कैसरगंज से बृजभूषण के बेटे और प्रज्वल रेवन्ना जैसे उम्मीदवारों को मैदान में उतारना संपूर्ण नारी जाति का अपमान : पूरे देश में महिलाएं भारी गुस्से में
लखीमपुर खीरी में किसानों के नरसंहार के मास्टरमाइंड अजय मिश्रा टेनी को एनडीए द्वारा मैदान में उतारने से किसानों का गुस्सा भड़का
सत्ता में बने रहने के लिए भाजपा आपराधिक गिरोहों के दबाव में, इसलिए “भाजपा को बेनकाब करो, विरोध करो, सजा दो”
एसकेएम की अपील : राजनीतिक नैतिकता में कमी और राजनीति के अपराधीकरण का पुरजोर विरोध करें आम जनता
Sanghol Times/नई दिल्ली/संगरूर/दलजीत कौर/05 मई 2024: संयुक्त किसान मोर्चा (एसकेएम) ने 18वीं लोकसभा चुनाव में उत्तर प्रदेश के कैसरगंज से बृजभूषण शरण के बेटे करण भूषण सिंह को मैदान में उतारने के एनडीए और बीजेपी के फैसले का कड़ा विरोध किया है।
भाजपा के सांसद बृज भूषण शरण महिला पहलवानों के यौन उत्पीड़न के लिए कुख्यात हैं और फिलहाल उन पर दिल्ली हाई कोर्ट में मुकदमा चल रहा है। उसके बेटे को चुनाव में उतारना राजनीतिक रूप से अनैतिक है और देश की महिला समुदाय का अपमान है। यह निर्णय आपराधिक गिरोहों के दबाव को झेलने में एक राजनीतिक दल के रूप में भाजपा की कमज़ोरी को उजागर करता है और चुनावी प्रक्रिया के नंगे अपराधीकरण का उदाहरण है। मजदूरों और अन्य सामाजिक तबकों के मंचों के साथ यौन उत्पीड़न की पीड़ितों को न्याय दिलाने के लिए संयुक्त किसान मोर्चा साक्षी मलिक, विनेश फोगट सहित भारत की सभी महिला पहलवानों के साथ खड़ा था।
संयुक्त किसान मोर्चा ने 3 कृषि कानूनों के खिलाफ और एमएसपी@सी2+50% पर सभी फसलों की कानूनी गारंटी वाली खरीद और व्यापक ऋण माफी सहित अन्य मांगों पर ऐतिहासिक किसान संघर्ष चलाया था। इस ऐतिहासिक किसान संघर्ष के दौरान 3 अक्टूबर 2021 को लखीमपुर खीरी में चार किसानों और एक पत्रकार की उस समय मौत हो गई, जब अजय मिश्रा टेनी के बेटे आशीष मिश्रा टेनी और उसके गिरोह ने उन्हें चलती गाड़ियों के नीचे धकेलकर कुचल दिया था। किसानों के इस जनसंहार के मास्टरमाइंड अजय मिश्रा टेनी थे, जिसे एनडीए ने चुनाव मैदान में फिर से उतारा है। एनडीए ने प्रज्वल रेवन्ना को कर्नाटक के हासन से उम्मीदवार बनाया है, जिन पर सैकड़ों महिलाओं से छेड़छाड़ और बलात्कार के आपराधिक आरोप हैं। इस तथ्य से पता चलता है कि भाजपा और प्रधान मंत्री नरेंद्र मोदी में विवेक की कमी है और वे सत्ता में बने रहने के लिए अपराधियों को संरक्षण और बढ़ावा देने के लिए तैयार हैं। राजनीतिक नैतिकता के इस तरह के घोर उल्लंघन से पूरे भारत में किसानों, महिलाओं और लोगों का गुस्सा भड़कना तय है।
ये सभी घटनाक्रम साबित करते हैं कि “भाजपा को बेनकाब करो, विरोध करो और दंडित करो” का एसकेएम का नारा सही दिशा में है। एसकेएम पूरे देश की आम जनता से राजनीति के अपराधीकरण के लिए भाजपा का विरोध करने की अपील करती है और किसान संगठनों से ग्रामीण भारत में भाजपा के खिलाफ अभियान तेज करने का आह्वान करती है।
