼ਾਮਲ ਹੁੰਦਿਆਂ ਖੇਡਾਂ ਨੂੰ ਨਸ਼ਿਆਂ ਦੇ ਖਾਤਮੇ ਲਈ ਸਭ ਤੋਂ ਘਾਤਕ ਹਥਿਆਰ ਐਲਾਨਿਆ। ਉਨ੍ਹਾਂ ਕਿਹਾ ਕਿ ਆਉਣ ਵਾਲੇ ਪੰਜਾਬ ਦੇ ਬਜਟ ਵਿੱਚ ਖੇਡਾਂ ਦੇ ਬਜਟ ਵਿੱਚ ਵਾਧਾ ਕੀਤਾ ਜਾਵੇਗਾ, ਜਿਸ ਨਾਲ ਪੰਜਾਬ ਦੇ ਨੌਜਵਾਨਾਂ ਦੀ ਊਰਜਾ ਨੂੰ ਉਸਾਰੂ ਦਿਸ਼ਾ ਵੱਲ ਲਿਜਾਣ ਲਈ ਠੋਸ ਯਤਨ ਕੀਤੇ ਜਾਣਗੇ। ਇਹ ਦੱਸਦਿਆਂ ਕਿ ਪਿਛਲੀਆਂ ਸਰਕਾਰਾਂ ਦੇ ਕਾਰਜਕਾਲ ਦੌਰਾਨ ਬੰਦ ਕੀਤੀਆਂ ਗਈਆਂ ਬੈਲ ਗੱਡੀਆਂ ਦੀਆਂ ਦੌੜਾਂ ਹੁਣ ਕਾਨੂੰਨ ਵਿੱਚ ਸੋਧ ਉਪਰੰਤ ਮੁੜ ਸ਼ੁਰੂ ਹੋ ਗਈਆਂ ਹਨ, ਮੁੱਖ ਮੰਤਰੀ ਨੇ ਕਿਹਾ ਕਿ ਜਦੋਂ ਬੱਚੇ ਮੈਦਾਨ ਵਿੱਚ ਪਸੀਨਾ ਵਹਾਉਣਗੇ ਅਤੇ ਘਰਾਂ ਨੂੰ ਤਗਮੇ ਲਿਆਉਣਗੇ ਤਾਂ ਕਿਸੇ ਵੀ ਨਸ਼ਾ ਵਿਰੋਧੀ ਮੁਹਿੰਮ ਦੀ ਲੋੜ ਨਹੀਂ ਰਹੇਗੀ।
ਕਿਲਾ ਰਾਏਪੁਰ ਖੇਡਾਂ ਦੀ ਪੁਨਰ ਸੁਰਜੀਤੀ ਨੂੰ ਪੰਜਾਬ ਦੇ ਪੇਂਡੂ ਸੱਭਿਆਚਾਰ ਅਤੇ ਵਿਰਾਸਤ ਦੀ ਝਲਕ ਦੱਸਦਿਆਂ, ਮੁੱਖ ਮੰਤਰੀ ਨੇ ਨਵੀਂ ਖੇਡ ਨੀਤੀ 2023 ਨੂੰ ਸੂਬੇ ਦੀਆਂ ਖੇਡਾਂ ਦੀ ਸ਼ਾਨ ਨੂੰ ਬਹਾਲ ਕਰਨ ਵੱਲ ਇੱਕ ਅਹਿਮ ਕਦਮ ਦੱਸਿਆ ਜਿਸ ਤਹਿਤ ਹਰ ਪਿੰਡ ਵਿੱਚ ਸਟੇਡੀਅਮ ਬਣਾਏ ਜਾਣਗੇ। ਉਨ੍ਹਾਂ ਇਹ ਵੀ ਐਲਾਨ ਕੀਤਾ ਕਿ ਕਿਲਾ ਰਾਏਪੁਰ ਵਿੱਚ ਅੱਠ ਏਕੜ ਵਿੱਚ ਫੈਲੇ ਛੱਪੜ ਦਾ ਸੁੰਦਰੀਕਰਨ ਕੀਤਾ ਜਾਵੇਗਾ ਅਤੇ ਪਿੰਡ ਵਿੱਚ ਇੱਕ ਆਧੁਨਿਕ ਲਾਇਬ੍ਰੇਰੀ ਬਣਾਈ ਜਾਵੇਗੀ। ਉਨ੍ਹਾਂ ਕਿਹਾ ਕਿ ਅਸੀਂ ਪਿਛਲੀਆਂ ਸਰਕਾਰਾਂ ਵੱਲੋਂ ਕੀਤੀ ਲੁੱਟ-ਖਸੁੱਟ ਦੀ ਲੀਕੇਜ ਨੂੰ ਬੰਦ ਕਰ ਰਹੇ ਹਾਂ, ਜਿਸ ਨਾਲ ਜਨਤਾ ਦਾ ਪੈਸਾ ਬਚਾਇਆ ਜਾ ਰਿਹਾ ਹੈ ਅਤੇ ਇਸ ਨੂੰ ਸਿੱਧਾ ਲੋਕਾਂ ‘ਤੇ ਖਰਚ ਕੀਤਾ ਜਾ ਰਿਹਾ ਹੈ।
ਕਿਲਾ ਰਾਏਪੁਰ ਪੇਂਡੂ ਓਲੰਪਿਕਸ ਦੌਰਾਨ ਇਕੱਠ ਨੂੰ ਸੰਬੋਧਨ ਕਰਦਿਆਂ ਮੁੱਖ ਮੰਤਰੀ ਭਗਵੰਤ ਸਿੰਘ ਮਾਨ ਨੇ ਕਿਹਾ, “ਖੇਡਾਂ ਨਸ਼ਿਆਂ ਦੇ ਖਾਤਮੇ ਦਾ ਸਭ ਤੋਂ ਘਾਤਕ ਹਥਿਆਰ ਹਨ ਅਤੇ ਸੂਬਾ ਸਰਕਾਰ ਸੂਬੇ ਦੇ ਆਉਣ ਵਾਲੇ ਬਜਟ ਵਿੱਚ ਖੇਡਾਂ ਦੇ ਬਜਟ ਵਿੱਚ ਵਾਧਾ ਕੀਤਾ ਜਾਵੇਗਾ।” ਉਨ੍ਹਾਂ ਕਿਹਾ ਕਿ ਸਰਕਾਰ ਵੱਲੋਂ ਪਹਿਲਾਂ ਹੀ ਖੇਡਾਂ ਨੂੰ ਵੱਡੇ ਪੱਧਰ ‘ਤੇ ਉਤਸ਼ਾਹਿਤ ਕੀਤਾ ਜਾ ਰਿਹਾ ਹੈ। ਉਨ੍ਹਾਂ ਅੱਗੇ ਕਿਹਾ, “ਪਿਛਲੀਆਂ ਸਰਕਾਰਾਂ ਵੱਲੋਂ ਨੌਜਵਾਨਾਂ ਦੇ ਵਿਕਾਸ ਲਈ ਅਹਿਮ ਖੇਤਰ ਨੂੰ ਨਜ਼ਰਅੰਦਾਜ਼ ਕੀਤਾ ਗਿਆ ਸੀ, ਸਾਡੀ ਸਰਕਾਰ ਨੇ ਇਸ ਵੱਲ ਪੂਰਾ ਧਿਆਨ ਕੇਂਦਰਿਤ ਕੀਤਾ ਹੈ।” ਉਨ੍ਹਾਂ ਕਿਹਾ ਕਿ ਨੌਜਵਾਨਾਂ ਦੀ ਅਥਾਹ ਊਰਜਾ ਨੂੰ ਸਕਾਰਾਤਮਕ ਦਿਸ਼ਾ ਵੱਲ ਲਿਜਾਣ ਲਈ ਖੇਡਾਂ ਨੂੰ ਉਤਸ਼ਾਹਿਤ ਕੀਤਾ ਜਾ ਰਿਹਾ ਹੈ।
ਢਾਂਚਾਗਤ ਸੁਧਾਰਾਂ ‘ਤੇ ਚਾਨਣਾ ਪਾਉਂਦਿਆ ਮੁੱਖ ਮੰਤਰੀ ਨੇ ਕਿਹਾ, “ਨਵੀਂ ਖੇਡ ਨੀਤੀ 2023 ਪੰਜਾਬ ਦੀਆਂ ਖੇਡਾਂ ਦੀ ਸ਼ਾਨ ਨੂੰ ਬਹਾਲ ਕਰਨ ਲਈ ਸ਼ੁਰੂ ਕੀਤੀ ਗਈ ਸੀ ਅਤੇ ਹੁਣ ਖੇਡ ਬਜਟ ਨੂੰ ਵੀ ਹੋਰ ਵਧਾਇਆ ਜਾਵੇਗਾ।” ਉਨ੍ਹਾਂ ਅੱਗੇ ਕਿਹਾ ਕਿ ਸਰਕਾਰ ਨੇ “ਖੇਡਾਂ ਵਤਨ ਪੰਜਾਬ ਦੀਆਂ” ਦੇ ਤਿੰਨ ਸੀਜ਼ਨ ਸਫਲਤਾਪੂਰਵਕ ਕਰਵਾਏ ਗਏ ਜਿਸ ਦੌਰਾਨ ਇੱਕੋ ਪਰਿਵਾਰ ਦੀਆਂ ਤਿੰਨ ਪੀੜ੍ਹੀਆਂ ਹਿੱਸਾ ਲੈਂਦੀਆਂ ਵੇਖੀਆਂ ਗਈਆਂ। ਉਨ੍ਹਾਂ ਕਿਹਾ, “ਸੂਬਾ ਸਰਕਾਰ ਦੇ ਠੋਸ ਯਤਨਾਂ ਸਦਕਾ ਪੰਜਾਬ ਅੱਜ ਖੇਡਾਂ ਵਿੱਚ ਦੇਸ਼ ਦੀ ਅਗਵਾਈ ਕਰ ਰਿਹਾ ਹੈ ਅਤੇ ਮੁੱਖ ਭਾਰਤੀ ਟੀਮਾਂ ਦੇ ਕਪਤਾਨ ਪੰਜਾਬ ਤੋਂ ਹਨ।”
ਪੰਜਾਬ ਸਰਕਾਰ ਦੀ ਨਸ਼ਿਆਂ ਵਿਰੁੱਧ ਜੰਗ ਬਾਰੇ ਬੋਲਦਿਆਂ ਮੁੱਖ ਮੰਤਰੀ ਭਗਵੰਤ ਸਿੰਘ ਮਾਨ ਨੇ ਕਿਹਾ, “ਪੰਜਾਬ ਸਰਕਾਰ ਨੇ ਸੂਬੇ ਵਿੱਚ ‘ਯੁੱਧ ਨਸ਼ਿਆਂ ਵਿਰੁੱਧ’ ਮੁਹਿੰਮ ਸ਼ੁਰੂ ਕੀਤੀ ਹੈ ਅਤੇ ਖੇਡਾਂ ਇਸ ਜੰਗ ਵਿੱਚ ਸਭ ਤੋਂ ਵੱਡਾ ਹਥਿਆਰ ਹਨ।” ਉਨ੍ਹਾਂ ਅੱਗੇ ਕਿਹਾ ਕਿ ਪੰਜਾਬ ਦੇ ਹਰ ਪਿੰਡ ਵਿੱਚ ਸਟੇਡੀਅਮ ਬਣਾਏ ਜਾ ਰਹੇ ਹਨ। ਉਨ੍ਹਾਂ ਕਿਹਾ ਕਿ ਇਹ ਬਹੁਤ ਮਾਣ ਅਤੇ ਸੰਤੁਸ਼ਟੀ ਵਾਲੀ ਗੱਲ ਹੈ ਕਿ ਸੂਬੇ ਦੇ ਨੌਜਵਾਨ ਰਾਸ਼ਟਰੀ ਅਤੇ ਅੰਤਰਰਾਸ਼ਟਰੀ ਪੱਧਰ ‘ਤੇ ਵਿੱਚ ਤਗਮੇ ਜਿੱਤ ਕੇ ਪੰਜਾਬ ਅਤੇ ਦੇਸ਼ ਦਾ ਨਾਮ ਰੌਸ਼ਨ ਕਰ ਰਹੇ ਹਨ।
ਕਿਲਾ ਰਾਏਪੁਰ ਖੇਡਾਂ ਨੂੰ ਪੇਂਡੂ ਸੱਭਿਆਚਾਰ ਅਤੇ ਵਿਰਾਸਤ ਦੀ ਝਲਕ ਦੱਸਦਿਆਂ ਮੁੱਖ ਮੰਤਰੀ ਭਗਵੰਤ ਸਿੰਘ ਮਾਨ ਨੇ ਕਿਹਾ, “ਇਹ ਖੁਸ਼ੀ ਦੀ ਗੱਲ ਹੈ ਕਿ ਪੰਜਾਬ ਸਰਕਾਰ ਨੇ ਇਸ ਵਿਰਾਸਤ ਨੂੰ ਮੁੜ ਸੁਰਜੀਤ ਕੀਤਾ ਹੈ।” ਇਸ ਨੂੰ ਇੱਕ ਇਤਿਹਾਸਕ ਪਲ ਦੱਸਦਿਆਂ ਉਨ੍ਹਾਂ ਕਿਹਾ ਕਿ ਇਹ ਖੇਡਾਂ ਵਿਸ਼ਵ ਪੱਧਰ ‘ਤੇ ਪ੍ਰਸਿੱਧ ਹਨ ਅਤੇ ਲੰਬੇ ਸਮੇਂ ਤੋਂ ਬੈਲ ਗੱਡੀਆਂ ਦੀਆਂ ਦੌੜਾਂ ਨੂੰ ਮੁੜ ਸ਼ੁਰੂ ਕਰਨ ਦੀ ਮੰਗ ਕੀਤੀ ਜਾ ਰਹੀ ਸੀ।
ਉਨ੍ਹਾਂ ਕਿਹਾ, “ਅਸੀਂ ਇਤਿਹਾਸਕ ਪਲਾਂ ਦੇ ਗਵਾਹ ਬਣ ਰਹੇ ਹਾਂ। ਲੋਕਾਂ ਨੂੰ ਆਪਣੇ ਬੈਲਾਂ ਨਾਲ ਬਹੁਤ ਪਿਆਰ ਹੈ ਅਤੇ ਉਹ ਉਨ੍ਹਾਂ ਨੂੰ ਆਪਣੇ ਪੁੱਤਰਾਂ ਵਾਂਗ ਪਾਲਦੇ ਹਨ।” ਮੁੱਖ ਮੰਤਰੀ ਭਗਵੰਤ ਸਿੰਘ ਮਾਨ ਨੇ ਕਿਹਾ ਕਿ ਪੰਜਾਬ ਸਰਕਾਰ ਵੱਲੋਂ ਲਗਾਤਾਰ ਤੀਜੇ ਸਾਲ ਕਿਲ੍ਹਾ ਰਾਏਪੁਰ ਦੇ ਗਰੇਵਾਲ ਸਟੇਡੀਅਮ ਵਿਖੇ ਪੇਂਡੂ ਓਲੰਪਿਕ 2026 ਕਰਵਾਈ ਜਾ ਰਹੀ ਹੈ। ਉਨ੍ਹਾਂ ਕਿਹਾ ਕਿ ਇਸ ਮੇਲੇ ਦਾ ਮੁੱਖ ਆਕਰਸ਼ਣ ਬੈਲ ਗੱਡੀਆਂ ਦੀਆਂ ਦੌੜਾਂ 12 ਸਾਲਾਂ ਦੇ ਅੰਤਰਾਲ ਤੋਂ ਬਾਅਦ ਮੁੜ ਸੁਰਜੀਤ ਹੋਈਆਂ ਹਨ।
ਬੈਲ ਗੱਡੀਆਂ ਦੀਆਂ ਦੌੜਾਂ ਨੂੰ ਮੁੜ ਸ਼ੁਰੂ ਕਰਨ ਸਬੰਧੀ ਕਾਨੂੰਨੀ ਵਿਵਸਥਾ ਬਾਰੇ ਦੱਸਦਿਆਂ ਮੁੱਖ ਮੰਤਰੀ ਭਗਵੰਤ ਸਿੰਘ ਮਾਨ ਨੇ ਕਿਹਾ, “11 ਜੁਲਾਈ, 2025 ਨੂੰ ਪੰਜਾਬ ਵਿਧਾਨ ਸਭਾ ਵਿੱਚ ‘ਜਾਨਵਰਾਂ ‘ਤੇ ਅੱਤਿਆਚਾਰ ਦੀ ਰੋਕਥਾਮ (ਪੰਜਾਬ ਸੋਧ) ਐਕਟ, 2025’ ਸਰਬਸੰਮਤੀ ਨਾਲ ਪਾਸ ਕੀਤਾ ਗਿਆ ਸੀ ਜਿਸ ਨਾਲ ਬੈਲ ਗੱਡੀਆਂ ਦੀਆਂ ਦੌੜਾਂ ਮੁੜ ਸ਼ੁਰੂ ਕਰਨ ਦਾ ਰਾਹ ਪੱਧਰਾ ਹੋਇਆ ਸੀ।” ਉਨ੍ਹਾਂ ਅੱਗੇ ਕਿਹਾ ਕਿ ਕਾਨੂੰਨ ਪਾਸ ਹੋਣ ਤੋਂ ਬਾਅਦ 29 ਜੁਲਾਈ, 2025 ਨੂੰ ਲੁਧਿਆਣਾ ਦੇ ਪਿੰਡ ਮਹਿਮਾ ਸਿੰਘ ਵਾਲਾ ਵਿਖੇ ਵਿਰਾਸਤੀ ਖੇਡ ਪ੍ਰੇਮੀਆਂ ਵੱਲੋਂ ਇੱਕ ਸ਼ਾਨਦਾਰ ਸਮਾਗਮ ਕਰਵਾਇਆ ਗਿਆ ਸੀ। ਉਨ੍ਹਾਂ ਕਿਹਾ, “ਬੈਲ ਗੱਡੀਆਂ ਦੀਆਂ ਦੌੜਾਂ ਸਾਡੀ ਪੇਂਡੂ ਵਿਰਾਸਤ ਨੂੰ ਦਰਸਾਉਂਦੀਆਂ ਹਨ ਅਤੇ ਸਾਨੂੰ ਸਾਡੇ ਸੱਭਿਆਚਾਰ ਤੇ ਵਿਰਾਸਤ ਨਾਲ ਜੋੜਦੀਆਂ ਹਨ। ਇਹ ਰਵਾਇਤੀ ਖੇਡਾਂ ਦੀ ਪੁਨਰ ਸੁਰਜੀਤੀਕਰਨ ਹੈ।”
ਮੁੱਖ ਮੰਤਰੀ ਭਗਵੰਤ ਸਿੰਘ ਮਾਨ ਨੇ ਕਿਹਾ, “ਬੈਲ ਸੂਬੇ ਦੀ ਸੱਭਿਆਚਾਰਕ ਵਿਰਾਸਤ ਦਾ ਇੱਕ ਅਨਿੱਖੜਵਾਂ ਅੰਗ ਹਨ ਅਤੇ ਪਹਿਲੇ ਸਿੱਖ ਗੁਰੂ ਸਾਹਿਬ ਸ੍ਰੀ ਗੁਰੂ ਨਾਨਕ ਦੇਵ ਜੀ ਨੇ ਕਰਤਾਰਪੁਰ ਸਾਹਿਬ ਵਿਖੇ ਲੰਮਾ ਸਮਾਂ ਬਲਦਾਂ ਨਾਲ ਖੇਤੀ ਕੀਤੀ।” ਉਨ੍ਹਾਂ ਅੱਗੇ ਕਿਹਾ ਕਿ ਜਦੋਂ ਬੈਲ ਗੱਡੀਆਂ ਦੀਆਂ ਦੌੜਾਂ ‘ਤੇ ਪਾਬੰਦੀ ਲਗਾਉਣ ਵਾਲਾ ਕਾਨੂੰਨ ਲਾਗੂ ਕੀਤਾ ਗਿਆ ਤਾਂ ਵਿਰਾਸਤੀ ਖੇਡ ਪ੍ਰੇਮੀਆਂ ਨੂੰ ਵੱਡਾ ਝਟਕਾ ਲੱਗਾ ਅਤੇ ਰਵਾਇਤੀ ਖੇਡ ਵਿਰਾਸਤ ਨੂੰ ਨੁਕਸਾਨ ਭਾਰੀ ਹੋਇਆ। ਉਨ੍ਹਾਂ ਕਿਹਾ, “ਇਹ ਖੇਡ ਮੇਲਾ ਪੰਜਾਬੀ ਸੱਭਿਆਚਾਰ ਦੀ ਇੱਕ ਜਿਉਂਦੀ ਜਾਗਦੀ ਤਸਵੀਰ ਹੈ, ਜਿੱਥੇ ਕੁਸ਼ਤੀ, ਨੱਚਣ-ਗਾਉਣ ਵਰਗੀਆਂ ਖੇਡਾਂ ਰਾਹੀਂ ਪੰਜਾਬ ਦੀ ਮਹਾਨ ਵਿਰਾਸਤ ਨੂੰ ਨਿਹਾਰਿਆ ਜਾ ਸਕਦਾ ਹੈ।”
ਇਸ ਸਮਾਗਮ ਨਾਲ ਜੁੜੀ ਵਿਰਾਸਤ ਨੂੰ ਯਾਦ ਕਰਦਿਆਂ ਭਗਵੰਤ ਸਿੰਘ ਮਾਨ ਨੇ ਕਿਹਾ ਕਿ ਧਿਆਨ ਚੰਦ, ਬਲਬੀਰ ਸਿੰਘ, ਊਧਮ ਸਿੰਘ, ਪ੍ਰਿਥੀਪਾਲ ਸਿੰਘ, ਅਜੀਤਪਾਲ ਸਿੰਘ ਅਤੇ ਸੁਰਜੀਤ ਸਿੰਘ ਵਰਗੇ ਮਹਾਨ ਹਾਕੀ ਖਿਡਾਰੀਆਂ ਨੇ ਇਸ ਸਮਾਗਮ ਵਿੱਚ ਆਪਣੀ ਪ੍ਰਤਿਭਾ ਦੇ ਜੌਹਰ ਦਿਖਾਏ। ਉਨ੍ਹਾਂ ਅੱਗੇ ਕਿਹਾ ਕਿ ਮਿਲਖਾ ਸਿੰਘ, ਮੱਖਣ ਸਿੰਘ, ਪ੍ਰਦੁਮਨ ਸਿੰਘ, ਗੁਰਬਚਨ ਸਿੰਘ ਰੰਧਾਵਾ ਅਤੇ ਪਰਵੀਨ ਕੁਮਾਰ ਸਮੇਤ ਦੇਸ਼ ਭਰ ਦੇ ਚੋਟੀ ਦੇ ਐਥਲੀਟ ਵੀ ਇਸ ਟਰੈਕ ‘ਤੇ ਦੌੜੇ। ਇਹਨਾਂ ਖੇਡਾਂ ਦੀ ਸ਼ੁਰੂਆਤ ਬਾਰੇ ਗੱਲ ਕਰਦਿਆਂ ਉਨ੍ਹਾਂ ਕਿਹਾ ਕਿ ਸਰਦਾਰ ਇੰਦਰ ਸਿੰਘ ਦੀ ਸਰਪ੍ਰਸਤੀ ਹੇਠ ਸਾਲ 1933 ਵਿੱਚ ਇਸ ਸਟੇਡੀਅਮ ਨੂੰ ਬਣਾਉਣ ਦਾ ਸੁਪਨਾ ਦੇਖਿਆ ਗਿਆ ਸੀ ਜਦੋਂ ਗਰੇਵਾਲ ਐਜੂਕੇਸ਼ਨ ਸੋਸਾਇਟੀ ਅਤੇ ਗਰੇਵਾਲ ਸਪੋਰਟਸ ਐਸੋਸੀਏਸ਼ਨ ਬਣਾਈ ਗਈ ਸੀ।
ਉਨ੍ਹਾਂ ਕਿਹਾ ਕਿ ਇੱਥੇ ਪਹਿਲੇ ਕੁਸ਼ਤੀ ਮੁਕਾਬਲੇ ਸਾਲ 1933 ਵਿੱਚ ਹੋਏ ਅਤੇ ਸਾਲ 1942 ਵਿੱਚ ਇਸ ਮੈਦਾਨ ‘ਤੇ ਰੱਥ ਦੌੜਾਂ ਸ਼ੁਰੂ ਹੋਈਆਂ, ਜੋ 1950 ਵਿੱਚ ਰੱਥਾਂ ਤੋਂ ਛਤਰੀਆਂ ਹਟਾਉਣ ਤੋਂ ਬਾਅਦ ਬੈਲ ਗੱਡੀਆਂ ਦੀਆਂ ਦੌੜਾਂ ਵਿੱਚ ਬਦਲ ਗਈਆਂ। ਉਨ੍ਹਾਂ ਕਿਹਾ, “ਬੈਲ ਗੱਡੀਆਂ ਦੀਆਂ ਦੌੜਾਂ ਦੇ ਨਾਲ-ਨਾਲ, ਇਸ ਸਟੇਡੀਅਮ ਵਿੱਚ ਐਥਲੈਟਿਕਸ ਮੁਕਾਬਲੇ ਵੀ ਸ਼ੁਰੂ ਹੋਏ ਜਿਸ ਨੇ ਕਈ ਪੀੜ੍ਹੀਆਂ ਨੂੰ ਖੇਡਾਂ ਵਿੱਚ ਉੱਤਮਤਾ ਪ੍ਰਾਪਤ ਕਰਨ ਲਈ ਪ੍ਰੇਰਿਤ ਕੀਤਾ।” ਉਨ੍ਹਾਂ ਕਿਹਾ ਕਿ ਸਾਲ 1964 ਵਿੱਚ ਇੱਥੇ ਕੁੜੀਆਂ ਦੇ ਐਥਲੈਟਿਕਸ ਮੁਕਾਬਲੇ ਸ਼ੁਰੂ ਕੀਤੇ ਗਏ, ਜਿਸ ਨਾਲ ਕੁੜੀਆਂ ਦੇ ਐਥਲੈਟਿਕਸ ਕਰਵਾਉਣ ਵਾਲਾ ਇਹ ਪਹਿਲਾ ਪੇਂਡੂ ਸਟੇਡੀਅਮ ਬਣ ਗਿਆ।
ਮੁੱਖ ਮੰਤਰੀ ਭਗਵੰਤ ਸਿੰਘ ਮਾਨ ਨੇ ਕਿਹਾ ਕਿ ਸਾਲ 1933 ਵਿੱਚ ਸ਼ੁਰੂ ਹੋਈਆਂ ਕਿਲ੍ਹਾ ਰਾਏਪੁਰ ਦੀਆਂ ਖੇਡਾਂ ਹੁਣ “ਮਿੰਨੀ ਓਲੰਪਿਕ” ਜਾਂ “ਪੇਂਡੂ ਓਲੰਪਿਕ” ਵਜੋਂ ਜਾਣੀਆਂ ਜਾਂਦੀਆਂ ਹਨ ਅਤੇ ਭਾਰਤ ਦੇ ਰਾਸ਼ਟਰਪਤੀ ਅਤੇ ਹੋਰ ਉੱਘੀਆਂ ਸ਼ਖਸੀਅਤਾਂ ਵੀ ਇਨ੍ਹਾਂ ਵਿੱਚ ਸ਼ਾਮਲ ਹੁੰਦੀਆਂ ਰਹੀਆਂ ਹਨ।
ਪਿੰਡਾਂ ਵਿੱਚ ਭਾਈਚਾਰਕ ਸਾਂਝ ਅਤੇ ਏਕਤਾ ‘ਤੇ ਜ਼ੋਰ ਦਿੰਦੇ ਹੋਏ ਉਨ੍ਹਾਂ ਨੇ ਕਿਲ੍ਹਾ ਰਾਏਪੁਰ ਦੇ ਵਸਨੀਕਾਂ ਵੱਲੋਂ ਖੇਡ ਵਿਰਾਸਤ ਨੂੰ ਇਕਜੁੱਟ ਹੋ ਕੇ ਪ੍ਰਫੁੱਲਤ ਕਰਨ ਲਈ ਸ਼ਲਾਘਾ ਕੀਤੀ ਅਤੇ ਸਾਰੇ ਪਿੰਡਾਂ ਨੂੰ ਰਾਜਨੀਤਿਕ ਮਤਭੇਦਾਂ ਤੋਂ ਉੱਪਰ ਉੱਠ ਕੇ ਪਿੰਡਾਂ ਦੇ ਵਿਕਾਸ ਵਿੱਚ ਯੋਗਦਾਨ ਪਾਉਣ ਦੀ ਅਪੀਲ ਕੀਤੀ।
ਕਿਲ੍ਹਾ ਰਾਏਪੁਰ ਦੇ ਵਾਸੀਆਂ ਦੀਆਂ ਮੰਗਾਂ ਦਾ ਜ਼ਿਕਰ ਕਰਦੇ ਹੋਏ ਭਗਵੰਤ ਸਿੰਘ ਮਾਨ ਨੇ ਕਈ ਵਿਕਾਸ ਪ੍ਰੋਜੈਕਟਾਂ ਦਾ ਐਲਾਨ ਕੀਤਾ। ਉਨ੍ਹਾਂ ਕਿਹਾ ਕਿ ਪਿੰਡ ਦੀ ਫਿਰਨੀ ਵਾਲੀ ਸੜਕ ਨੂੰ 1.5 ਕਰੋੜ ਰੁਪਏ ਦੀ ਲਾਗਤ ਨਾਲ ਚੌੜਾ ਕੀਤਾ ਜਾਵੇਗਾ, ਪਿੰਡ ਦੀ ਸਹਿਕਾਰੀ ਸਭਾ ਨੂੰ ਮੁੜ ਸੁਰਜੀਤ ਕੀਤਾ ਜਾਵੇਗਾ, ਪਿੰਡ ਦੇ ਅੱਠ ਏਕੜ ਵਿੱਚ ਫੈਲੇ ਛੱਪੜ ਨੂੰ 95 ਲੱਖ ਰੁਪਏ ਦੀ ਲਾਗਤ ਨਾਲ ਸੀਚੇਵਾਲ ਮਾਡਲ ‘ਤੇ ਵਿਕਸਤ ਕੀਤਾ ਜਾਵੇਗਾ, ਪਿੰਡ ਦੀ ਲਾਇਬ੍ਰੇਰੀ ਨੂੰ 10 ਲੱਖ ਰੁਪਏ ਦੀ ਲਾਗਤ ਨਾਲ ਅਪਗ੍ਰੇਡ ਕੀਤਾ ਜਾਵੇਗਾ ਅਤੇ ਸਿਕਸ-ਏ-ਸਾਈਡ ਹਾਕੀ ਐਸਟ੍ਰੋਟਰਫ ਦੇ ਨਿਰਮਾਣ ‘ਤੇ 2 ਕਰੋੜ ਰੁਪਏ ਖਰਚ ਕੀਤੇ ਜਾਣਗੇ। ਸਟੇਡੀਅਮ ਵਿੱਚ ਫਲੱਡ ਲਾਈਟਾਂ ਲਗਾਈਆਂ ਜਾਣਗੀਆਂ।
ਉਨ੍ਹਾਂ ਅੱਗੇ ਕਿਹਾ ਕਿ ਡੇਹਲੋਂ ਤੋਂ ਪੱਖੋਵਾਲ ਸੜਕ ਦਾ 30 ਕਰੋੜ ਰੁਪਏ ਦੀ ਲਾਗਤ ਨਾਲ ਨਵੀਨੀਕਰਨ ਕੀਤਾ ਜਾਵੇਗਾ ਅਤੇ ਕੰਮ ਜਲਦੀ ਹੀ ਸ਼ੁਰੂ ਹੋ ਜਾਵੇਗਾ।
ਮੁੱਖ ਮੰਤਰੀ ਸਿਹਤ ਯੋਜਨਾ ਅਧੀਨ ਲੋਕਾਂ ਨੂੰ 10 ਲੱਖ ਰੁਪਏ ਦੇ ਸਿਹਤ ਬੀਮਾ ਕਾਰਡ ਲਈ ਨਾਮ ਦਰਜ ਕਰਵਾਉਣ ਦੀ ਅਪੀਲ ਕਰਦੇ ਹੋਏ ਮੁੱਖ ਮੰਤਰੀ ਭਗਵੰਤ ਸਿੰਘ ਮਾਨ ਨੇ ਕਿਹਾ, “ਇਹ ਸੂਬੇ ਦਾ ਸਭ ਤੋਂ ਵੱਡਾ ਸਿਹਤ ਸੁਧਾਰ ਪ੍ਰੋਗਰਾਮ ਹੈ। ਹਰ ਪਰਿਵਾਰ ਹੁਣ 10 ਲੱਖ ਰੁਪਏ ਤੱਕ ਦਾ ਨਕਦੀ ਰਹਿਤ ਇਲਾਜ ਪ੍ਰਾਪਤ ਕਰਨ ਦਾ ਹੱਕਦਾਰ ਹੈ।” ਉਨ੍ਹਾਂ ਅੱਗੇ ਕਿਹਾ ਕਿ ਸਮਾਜ ਦੇ ਹਰ ਵਰਗ ਦੀ ਭਲਾਈ ਲਈ ਬਣਾਈ ਗਈ ਇਸ ਅਹਿਮ ਯੋਜਨਾ ਤੋਂ ਲਗਭਗ 65 ਲੱਖ ਪਰਿਵਾਰਾਂ ਨੂੰ ਲਾਭ ਪਹੁੰਚਾਇਆ ਜਾ ਰਿਹਾ ਹੈ।
ਮੁੱਖ ਮੰਤਰੀ ਨੇ ਅੱਗੇ ਕਿਹਾ ਕਿ ਪੰਜਾਬ ਸਰਕਾਰ ਨੇ ਕੇਂਦਰ ਸਰਕਾਰ ਪਾਸੋਂ ਹਲਵਾਰਾ ਹਵਾਈ ਅੱਡੇ ਦਾ ਨਾਮ ਮਹਾਨ ਸ਼ਹੀਦ ਕਰਤਾਰ ਸਿੰਘ ਸਰਾਭਾ ਦੇ ਨਾਮ ‘ਤੇ ਰੱਖਣ ਦੀ ਮੰਗ ਕੀਤੀ ਹੈ, ਜੋ 19 ਸਾਲ ਦੀ ਉਮਰ ਵਿੱਚ ਸ਼ਹੀਦ ਹੋ ਗਏ ਸਨ। ਉਨ੍ਹਾਂ ਕਿਹਾ, “ਇਹ ਉਸ ਮਹਾਨ ਨਾਇਕ ਨੂੰ ਸੱਚੀ ਸ਼ਰਧਾਂਜਲੀ ਹੋਵੇਗੀ ਜਿਸਨੇ ਦੇਸ਼ ਨੂੰ ਵਿਦੇਸ਼ੀ ਸਾਮਰਾਜਵਾਦ ਤੋਂ ਆਜ਼ਾਦ ਕਰਵਾਉਣ ਲਈ ਆਪਣੀ ਜਾਨ ਕੁਰਬਾਨ ਕਰ ਦਿੱਤੀ ਸੀ।” ਉਨ੍ਹਾਂ ਕਿਹਾ ਕਿ ਸੂਬਾ ਸਰਕਾਰ ਆਉਣ ਵਾਲੀਆਂ ਪੀੜ੍ਹੀਆਂ ਲਈ ਇਨ੍ਹਾਂ ਸ਼ਹੀਦਾਂ ਦੀ ਸ਼ਾਨਦਾਰ ਵਿਰਾਸਤ ਨੂੰ ਕਾਇਮ ਰੱਖਣ ਲਈ ਵਚਨਬੱਧ ਹੈ।
ਇਸ ਮੌਕੇ ‘ਤੇ ‘ਆਪ’ ਦੇ ਸੀਨੀਅਰ ਨੇਤਾ ਅਤੇ ਪੰਜਾਬ ਦੇ ਪਾਰਟੀ ਇੰਚਾਰਜ ਮਨੀਸ਼ ਸਿਸੋਦੀਆ, ਕੈਬਨਿਟ ਮੰਤਰੀ ਹਰਦੀਪ ਸਿੰਘ ਮੁੰਡੀਆਂ ਤੇ ਤਰੁਣਪ੍ਰੀਤ ਸਿੰਘ ਸੌਂਦ ਅਤੇ ਹੋਰ ਸਖਸ਼ੀਅਤਾਂ ਮੌਜੂਦ ਸਨ।
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