इंसान के जीवन में भक्ति आ गई तो जीवन सफल हो गया। ब्रहमचारी श्री भोला जी
दादी सती माथुरी ठाकुरी गर्ग परिवार की ओर से श्रीमद् भागवत कथा चर्तुथ दिवस

तरावड़ी/संघोल-टाइम्स/31अगस्त,2024(राजकुमार खुराना)- समस्त गर्ग परिवार की ओर से गांव सांभली में दादी सती माथुरी ठाकुरी गर्ग परिवार की ओर से श्रीमद्भागवत कथा मे यजमान परिवार द्वारा व्यासपीठ पर श्रीमद्भागवत की पूजा अर्चना करके कथा व्यास का तिलक किया। वृंदावन से पहुँचे कथावाचक सदगुरूचरणश्रित ब्रहमचारी श्री भोला जी वृंदावन वालों ने चर्तुथ दिवस की कथा मे कहा कि देवकी यानी जो देवताओं की होकर जीवन जीती है और वासुदेव का अर्थ है जिसमें देव तत्व का वास हो ऐसे व्यक्ति अगर विपरीत परिस्थितियों की बेडिय़ों में भी क्यों ना जकड़े हों भगवान को खोजने के लिए उन्हें कहीं नहीं जाना पड़ता बल्कि भगवान आकर उनकी सारी बेड़ी हथकड़ी को काटकर उसे संसार सागर से मुक्त कर दिया करते हैं। कथा व्यास ने भगवान श्री कृष्ण जन्म कथा सुनाते हुए कहा कि बाल गोपाल का जन्म देवकी और वासुदेव के आठवें संतान के रूप में होता है। उन्होंने कहा हर मनुष्य के जीवन में छह शत्रु हैं काम, क्रोध, मद, लोभ, अहंकार जब हमारे अंदर यह 6 शत्रु समाप्त हो जाते हैं तो साथ में संतान के रूप में शेष जी जो काल के प्रतीक हैं। वह काल फिर मनुष्य के जीवन में आना भी चाहे तो भगवान अपने योग माया से उस काल का रास्ता बदल देते हैं। तब आठवीं संतान के रूप में भगवान श्री कृष्ण का अवतार होता है। जिसके जीवन में भगवान श्रीकृष्ण की भक्ति आ गई तो ऐसा समझना चाहिए कि जीवन सफल हो गया। इस मौके पर भजनों के माध्यम से उपस्थित श्रद्धालुओं श्री कृष्ण भक्ति का रस आनन्द लिया। धार्मिक भजनों पर काफी संख्या में गणमान्य लोगों और गांववासियों ने नृत्य किया। इस कथा में गर्ग परिवार द्वारा सहयोग किया जा रहा है। इस अवसर पर गांव सांभली के पूर्व सरपंच बृजभूषण सांभली, निलेश गर्ग, रजत गर्ग, श्री हंस राइस मिल के सीएमडी प्रदीप गुप्ता, मोहित गुप्ता, प्रवीण गर्ग, दयानन्द, घनश्यामदास गर्ग, सौरभ गर्ग, गौरव गर्ग, सतीश गर्ग, मुकेश गर्ग, रजनी गुप्ता समेत कई गणमान्य लोग मौजूद रहे।
फोटो न:-4 -कथा व्यास पीठ से कथा वर्णन करते हुये ब्रहमचारी श्री भोला जी
न:-3–कथा मे उपस्थित श्रद्धालु महिलाये व पुरूष
