वॉईस ऑफ मीडिया’ का 5 सितंबर को देशव्यापी आंदोलन
सरकार और प्रशासन से पत्रकारों के माँगो पर मांगा जाएगां जवाब
Sanghol Times/नवी दिल्ली संवाददाता/02.09.2023- पत्रकारों की कई मांगों को लेकर देशभर के सभी राज्य सरकार और राज्य सूचना महानिदेशालय के माध्यम से सोमवार को दि. 5 सितंबर 2023 को देशभर में विविध स्थानों पर विरोध प्रदर्शन का आयोजन किया गया है। सभी राज्यों के मुख्यमंत्री, उपमुख्यमंत्री, राज्य सूचना विभाग मंत्री, राज्य सूचना एवं जनसंपर्क महानिदेशालय महानिदेशक को इन मांगों को स्वीकार करने का आग्रह किया जाएगा।

पिछले कई वर्षों में पत्रकारों के कई मांगे आज भी लंबित है। इस मुद्दे को लेकर ‘वॉईस ऑफ मीडिया’ की ओर से बार बार ये मांगे की गई…आंदोलन किए गए है, लेकिन सफलता नहीं मिली। मगर जब तक पत्रकारों की मांगें पुरी नही होगी तब तक हमारा आंदोलन जारी रहेगा। राष्ट्रीय अध्यक्ष संदीप काले इनके नेतृत्व में ‘वॉईस ऑफ मीडिया’ पूरे देश में विरोध प्रदर्शन कर ‘इन’ मांगों को आगे बढ़ा रहा है। सोमवार, 5 सितंबर को सुबह 10 बजे से 5 बजे तक आंदोलन किया जाएगा। देश के सभी राज्य, सभी जिले, सभी तहसील में धरना आंदोलन किया जाएगा। इस बात पर जोर दिया जाएगा कि राज्य सरकार और प्रशासन पत्रकारों की मांगों पर विचार करे और उन मांगों को पूरा करें।
‘वॉईस ऑफ मीडिया’ के सभी पदाधिकारियों, सदस्यों, पत्रकारों से अनुरोध है कि वे इस आंदोलन में भाग लें। सभी राष्ट्रीय कमिटी पदाधिकारी, सभी प्रदेश के पदाधिकारी इस आंदोलन में सहभागी रहे ऐसी मांग राष्ट्रीय अध्यक्ष संदीप काले, राष्ट्रीय उपाध्यक्ष फिरोज पिंजारी, राष्ट्रीय कार्यालयीन सचिव दिव्या भोसले, उर्दू विंग राष्ट्रीय अध्यक्ष मुफ्ती हारून नदवी, मुस्लिम विंग राष्ट्रीय अध्यक्ष डॉं. शरीफ बागवान, मुस्लिम विंग राष्ट्रीय उपाध्यक्ष मसूद जावेद कादरी, दक्षिण भारत झोन अध्यक्ष अकबर शेख, पूर्व भारत झोन अध्यक्ष उमेश रॉय, पश्चिम भारत झोन अध्यक्ष के. एच. वर्मा, उत्तर भारत झोन अध्यक्ष सतपाल बरसाना, राष्ट्रीय महासचिव महासचिव खलील सूर्वे, सहसचिव आनंदकुमार राजनली, कार्यवाहक प्रभात कुमार मिश्रा, मोहम्मद इफ्तेखार अली, राष्ट्रीय संगठक दिनेश मेघवाल, सुभाष चंद बजाज, अलपट्टी जी, राजेश कुमार मालविया, राष्ट्रीय प्रवक्ता नरेश जाधव, राष्ट्रीय प्रचार प्रमुख अश्वनी कुमार, राष्ट्रीय कमिटी सदस्य हेमेंद्र कुमार शर्मा, विश्वनाथ प्रभू, गोविंद मोंडल और सभी स्टेट प्रेसिडेंट, स्टेट कमिटी ने की है।
मांगे इस प्रकार है :
@ पत्रकारिता में 10 वर्ष पूरे कर चुके सभी मीडीया के सभी पत्रकारों को एक्रीडेशन कार्ड दिया जाए।
@ प्रदेश का सूचना महानिदेशालय (विभाग) ने एक सरकारी पोर्टल बनाएं, उस पोर्टल के माध्यम से पत्रकारिता की डिग्री पूरी करने के बाद कम से कम तीन महीने का पत्रकारिता प्रशिक्षण पूरा करने वालों को पत्रकार के रूप में प्रमाणपत्र दिया जाना चाहिए। (जिस तरह बार काउंसिल वकीलों को कानून का अभ्यास करने के लिए आधिकारिक लाइसेंस देती है, उसी तरह पत्रकार होने के लिए भी आधिकारिक लाइसेंस होना चाहिए).
@ प्रदेश के कई अखबार, साप्ताहिक पत्रिकाओं को लगातार विज्ञापन नही दिया जा रहा। इस तरह की बात बंद होनी चाहिए और उन्हें विज्ञापन दिया जाना चाहिए। सभी को विज्ञापन मिले इसके लिए नये मापदंड तत्काल बनाये जाने चाहिए, सरकार को ऐसा निर्णय लेना चाहिए।
@ पत्रकारों के लिए एक अलग पत्रकार निगम की स्थापना की जाएं। उस निगम के माध्यम से पत्रकारों, उनके बच्चों को व्यवसाय के लिए मदद की जानी चाहिए। शासन द्वारा मांगी गई जानकारी तत्काल दी जाए।
@ सूचना महानिदेशालय की ओर से सकारात्मक पत्रकारिता को प्रोत्साहित करने वाले पुरस्कार दिये जायें।
@ पत्रकारों को सेवानिवृत्ति के बाद की ग्रेच्युटी 25,000 रुपये दी जानी चाहिए।
@ टीवी, रेडियो और सोशल मीडिया में काम करने वाले पत्रकारों को कैबिनेट ने श्रमिक पत्रकार घोषित किया है, इस विषय का जीआर तत्काल जारी किया जाएं।
@ एक्रीडेशन कार्ड एवं सेवानिवृत्ति पश्चात ग्रेच्युटी संबंधी कठिन शर्तें समाप्त की जाएं। इस संबंध में एक कमेटी नियुक्त की जाए और जिनके प्रस्ताव रुके हुए है, उनका तत्काल समाधान निकाला जाएं।
@ सोशल मीडिया पत्रकारिता, जो हर जगह तेजी से बढ रही है और पत्रकारिता का भविष्य है, उनको विज्ञापनों को लेकर तत्काल एक नीति बनानी चाहिए। सोशल मीडिया पर विज्ञापन देने के संबंध में भी तत्काल निर्णय लिया जाना चाहिए।
@ प्रत्येक पंजीकृत मीडिया के मालिकों को यह निर्देश दिया जाना चाहिए कि वे पत्रकारिता में कम से कम दो वर्ष पूरे कर चुके प्रत्येक पत्रकार और उनके परिवार के सदस्यों को बीमा कवर प्रदान करें। इन निर्देशों का कड़ाई से पालन कराने हेतु सरकार एवं राज्य श्रम विभाग को दिशा-निर्देश दिये जायें।
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