नंगल झील पर उत्तरी भारत का पहला ग्लास ब्रिज बनेगा: मुख्यमंत्री भगवंत सिंह मान
मुख्यमंत्री भगवंत सिंह मान ने करोड़ों रुपए के विकास कार्यों के उद्घाटन के साथ नंगल के विकास में तेजी लाई
23 करोड़ रुपए की लागत से कारगिल शहीद कैप्टन अमोल कालिया के नाम पर सेंटर ऑफ एक्सीलेंस बनेगा: मुख्यमंत्री भगवंत सिंह मान
इस सेंटर में 540 युवाओं को उद्योग-उन्मुख प्रशिक्षण दिया जाएगा, रोबोटिक्स, ईवी, सोलर और 3डी प्रिंटिंग जैसे कोर्स शुरू किए जाएंगे: मुख्यमंत्री भगवंत सिंह मान
अब सरकारी आई.टी.आई. में सिविल एविएशन, एयर होस्टेस प्रशिक्षण और ड्रोन टेक्नोलॉजी के कोर्स उपलब्ध होंगे: मुख्यमंत्री भगवंत सिंह मान
18 करोड़ रुपए की लागत से डॉ. बी.आर. अंबेडकर स्कूल ऑफ एमिनेंस में ऑडिटोरियम और नया अकादमिक ब्लॉक बनेगा: मुख्यमंत्री भगवंत सिंह मान
हमने अपने किसानों के लिए भाखड़ा नहर के बराबर 11,000 क्यूसेक अतिरिक्त पानी सुनिश्चित किया: मुख्यमंत्री भगवंत सिंह मान
लड़कियों के लिए 34 आई.टी.आई., अन्य आई.टी.आई. में 30 प्रतिशत आरक्षण देकर ‘आप’ सरकार तकनीकी शिक्षा तक महिलाओं को बेहतर पहुंच प्रदान कर रही है: मुख्यमंत्री भगवंत सिंह मान

NANGAL/MOHALI/SANGHOL-TIMES/JATINDER-PAL-SINGH/31MARCH,2026-
नंगल को आधुनिक बुनियादी ढांचे, कौशल विकास और पर्यटन केंद्र के रूप में विकसित करने के प्रयासों के तहत पंजाब के मुख्यमंत्री भगवंत सिंह मान ने 75 करोड़ रुपए के विकास प्रोजेक्ट की शुरुआत की। इसमें उत्तरी भारत का पहला ग्लास ब्रिज, कारगिल शहीद कैप्टन अमोल कालिया के नाम पर 23 करोड़ रुपए का सेंटर ऑफ एक्सीलेंस और शिक्षा बुनियादी ढांचे में बड़े स्तर पर अपग्रेडेशन शामिल है।
मुख्यमंत्री ने इन पहलों को विकास में वर्षों से आई खामियों को दूर करने की दिशा में निर्णायक कदम बताते हुए एक ऐसे प्रशासनिक मॉडल की रूपरेखा दी, जिसमें रोबोटिक्स, इलेक्ट्रिक वाहन, सौर ऊर्जा और ड्रोन प्रशिक्षण जैसे अत्याधुनिक क्षेत्रों में उद्योग-उन्मुख कौशल प्रशिक्षण, महिलाओं के लिए तकनीकी शिक्षा तक पहुंच और पंजाब की खेतीबाड़ी की रीढ़ को मजबूत करने के लिए भाखड़ा नहर के बराबर बड़े स्तर पर पानी प्रदान करना शामिल है।
इस कदम को राजनीतिक विरोध से जोड़ते हुए मुख्यमंत्री भगवंत सिंह मान ने कहा कि नशे के कारोबार की सरपरस्ती और पंजाब के सामाजिक ताने-बाने को कमजोर करने वालों को कभी माफ नहीं किया जा सकता। उन्होंने कहा कि राज्य के लोग नौकरियों, शिक्षा और बुनियादी ढांचे पर केंद्रित ईमानदार शासन के मॉडल की ओर निर्णायक रूप से आगे बढ़ रहे हैं।
लोगों को 75 करोड़ रुपए के विकास कार्य समर्पित करने के बाद पंजाब के मुख्यमंत्री भगवंत सिंह मान ने कहा, “अकालियों पर पीढ़ियों की नरसंहार का मुकदमा दर्ज किया जाना चाहिए क्योंकि उन्होंने नशे के व्यापार को सरपरस्ती दी थी और उनके लंबे कुशासन के दौरान नशे का व्यापार फैला था। इन नेताओं के हाथ अपने सरकारी वाहनों में राज्य में सप्लाई किए गए नशे का शिकार हुए लाखों युवाओं के खून से रंगे हुए हैं। यह पाप माफ नहीं किए जा सकते और इन नेताओं को लोगों द्वारा उनके गुनाहों के लिए कभी माफ नहीं किया जा सकता।”
अकाली लीडरशिप पर तीखा हमला करते हुए मुख्यमंत्री भगवंत सिंह मान ने कहा, “ये मौकापरस्त नेता हैं जो अपनी सुविधा और निजी राजनीतिक हितों के अनुसार गिरगिट की तरह अपना रंग और पक्ष बदलते हैं। उन्होंने लंबे समय से खुद को किसान बताकर लोगों को मूर्ख बनाया है, लेकिन क्या वे बता सकते हैं कि कोई अनाज उत्पादक बसों का बड़ा बेड़ा और गुड़गांव में एक आलीशान होटल कैसे बना सकता है? यह सब अपने निजी राजनीतिक लाभ के लिए राज्य और इसके लोगों के हितों को बेचकर बनाया गया है।”
पंजाब के मुख्यमंत्री ने कहा, “सुखबीर सिंह बादल ने जनता में अपना विश्वास खो दिया है और रैलियों में भीड़ दिखाने के लिए पैसे देकर बुलाए गए कार्यकर्ताओं का इस्तेमाल किया जा रहा है। हर अकाली रैली में वही भीड़ दिखाई देती है। राज्य सरकार द्वारा किए गए बेमिसाल कामों के कारण वे अपना मानसिक संतुलन खो चुके हैं, जिस कारण वे बेबुनियाद और तर्कहीन बयान दे रहे हैं। ऐसे बयानों के आधार पर ही पूर्व उप मुख्यमंत्री सत्ता में वापसी के सपने देख रहे हैं, जो कभी संभव नहीं होगा।”
पिछली घटनाओं का जिक्र करते हुए उन्होंने कहा, “पूर्व उप मुख्यमंत्री दावा करते हैं कि उन्होंने अपने शासन में बड़े पैमाने पर विकास कार्य किए, लेकिन कोटकपूरा, बहिबल कला और अन्य जगहों पर जहां श्री गुरु ग्रंथ साहिब की बेअदबी हुई और बेकसूरों को मारा गया, उनके बारे में चुप क्यों हैं? ये सारी घटनाएं उनके शासन के दौरान हुईं। वे इन बेअदबी की घटनाओं को भूल गए हैं और मानते हैं कि लोग भी इन्हें भूल जाएंगे, लेकिन लोग इसे कभी नहीं भूलेंगे। उनका परिवार इसमें शामिल था। उनकी ‘पंजाब बचाओ यात्रा’ असल में ‘परिवार बचाओ यात्रा’ है। 15 साल राज्य को लूटने के बाद उन्हें यह बताना चाहिए कि वे पंजाब को किससे बचाने की कोशिश कर रहे हैं। अकालियों ने सूबे को बुरी तरह लूटा है, पंजाबियों की मानसिकता को भावनात्मक रूप से कुचला है और माफिया को सरपरस्ती दी है।”
पंजाब के मुख्यमंत्री ने कहा, “लोग अकालियों और बादल परिवार के संदिग्ध चरित्र से अच्छी तरह वाकिफ हैं, इसलिए लोग अब उनके झांसे में नहीं आएंगे। जिन नेताओं के घरों तक पहले नहरें जाती थीं, उन्होंने कभी इसकी परवाह नहीं की। सुखबीर सिंह बादल एक कॉन्वेंट स्कूल में पढ़े-लिखे नेता हैं जो पंजाब की मूल भौगोलिक स्थिति से पूरी तरह अनजान हैं, फिर भी वे सूबे पर राज करना चाहते हैं।”
व्यापक राजनीतिक दावों पर निशाना साधते हुए उन्होंने कहा, “जिन्होंने पानी के रखवाले होने का दावा किया था, उन्होंने ही इसे बुरी तरह तबाह कर दिया और जिन्होंने खुद को ‘बाणी’ के सेवादार के रूप में पेश किया, वे ही बेअदबी को रोकने में असफल रहे। इसी तरह देश चलाने वाले जुमलेबाज नेता ने अपने कार्यकाल में लोगों को गुमराह किया है। देश के हर नागरिक के खाते में 15 लाख रुपए भेजने का वादा अभी तक पूरा नहीं हुआ और लोग, खासकर महिलाएं, गैर-योजनाबद्ध नीतियों के कारण दुखी हैं।”
मुख्यमंत्री भगवंत सिंह मान ने कहा, “कांग्रेस में हर नेता मुख्यमंत्री बनना चाहता है। उनके पास कार्यकर्ताओं से ज्यादा मुख्यमंत्री के चेहरे हैं। इसी कारण उनके शीर्ष नेता को हाल ही में एक रैली के दौरान जनता ने सार्वजनिक रूप से फटकार लगाई थी। कांग्रेस एक बंटा हुआ घर है जो अंदरूनी झगड़ों के कारण ढह जाएगा, फिर भी इसके नेता सत्ता में वापस आने के सपने देखते रहते हैं।”
लीडरशिप संबंधी मुद्दों पर प्रकाश डालते हुए उन्होंने कहा, “यह बदकिस्मती की बात है कि कांग्रेस के शीर्ष नेता जो झगड़ते हुए अपने प्रांतीय नेताओं को एकजुट करने आते हैं, उन्हें उनका नाम भी सही से उच्चारित नहीं आता। इन नेताओं के पास पंजाब के लिए कोई दूरदृष्टि नहीं है। उनका एकमात्र उद्देश्य सत्ता में आकर राज्य की दौलत लूटना है, लेकिन उनके सपने कभी पूरे नहीं होंगे। पहले ये पारंपरिक पार्टियां सत्ता हासिल करने के लिए अपनी बारी का इंतजार करती थीं, लेकिन अब झाड़ू ने इनका पूरी तरह सफाया कर दिया है।”
जन-हितैषी पहलों का जिक्र करते हुए मुख्यमंत्री भगवंत सिंह मान ने कहा, “राज्य सरकार द्वारा मुख्यमंत्री सेहत योजना शुरू की गई है, जिसके तहत पंजाब के सभी 65 लाख परिवारों को स्वास्थ्य कार्ड जारी किए जा रहे हैं। इसके तहत हर परिवार को 10 लाख रुपए तक का मुफ्त इलाज प्रदान किया जा रहा है और 30 लाख से अधिक लाभार्थी पहले ही स्वास्थ्य कार्ड प्राप्त कर चुके हैं। इस योजना के तहत लगभग 2 लाख लोगों को मुफ्त इलाज मिल चुका है और लोगों को इसका अधिक से अधिक लाभ लेना चाहिए।”
बिजली और सिंचाई क्षेत्र में किए गए सुधारों को उजागर करते हुए उन्होंने आगे कहा, “राज्य के इतिहास में पहली बार धान के मौसम के दौरान खेतों के ट्यूबवेलों को आठ घंटे से अधिक निर्बाध बिजली दी जा रही है। सूबे में 6,900 किलोमीटर लंबे 18,349 खालों को बहाल किया गया है ताकि नहरी पानी राज्य के दूर-दराज के क्षेत्रों तक पहुंचाया जा सके और इससे किसानों को बहुत फायदा हुआ है। पहली बार किसानों को सिंचाई के लिए दिन में बिजली मिल रही है, जिससे उनकी जिंदगी बदल रही है।”
वित्तीय जिम्मेदारी और महिलाओं की भलाई के बारे में पंजाब के मुख्यमंत्री ने आगे कहा कि सरकारी खजाने का एक-एक पैसा लोगों की भलाई के लिए इस्तेमाल किया जा रहा है। मां-बेटी सम्मान योजना के तहत 18 साल से अधिक उम्र की महिलाओं को प्रति महीना 1000 रुपए और अनुसूचित जाति समुदाय की महिलाओं को 1500 रुपए दिए जाएंगे। यह योजना महिलाओं को स्वतंत्र और सशक्त बनाकर उनके विकास पर महत्वपूर्ण प्रभाव डालेगी।
महिलाओं के सशक्तिकरण पर जोर देते हुए उन्होंने कहा कि महिलाओं की भलाई, लिंग समानता को बढ़ावा देने और फैसला लेने में महिलाओं की भागीदारी बढ़ाने के लिए उनकी वित्तीय स्वतंत्रता को मजबूत करना बहुत जरूरी है। इस योजना से 97 प्रतिशत से अधिक महिलाओं को लाभ होने की उम्मीद है, जो इसे देश में सबसे व्यापक महिला-केंद्रित सामाजिक सुरक्षा पहलों में से एक बनाती है। यह महिलाओं के लिए आर्थिक सहायता सुनिश्चित करने की दिशा में महत्वपूर्ण कदम है और महिलाओं के लिए वास्तविक वित्तीय स्वतंत्रता के सरकार के विजन को दर्शाता है।
रोजगार पर प्रकाश डालते हुए मुख्यमंत्री भगवंत सिंह मान ने कहा कि यह बहुत गर्व की बात है कि राज्य के युवाओं को 65,000 से अधिक सरकारी नौकरियां प्रदान की गई हैं। सभी नौकरियां बिना किसी भ्रष्टाचार और भाई-भतीजावाद को नजरअंदाज करते हुए पूरी तरह योग्यता के आधार पर दी गई हैं। यह कदम युवाओं को पंजाब के सामाजिक-आर्थिक विकास में सक्रिय भागीदार बना रहा है।
उन्होंने कहा कि नंगल एक पवित्र धरती है और मैं इसके लोगों की सेवा करने के लिए भाग्यशाली महसूस करता हूं। यह हैरानी की बात है कि पिछली सरकारों की असफलताओं के कारण सतलुज नदी के किनारे रहने वाले लोगों को भी खेतीबाड़ी और पीने योग्य पानी से वंचित रखा गया था। पहली बार सूबे में जल संसाधनों का सही ढंग से उपयोग किया गया है। भाखड़ा नहर की क्षमता 9,500 क्यूसेक है, लेकिन हमारे प्रयासों से इसकी सप्लाई को 11,000 क्यूसेक तक बढ़ा दिया गया है। एक तरह से हमने एक इंच भी जमीन हासिल किए बिना एक नई भाखड़ा नहर बना दी है। पंजाब के इतिहास में पहली बार पानी की हर बूंद का हिसाब रखा गया है।
अन्य प्रयासों का विवरण देते हुए उन्होंने कहा, “पानी को टेल तक पहुंचाने के लिए नहरी प्रणाली को फिर से सुधारने के लिए 6,500 करोड़ रुपए खर्च किए गए हैं और पहली बार 1,444 गांव नहरी पानी प्राप्त कर रहे हैं। हम पंजाब के पानी की हर बूंद को सुरक्षित रखने के लिए प्रतिबद्ध हैं और कोई भी अन्य राज्य इसे जबरदस्ती नहीं ले सकता। पिछले साल हरियाणा ने ऐसी चाल चलने की कोशिश की लेकिन उसे सबक सिखाया गया और अब वह अपने हिस्से की समझदारी से उपयोग कर रहा है।”
नंगल में प्रोजेक्ट्स की घोषणा करते हुए मुख्यमंत्री भगवंत सिंह मान ने कहा, “आज एक ऐतिहासिक दिन है क्योंकि कई बड़े विकास प्रोजेक्ट समर्पित किए जा रहे हैं। 23 करोड़ रुपए की लागत से कैप्टन अमोल कालिया सेंटर ऑफ एक्सीलेंस की नींव रखी गई है। शहीद ने कारगिल युद्ध के दौरान 25 साल की उम्र में अपनी जान दे दी थी और पूरा देश नंगल के इस बहादुर बेटे पर गर्व करता है। इस संस्थान पर 23 करोड़ रुपए खर्च किए जाएंगे जो 540 विद्यार्थियों को प्रशिक्षण देगा। कोर्स उद्योग की जरूरतों के अनुसार तैयार किए गए हैं, जिनमें रोबोटिक्स, इलेक्ट्रिक वाहन टेक्नोलॉजी, सोलर टेक्नीशियन और 3डी प्रिंटिंग शामिल हैं। इसमें सिविल एविएशन, एयर होस्टेस प्रशिक्षण और ड्रोन टेक्नोलॉजी जैसे कई नए कोर्स भी शुरू किए जाएंगे।”
अपने विजन को साझा करते हुए मुख्यमंत्री भगवंत सिंह मान ने जोर देकर कहा कि यह सेंटर ऑफ एक्सीलेंस क्षेत्र का सबसे बेहतर कौशल विकास केंद्र बनेगा और युवाओं के लिए रोजगार पैदा करेगा। वर्ष 2025-26 में सभी आई.टी.आई. में सीटों की क्षमता 32,000 से बढ़ाकर 52,308 कर दी गई है, जिसमें 814 नए उद्योग-आधारित कोर्स शुरू किए गए हैं। 34 आई.टी.आई. विशेष रूप से लड़कियों के लिए हैं और अन्य आई.टी.आई. में उनके लिए 30 प्रतिशत सीटें आरक्षित हैं।
तकनीकी शिक्षा और पर्यटन के बारे में उन्होंने कहा, “निजी आई.टी.आई. में आर्थिक रूप से कमजोर विद्यार्थियों के लिए 5 प्रतिशत सीटें आरक्षित हैं और नंगल समेत 11 सरकारी आई.टी.आई. को सेंटर ऑफ एक्सीलेंस में अपग्रेड किया गया है, जिसमें 22 करोड़ रुपए बुनियादी ढांचे और मशीनरी पर खर्च किए गए हैं। पर्यटन को बढ़ावा देने के लिए नंगल के शिवालिक पार्क में झील पर ग्लास ब्रिज बनाया जाएगा। इस ग्लास ब्रिज पर 10 करोड़ रुपए खर्च किए जाएंगे, जो उत्तरी भारत में अपनी तरह का पहला ब्रिज होगा। इसके साथ ही झील की सुंदरता बढ़ाने और पर्यटन को बढ़ावा देने के लिए इस ब्रिज के छह महीनों के अंदर पूरा होने की उम्मीद है। नंगल के स्कूल ऑफ एमिनेंस में 10 करोड़ रुपए की लागत से 500 सीटों वाला ऑडिटोरियम भी बनाया जाएगा।”
शिक्षा के बुनियादी ढांचे के बारे में उन्होंने कहा कि चार प्रयोगशालाओं और 12 क्लासरूम वाला एक चार मंजिला अकादमिक ब्लॉक 8 करोड़ रुपए की लागत से बनाया जाएगा। एक वाटर ट्रीटमेंट प्लांट भी स्थापित किया जा रहा है और इस विधानसभा क्षेत्र के विकास के लिए कोई कसर बाकी नहीं छोड़ी जाएगी। उन्होंने आगे कहा कि मैं लोगों का उनके भारी समर्थन के लिए धन्यवाद करता हूं, जो ‘रंगला पंजाब’ बनाने की हमारी प्रतिबद्धता को और मजबूत करता है।
इस दौरान सीनियर ‘आप’ नेता और पंजाब प्रभारी मनीष सिसोदिया ने कहा कि राज्य वासियों का भारी प्रतिक्रिया ‘आप’, मुख्यमंत्री भगवंत सिंह मान और कैबिनेट मंत्री हरजोत सिंह बैंस के प्रति लोगों के प्यार को दर्शाता है। ‘आप’ का गठन सिर्फ सरकारें बदलने के लिए नहीं, बल्कि सिस्टम बदलने के लिए किया गया था, जिस कारण पंजाब शिक्षा और स्वास्थ्य जैसे क्षेत्रों में तेजी से तरक्की कर रहा है। इस विकास से घबराए विपक्षी दलों ने हमें झूठे मामलों में फंसाने की कोशिश की, लेकिन अदालत से बरी होकर हमने अपनी ईमानदारी साबित कर दी है। अगर कांग्रेस, अकाली या भाजपा सत्ता में वापस आए तो वे इन जनकल्याण योजनाओं को खत्म कर देंगे।
इससे पहले कैबिनेट मंत्री हरजोत सिंह बैंस ने कहा, “इस विधानसभा क्षेत्र के हर क्षेत्र में पूर्ण विकास हुआ है, जिससे निवासियों को बहुत लाभ हो रहा है। ये ऐतिहासिक पहल इस क्षेत्र में विकास की गति को और तेज करेंगी।”
इस मौके पर कैबिनेट मंत्री हरजोत सिंह बैंस, सीनियर ‘आप’ नेता और पंजाब प्रभारी मनीष सिसोदिया तथा अन्य गणमान्य व्यक्ति मौजूद थे।
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*North India’s first Glass Bridge to be built over Nangal Lake: CM Bhagwant Singh Mann*
*CM Bhagwant Singh Mann accelerates Nangal’s growth with inauguration of development works worth crores*
*Centre of Excellence to be built at cost of ₹23 crore in name of Kargil martyr Captain Amol Kalia: CM Bhagwant Singh Mann*
*540 youth to receive industry-aligned training here, courses like Robotics, EV, Solar & 3D Printing to be introduced: CM Bhagwant Singh Mann*
*Courses in Civil Aviation, Air Hostess training & Drone Technology to now be available within govt ITIs: CM Bhagwant Singh Mann*
*Auditorium & new academic block to be built at Dr B.R. Ambedkar School of Eminence costing ₹18 crore: CM Bhagwant Singh Mann*
*We have ensured 11,000 cusecs of additional water for our farmers, equivalent to the Bhakra Canal: CM Bhagwant Singh Mann*
*34 ITIs for girls, 30% reservation in others, AAP Govt is expanding women’s access to technical education: CM Bhagwant Singh Mann*
NANGAL/MOHALI/SANGHOL-TIMES/JATINDER-PAL-SINGH/31MARCH,2026-
Amid an aggressive push to transform Nangal into a hub of modern infrastructure, skill development and tourism, Punjab Chief Minister Bhagwant Singh Mann rolled out a ₹75 crore development package, anchored by North India’s first Glass Bridge, a ₹23 crore Centre of Excellence named after Kargil martyr Captain Amol Kalia, and major upgrades in education infrastructure.
Declaring these initiatives as a decisive break from years of stagnation, the Chief Minister outlined a governance model that combines industry-aligned skill training in cutting-edge fields such as Robotics, Electric Vehicles, Solar Technology and Drone Training, expanded access to technical education including for women, and large-scale water augmentation equivalent to the Bhakra Canal to strengthen Punjab’s agrarian backbone.
Positioning the development push alongside a political contrast, CM Bhagwant Singh Mann asserted that those who presided over the rise of the drug trade and weakened Punjab’s social fabric can never be forgiven, stating that the people of the state have moved decisively towards a model of honest governance focused on jobs, education and infrastructure.
After dedicating development works worth ₹75 crore to the people, Punjab CM Bhagwant Singh Mann stated, “The Akalis should be booked for the genocide of generations as the drug trade was patronised by them and flourished during their long misrule. The hands of these leaders are drenched with the blood of millions of youth who fell prey to drugs supplied in the state in their official vehicles. These sins are unpardonable and they can never be forgiven by the people for their long saga of misdeeds.”
Coming down heavily on the Akali leadership, CM Bhagwant Singh Mann asserted, “These are opportunist leaders who change their colours and stance like a chameleon as per their convenience and vested political interests. They have long fooled people by calling themselves farmers, but can they explain how any food grower acquires a huge fleet of buses and a lavish hotel in Gurgaon? All this has been accumulated by selling the interests of the state and its people for their vested political gains.”
The Punjab CM continued, “Sukhbir Singh Badal has lost his base among the masses and paid workers are being used to show crowds in rallies. In every Akali rally, the same crowd is present. Baffled by the unprecedented work done by the state government, he is making baseless and irrational statements. On the basis of such statements, the former Deputy Chief Minister is daydreaming about returning to power, which will never be possible.”
Referring to past incidents, he recalled, “The former Deputy Chief Minister claims massive development during their regime but turns a blind eye to Kotakpura, Behbal Kalan and other places where ‘beadbi’ (sacrilege) of Sri Guru Granth Sahib took place and innocents were killed. All of this happened under their regime. They have forgotten these ‘beadbi’ incidents and believe that people will forget them too, but people will not forget. Their family was complicit. Their ‘Punjab Bachao Yatra’ is actually a ‘Parivar Bachao Yatra’. After looting the state for 15 years, they must explain whom they are trying to save Punjab from. The Akalis have plundered the state mercilessly, bruised the psyche of Punjabis emotionally and patronised several mafias.”
“People are well aware of the dubious character of the Akalis and the Badal family, so their theatrics will not work anymore. Those leaders at whose residences canals used to stop earlier never cared about it. Sukhbir Singh Badal is a convent-educated leader who is unaware of the basic topography of Punjab but wants to rule the state,” the Punjab CM added.
Taking aim at broader political claims, he shared, “Those who claimed to be saviours of ‘pani’ (water) destroyed it, and those who projected themselves as sewadars of ‘bani’ failed to stop desecration. In the same way, a master of phraseology running the country has misled people throughout his tenure. The ₹15 lakh promised in every account has still not come, and people, especially women, have suffered due to unplanned policies.”
CM Bhagwant Singh Mann said, “In Congress, every leader wants to become Chief Minister. They have more chief ministerial faces than workers. That is why their top leader publicly snubbed them in a recent rally. The Congress is a divided house that will collapse due to internal infighting, even as its leaders continue to daydream about returning to power.”
Pointing to leadership issues, he continued, “It is unfortunate that top Congress leaders who come to unite their squabbling state leaders do not even know how to pronounce their names. These leaders have no vision for Punjab. Their only aim is to loot the state’s wealth by coming to power, but their dreams will never be fulfilled. Earlier these traditional parties waited for their turn to capture power, but now the broom is here to clean the mess created by them.”
Listing pro-people initiatives, CM Bhagwant Singh Mann emphasised, “Mukh Mantri Sehat Yojna has been launched under which health cards are being issued to all 65 lakh families in Punjab. Every family is entitled to free treatment up to ₹10 lakh, and more than 30 lakh beneficiaries have already received health cards. Around 2 lakh people have received free treatment under this scheme, and people must take maximum benefit of it.”
Highlighting power and irrigation reforms, he added, “For the first time in the state’s history, more than eight hours of uninterrupted power has been supplied to farm tube wells during the paddy season. As many as 6,900 km of 18,349 watercourses have been revived to ensure water reaches tail ends, greatly benefiting farmers. For the first time, farmers are receiving electricity during the daytime for irrigation, transforming their lives.”
On fiscal responsibility and women’s welfare, the Punjab CM further added, “Every single penny of the state exchequer is being utilised for the welfare of the people. Under the Maavan Dhian Satkar Yojna, ₹1000 per month is being given to women and ₹1500 to women from the SC communities above 18 years. This ambitious scheme will have a monumental impact on women’s upliftment by making them independent and empowered.”
Emphasising women’s empowerment, he said, “Strengthening women’s financial autonomy is essential for improving household welfare, promoting gender equity and enhancing women’s participation in decision-making. The scheme is expected to benefit more than 97% of women, making it one of the most comprehensive women-centric social protection initiatives in the country. It represents a landmark step towards ensuring direct economic support and reflects the government’s vision of real financial independence for women.”
Highlighting employment, CM Bhagwant Singh Mann said, “It is a matter of immense pride that more than 65,000 jobs have been provided to the youth of the state. All jobs have been given purely on merit without corruption or nepotism. This is making youth active partners in Punjab’s socio-economic development.”
Striking an emotional chord, he expressed, “Nangal is a sacred land and I feel fortunate to serve its people. It is surprising that due to failures of previous regimes, people living along the Satluj were deprived of water for drinking and agriculture. For the first time, water resources are being channelised properly in the state. Bhakra Canal has a capacity of 9,500 cusecs, but through our efforts, supply has been enhanced to 11,000 cusecs. In a way, we have created a new Bhakra canal without acquiring even an inch of land. For the first time in Punjab’s history, every single drop of water is being accounted for.”
Detailing further efforts, he said, “₹6,500 crore has been spent to rejuvenate the canal system to ensure water reaches tail ends, and for the first time, 1,444 villages are receiving canal water. We are committed to preserving every drop of Punjab’s water and no other state can take it forcibly. Last year, Haryana attempted such mischief but was taught a lesson and is now using its share judiciously.”
Announcing projects in Nangal, CM Bhagwant Singh Mann stated, “Today is a historic day as several major development projects are being dedicated. The foundation stone of Captain Amol Kalia Centre of Excellence has been laid at a cost of ₹23 crore. The martyr laid down his life at the age of 25 during the Kargil War, and the entire nation is proud of this brave son of Nangal. ₹23 crore will be spent on this institution which will train 540 students. Courses have been designed as per industry needs including Robotics, Electric Vehicle Technology, Solar Technician and 3D Printing. New courses like Civil Aviation, Air Hostess Training and Drone Technology will also be introduced.”
Sharing his vision, CM Bhagwant Singh Mann asserted, “This Centre of Excellence will become the best skill development hub in the region and generate employment for youth. ITI seat capacity has been increased from 32,000 to 52,308 in 2025–26, with 814 new industry-oriented courses introduced. There are 34 ITIs exclusively for girls and 30% seats are reserved for them in other ITIs.”
Pointing to technical education and tourism, he said, “In private ITIs, 5% seats are reserved for economically weaker students and 11 government ITIs, including Nangal, have been upgraded to Centres of Excellence with ₹22 crore spent on infrastructure and machinery. To promote tourism, a Glass Bridge will be constructed over the lake at Shivalik Park in Nangal. ₹10 crore will be spent on the Glass Bridge, the first of its kind in North India, to enhance the lake’s beauty and boost tourism, with completion expected within six months. A 500-seat auditorium will also be built at the School of Eminence in Nangal at a cost of ₹10 crore.”
On education infrastructure, he added, “A four-storey academic block with four laboratories and 12 classrooms will be constructed at a cost of ₹8 crore. A water treatment plant is also being set up, and no stone will be left unturned for the development of this assembly segment. I thank the people for their overwhelming support, which strengthens our commitment to make a ‘Rangla Punjab.’”
Meanwhile, senior AAP leader and Punjab Prabhari Manish Sisodia stated, “The massive response reflects people’s love for AAP, CM Bhagwant Singh Mann and cabinet minister Harjot Singh Bains. AAP was formed not just to change governments but to transform the system, which is why Punjab is progressing rapidly, especially in education and health. Opposition parties, rattled by this progress, tried to trap us in false cases, but court acquittals have proven our honesty. If Congress, Akalis or BJP return to power, they will end these public welfare schemes.”
Earlier, Cabinet Minister Harjot Singh Bains said, “This assembly segment has witnessed holistic development in every sphere, benefiting residents immensely. These historic initiatives will further accelerate development in the region.”
On the occasion Cabinet Minister Harjot Singh Bains, senior AAP leader and Punjab Prabhari Manish Sisodia and others were also present.
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*ਨੰਗਲ ਝੀਲ ‘ਤੇ ਉੱਤਰੀ ਭਾਰਤ ਦਾ ਪਹਿਲਾ ਗਲਾਸ ਬ੍ਰਿਜ ਬਣੇਗਾ: ਮੁੱਖ ਮੰਤਰੀ ਭਗਵੰਤ ਸਿੰਘ ਮਾਨ*
*ਮੁੱਖ ਮੰਤਰੀ ਭਗਵੰਤ ਸਿੰਘ ਮਾਨ ਨੇ ਕਰੋੜਾਂ ਰੁਪਏ ਦੇ ਵਿਕਾਸ ਕਾਰਜਾਂ ਦੇ ਉਦਘਾਟਨ ਨਾਲ ਨੰਗਲ ਦੇ ਵਿਕਾਸ ਵਿੱਚ ਲਿਆਂਦੀ ਤੇਜ਼ੀ*
*23 ਕਰੋੜ ਰੁਪਏ ਦੀ ਲਾਗਤ ਨਾਲ ਕਾਰਗਿਲ ਸ਼ਹੀਦ ਕੈਪਟਨ ਅਮੋਲ ਕਾਲੀਆ ਦੇ ਨਾਮ ‘ਤੇ ਸੈਂਟਰ ਆਫ਼ ਐਕਸੀਲੈਂਸ ਬਣਾਇਆ ਜਾਵੇਗਾ: ਮੁੱਖ ਮੰਤਰੀ ਭਗਵੰਤ ਸਿੰਘ ਮਾਨ*
*ਇਸ ਸੈਂਟਰ ਵਿੱਚ 540 ਨੌਜਵਾਨਾਂ ਨੂੰ ਉਦਯੋਗ ਪੱਖੀ ਸਿਖਲਾਈ ਦਿੱਤੀ ਜਾਵੇਗੀ, ਰੋਬੋਟਿਕਸ, ਈਵੀ, ਸੋਲਰ ਅਤੇ 3ਡੀ ਪ੍ਰਿੰਟਿੰਗ ਵਰਗੇ ਕੋਰਸ ਸ਼ੁਰੂ ਕੀਤੇ ਜਾਣਗੇ: ਮੁੱਖ ਮੰਤਰੀ ਭਗਵੰਤ ਸਿੰਘ ਮਾਨ*
*ਹੁਣ ਸਰਕਾਰੀ ਆਈ.ਟੀ.ਆਈ. ਵਿੱਚ ਸ਼ਹਿਰੀ ਹਵਾਬਾਜ਼ੀ , ਏਅਰ ਹੋਸਟੈੱਸ ਸਿਖਲਾਈ ਅਤੇ ਡਰੋਨ ਤਕਨਾਲੋਜੀ ਬਾਰੇ ਕੋਰਸ ਉਪਲਬਧ ਹੋਣਗੇ: ਮੁੱਖ ਮੰਤਰੀ ਭਗਵੰਤ ਸਿੰਘ ਮਾਨ*
*18 ਕਰੋੜ ਰੁਪਏ ਦੀ ਲਾਗਤ ਨਾਲ ਡਾ. ਬੀ.ਆਰ. ਅੰਬੇਡਕਰ ਸਕੂਲ ਆਫ਼ ਐਮੀਨੈਂਸ ਵਿਖੇ ਆਡੀਟੋਰੀਅਮ ਅਤੇ ਨਵਾਂ ਅਕਾਦਮਿਕ ਬਲਾਕ ਬਣਾਇਆ ਜਾਵੇਗਾ: ਮੁੱਖ ਮੰਤਰੀ ਭਗਵੰਤ ਸਿੰਘ ਮਾਨ*
*ਅਸੀਂ ਆਪਣੇ ਕਿਸਾਨਾਂ ਲਈ ਭਾਖੜਾ ਨਹਿਰ ਦੇ ਬਰਾਬਰ 11,000 ਕਿਊਸਿਕ ਵਾਧੂ ਪਾਣੀ ਯਕੀਨੀ ਬਣਾਇਆ: ਮੁੱਖ ਮੰਤਰੀ ਭਗਵੰਤ ਸਿੰਘ ਮਾਨ*
*ਲੜਕੀਆਂ ਲਈ 34 ਆਈ.ਟੀ.ਆਈਜ਼, ਹੋਰ ਆਈ.ਟੀ.ਆਈਜ਼ ਵਿੱਚ 30 ਫੀਸਦ ਰਾਖਵਾਂਕਰਨ ਪ੍ਰਦਾਨ ਕਰਕੇ ‘ਆਪ’ ਸਰਕਾਰ ਤਕਨੀਕੀ ਸਿੱਖਿਆ ਤੱਕ ਔਰਤਾਂ ਨੂੰ ਬਿਹਤਰ ਪਹੁੰਚ ਪ੍ਰਦਾਨ ਕਰ ਰਹੀ ਹੈ: ਮੁੱਖ ਮੰਤਰੀ ਭਗਵੰਤ ਸਿੰਘ ਮਾਨ*
NANGAL/MOHALI/SANGHOL-TIMES/JATINDER-PAL-SINGH/31MARCH,2026-
ਨੰਗਲ ਨੂੰ ਆਧੁਨਿਕ ਬੁਨਿਆਦੀ ਢਾਂਚੇ, ਹੁਨਰ ਵਿਕਾਸ ਅਤੇ ਸੈਰ-ਸਪਾਟੇ ਦੇ ਕੇਂਦਰ ਵਜੋਂ ਵਿਕਸਤ ਕਰਨ ਦੇ ਯਤਨਾਂ ਵਜੋਂ ਪੰਜਾਬ ਦੇ ਮੁੱਖ ਮੰਤਰੀ ਭਗਵੰਤ ਸਿੰਘ ਮਾਨ ਨੇ 75 ਕਰੋੜ ਰੁਪਏ ਦੇ ਵਿਕਾਸ ਪ੍ਰਾਜੈਕਟ ਦੀ ਸ਼ੁਰੂਆਤ ਕੀਤੀ, ਜਿਸ ਤਹਿਤ ਉੱਤਰੀ ਭਾਰਤ ਦਾ ਪਹਿਲਾ ਗਲਾਸ ਬ੍ਰਿਜ, ਕਾਰਗਿਲ ਸ਼ਹੀਦ ਕੈਪਟਨ ਅਮੋਲ ਕਾਲੀਆ ਦੇ ਨਾਮ ‘ਤੇ 23 ਕਰੋੜ ਰੁਪਏ ਦਾ ਸੈਂਟਰ ਆਫ਼ ਐਕਸੀਲੈਂਸ ਅਤੇ ਸਿੱਖਿਆ ਬੁਨਿਆਦੀ ਢਾਂਚੇ ਵਿੱਚ ਵੱਡੇ ਪੱਧਰ ‘ਤੇ ਅੱਪਗ੍ਰੇਡਸ਼ਨ ਕਰਨਾ ਸ਼ਾਮਲ ਹਨ।
ਮੁੱਖ ਮੰਤਰੀ ਨੇ ਇਹਨਾਂ ਪਹਿਲਕਦਮੀਆਂ ਨੂੰ ਵਿਕਾਸ ਵਿੱਚ ਸਾਲਾਂ ਤੋਂ ਆਈ ਖੜੋਤ ਨੂੰ ਦੂਰ ਕਰਨ ਪ੍ਰਤੀ ਫੈਸਲਾਕੁੰਨ ਕਦਮ ਦੱਸਦਿਆਂ ਇੱਕ ਅਜਿਹੇ ਪ੍ਰਸ਼ਾਸਨਿਕ ਮਾਡਲ ਦੀ ਰੂਪਰੇਖਾ ਦਿੱਤੀ ਜਿਸ ਵਿੱਚ ਰੋਬੋਟਿਕਸ, ਇਲੈਕਟ੍ਰਿਕ ਵਾਹਨ, ਸੂਰਜੀ ਤਕਨਾਲੋਜੀ ਅਤੇ ਡਰੋਨ ਸਿਖਲਾਈ ਵਰਗੇ ਅਤਿ-ਆਧੁਨਿਕ ਖੇਤਰਾਂ ਵਿੱਚ ਉਦਯੋਗ ਪੱਖੀ ਹੁਨਰ ਸਿਖਲਾਈ, ਔਰਤਾਂ ਲਈ ਤਕਨੀਕੀ ਸਿੱਖਿਆ ਤੱਕ ਪਹੁੰਚ ਅਤੇ ਪੰਜਾਬ ਦੀ ਖੇਤੀਬਾੜੀ ਰੀੜ੍ਹ ਦੀ ਹੱਡੀ ਨੂੰ ਮਜ਼ਬੂਤ ਕਰਨ ਲਈ ਭਾਖੜਾ ਨਹਿਰ ਦੇ ਬਰਾਬਰ ਵੱਡੇ ਪੱਧਰ ‘ਤੇ ਪਾਣੀ ਪ੍ਰਦਾਨ ਕਰਨਾ ਸ਼ਾਮਲ ਹੈ।
ਇਸ ਕਦਮ ਨੂੰ ਸਿਆਸੀ ਵਿਰੋਧ ਨਾਲ ਜੋੜਦਿਆਂ ਮੁੱਖ ਮੰਤਰੀ ਭਗਵੰਤ ਸਿੰਘ ਮਾਨ ਨੇ ਕਿਹਾ ਕਿ ਨਸ਼ਿਆਂ ਦੇ ਕਾਰੋਬਾਰ ਦੀ ਸਰਪ੍ਰਸਤੀ ਅਤੇ ਪੰਜਾਬ ਦੇ ਸਮਾਜਿਕ ਤਾਣੇ-ਬਾਣੇ ਨੂੰ ਕਮਜ਼ੋਰ ਕਰਨ ਵਾਲਿਆਂ ਨੂੰ ਕਦੇ ਵੀ ਮੁਆਫ਼ ਨਹੀਂ ਕੀਤਾ ਜਾ ਸਕਦਾ। ਉਨ੍ਹਾਂ ਕਿਹਾ ਕਿ ਸੂਬੇ ਦੇ ਲੋਕ ਨੌਕਰੀਆਂ, ਸਿੱਖਿਆ ਅਤੇ ਬੁਨਿਆਦੀ ਢਾਂਚੇ ‘ਤੇ ਕੇਂਦ੍ਰਿਤ ਇਮਾਨਦਾਰ ਸ਼ਾਸਨ ਦੇ ਮਾਡਲ ਵੱਲ ਨਿਰਣਾਇਕ ਤੌਰ ‘ਤੇ ਅੱਗੇ ਵਧ ਰਹੇ ਹਨ।
ਲੋਕਾਂ ਨੂੰ 75 ਕਰੋੜ ਰੁਪਏ ਦੇ ਵਿਕਾਸ ਕਾਰਜ ਸਮਰਪਿਤ ਕਰਨ ਉਪਰੰਤ ਪੰਜਾਬ ਦੇ ਮੁੱਖ ਮੰਤਰੀ ਭਗਵੰਤ ਸਿੰਘ ਮਾਨ ਨੇ ਕਿਹਾ, “ਅਕਾਲੀਆਂ ‘ਤੇ ਪੀੜ੍ਹੀਆਂ ਦੀ ਨਸਲਕੁਸ਼ੀ ਦਾ ਮੁਕੱਦਮਾ ਦਰਜ ਕੀਤਾ ਜਾਣਾ ਚਾਹੀਦਾ ਹੈ ਕਿਉਂਕਿ ਉਨ੍ਹਾਂ ਨੇ ਨਸ਼ਿਆਂ ਦੇ ਵਪਾਰ ਨੂੰ ਸਰਪ੍ਰਸਤੀ ਦਿੱਤੀ ਸੀ ਅਤੇ ਉਨ੍ਹਾਂ ਦੇ ਲੰਬੇ ਕੁਸ਼ਾਸਨ ਦੌਰਾਨ ਨਸ਼ਿਆਂ ਦੇ ਵਪਾਰ ਨੇ ਆਪਣੇ ਪੈਰ ਪਸਾਰੇ ਸਨ। ਇਨ੍ਹਾਂ ਆਗੂਆਂ ਦੇ ਹੱਥ ਆਪਣੇ ਸਰਕਾਰੀ ਵਾਹਨਾਂ ਵਿੱਚ ਸੂਬੇ ਵਿੱਚ ਸਪਲਾਈ ਕੀਤੇ ਜਾਣ ਵਾਲੇ ਨਸ਼ਿਆਂ ਦਾ ਸ਼ਿਕਾਰ ਹੋਏ ਲੱਖਾਂ ਨੌਜਵਾਨਾਂ ਦੇ ਖੂਨ ਨਾਲ ਰੰਗੇ ਹੋਏ ਹਨ। ਇਹ ਪਾਪ ਮੁਆਫ਼ ਨਹੀਂ ਕੀਤੇ ਜਾ ਸਕਦੇ ਅਤੇ ਇਹਨਾਂ ਆਗੂਆਂ ਨੂੰ ਲੋਕਾਂ ਵੱਲੋਂ ਉਨ੍ਹਾਂ ਦੇ ਗੁਨਾਹਾਂ ਲਈ ਕਦੇ ਵੀ ਮੁਆਫ਼ ਨਹੀਂ ਕੀਤਾ ਜਾ ਸਕਦਾ।”
ਅਕਾਲੀ ਲੀਡਰਸ਼ਿਪ ‘ਤੇ ਵਰ੍ਹਦਿਆਂ ਮੁੱਖ ਮੰਤਰੀ ਭਗਵੰਤ ਸਿੰਘ ਮਾਨ ਨੇ ਕਿਹਾ, “ਇਹ ਮੌਕਾਪ੍ਰਸਤ ਆਗੂ ਹਨ ਜੋ ਆਪਣੀ ਸਹੂਲਤ ਅਤੇ ਨਿੱਜੀ ਸਿਆਸੀ ਹਿੱਤਾਂ ਅਨੁਸਾਰ ਗਿਰਗਿਟ ਵਾਂਗ ਆਪਣਾ ਰੰਗ ਅਤੇ ਪੱਖ ਬਦਲਦੇ ਹਨ। ਉਨ੍ਹਾਂ ਨੇ ਲੰਬੇ ਸਮੇਂ ਤੋਂ ਆਪਣੇ ਆਪ ਨੂੰ ਕਿਸਾਨ ਕਹਿ ਕੇ ਲੋਕਾਂ ਨੂੰ ਮੂਰਖ ਬਣਾਇਆ ਹੈ ਪਰ ਕੀ ਉਹ ਦੱਸ ਸਕਦੇ ਹਨ ਕਿ ਕੋਈ ਵੀ ਅਨਾਜ ਉਤਪਾਦਕ ਬੱਸਾਂ ਦਾ ਇੱਕ ਵੱਡਾ ਬੇੜਾ ਅਤੇ ਗੁੜਗਾਓਂ ਵਿੱਚ ਇੱਕ ਆਲੀਸ਼ਾਨ ਹੋਟਲ ਕਿਵੇਂ ਬਣਾ ਸਕਦਾ ਹੈ? ਇਹ ਸਭ ਕੁਝ ਆਪਣੇ ਨਿੱਜੀ ਸਿਆਸੀ ਲਾਭਾਂ ਲਈ ਸੂਬੇ ਅਤੇ ਇਸ ਦੇ ਲੋਕਾਂ ਦੇ ਹਿੱਤਾਂ ਨੂੰ ਵੇਚ ਕੇ ਬਣਾਇਆ ਗਿਆ ਹੈ।”
ਪੰਜਾਬ ਦੇ ਮੁੱਖ ਮੰਤਰੀ ਨੇ ਕਿਹਾ, “ਸੁਖਬੀਰ ਸਿੰਘ ਬਾਦਲ ਨੇ ਜਨਤਾ ਵਿੱਚ ਆਪਣਾ ਵਿਸ਼ਵਾਸ਼ ਗੁਆ ਦਿੱਤਾ ਹੈ ਅਤੇ ਰੈਲੀਆਂ ਵਿੱਚ ਭੀੜ ਦਿਖਾਉਣ ਲਈ ਪੈਸੇ ਦੇ ਕੇ ਬੁਲਾਏ ਗਏ ਵਰਕਰਾਂ ਦੀ ਵਰਤੋਂ ਕੀਤੀ ਜਾ ਰਹੀ ਹੈ। ਹਰ ਅਕਾਲੀ ਰੈਲੀ ਵਿੱਚ ਉਹੀ ਭੀੜ ਮੌਜੂਦ ਹੁੰਦੀ ਹੈ। ਸੂਬਾ ਸਰਕਾਰ ਵੱਲੋਂ ਕੀਤੇ ਗਏ ਬੇਮਿਸਾਲ ਕੰਮਾਂ ਕਾਰਨ ਉਹ ਆਪਣਾ ਮਾਨਸਿਕ ਸੁਤੰਲਨ ਗੁਆ ਚੁੱਕੇ ਹਨ ਜਿਸ ਕਾਰਨ ਉਹ ਬੇਬੁਨਿਆਦ ਅਤੇ ਤਰਕਹੀਣ ਬਿਆਨ ਦੇ ਰਹੇ ਹਨ। ਅਜਿਹੇ ਬਿਆਨਾਂ ਦੇ ਆਧਾਰ ‘ਤੇ ਹੀ ਸਾਬਕਾ ਉਪ ਮੁੱਖ ਮੰਤਰੀ ਸੱਤਾ ਵਿੱਚ ਵਾਪਸੀ ਦੇ ਸੁਪਨੇ ਦੇਖ ਰਹੇ ਹਨ ਜੋ ਕਦੇ ਵੀ ਸੰਭਵ ਨਹੀਂ ਹੋਵੇਗਾ।”
ਪਿਛਲੀਆਂ ਘਟਨਾਵਾਂ ਦਾ ਜ਼ਿਕਰ ਕਰਦਿਆਂ ਉਨ੍ਹਾਂ ਕਿਹਾ, “ਸਾਬਕਾ ਉਪ ਮੁੱਖ ਮੰਤਰੀ ਦਾਅਵਾ ਕਰਦੇ ਹਨ ਕਿ ਉਹਨਾਂ ਨੇ ਆਪਣੇ ਸ਼ਾਸਨ ਦੌਰਾਨ ਵੱਡੇ ਪੱਧਰ ‘ਤੇ ਵਿਕਾਸ ਕਾਰਜ ਕੀਤੇ ਪਰ ਕੋਟਕਪੁਰਾ, ਬਹਿਬਲ ਕਲਾਂ ਅਤੇ ਹੋਰ ਥਾਵਾਂ ਜਿੱਥੇ ਸ੍ਰੀ ਗੁਰੂ ਗ੍ਰੰਥ ਸਾਹਿਬ ਦੀ ‘ਬੇਅਦਬੀ’ ਹੋਈ ਅਤੇ ਬੇਕਸੂਰਾਂ ਨੂੰ ਮਾਰਿਆ ਗਿਆ, ਬਾਰੇ ਚੁੱਪ ਕਿਉਂ ਬੈਠੇ ਹਨ। ਇਹ ਸਾਰੀਆਂ ਘਟਨਾਵਾਂ ਉਨ੍ਹਾਂ ਦੇ ਸ਼ਾਸਨ ਦੌਰਾਨ ਵਾਪਰੀਆਂ। ਉਹ ਇਨ੍ਹਾਂ ‘ਬੇਅਦਬੀ’ ਦੀਆਂ ਘਟਨਾਵਾਂ ਨੂੰ ਭੁੱਲ ਗਏ ਹਨ ਅਤੇ ਵਿਸ਼ਵਾਸ ਕਰਦੇ ਹਨ ਕਿ ਲੋਕ ਵੀ ਇਨ੍ਹਾਂ ਨੂੰ ਭੁੱਲ ਜਾਣਗੇ, ਪਰ ਲੋਕ ਇਸ ਨੂੰ ਕਦੇ ਨਹੀਂ ਭੁੱਲਣਗੇ। ਉਨ੍ਹਾਂ ਦਾ ਪਰਿਵਾਰ ਇਸ ਵਿੱਚ ਸ਼ਾਮਲ ਸੀ। ਉਨ੍ਹਾਂ ਦੀ ‘ਪੰਜਾਬ ਬਚਾਓ ਯਾਤਰਾ’ ਅਸਲ ਵਿੱਚ ‘ਪਰਿਵਾਰ ਬਚਾਓ ਯਾਤਰਾ’ ਹੈ। 15 ਸਾਲ ਸੂਬੇ ਨੂੰ ਲੁੱਟਣ ਤੋਂ ਬਾਅਦ ਉਨ੍ਹਾਂ ਨੂੰ ਇਹ ਦੱਸਣਾ ਚਾਹੀਦਾ ਹੈ ਕਿ ਉਹ ਪੰਜਾਬ ਨੂੰ ਕਿਸ ਤੋਂ ਬਚਾਉਣ ਦੀ ਕੋਸ਼ਿਸ਼ ਕਰ ਰਹੇ ਹਨ। ਅਕਾਲੀਆਂ ਨੇ ਸੂਬੇ ਨੂੰ ਬੁਰੀ ਤਰ੍ਹਾਂ ਲੁੱਟਿਆ ਹੈ, ਪੰਜਾਬੀਆਂ ਦੀ ਮਾਨਸਿਕਤਾ ਨੂੰ ਭਾਵਨਾਤਮਕ ਤੌਰ ‘ਤੇ ਕੁਚਲਿਆ ਹੈ ਅਤੇ ਮਾਫੀਆ ਨੂੰ ਸਰਪ੍ਰਸਤੀ ਦਿੱਤੀ ਹੈ।”
ਪੰਜਾਬ ਦੇ ਮੁੱਖ ਮੰਤਰੀ ਨੇ ਕਿਹਾ, “ਲੋਕ ਅਕਾਲੀਆਂ ਅਤੇ ਬਾਦਲ ਪਰਿਵਾਰ ਦੇ ਸ਼ੱਕੀ ਕਿਰਦਾਰ ਤੋਂ ਚੰਗੀ ਤਰ੍ਹਾਂ ਜਾਣੂ ਹਨ, ਇਸ ਲਈ ਲੋਕ ਹੁਣ ਉਨ੍ਹਾਂ ਦੇ ਝਾਂਸੇ ਵਿੱਚ ਨਹੀਂ ਆਉਣਗੇ। ਜਿਨ੍ਹਾਂ ਆਗੂਆਂ ਦੇ ਘਰਾਂ ਤੱਕ ਪਹਿਲਾਂ ਨਹਿਰਾਂ ਜਾਂਦੀਆਂ ਸਨ, ਉਨ੍ਹਾਂ ਨੇ ਕਦੇ ਇਸ ਦੀ ਪਰਵਾਹ ਨਹੀਂ ਕੀਤੀ। ਸੁਖਬੀਰ ਸਿੰਘ ਬਾਦਲ ਇੱਕ ਕਾਨਵੈਂਟ ਸਕੂਲ ਵਿੱਚ ਪੜ੍ਹੇ-ਲਿਖੇ ਆਗੂ ਹਨ ਜੋ ਪੰਜਾਬ ਦੀ ਮੁੱਢਲੀ ਭੂਗੋਲਿਕ ਸਥਿਤੀ ਤੋਂ ਪੂਰੀ ਤਰ੍ਹਾਂ ਅਣਜਾਣ ਹਨ ਪਰ ਫਿਰ ਵੀ ਉਹ ਸੂਬੇ ‘ਤੇ ਰਾਜ ਕਰਨਾ ਚਾਹੁੰਦੇ ਹਨ।”
ਵਿਆਪਕ ਸਿਆਸੀ ਦਾਅਵਿਆਂ ‘ਤੇ ਨਿਸ਼ਾਨਾ ਸਾਧਦਿਆਂ ਉਨ੍ਹਾਂ ਕਿਹਾ, “ਜਿਨ੍ਹਾਂ ਨੇ ਪਾਣੀ ਦੇ ਰਾਖੇ ਹੋਣ ਦਾ ਦਾਅਵਾ ਕੀਤਾ ਸੀ, ਉਨ੍ਹਾਂ ਨੇ ਹੀ ਇਸ ਨੂੰ ਬੁਰੀ ਤਰ੍ਹਾਂ ਤਬਾਹ ਕਰ ਦਿੱਤਾ ਅਤੇ ਜਿਨ੍ਹਾਂ ਨੇ ਆਪਣੇ ਆਪ ਨੂੰ ‘ਬਾਣੀ’ ਦੇ ਸੇਵਾਦਾਰ ਵਜੋਂ ਪੇਸ਼ ਕੀਤਾ ਉਹ ਹੀ ਬੇਅਦਬੀ ਨੂੰ ਰੋਕਣ ਵਿੱਚ ਅਸਫਲ ਰਹੇ। ਇਸੇ ਤਰ੍ਹਾਂ ਦੇਸ਼ ਨੂੰ ਚਲਾਉਣ ਵਾਲੇ ਜੁਮਲੇਬਾਜ਼ ਆਗੂ ਨੇ ਆਪਣੇ ਕਾਰਜਕਾਲ ਦੌਰਾਨ ਲੋਕਾਂ ਨੂੰ ਗੁੰਮਰਾਹ ਕੀਤਾ ਹੈ। ਦੇਸ਼ ਦੇ ਹਰ ਨਾਗਰਿਕ ਦੇ ਖਾਤੇ ਵਿੱਚ 15 ਲੱਖ ਰੁਪਏ ਭੇਜਣ ਦਾ ਵਾਅਦਾ ਅਜੇ ਤੱਕ ਪੂਰਾ ਨਹੀਂ ਹੋਇਆ ਅਤੇ ਲੋਕ, ਖਾਸ ਕਰਕੇ ਔਰਤਾਂ ਗੈਰ-ਯੋਜਨਾਬੱਧ ਨੀਤੀਆਂ ਕਾਰਨ ਦੁਖੀ ਹਨ।”
ਮੁੱਖ ਮੰਤਰੀ ਭਗਵੰਤ ਸਿੰਘ ਮਾਨ ਨੇ ਕਿਹਾ, “ਕਾਂਗਰਸ ਵਿੱਚ ਹਰ ਆਗੂ ਮੁੱਖ ਮੰਤਰੀ ਬਣਨਾ ਚਾਹੁੰਦਾ ਹੈ। ਉਨ੍ਹਾਂ ਕੋਲ ਵਰਕਰਾਂ ਨਾਲੋਂ ਵੱਧ ਮੁੱਖ ਮੰਤਰੀ ਦੇ ਚਿਹਰੇ ਹਨ। ਇਸੇ ਕਰਕੇ ਉਨ੍ਹਾਂ ਦੇ ਚੋਟੀ ਦੇ ਆਗੂ ਨੇ ਹਾਲ ਹੀ ਵਿੱਚ ਇੱਕ ਰੈਲੀ ਦੌਰਾਨ ਉਨ੍ਹਾਂ ਨੂੰ ਜਨਤਕ ਤੌਰ ‘ਤੇ ਫਿਟਕਾਰ ਲਗਾਈ ਸੀ। ਕਾਂਗਰਸ ਇੱਕ ਵੰਡਿਆ ਹੋਇਆ ਘਰ ਹੈ ਜੋ ਅੰਦਰੂਨੀ ਝਗੜੇ ਕਾਰਨ ਢਹਿ ਜਾਵੇਗਾ ਪਰ ਫਿਰ ਵੀ ਇਸਦੇ ਆਗੂ ਸੱਤਾ ਵਿੱਚ ਵਾਪਸ ਆਉਣ ਦੇ ਸੁਪਨੇ ਦੇਖਦੇ ਰਹਿੰਦੇ ਹਨ।”
ਲੀਡਰਸ਼ਿਪ ਸਬੰਧੀ ਮੁੱਦਿਆਂ ‘ਤੇ ਚਾਨਣਾ ਪਾਉਂਦਿਆਂ ਉਨ੍ਹਾਂ ਕਿਹਾ, “ਇਹ ਬਦਕਿਸਮਤੀ ਦੀ ਗੱਲ ਹੈ ਕਿ ਕਾਂਗਰਸ ਦੇ ਚੋਟੀ ਦੇ ਆਗੂ ਜੋ ਝਗੜੇ ਕਰ ਰਹੇ ਆਪਣੇ ਸੂਬਾਈ ਆਗੂਆਂ ਨੂੰ ਇੱਕਜੁੱਟ ਕਰਨ ਲਈ ਆਉਂਦੇ ਹਨ, ਨੂੰ ਉਨ੍ਹਾਂ ਦਾ ਨਾਮ ਵੀ ਉਚਾਰਨਾ ਨਹੀਂ ਆਉਂਦਾ। ਇਨ੍ਹਾਂ ਆਗੂਆਂ ਦਾ ਪੰਜਾਬ ਲਈ ਕੋਈ ਦ੍ਰਿਸ਼ਟੀਕੋਣ ਨਹੀਂ ਹੈ। ਉਨ੍ਹਾਂ ਦਾ ਇੱਕੋ ਇੱਕ ਉਦੇਸ਼ ਸੱਤਾ ਵਿੱਚ ਆ ਕੇ ਸੂਬੇ ਦੀ ਦੌਲਤ ਨੂੰ ਲੁੱਟਣਾ ਹੈ ਪਰ ਉਨ੍ਹਾਂ ਦੇ ਸੁਪਨੇ ਕਦੇ ਪੂਰੇ ਨਹੀਂ ਹੋਣਗੇ। ਪਹਿਲਾਂ ਇਹ ਰਵਾਇਤੀ ਪਾਰਟੀਆਂ ਸੱਤਾ ਹਾਸਲ ਕਰਨ ਲਈ ਆਪਣੀ ਵਾਰੀ ਦੀ ਉਡੀਕ ਕਰਦੀਆਂ ਸਨ ਪਰ ਹੁਣ ਝਾੜੂ ਨੇ ਇਹਨਾਂ ਦਾ ਪੂਰੀ ਤਰ੍ਹਾਂ ਸਫਾਇਆ ਕਰ ਦਿੱਤਾ ਹੈ।”
ਲੋਕ-ਪੱਖੀ ਪਹਿਲਕਦਮੀਆਂ ਦਾ ਜ਼ਿਕਰ ਕਰਦਿਆਂ ਮੁੱਖ ਮੰਤਰੀ ਭਗਵੰਤ ਸਿੰਘ ਮਾਨ ਨੇ ਕਿਹਾ, “ਸੂਬਾ ਸਰਕਾਰ ਵੱਲੋਂ ਮੁੱਖ ਮੰਤਰੀ ਸਿਹਤ ਯੋਜਨਾ ਸ਼ੁਰੂ ਕੀਤੀ ਗਈ ਹੈ ਜਿਸ ਤਹਿਤ ਪੰਜਾਬ ਦੇ ਸਾਰੇ 65 ਲੱਖ ਪਰਿਵਾਰਾਂ ਨੂੰ ਸਿਹਤ ਕਾਰਡ ਜਾਰੀ ਕੀਤੇ ਜਾ ਰਹੇ ਹਨ। ਇਸ ਤਹਿਤ ਹਰ ਪਰਿਵਾਰ ਨੂੰ 10 ਲੱਖ ਰੁਪਏ ਤੱਕ ਦਾ ਮੁਫ਼ਤ ਇਲਾਜ ਪ੍ਰਦਾਨ ਕੀਤਾ ਜਾ ਰਿਹਾ ਹੈ ਅਤੇ 30 ਲੱਖ ਤੋਂ ਵੱਧ ਲਾਭਪਾਤਰੀ ਪਹਿਲਾਂ ਹੀ ਸਿਹਤ ਕਾਰਡ ਪ੍ਰਾਪਤ ਕਰ ਚੁੱਕੇ ਹਨ। ਇਸ ਯੋਜਨਾ ਤਹਿਤ ਲਗਭਗ 2 ਲੱਖ ਲੋਕਾਂ ਨੂੰ ਮੁਫ਼ਤ ਇਲਾਜ ਮਿਲ ਚੁੱਕਾ ਹੈ ਅਤੇ ਲੋਕਾਂ ਨੂੰ ਇਸ ਦਾ ਵੱਧ ਤੋਂ ਵੱਧ ਲਾਹਾ ਲੈਣਾ ਚਾਹੀਦਾ ਹੈ।”
ਬਿਜਲੀ ਅਤੇ ਸਿੰਚਾਈ ਖੇਤਰ ਵਿੱਚ ਕੀਤੇ ਸੁਧਾਰਾਂ ਨੂੰ ਉਜਾਗਰ ਕਰਦਿਆਂ ਉਨ੍ਹਾਂ ਅੱਗੇ ਕਿਹਾ, “ਸੂਬੇ ਦੇ ਇਤਿਹਾਸ ਵਿੱਚ ਪਹਿਲੀ ਵਾਰ ਝੋਨੇ ਦੇ ਸੀਜ਼ਨ ਦੌਰਾਨ ਖੇਤਾਂ ਦੇ ਟਿਊਬਵੈੱਲਾਂ ਨੂੰ ਅੱਠ ਘੰਟੇ ਤੋਂ ਵੱਧ ਨਿਰਵਿਘਨ ਬਿਜਲੀ ਦਿੱਤੀ ਜਾ ਰਹੀ ਹੈ।ਸੂਬੇ ਵਿੱਚ 6,900 ਕਿਲੋਮੀਟਰ ਲੰਮੇ 18,349 ਖਾਲਿਆਂ ਨੂੰ ਬਹਾਲ ਕੀਤਾ ਗਿਆ ਹੈ ਤਾਂ ਜੋ ਨਹਿਰੀ ਪਾਣੀ ਸੂਬੇ ਦੇ ਦੂਰ-ਦਰਾਡੇ ਦੇ ਖੇਤਰਾਂ ਤੱਕ ਪਹੁੰਚਾਇਆ ਜਾ ਸਕੇ ਅਤੇ ਇਸ ਨਾਲ ਕਿਸਾਨਾਂ ਨੂੰ ਬਹੁਤ ਫਾਇਦਾ ਹੋਇਆ ਹੈ। ਪਹਿਲੀ ਵਾਰ, ਕਿਸਾਨਾਂ ਨੂੰ ਸਿੰਚਾਈ ਲਈ ਦਿਨ ਵੇਲੇ ਬਿਜਲੀ ਮਿਲ ਰਹੀ ਹੈ ਜਿਸ ਨਾਲ ਉਨ੍ਹਾਂ ਦੀ ਜ਼ਿੰਦਗੀ ਬਦਲ ਰਹੀ ਹੈ।”
ਵਿੱਤੀ ਜ਼ਿੰਮੇਵਾਰੀ ਅਤੇ ਔਰਤਾਂ ਦੀ ਭਲਾਈ ਬਾਰੇ ਪੰਜਾਬ ਦੇ ਮੁੱਖ ਮੰਤਰੀ ਨੇ ਅੱਗੇ ਕਿਹਾ ਕਿ ਸਰਕਾਰੀ ਖਜ਼ਾਨੇ ਦਾ ਇੱਕ-ਇੱਕ ਪੈਸਾ ਲੋਕਾਂ ਦੀ ਭਲਾਈ ਲਈ ਵਰਤਿਆ ਜਾ ਰਿਹਾ ਹੈ। ਮਾਵਾਂ ਧੀਆਂ ਸਤਿਕਾਰ ਯੋਜਨਾ ਤਹਿਤ 18 ਸਾਲ ਤੋਂ ਵੱਧ ਉਮਰ ਦੀਆਂ ਔਰਤਾਂ ਨੂੰ ਪ੍ਰਤੀ ਮਹੀਨਾ 1000 ਰੁਪਏ ਅਤੇ ਅਨੁਸੂਚਿਤ ਜਾਤੀ ਭਾਈਚਾਰੇ ਦੀਆਂ ਔਰਤਾਂ ਨੂੰ 1500 ਰੁਪਏ ਦਿੱਤੇ ਜਾਣਗੇ। ਇਹ ਯੋਜਨਾ ਔਰਤਾਂ ਨੂੰ ਸੁਤੰਤਰ ਅਤੇ ਸਸ਼ਕਤ ਬਣਾ ਕੇ ਉਨ੍ਹਾਂ ਦੇ ਵਿਕਾਸ ‘ਤੇ ਇੱਕ ਮਹੱਤਵਪੂਰਨ ਪ੍ਰਭਾਵ ਪਾਵੇਗੀ।
ਔਰਤਾਂ ਦੇ ਸਸ਼ਕਤੀਕਰਨ ‘ਤੇ ਜ਼ੋਰ ਦਿੰਦਿਆਂ ਉਨ੍ਹਾਂ ਕਿਹਾ ਕਿ ਔਰਤਾਂ ਦੀ ਭਲਾਈ, ਲਿੰਗ ਸਮਾਨਤਾ ਨੂੰ ਉਤਸ਼ਾਹਿਤ ਕਰਨ ਅਤੇ ਫੈਸਲਾ ਲੈਣ ਵਿੱਚ ਔਰਤਾਂ ਦੀ ਭਾਗੀਦਾਰੀ ਨੂੰ ਵਧਾਉਣ ਲਈ ਉਨ੍ਹਾਂ ਦੀ ਵਿੱਤੀ ਸੁਤੰਤਰਤਾ ਨੂੰ ਮਜ਼ਬੂਤ ਕਰਨਾ ਬਹੁਤ ਜ਼ਰੂਰੀ ਹੈ। ਇਸ ਯੋਜਨਾ ਨਾਲ 97 ਫ਼ੀਸਦ ਤੋਂ ਵੱਧ ਔਰਤਾਂ ਨੂੰ ਲਾਭ ਹੋਣ ਦੀ ਉਮੀਦ ਹੈ, ਜੋ ਇਸ ਨੂੰ ਦੇਸ਼ ਵਿੱਚ ਸਭ ਤੋਂ ਵਿਆਪਕ ਮਹਿਲਾ-ਕੇਂਦ੍ਰਿਤ ਸਮਾਜਿਕ ਸੁਰੱਖਿਆ ਪਹਿਲਕਦਮੀਆਂ ਵਿੱਚੋਂ ਇੱਕ ਬਣਾਉਂਦੀ ਹੈ। ਇਹ ਔਰਤਾਂ ਲਈ ਆਰਥਿਕ ਸਹਾਇਤਾ ਨੂੰ ਯਕੀਨੀ ਬਣਾਉਣ ਵੱਲ ਮਹੱਤਵਪੂਰਨ ਕਦਮ ਦਰਸਾਉਂਦਾ ਹੈ ਅਤੇ ਔਰਤਾਂ ਲਈ ਅਸਲ ਵਿੱਤੀ ਆਜ਼ਾਦੀ ਦੇ ਸਰਕਾਰ ਦੇ ਦ੍ਰਿਸ਼ਟੀਕੋਣ ਨੂੰ ਦਰਸਾਉਂਦਾ ਹੈ।
ਰੋਜ਼ਗਾਰ ‘ਤੇ ਚਾਨਣਾ ਪਾਉਂਦਿਆਂ ਮੁੱਖ ਮੰਤਰੀ ਭਗਵੰਤ ਸਿੰਘ ਮਾਨ ਨੇ ਕਿਹਾ ਕਿ ਇਹ ਬਹੁਤ ਮਾਣ ਵਾਲੀ ਗੱਲ ਹੈ ਕਿ ਸੂਬੇ ਦੇ ਨੌਜਵਾਨਾਂ ਨੂੰ 65,000 ਤੋਂ ਵੱਧ ਸਰਕਾਰੀ ਨੌਕਰੀਆਂ ਪ੍ਰਦਾਨ ਕੀਤੀਆਂ ਗਈਆਂ ਹਨ। ਸਾਰੀਆਂ ਨੌਕਰੀਆਂ ਬਿਨਾਂ ਕਿਸੇ ਭ੍ਰਿਸ਼ਟਾਚਾਰ ਅਤੇ ਭਾਈ-ਭਤੀਜਾਵਾਦ ਨੂੰ ਨਜ਼ਰਅੰਦਾਜ ਕਰਕੇ ਪੂਰੀ ਤਰ੍ਹਾਂ ਯੋਗਤਾ ਦੇ ਆਧਾਰ ‘ਤੇ ਦਿੱਤੀਆਂ ਗਈਆਂ ਹਨ। ਇਹ ਕਦਮ ਨੌਜਵਾਨਾਂ ਨੂੰ ਪੰਜਾਬ ਦੇ ਸਮਾਜਿਕ-ਆਰਥਿਕ ਵਿਕਾਸ ਵਿੱਚ ਸਰਗਰਮ ਭਾਈਵਾਲ ਬਣਾ ਰਿਹਾ ਹੈ।
ਉਨ੍ਹਾਂ ਕਿਹਾ ਕਿ ਨੰਗਲ ਇੱਕ ਪਵਿੱਤਰ ਧਰਤੀ ਹੈ ਅਤੇ ਮੈਂ ਇਸ ਦੇ ਲੋਕਾਂ ਦੀ ਸੇਵਾ ਕਰਨ ਲਈ ਭਾਗਸ਼ਾਲੀ ਮਹਿਸੂਸ ਕਰਦਾ ਹਾਂ। ਇਹ ਹੈਰਾਨੀ ਵਾਲੀ ਗੱਲ ਹੈ ਕਿ ਪਿਛਲੀਆਂ ਸਰਕਾਰਾਂ ਦੀਆਂ ਅਸਫਲਤਾਵਾਂ ਕਾਰਨ ਸਤਲੁਜ ਦਰਿਆ ਦੇ ਨਾਲ ਰਹਿਣ ਵਾਲੇ ਲੋਕਾਂ ਨੂੰ ਵੀ ਖੇਤੀਬਾੜੀ ਅਤੇ ਪੀਣ ਯੋਗ ਪਾਣੀ ਤੋਂ ਵਾਂਝਾ ਰੱਖਿਆ ਗਿਆ ਸੀ। ਪਹਿਲੀ ਵਾਰ ਸੂਬੇ ਵਿੱਚ ਜਲ ਸਰੋਤਾਂ ਨੂੰ ਸਹੀ ਢੰਗ ਨਾਲ ਵਰਤਿਆ ਗਿਆ ਹੈ। ਭਾਖੜਾ ਨਹਿਰ ਦੀ ਸਮਰੱਥਾ 9,500 ਕਿਊਸਿਕ ਹੈ, ਪਰ ਸਾਡੇ ਯਤਨਾਂ ਰਾਹੀਂ ਇਸ ਦੀ ਸਪਲਾਈ ਨੂੰ 11,000 ਕਿਊਸਿਕ ਤੱਕ ਵਧਾ ਦਿੱਤੀ ਗਈ ਹੈ। ਇੱਕ ਤਰ੍ਹਾਂ ਅਸੀਂ ਇੱਕ ਇੰਚ ਵੀ ਜ਼ਮੀਨ ਪ੍ਰਾਪਤ ਕੀਤੇ ਬਿਨਾਂ ਇੱਕ ਨਵੀਂ ਭਾਖੜਾ ਨਹਿਰ ਬਣਾਈ ਹੈ। ਪੰਜਾਬ ਦੇ ਇਤਿਹਾਸ ਵਿੱਚ ਪਹਿਲੀ ਵਾਰ ਪਾਣੀ ਦੀ ਹਰ ਬੂੰਦ ਦਾ ਹਿਸਾਬ ਰੱਖਿਆ ਗਿਆ ਹੈ।
ਹੋਰ ਯਤਨਾਂ ਦਾ ਵੇਰਵਾ ਦਿੰਦਿਆਂ ਉਨ੍ਹਾਂ ਕਿਹਾ, “ਪਾਣੀ ਨੂੰ ਟੇਲਾਂ ਤੱਕ ਪਹੁੰਚਾਉਣ ਲਈ ਨਹਿਰੀ ਪ੍ਰਣਾਲੀ ਨੂੰ ਮੁੜ ਸੁਰਜੀਤ ਕਰਨ ਲਈ 6,500 ਕਰੋੜ ਰੁਪਏ ਖਰਚ ਕੀਤੇ ਗਏ ਹਨ ਅਤੇ ਪਹਿਲੀ ਵਾਰ 1,444 ਪਿੰਡ ਨਹਿਰੀ ਪਾਣੀ ਪ੍ਰਾਪਤ ਕਰ ਰਹੇ ਹਨ। ਅਸੀਂ ਪੰਜਾਬ ਦੇ ਪਾਣੀ ਦੀ ਹਰ ਬੂੰਦ ਨੂੰ ਸੁਰੱਖਿਅਤ ਰੱਖਣ ਲਈ ਵਚਨਬੱਧ ਹਾਂ ਅਤੇ ਕੋਈ ਹੋਰ ਰਾਜ ਇਸਨੂੰ ਜ਼ਬਰਦਸਤੀ ਨਹੀਂ ਲੈ ਸਕਦਾ। ਪਿਛਲੇ ਸਾਲ ਹਰਿਆਣਾ ਨੇ ਅਜਿਹੀ ਚਾਲ ਚਲਣ ਦੀ ਕੋਸ਼ਿਸ਼ ਕੀਤੀ ਪਰ ਉਸਨੂੰ ਸਬਕ ਸਿਖਾਇਆ ਗਿਆ ਅਤੇ ਹੁਣ ਉਹ ਆਪਣੇ ਹਿੱਸੇ ਦੀ ਸਮਝਦਾਰੀ ਨਾਲ ਵਰਤੋਂ ਕਰ ਰਿਹਾ ਹੈ।
ਨੰਗਲ ਵਿੱਚ ਪ੍ਰੋਜੈਕਟਾਂ ਦਾ ਐਲਾਨ ਕਰਦਿਆਂ ਮੁੱਖ ਮੰਤਰੀ ਭਗਵੰਤ ਸਿੰਘ ਮਾਨ ਨੇ ਕਿਹਾ, “ਅੱਜ ਇੱਕ ਇਤਿਹਾਸਕ ਦਿਨ ਹੈ ਕਿਉਂਕਿ ਕਈ ਵੱਡੇ ਵਿਕਾਸ ਪ੍ਰੋਜੈਕਟ ਸਮਰਪਿਤ ਕੀਤੇ ਜਾ ਰਹੇ ਹਨ। 23 ਕਰੋੜ ਰੁਪਏ ਦੀ ਲਾਗਤ ਨਾਲ ਕੈਪਟਨ ਅਮੋਲ ਕਾਲੀਆ ਸੈਂਟਰ ਆਫ਼ ਐਕਸੀਲੈਂਸ ਦਾ ਨੀਂਹ ਪੱਥਰ ਰੱਖਿਆ ਗਿਆ ਹੈ। ਸ਼ਹੀਦ ਨੇ ਕਾਰਗਿਲ ਯੁੱਧ ਦੌਰਾਨ 25 ਸਾਲ ਦੀ ਉਮਰ ਵਿੱਚ ਆਪਣੀ ਜਾਨ ਦੇ ਦਿੱਤੀ ਸੀ, ਅਤੇ ਪੂਰਾ ਦੇਸ਼ ਨੰਗਲ ਦੇ ਇਸ ਬਹਾਦਰ ਪੁੱਤਰ ‘ਤੇ ਮਾਣ ਕਰਦਾ ਹੈ। ਇਸ ਸੰਸਥਾ ‘ਤੇ 23 ਕਰੋੜ ਰੁਪਏ ਖਰਚ ਕੀਤੇ ਜਾਣਗੇ ਜੋ 540 ਵਿਦਿਆਰਥੀਆਂ ਨੂੰ ਸਿਖਲਾਈ ਦੇਵੇਗਾ। ਕੋਰਸ ਉਦਯੋਗ ਦੀਆਂ ਜ਼ਰੂਰਤਾਂ ਅਨੁਸਾਰ ਤਿਆਰ ਕੀਤੇ ਗਏ ਹਨ ਜਿਨ੍ਹਾਂ ਵਿੱਚ ਰੋਬੋਟਿਕਸ, ਇਲੈਕਟ੍ਰਿਕ ਵਾਹਨ ਤਕਨਾਲੋਜੀ, ਸੋਲਰ ਟੈਕਨੀਸ਼ੀਅਨ ਅਤੇ 3ਡੀ ਪ੍ਰਿੰਟਿੰਗ ਸ਼ਾਮਲ ਹਨ। ਇਸ ਵਿੱਚ ਸਿਵਲ ਏਵੀਏਸ਼ਨ, ਏਅਰ ਹੋਸਟੇਸ ਸਿਖਲਾਈ ਅਤੇ ਡਰੋਨ ਤਕਨਾਲੋਜੀ ਵਰਗੇ ਕਈ ਨਵੇਂ ਕੋਰਸ ਵੀ ਸ਼ੁਰੂ ਕੀਤੇ ਜਾਣਗੇ।
ਆਪਣੇ ਦ੍ਰਿਸ਼ਟੀਕੋਣ ਨੂੰ ਸਾਂਝਾ ਕਰਦਿਆਂ ਮੁੱਖ ਮੰਤਰੀ ਭਗਵੰਤ ਸਿੰਘ ਮਾਨ ਨੇ ਜ਼ੋਰ ਦਿੰਦਿਆਂ ਕਿਹਾ ਕਿ ਇਹ ਸੈਂਟਰ ਆਫ਼ ਐਕਸੀਲੈਂਸ ਖੇਤਰ ਦਾ ਸਭ ਤੋਂ ਵਧੀਆ ਹੁਨਰ ਵਿਕਾਸ ਕੇਂਦਰ ਬਣ ਜਾਵੇਗਾ ਅਤੇ ਨੌਜਵਾਨਾਂ ਲਈ ਰੁਜ਼ਗਾਰ ਪੈਦਾ ਕਰੇਗਾ। ਸਾਲ 2025-26 ਵਿੱਚ ਸਾਰੀਆਂ ਆਈ.ਟੀ.ਆਈਜ਼ ਵਿੱਚ ਸੀਟਾਂ ਦੀ ਸਮਰੱਥਾ 32,000 ਤੋਂ ਵਧਾ ਕੇ 52,308 ਕਰ ਦਿੱਤੀ ਗਈ ਹੈ, ਜਿਸ ਵਿੱਚ 814 ਨਵੇਂ ਉਦਯੋਗ-ਅਧਾਰਿਤ ਕੋਰਸ ਸ਼ੁਰੂ ਕੀਤੇ ਗਏ ਹਨ। 34 ਆਈ.ਟੀ.ਆਈ. ਵਿਸ਼ੇਸ਼ ਤੌਰ ‘ਤੇ ਲੜਕੀਆਂ ਲਈ ਹਨ ਅਤੇ ਹੋਰ ਆਈ.ਟੀ.ਆਈ. ਵਿੱਚ ਉਨ੍ਹਾਂ ਲਈ 30 ਫ਼ੀਸਦ ਸੀਟਾਂ ਰਾਖਵੀਆਂ ਹਨ।
ਤਕਨੀਕੀ ਸਿੱਖਿਆ ਅਤੇ ਸੈਰ-ਸਪਾਟੇ ਬਾਰੇ ਉਨ੍ਹਾਂ ਕਿਹਾ, “ਨਿੱਜੀ ਆਈ.ਟੀ.ਆਈ. ਵਿੱਚ ਆਰਥਿਕ ਤੌਰ ‘ਤੇ ਕਮਜ਼ੋਰ ਵਿਦਿਆਰਥੀਆਂ ਲਈ 5 ਫ਼ੀਸਦ ਸੀਟਾਂ ਰਾਖਵੀਆਂ ਹਨ ਅਤੇ ਨੰਗਲ ਸਮੇਤ 11 ਸਰਕਾਰੀ ਆਈ.ਟੀ.ਆਈ. ਨੂੰ ਸੈਂਟਰ ਆਫ਼ ਐਕਸੀਲੈਂਸ ਵਿੱਚ ਅਪਗ੍ਰੇਡ ਕੀਤਾ ਗਿਆ ਹੈ, ਜਿਸ ਵਿੱਚ 22 ਕਰੋੜ ਰੁਪਏ ਬੁਨਿਆਦੀ ਢਾਂਚੇ ਅਤੇ ਮਸ਼ੀਨਰੀ ‘ਤੇ ਖਰਚ ਕੀਤੇ ਗਏ ਹਨ। ਸੈਰ-ਸਪਾਟੇ ਨੂੰ ਉਤਸ਼ਾਹਿਤ ਕਰਨ ਲਈ ਨੰਗਲ ਦੇ ਸ਼ਿਵਾਲਿਕ ਪਾਰਕ ਵਿਖੇ ਝੀਲ ‘ਤੇ ਗਲਾਸ ਬ੍ਰਿਜ ਬਣਾਇਆ ਜਾਵੇਗਾ। ਇਸ ਗਲਾਸ ਬ੍ਰਿਜ ‘ਤੇ 10 ਕਰੋੜ ਰੁਪਏ ਖਰਚ ਕੀਤੇ ਜਾਣਗੇ, ਜੋ ਕਿ ਉੱਤਰੀ ਭਾਰਤ ਵਿੱਚ ਆਪਣੀ ਕਿਸਮ ਦਾ ਪਹਿਲਾ ਬ੍ਰਿਜ ਹੋਵੇਗਾ। ਇਸ ਦੇ ਨਾਲ ਹੀ ਝੀਲ ਦੀ ਸੁੰਦਰਤਾ ਨੂੰ ਵਧਾਉਣ ਅਤੇ ਸੈਰ-ਸਪਾਟੇ ਨੂੰ ਹੁਲਾਰਾ ਦੇਣ ਲਈ, ਇਸ ਬ੍ਰਿਜ ਦੇ ਛੇ ਮਹੀਨਿਆਂ ਦੇ ਅੰਦਰ ਪੂਰਾ ਹੋਣ ਦੀ ਉਮੀਦ ਹੈ। ਨੰਗਲ ਦੇ ਸਕੂਲ ਆਫ਼ ਐਮੀਨੈਂਸ ਵਿੱਚ 10 ਕਰੋੜ ਰੁਪਏ ਦੀ ਲਾਗਤ ਨਾਲ 500 ਸੀਟਾਂ ਵਾਲਾ ਆਡੀਟੋਰੀਅਮ ਵੀ ਬਣਾਇਆ ਜਾਵੇਗਾ।”
ਸਿੱਖਿਆ ਦੇ ਬੁਨਿਆਦੀ ਢਾਂਚੇ ਬਾਰੇ ਉਨ੍ਹਾਂ ਕਿਹਾ ਕਿ ਚਾਰ ਪ੍ਰਯੋਗਸ਼ਾਲਾਵਾਂ ਅਤੇ 12 ਕਲਾਸਰੂਮਾਂ ਵਾਲਾ ਇੱਕ ਚਾਰ ਮੰਜ਼ਿਲਾ ਅਕਾਦਮਿਕ ਬਲਾਕ 8 ਕਰੋੜ ਰੁਪਏ ਦੀ ਲਾਗਤ ਨਾਲ ਬਣਾਇਆ ਜਾਵੇਗਾ। ਇੱਕ ਵਾਟਰ ਟ੍ਰੀਟਮੈਂਟ ਪਲਾਂਟ ਵੀ ਸਥਾਪਤ ਕੀਤਾ ਜਾ ਰਿਹਾ ਹੈ, ਅਤੇ ਇਸ ਵਿਧਾਨ ਸਭਾ ਖੇਤਰ ਦੇ ਵਿਕਾਸ ਲਈ ਕੋਈ ਕਸਰ ਬਾਕੀ ਨਹੀਂ ਛੱਡੀ ਜਾਵੇਗੀ। ਉਨ੍ਹਾਂ ਅੱਗੇ ਕਿਹਾ ਕਿ ਮੈਂ ਲੋਕਾਂ ਦਾ ਉਨ੍ਹਾਂ ਦੇ ਭਾਰੀ ਸਮਰਥਨ ਲਈ ਧੰਨਵਾਦ ਕਰਦਾ ਹਾਂ, ਜੋ ‘ਰੰਗਲਾ ਪੰਜਾਬ’ ਬਣਾਉਣ ਦੀ ਸਾਡੀ ਵਚਨਬੱਧਤਾ ਨੂੰ ਹੋਰ ਮਜ਼ਬੂਤ ਕਰਦਾ ਹੈ।
ਇਸ ਦੌਰਾਨ ਸੀਨੀਅਰ ‘ਆਪ’ ਆਗੂ ਅਤੇ ਪੰਜਾਬ ਪ੍ਰਭਾਰੀ ਮਨੀਸ਼ ਸਿਸੋਦੀਆ ਨੇ ਕਿਹਾ ਕਿ ਸੂਬਾ ਵਾਸੀਆਂ ਦਾ ਵੱਡਾ ਹੁੰਗਾਰਾ ‘ਆਪ’, ਮੁੱਖ ਮੰਤਰੀ ਭਗਵੰਤ ਸਿੰਘ ਮਾਨ ਅਤੇ ਕੈਬਨਿਟ ਮੰਤਰੀ ਹਰਜੋਤ ਸਿੰਘ ਬੈਂਸ ਪ੍ਰਤੀ ਲੋਕਾਂ ਦੇ ਪਿਆਰ ਨੂੰ ਦਰਸਾਉਂਦਾ ਹੈ। ‘ਆਪ’ ਦਾ ਗਠਨ ਸਿਰਫ਼ ਸਰਕਾਰਾਂ ਬਦਲਣ ਲਈ ਨਹੀਂ ਸਗੋਂ ਸਿਸਟਮ ਨੂੰ ਬਦਲਣ ਲਈ ਕੀਤਾ ਗਿਆ ਸੀ, ਜਿਸ ਕਾਰਨ ਪੰਜਾਬ ਸਿੱਖਿਆ ਅਤੇ ਸਿਹਤ ਵਰਗੇ ਖੇਤਰਾਂ ਵਿੱਚ ਤੇਜ਼ੀ ਨਾਲ ਤਰੱਕੀ ਕਰ ਰਿਹਾ ਹੈ। ਇਸ ਵਿਕਾਸ ਤੋਂ ਘਬਰਾਏ ਵਿਰੋਧੀ ਪਾਰਟੀਆਂ ਨੇ ਸਾਨੂੰ ਝੂਠੇ ਮਾਮਲਿਆਂ ਵਿੱਚ ਫਸਾਉਣ ਦੀ ਕੋਸ਼ਿਸ਼ ਕੀਤੀ, ਪਰ ਅਦਾਲਤ ਤੋਂ ਬਰੀ ਹੋ ਕੇ ਅਸੀਂ ਆਪਣੀ ਇਮਾਨਦਾਰੀ ਨੂੰ ਸਾਬਤ ਕਰ ਦਿੱਤਾ ਹੈ। ਜੇਕਰ ਕਾਂਗਰਸ, ਅਕਾਲੀ ਜਾਂ ਭਾਜਪਾ ਸੱਤਾ ਵਿੱਚ ਵਾਪਸ ਆਉਂਦੇ ਹਨ, ਤਾਂ ਉਹ ਇਨ੍ਹਾਂ ਲੋਕ ਭਲਾਈ ਯੋਜਨਾਵਾਂ ਨੂੰ ਖਤਮ ਕਰ ਦੇਣਗੇ।
ਇਸ ਤੋਂ ਪਹਿਲਾਂ ਕੈਬਨਿਟ ਮੰਤਰੀ ਹਰਜੋਤ ਸਿੰਘ ਬੈਂਸ ਨੇ ਕਿਹਾ, “ਇਸ ਵਿਧਾਨ ਸਭਾ ਹਲਕੇ ਦੇ ਹਰ ਖੇਤਰ ਵਿੱਚ ਸੰਪੂਰਨ ਵਿਕਾਸ ਹੋਇਆ ਹੈ, ਜਿਸ ਨਾਲ ਵਸਨੀਕਾਂ ਨੂੰ ਬਹੁਤ ਲਾਭ ਹੋ ਰਿਹਾ ਹੈ। ਇਹ ਇਤਿਹਾਸਕ ਪਹਿਲਕਦਮੀਆਂ ਇਸ ਖੇਤਰ ਵਿੱਚ ਵਿਕਾਸ ਦੀ ਗਤੀ ਨੂੰ ਹੋਰ ਤੇਜ਼ ਕਰਨਗੀਆਂ।”
ਇਸ ਮੌਕੇ ਕੈਬਨਿਟ ਮੰਤਰੀ ਹਰਜੋਤ ਸਿੰਘ ਬੈਂਸ, ਸੀਨੀਅਰ ‘ਆਪ’ ਆਗੂ ਅਤੇ ਪੰਜਾਬ ਪ੍ਰਭਾਰੀ ਮਨੀਸ਼ ਸਿਸੋਦੀਆ ਅਤੇ ਹੋਰ ਵੀ ਮੌਜੂਦ ਸਨ।
